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Sunit Singh

छोटी आंत आहारनाल का सबसे   लंबा  (22 फीट) भाग होता है।

भोजन का सर्वाधिक पाचन छोटी  आंत  में  हो होता है।

  खनिजों का पाचन भी छोटी आंत में ही होता है।

पचे भोजन का अवशोषण    छोटी आंत में होता है।

आंत रस का श्राव छोटी आंत में ही होता है।

छोटी आंत के दीवारें  पूँजीकरण  तंतु से  भी  जुड़ी  होती  हैं, जो  शरीर को रोगाणुओं से बचाने में मदद करती हैं।

छोटी आंत में एक बड़ा संख्या में  बैक्टीरिया रहते  हैं, जिन्हें हम "गड़ाधर जंगल" कहते हैं।

छोटी  आंत  की  दीवारें खुद को साफ रखने की क्षमता रखती हैं।

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