नीमा की दादी :  पाठ -1

नीमा दोपहर में दो बजे स्कूल से लौटती है। इस समय घर पर सिर्फ़ दादी होती हैं। वे कहीं नहीं आती-जाती हैं।

कभी बैठे-बैठे सब्ज़ी काट रही होती हैं।

उनके घुटनों में दर्द रहता है। इसलिए कभी वे अपने घुटनों में तेल मल रही होती हैं। उन्हें नीमा का बहुत इंतज़ार होता है।

नीमा रोज़ खाना खाते-खाते स्कूल की बातें सुनाती है। दादी भी उससे खूब बातें करती हैं। शाम को नीमा खेलने जाती है। एक दिन नीमा खेलने के लिए जाने लगी तो दादी बोलीं, “नीमा, थोड़ी देर बैठ जा।”

“क्यों”, नीमा पलटकर बोली। “मेरा समय नहीं कटता”, दादी बोलीं।

नीमा रुकी। फिर दौड़कर दादी की चप्पलें ले आई और बोली, “दादी आप भी मेरे साथ खेलने चलिए। खेलने में समय बहुत जल्दी कटता है। मैं पाँच बजे खेलने जाती हूँ हूँ पर दस मिनट में ही छह बज जाते हैं।”

दादी ज़ोर से हँसी। फिर वे दोनों खेल के मैदान की ओर चल पड़े।

बातचीत के लिए

1. नीमा की दादी घर पर ही क्यों रहती हैं?
Ans.
नीमा की दादी घर पर ही रहती हैं क्योंकि उनके घुटनों में दर्द रहता है और वे कहीं नहीं आती-जाती हैं।

2. मैदान में जाकर दादी ने क्या किया होगा?
Ans.
मैदान में जाकर दादी ने शायद नीमा के साथ बैठकर बच्चों को खेलते देखा होगा या नीमा के साथ थोड़ा-बहुत खेल में हिस्सा लिया होगा।

3. नीमा कहती है, “मैं पाँच बजे खेलने जाती हूँ पर दस मिनट में ही छह बज जाते हैं।” क्या आपके साथ भी ऐसा होता है?
Ans.
हाँ, मेरे साथ भी ऐसा होता है। जब मैं खेलता हूँ या कोई पसंदीदा काम करता हूँ, तो समय बहुत जल्दी बीत जाता है।

4. आप स्कूल से घर जाकर अपना समय कैसे बिताते हैं?
Ans.
  मैं स्कूल से घर जाकर थोड़ा आराम करता हूँ, फिर होमवर्क करता हूँ, और शाम को खेलने जाता हूँ। कभी-कभी टीवी देखता हूँ या किताबें पढ़ता हूँ।

नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए –

1. इस कहानी में कौन-कौन हैं?
Ans.
इस कहानी में नीमा और उसकी दादी हैं।

2. नीमा स्कूल की बातें अपनी दादी को बताती है। आप स्कूल की बातें किसे बताते हैं?
Ans.
मैं स्कूल की बातें अपनी माँ/पापा/भाई/बहन/दादी/दोस्त को बताता/बताती हूँ।

3. इस कहानी में नीमा और दादी हैं। ‘न’ और ‘द’ से शुरू होने वाले कुछ शब्दों की सूची बनाइए-
Ans.
‘न’ से शुरू होने वाले शब्द:
• नीमा
• नहीं
• नया
• नमक
• नमस्ते

‘द’ से शुरू होने वाले शब्द:

• दादी
• दर्द
• दस
• दरवाज़ा
• दिन

शब्दों का खेल

1. नीचे कुछ वर्ण और कुछ मात्राएँ दी गई हैं। इन्हें जोड़कर अपने शब्द बनाइए और अपनी कॉपी में लिखिए –

2. कुछ अक्षर छूट गए हैं। उन्हें लिखिए-

Ans.

3. कहानी में ‘इंतज़ार’ शब्द आया है। अक्षर के ऊपर लगने वाली बिंदी को अनुस्वार कहते हैं। ‘इतज़ार’ में जैसे ही ‘इ’ के ऊपर बिंदी लगाई ‘इंतज़ार’ हो गया। आइए, ऐसे ही कुछ अन्य शब्दों को देखते हैं-

Ans.

मेरा नाम सुनीत कुमार सिंह है। मैं कुशीनगर, उत्तर प्रदेश का निवासी हूँ। मैं एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हूं।

9 thoughts on “नीमा की दादी :  पाठ -1”

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