अरुण, जिसे विलियम हेरशेल ने 1781 में खोजा था।
यह ग्रह अपनी धाराओं की अनूसूची और उदासीन धाराओं के लिए प्रसिद्ध है।
अरुण को "मूक ग्रह" भी कहा जाता है, क्योंकि इसकी तुलना में यह धूपमय और अत्यंत ठंडा है।
अरुण की धाराएं पूर्ण ताकत के साथ एकदिवसीय चक्रवाती गति में घूमती हैं।
अरुण के वायुमंडल में विद्युतीय उर्वरक होते हैं, जैसे कि मेथेन, जो इसको हरित रंग प्रदान करता है।
अरुण ग्रहीय दृष्टिकोण से विचलित है और इसका अक्षरेखा सौरमंडल के अन्य ग्रहों की तुलना में अलग है।
अरुण की वायुमंडलीय गति कुछ गतिशीलता में शामिल है, जिससे इसे महसूस की जा सकती है।
अरुण एक शीत ग्रह है जिसमें तापमान अत्यधिक नीचे जा सकता है।