चन्द्रमा एवं सूर्य की आकर्षण शक्तियों के कारण सागरीय जल के ऊपर उठने तथा गिरने को ज्वार भाटा कहते हैं।
सागरीय जल के ऊपर उठकर आगे बढ़ने को ज्वार (Tide) कहते हैं ।
सागरीय जल के नीचे गिरकर पीछे लौटने (सागर की ओर) को भाटा (Ebb) कहते हैं।
महासागरों और समुद्रों में ज्वार-भाटा के लिए उत्तरदायी कारक है-
① सूर्य का गुरुत्वीय बल
② चन्द्रमा का गुरुत्वीय बल
③ पृथ्वी का अपकेन्द्रीय बल
चन्द्रमा का ज्वार-उत्पादक बल सूर्य की अपेक्षा दुगुना होता है, क्योंकि यह सूर्य की तुलना में पृथ्वी के अधिक निकट है।
ज्वार प्रतिदिन दो बार आते हैं-एक बार चन्द्रमा के आकर्षण से और दूसरी बार पृथ्वी के अपकेन्द्रीय बल के कारण ।