यूरोपीय पुनर्जागरण इटली से शुरू हुआ।
इटली का फ्लोरेंस नगर पुनर्जागरण का केन्द्र था।
'डिवाइन कॉमेडी' दाँते ने लिखी।
पुनर्जागरण का मुख्य लक्षण तार्किकवाद एवं मानववाद था।
प्रिंस के रचनाकार मैकियावेली थे।
मोनालिसा लियनार्डो-द-विन्सी चित्रकार की कृति है।
पुनर्जागरण का बौद्धिक अर्थ आन्दोलन है।
कॉपरनिकस क्रान्ति द्वारा "पृथ्वी सूर्य के चारों ओर घुमती है" यह सिद्ध हुआ।