तुर्की को 'यूरोप का मरीज' कहा जाता था।
पान इस्लामिज्म का नारा अब्दुल हमीद द्वितीय ने दिया था ।
युवा तुर्क आन्दोलन की शुरुआत अब्दुल हमीद द्वितीय के शासनकाल में 1908 ई. में हुई।
तुर्की में एकता और प्रगति समिति का गठन 1889 ई. में हुआ।
प्रारंभ में कमाल पाशा एकता और प्रगति समिति के प्रभाव में आया ।
23 अक्टूबर, 1923 ई. को तुर्की गणतंत्र की घोषणा हुई।
कमाल पाशा ने तुर्की में 3 मार्च, 1924 ई. को खिलाफत को समाप्त कर दिया।
20 अप्रैल, 1924 ई. को तुर्की में नये संविधान की घोषणा हुई।
तुर्की के नये गणतंत्र का राष्ट्रपति मुस्तफा कमाल पाशा हुआ।