शनि ग्रह की गति अधिकतम 9.6 किलोमीटर प्रति सेकंड है, जिससे यह सूर्य के चारों ओर घूमता है।
शनि की दृष्टिगति में, जब यह व्यक्ति की जन्मराशि या चंद्र राशि में होता है, तो उसे धनुष राशि में कहा जाता है।
शनि को "काल" भी कहा जाता है, क्योंकि इसका प्रभाव काल के साथ जोड़ा जाता है।
शनि की सतह पर चार पर्वत हैं, जिन्हें गुरुत्वाकर्षण के कारण बनाया गया है।
इसका वायुमंडलीय दबाव बहुत अधिक है, जिससे यह शनिपीठ के करीब रहकर विशेष रूप से ठंडा है।
शनि ग्रह सौरमंडल में बारहवां ग्रह है, जिसमें इसकी शानदार रिंग्स (छलांगें) सबसे अच्छी बात है।
हिन्दू धर्म में, शनि की पूजा का विशेष महत्व है।
शनिवार को इसका विशेष पूजन किया जाता है ताकि उसका प्रभाव शुभ हो।