U.P Board Class 10 Samajik Vigyan 825 (JD) Question Paper 2024 का उत्तर आप यहाँ से प्राप्त कर सकते हैं। जिसका कोई भी शुल्क आपसे नहीं लिया जायेगा। आइये विस्तार से सभी प्रश्नो को जानते हैं।
सत्र – 2024
सामाजिक विज्ञान
समय : तीन घण्टे 15 मिनट
पूर्णांक : 70
नोट : प्रारम्भ के 15 मिनट परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए निर्धारित हैं।
निर्देश:
i) सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
ii) यह प्रश्नपत्र दो खण्डों, खण्ड अ तथा खण्ड ब में विभक्त है।
iii) खण्ड – अ में 1 अंक के 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं जिनके सही उत्तर ओ० एम० आर० उत्तर पत्रक पर नीले अथवा काले बाल प्वाइंट कलम से सही विकल्प वाले गोले को पूर्ण रूप से काला कर चिह्नित करें ।
iv) खण्ड – अ के प्रत्येक प्रश्न का निर्देश पढ़कर केवल प्रदत्त ओ० एम० आर० उत्तर पत्रक पर ही उत्तर दें। ओ० एम०आर० उत्तर पत्रक पर उत्तर देने के पश्चात उसे नहीं काटें तथा इरेजर अथवा ह्वाइटनर का प्रयोग न करें।
v) प्रश्न के अंक उसके सम्मुख अंकित हैं।
vi) खण्ड ब में 50 अंक के वर्णनात्मक प्रश्न हैं। इस खण्ड में वर्णनात्मक-1, वर्णनात्मक-II तथा मानचित्र सम्बन्धी दो प्रश्न हैं।
vii) खण्ड व में सभी प्रश्नों के उत्तर एक साथ ही करें।
viii) प्रथम प्रश्न से आरम्भ कीजिए तथा अन्तिम प्रश्न तक करते जाइए। जो प्रश्न न आता हो उस पर समय नष्ट न कीजिए ।
ix) दिए गए मानचित्रों को उत्तर-पुस्तिका के साथ मजबूती से संलग्न करना आवश्यक है।
x) दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों के लिए मानचित्र कार्य के स्थान पर अलग से प्रश्न 9(A) तथा 9(B) लिखने के लिए दिए गये हैं।
खण्ड – अ (बहुविकल्पीय प्रश्न)
1. वियना की संधि कब हुई थी ?
(A) 1848 ई०
(B) 1815 ई०
(C) 1834 ई०
(D) 1900 ई०
Ans. (B) 1815 ई०
2. ‘हिन्द स्वराज’ पुस्तक के लेखक हैं
(A). महात्मा गाँधी
(B) सरदार पटेल
(C) सुभाष चन्द्र बोस
(D) बाल गंगाधर तिलक
Ans. (A). महात्मा गाँधी
3. ‘रिंडरपेस्ट’ का सम्बन्ध है
(A) पेड़-पौधों की बीमारी से
(B) मवेशी की बीमारी से
(C) महामारी से
(D) इनमें से कोई नहीं
Ans. (B) मवेशी की बीमारी से
4. ‘गुमाश्ता’ क्या है ?
(A) बुनकर
(B) कपड़ा व्यवसायी
(C) वेतनभोगी कर्मचारी
(D) ऊन बेचने वाले
Ans. (C) वेतनभोगी कर्मचारी
5. ‘गुलामगिरी’ पुस्तक के लेखक कौन हैं?
(A) सरदार पटेल
(B) महात्मा गाँधी
(C) सावित्रीबाई फुले
(D) ज्योतिबा फुले
Ans. (D) ज्योतिबा फुले
6. श्रीलंका स्वतंत्र राष्ट्र कब बना ?
(A) 1947 ई०
(B) 1948 ई०
(C) 1957 ई०
(D) 1981 ई०
Ans. (B) 1948 ई०
7. भारत में लोकतांत्रिक विकेन्द्रीकरण हेतु किया गया संवैधानिक प्रावधान है
(A) महिलाओं का संसद में प्रतिनिधित्व
(B) स्थानीय स्वशासी निकायों को संवैधानिक दर्जा तथा नियमित चुनाव
(C) न्यायपालिका को स्वतंत्रता
(D) केन्द्र तथा राज्य के कार्यों का वर्गीकरण
Ans. (B) स्थानीय स्वशासी निकायों को संवैधानिक दर्जा तथा नियमित चुनाव
8. भारत में संविधान की दृष्टि से कौन-सा कथन सही है ?
(A) सनातन भारत का राजकीय धर्म है
(B) अल्पसंख्यकों को उनकी जनसंख्या के अनुरूप प्रतिनिधित्व
(C) धर्म के आधार पर भेदभाव का अभाव
(D) ईसाइयों को विशेषाधिकार
Ans. (C) धर्म के आधार पर भेदभाव का अभाव
9. निम्नलिखित में से कौन सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है ?
(A) भारत
(B) ब्रिटेन
(C) अमेरिका
(D) श्रीलंका
Ans. (A) भारत
10. एकदलीय व्यवस्था बढ़ावा देती है-
(A) लोकतांत्रिक व्यवस्था को
(B) अधिनायकवादी व्यवस्था को
(C) कुलीन तन्त्र को
(D) राजतन्त्र को
Ans. (B) अधिनायकवादी व्यवस्था को
11. श्वेत क्रांति सम्बन्धित है?
(A) दुग्ध उत्पादन से
(B) गेहूँ उत्पादन से
(C) मत्स्य उत्पादन से
(D) मोटा अनाज उत्पादन से
Ans. (A) दुग्ध उत्पादन से
12. सोपान कृषि की जाती है-
(A) उत्खात भूमि पर
(B) ढाल वाली भूमि पर
(C) मैदानी भूमि पर
(D) मरुस्थली भूमि पर
Ans. (B) ढाल वाली भूमि पर
13. ‘हौज खास’ जलीय निकाय स्थित है?
(A) ओडिशा में
(B) राजस्थान में
(C) कर्नाटक में
(D) दिल्ली में
Ans. (D) दिल्ली में
14. सबसे लम्बा राष्ट्रीय जल-मार्ग है-
(A) हल्दिया से इलाहाबाद
(B) सदिया से धुबरी
(C) केरल में पश्चिम तटीय नहर
(D) काकीनाड़ा से पुडुच्चेरी
Ans. (B) सदिया से धुबरी
15. भारत की इलेक्ट्रॉनिक राजधानी है-
(A) हैदराबाद
(B) दिल्ली
(C) बेंगलुरू
(D) पुणे
Ans. (C) बेंगलुरू
16. अन्तरराष्ट्रीय व्यापार को उदार बनाने का उद्देश्य है-
(A) आई.एम.एफ. (IMF) का
(B) डब्लू. टी. ओ. (WTO) का
(C) नाटो (NATO) का
(D) विश्व बैंक (World Bank) का
Ans. (B) डब्लू. टी. ओ. (WTO) का
17. राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस कब मनाते हैं?
(A) 24 दिसम्बर को
(B) 5 जून को
(C) 10 दिसम्बर को
(D) 24 अक्टूबर को
Ans. (A) 24 दिसम्बर को
18. वर्ष 2017-18 में द्वितीयक क्षेत्रक में कितने प्रतिशत श्रम को रोजगार प्राप्त था ?
(A) 49%
(B) 11%
(C) 15%
(D) 25
Ans. (B) 11%
19. वर्ष 2019 में भारत में जन्म के समय संभावित आयु कितनी थी ?
(A) 68.8 वर्ष
(B) 72.8 वर्ष
(C) 75.8 वर्ष
(D) 67.8 वर्ष
Ans. (A) 68.8 वर्ष
20. वर्ष 2012 में भारत के प्रति हजार ग्रामीण परिवारों में कितने प्रतिशत परिवारों के साख का स्रोत व्यावसायिक बैंक थे ?
(A) 33%
(B) 18%
(C) 25%
(D) 40%
Ans. (A) 33%
खण्ड-ब (वर्णनात्मक – 1)
(निम्न प्रश्नों के उत्तर प्रत्येक लगभग 80 शब्दों में दीजिए।)
1. आर्थिक महामंदी के दो प्रमुख कारणों का उल्लेख करें।
Ans. आर्थिक महामंदी के दो प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं—
शेयर बाजार में सट्टेबाजी:
अमेरिका में लोग उधार लेकर शेयर खरीदने लगे। 1929 में शेयर बाजार के अचानक गिरने से बैंक और कंपनियाँ दिवालिया हो गईं, जिससे पूरी विश्व अर्थव्यवस्था संकट में आ गई।
अत्यधिक उत्पादन (Over Production):
प्रथम विश्व युद्ध के बाद उद्योगों और कृषि क्षेत्र में उत्पादन बहुत बढ़ गया, जबकि लोगों की क्रय-शक्ति घट गई। परिणामस्वरूप बाजार में वस्तुओं की माँग कम हो गई, गोदाम भर गए और उद्योगों को भारी नुकसान हुआ।
अथवा
भारत की अर्थव्यवस्था पर महामंदी के दो मुख्य प्रभावों का उल्लेख करें।
Ans. भारत की अर्थव्यवस्था पर महामंदी के दो मुख्य प्रभाव निम्नलिखित हैं—
निर्यात में कमी और बेरोजगारी में वृद्धि:
महामंदी के कारण भारत का विदेशी व्यापार प्रभावित हुआ। निर्यात घटने से उद्योग-धंधे बंद होने लगे, जिससे बेरोजगारी बढ़ी और देश की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई।
कृषि उत्पादों के मूल्यों में गिरावट:
महामंदी के समय भारतीय कृषि उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय माँग घट गई, जिससे गेहूँ, कपास आदि के दाम बहुत कम हो गए। इससे किसानों की आय में भारी कमी आई और वे कर्ज के बोझ तले दब गए।
2. राजनीतिक दलों से आप क्या समझते हैं? इनके किन्हीं दो कार्यों का उल्लेख कीजिए।
Ans. राजनीतिक दल उस संगठित समूह को कहते हैं जो समान विचारधारा और कार्यक्रम के आधार पर चुनाव लड़ता है तथा सत्ता प्राप्त कर सरकार बनाना चाहता है। राजनीतिक दल लोकतंत्र की रीढ़ होते हैं, क्योंकि इनके बिना जनप्रतिनिधि शासन संभव नहीं है।
राजनीतिक दलों के दो प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं—
सरकार का गठन और नीतियों का निर्माण:
चुनाव में बहुमत मिलने पर दल सरकार बनाते हैं और देश के विकास व जनकल्याण के लिए नीतियाँ तथा कानून बनाते हैं।
चुनाव लड़ना और उम्मीदवार खड़े करना:
राजनीतिक दल विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों से अपने उम्मीदवार खड़े करते हैं और जनता के सामने अपने कार्यक्रम व नीतियाँ प्रस्तुत करते हैं।
अथवा
लोकतंत्र की किन्हीं दो प्रमुख चुनौतियों का वर्णन कीजिए।
Ans. लोकतंत्र की दो प्रमुख चुनौतियाँ निम्नलिखित हैं—
सामाजिक एवं आर्थिक असमानता:
समाज में अमीर-गरीब, शिक्षित-अशिक्षित और वर्गीय असमानताएँ लोकतंत्र के समक्ष बड़ी चुनौती हैं। जब सभी नागरिकों को समान अवसर नहीं मिलते, तब लोकतंत्र प्रभावी रूप से कार्य नहीं कर पाता।
भ्रष्टाचार:
लोकतंत्र में भ्रष्टाचार एक गंभीर चुनौती है। सरकारी पदों का दुरुपयोग, रिश्वतखोरी और अनियमितताएँ जनता के विश्वास को कमजोर करती हैं तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुँचाती हैं।
3. औद्योगिक प्रदूषण के नियंत्रण हेतु विभिन्न उपायों को सुझाइए।
Ans. औद्योगिक प्रदूषण के नियंत्रण हेतु निम्नलिखित उपाय अपनाए जा सकते हैं—
- उद्योगों में निकलने वाले अपशिष्ट जल एवं गैसों के शोधन के लिए अपशिष्ट शोधन संयंत्र (ETP/STP) लगाना चाहिए।
- प्रदूषण फैलाने वाले ईंधनों के स्थान पर स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का प्रयोग किया जाना चाहिए।
- सरकार द्वारा बनाए गए पर्यावरण संरक्षण कानूनों का कड़ाई से पालन कराया जाए।
- उद्योगों के आसपास वृक्षारोपण किया जाए ताकि वायु प्रदूषण कम हो।
- आधुनिक एवं प्रदूषण-नियंत्रण तकनीकों का उपयोग उद्योगों में अनिवार्य किया जाए।
अथवा
ऊर्जा के परम्परागत स्रोतों का वर्णन कीजिए।
Ans. ऊर्जा के परम्परागत स्रोत वे स्रोत हैं जिनका उपयोग मानव प्राचीन काल से करता आ रहा है। ये स्रोत सामान्यतः सीमित होते हैं और इनके समाप्त होने की संभावना रहती है। प्रमुख परम्परागत ऊर्जा स्रोत निम्नलिखित हैं—
- कोयला: यह ताप विद्युत उत्पादन और उद्योगों में प्रमुख रूप से प्रयोग किया जाता है।
- पेट्रोलियम: इसका उपयोग परिवहन, उद्योग और विद्युत उत्पादन में किया जाता है।
- प्राकृतिक गैस: यह अपेक्षाकृत स्वच्छ ईंधन है, जिसका उपयोग घरेलू तथा औद्योगिक कार्यों में होता है।
- जलविद्युत ऊर्जा: नदियों पर बाँध बनाकर जल की शक्ति से विद्युत उत्पन्न की जाती है।
ये सभी स्रोत लंबे समय से उपयोग में हैं, इसलिए इन्हें ऊर्जा के परम्परागत स्रोत कहा जाता है।
4. विदेशी व्यापार से आप क्या समझते हैं? भारत के विदेशी व्यापार की अभिनव प्रवृत्तियों का उल्लेख कीजिए।
Ans. विदेशी व्यापार से तात्पर्य किसी देश द्वारा अन्य देशों के साथ वस्तुओं एवं सेवाओं के आयात (Import) और निर्यात (Export) से है। विदेशी व्यापार के माध्यम से देश अपनी आवश्यक वस्तुएँ प्राप्त करता है तथा अपने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचकर विदेशी मुद्रा अर्जित करता है।
भारत के विदेशी व्यापार की अभिनव (नवीन) प्रवृत्तियाँ निम्नलिखित हैं—
- सेवाओं के निर्यात में वृद्धि: भारत से सूचना प्रौद्योगिकी (IT), सॉफ्टवेयर, बैंकिंग एवं बीपीओ सेवाओं का निर्यात तेजी से बढ़ा है।
- व्यापारिक विविधीकरण: भारत अब केवल कृषि उत्पाद ही नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग वस्तुएँ, रसायन, दवाइयाँ और तैयार वस्त्र भी निर्यात कर रहा है।
- नए व्यापारिक साझेदारों का विकास: एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के देशों के साथ व्यापार बढ़ा है।
- उदारीकरण और वैश्वीकरण का प्रभाव: WTO की सदस्यता के बाद भारत का विदेशी व्यापार अधिक खुला और प्रतिस्पर्धी हुआ।
इस प्रकार भारत का विदेशी व्यापार आधुनिक और विस्तृत स्वरूप ग्रहण कर रहा है।
अथवा
सरकारी स्वामित्व वाले सार्वजनिक क्षेत्र के महत्व को रेखांकित कीजिए।
Ans. सरकारी स्वामित्व वाले सार्वजनिक क्षेत्र का महत्व निम्नलिखित बिंदुओं से स्पष्ट होता है—
- आधारभूत उद्योगों का विकास:
सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम इस्पात, कोयला, ऊर्जा, परिवहन और संचार जैसे आधारभूत उद्योगों का विकास करते हैं, जिन पर देश की अर्थव्यवस्था निर्भर करती है। - रोजगार सृजन:
सरकारी उपक्रम बड़ी संख्या में लोगों को स्थायी रोजगार प्रदान करते हैं, जिससे बेरोजगारी की समस्या कम होती है। - सामाजिक कल्याण:
सार्वजनिक क्षेत्र लाभ के साथ-साथ सामाजिक उद्देश्यों को भी ध्यान में रखता है, जैसे सस्ती सेवाएँ उपलब्ध कराना और क्षेत्रीय असंतुलन को कम करना। - आर्थिक स्थिरता एवं आत्मनिर्भरता:
ये उपक्रम रणनीतिक क्षेत्रों में विदेशी निर्भरता को घटाते हैं और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को स्थिरता प्रदान करते हैं।
इस प्रकार सरकारी स्वामित्व वाला सार्वजनिक क्षेत्र देश के समग्र आर्थिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
(वर्णनात्मक II)
(निम्न प्रश्नों के उत्तर प्रत्येक लगभग 150 शब्दों में दीजिए।)
5. यूरोप में राष्ट्रवाद के उदय का इटली एवं जर्मनी के एकीकरण में योगदान बताइए।
Ans. 19वीं शताब्दी में यूरोप में राष्ट्रवाद की भावना के उदय ने इटली और जर्मनी के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राष्ट्रवाद ने लोगों में यह भावना जाग्रत की कि समान भाषा, संस्कृति, इतिहास और परंपराएँ रखने वाले लोगों को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में संगठित होना चाहिए।
इटली के एकीकरण में राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रसार से जनता में एकता की भावना पैदा हुई। जोसेफ मैजिनी ने ‘यंग इटली’ आंदोलन के माध्यम से राष्ट्रवाद को जन-जन तक पहुँचाया। कावूर की कूटनीति और गैरीबाल्डी की सैन्य सफलताओं ने विभिन्न इतालवी राज्यों को एकजुट करने में सहायता की। अंततः 1870 में रोम को राजधानी बनाकर इटली का एकीकरण पूरा हुआ।
जर्मनी के एकीकरण में भी राष्ट्रवाद निर्णायक रहा। जर्मन राज्यों में सांस्कृतिक और भाषाई समानता ने एकता की माँग को मजबूत किया। ओटो वॉन बिस्मार्क ने ‘लोहा और रक्त’ की नीति अपनाकर राष्ट्रवादी भावना को सैन्य शक्ति से जोड़ा। डेनमार्क, ऑस्ट्रिया और फ्रांस के साथ युद्धों के माध्यम से जर्मनी का एकीकरण 1871 में पूरा हुआ।
इस प्रकार यूरोप में राष्ट्रवाद के उदय ने इटली और जर्मनी के एकीकरण को संभव बनाया।
अथवा
भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन में महात्मा गाँधी द्वारा चलाये गये तीन प्रमुख आन्दोलनों पर प्रकाश डालिए।
Ans. महात्मा गाँधी ने भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन को जन-आन्दोलन का स्वरूप दिया। उन्होंने सत्य और अहिंसा के आधार पर कई आन्दोलन चलाए, जिनमें से तीन प्रमुख आन्दोलन निम्नलिखित हैं—
- असहयोग आन्दोलन (1920–1922):
इस आन्दोलन का उद्देश्य ब्रिटिश शासन के प्रति असहयोग प्रकट करना था। गाँधीजी ने विदेशी वस्त्रों, सरकारी विद्यालयों, न्यायालयों और उपाधियों के बहिष्कार का आह्वान किया। इस आन्दोलन से राष्ट्रीय चेतना का व्यापक प्रसार हुआ। - सविनय अवज्ञा आन्दोलन (1930):
यह आन्दोलन दांडी मार्च से आरम्भ हुआ, जिसमें गाँधीजी ने नमक कानून तोड़कर ब्रिटिश शासन के अन्यायपूर्ण कानूनों के विरुद्ध जनआंदोलन खड़ा किया। देशभर में लोगों ने करों का बहिष्कार किया। - भारत छोड़ो आन्दोलन (1942):
यह आन्दोलन अंग्रेजों को भारत से शीघ्र हटाने के उद्देश्य से शुरू किया गया। “करो या मरो” का नारा देकर गाँधीजी ने जनसाधारण को स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने हेतु प्रेरित किया।
इन आंदोलनों ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को निर्णायक दिशा प्रदान की और अंततः भारत को स्वतंत्रता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
6. लैंगिक असमानता से आप क्या समझते हैं? भारतीय राजनीतिक व्यवस्था में महिलाओं के प्रतिनिधित्व पर प्रकाश डालिए।
Ans. लैंगिक असमानता से तात्पर्य समाज में पुरुष और महिला के बीच अधिकारों, अवसरों, शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक भागीदारी में किए जाने वाले भेदभाव से है। परंपरागत सामाजिक मान्यताओं, अशिक्षा और रूढ़िवादी सोच के कारण महिलाओं को लंबे समय तक समान अधिकार नहीं मिल पाए।
भारतीय राजनीतिक व्यवस्था में महिलाओं का प्रतिनिधित्व धीरे-धीरे बढ़ा है, लेकिन अभी भी यह संतोषजनक नहीं है। संविधान ने महिलाओं को पुरुषों के समान राजनीतिक अधिकार प्रदान किए हैं, जैसे मतदान और चुनाव लड़ने का अधिकार। 73वें और 74वें संविधान संशोधनों द्वारा पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों में महिलाओं को 33% आरक्षण दिया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर महिला नेतृत्व को प्रोत्साहन मिला है। वर्तमान में संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी अपेक्षाकृत कम है, यद्यपि महिला आरक्षण विधेयक के माध्यम से इसे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इस प्रकार, भारत में लैंगिक असमानता अभी भी एक चुनौती है, परंतु राजनीतिक व्यवस्था में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास हो रहे हैं।
अथवा
भारत की संघात्मक व्यवस्था की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
Ans. भारत की संघात्मक व्यवस्था की प्रमुख विशेषताएँ
भारत एक संघात्मक (Federal) राज्य है, जिसमें केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का संवैधानिक विभाजन किया गया है। भारत की संघात्मक व्यवस्था की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं—
- दोहरी शासन व्यवस्था:
भारत में दो स्तरों की सरकारें हैं—केंद्र सरकार और राज्य सरकारें। दोनों अपने-अपने क्षेत्र में शासन करती हैं। - लिखित एवं सर्वोच्च संविधान:
भारत का संविधान लिखित है और देश की सर्वोच्च विधि है। केंद्र और राज्य दोनों संविधान के अधीन कार्य करते हैं। - शक्तियों का विभाजन:
संविधान में केंद्र सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची के माध्यम से शक्तियों का स्पष्ट विभाजन किया गया है। - स्वतंत्र न्यायपालिका:
न्यायपालिका संविधान की सर्वोच्चता की रक्षा करती है और केंद्र तथा राज्यों के बीच विवादों का निपटारा करती है। - संविधान की कठोरता एवं लचीलापन:
संविधान में संशोधन की प्रक्रिया आंशिक रूप से कठोर और आंशिक रूप से लचीली है। - एकल नागरिकता एवं मजबूत केंद्र:
भारत में एकल नागरिकता है और संकट के समय केंद्र को अधिक शक्तियाँ प्राप्त होती हैं, जिससे संघात्मक व्यवस्था सुदृढ़ रहती है।
इस प्रकार भारत की संघात्मक व्यवस्था देश की एकता और विविधता दोनों को बनाए रखती है।
7. नवीकरण योग्य एवं पुनः चक्रीय संसाधन को परिभाषित कीजिए। सतत पोषणीय विकास में इनके क्या योगदान हो सकते हैं ?
Ans. नवीकरण योग्य एवं पुनः चक्रीय संसाधन तथा सतत पोषणीय विकास में उनका योगदान
नवीकरण योग्य संसाधन वे प्राकृतिक संसाधन हैं जो उपयोग के बाद प्राकृतिक प्रक्रियाओं द्वारा पुनः उत्पन्न हो सकते हैं, जैसे—सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जल, वन और जैविक पदार्थ। इन संसाधनों का सही उपयोग करने पर ये लंबे समय तक उपलब्ध रहते हैं।
पुनः चक्रीय संसाधन वे संसाधन हैं जिन्हें उपयोग के बाद पुनः प्रसंस्करण (रीसाइक्लिंग) द्वारा फिर से प्रयोग में लाया जा सकता है, जैसे—लोहा, एल्युमिनियम, कागज, काँच और प्लास्टिक।
सतत पोषणीय विकास में योगदान:
नवीकरण योग्य संसाधन प्रदूषण को कम करते हैं और ऊर्जा की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं। पुनः चक्रीय संसाधन कच्चे माल की बचत करते हैं और अपशिष्ट को कम करते हैं। दोनों प्रकार के संसाधन पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने तथा भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
इस प्रकार नवीकरण योग्य और पुनः चक्रीय संसाधन सतत पोषणीय विकास की आधारशिला हैं।
अथवा
वनों का वर्गीकरण प्रस्तुत कीजिए। वन संरक्षण में सामुदायिक भूमिका की विवेचना कीजिए।
Ans. वनों का वर्गीकरण एवं वन संरक्षण में सामुदायिक भूमिका
वनों का वर्गीकरण
भारत में वनों का वर्गीकरण विधिक (कानूनी) आधार पर किया गया है—
- आरक्षित वन (Reserved Forests):
ये वन सरकार के पूर्ण नियंत्रण में होते हैं। इनमें संसाधनों के दोहन पर कठोर प्रतिबंध होते हैं। ये वन क्षेत्र पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से सबसे अधिक सुरक्षित माने जाते हैं। - संरक्षित वन (Protected Forests):
इन वनों में कुछ सीमित गतिविधियों की अनुमति होती है। स्थानीय लोग नियंत्रित रूप से लकड़ी, चारा आदि का उपयोग कर सकते हैं। - अवर्गीकृत वन (Unclassed Forests):
ये वन क्षेत्र सरकार, निजी व्यक्तियों या समुदायों के अधीन होते हैं। इन पर नियंत्रण अपेक्षाकृत कम होता है।
वन संरक्षण में सामुदायिक भूमिका
वन संरक्षण में स्थानीय समुदायों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। संयुक्त वन प्रबंधन (JFM), चिपको आंदोलन जैसे प्रयासों ने यह सिद्ध किया है कि जब स्थानीय लोग वनों की रक्षा में भागीदार बनते हैं, तो वन संरक्षण अधिक प्रभावी होता है। वृक्षारोपण, अवैध कटान रोकना और संसाधनों का सतत उपयोग समुदाय की सक्रिय भागीदारी से संभव है।
इस प्रकार सामुदायिक सहयोग वन संरक्षण की सफलता की कुंजी है।
8. औपचारिक तथा अनौपचारिक साख में विभेद कीजिए। इनके विभिन्न स्रोतों का वर्णन कीजिए।
Ans. औपचारिक तथा अनौपचारिक साख में विभेद एवं उनके स्रोत
औपचारिक साख वह ऋण व्यवस्था है जो सरकार द्वारा नियंत्रित और मान्यता प्राप्त संस्थानों के माध्यम से प्रदान की जाती है।
इसके विपरीत, अनौपचारिक साख वह ऋण व्यवस्था है जो बिना किसी सरकारी नियंत्रण के निजी व्यक्तियों या संस्थाओं द्वारा दी जाती है।
औपचारिक एवं अनौपचारिक साख में विभेद
| आधार | औपचारिक साख | अनौपचारिक साख |
|---|---|---|
| नियंत्रण | सरकारी नियमों द्वारा नियंत्रित | किसी सरकारी नियंत्रण का अभाव |
| ब्याज दर | अपेक्षाकृत कम | बहुत अधिक |
| सुरक्षा | औपचारिक दस्तावेज व जमानत आवश्यक | प्रायः बिना दस्तावेज |
| उद्देश्य | विकास एवं उत्पादन | तत्काल आवश्यकता |
औपचारिक साख के स्रोत
- वाणिज्यिक बैंक
- सहकारी बैंक
- क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
- सरकारी वित्तीय संस्थाएँ
अनौपचारिक साख के स्रोत
- साहूकार
- रिश्तेदार एवं मित्र
- व्यापारी एवं आढ़ती
- नियोक्ता
इस प्रकार औपचारिक साख सुरक्षित एवं विकासोन्मुख होती है, जबकि अनौपचारिक साख शोषण का कारण भी बन सकती है।
अथवा
संगठित तथा असंगठित क्षेत्र के रोजगार में अन्तर स्पष्ट कीजिए। संगठित क्षेत्र के रोजगार को मिलने वाले लाभों का वर्णन कीजिए।
Ans. संगठित तथा असंगठित क्षेत्र के रोजगार में अंतर
| आधार | संगठित क्षेत्र | असंगठित क्षेत्र |
|---|---|---|
| नियमन | सरकार द्वारा नियंत्रित और वैधानिक | किसी सरकारी नियंत्रण के बिना कार्यरत |
| रोजगार की स्थिरता | स्थायी और नियमित | अस्थायी और असुरक्षित |
| वेतन | निश्चित वेतन और समय पर भुगतान | अनिश्चित वेतन, कभी-कभी देरी से भुगतान |
| सामाजिक सुरक्षा | पेंशन, भत्ते, बीमा, स्वास्थ्य सुविधाएँ | कोई सामाजिक सुरक्षा नहीं |
| संगठन | मजदूर संघ एवं संविदा के तहत | मजदूरों का संगठन कम या नहीं के बराबर |
संगठित क्षेत्र के रोजगार को मिलने वाले लाभ
संगठित क्षेत्र के रोजगार में काम करने वाले कर्मचारियों को कई प्रकार के सुरक्षा और सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं, जो उनके जीवन और कार्यस्थल को स्थिर और सुरक्षित बनाती हैं। मुख्य लाभ इस प्रकार हैं—
- नियत वेतन (Fixed Salary):
कर्मचारियों को हर माह निश्चित वेतन मिलता है, जिससे आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होती है। - सामाजिक सुरक्षा (Social Security):
पेंशन, Provident Fund (PF), स्वास्थ्य बीमा और दुर्घटना बीमा जैसी सुविधाएँ उपलब्ध होती हैं। - छुट्टियाँ एवं अवकाश (Leaves & Holidays):
वार्षिक छुट्टी, मातृत्व/पितृत्व अवकाश, बीमारियों की छुट्टी जैसी सुविधाएँ मिलती हैं। - कानूनी संरक्षण (Legal Protection):
कर्मचारी अधिनियम और श्रम कानूनों के अंतर्गत नौकरी की सुरक्षा और अनुचित निष्कासन से बचाव। - विकास एवं प्रशिक्षण (Career Growth & Training):
कर्मचारी को पदोन्नति और प्रशिक्षण के अवसर मिलते हैं, जिससे करियर में उन्नति संभव होती है।
इस प्रकार संगठित क्षेत्र के रोजगार कर्मचारियों को स्थिरता, सुरक्षा और विकास के अवसर प्रदान करता है।
(मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न)
निर्देश: प्रश्न संख्या 9 (A) तथा 9 (B) मानचित्र से संबंधित हैं।
9(A). निम्नलिखित स्थानों को भारत के दिये गये रेखा मानचित्र में ⦿ चिह्न द्वारा नाम सहित दर्शाइए। सही नाम तथा अंकन के लिए (1/2 + 1/2) अंक निर्धारित हैं:
i) वह जनपद जहाँ चौरी-चौरा की घटना घटी।
ii) वह नगर जहाँ जालियाँवाला बाग की घटना हुई थी।
iii) वह स्थान जहाँ 1929 में भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस का अधिवेशन हुआ था।
iv) वह स्थान जहाँ से सर्वप्रथम असहयोग आन्दोलन की शुरुआत हुई।
v) वह स्थान जहाँ गाँधीजी ने नमक कानून तोड़ा।
Ans. 9(A) मानचित्र उत्तर:
नीचे दिए गए स्थान ⦿ चिह्न द्वारा दर्शाए जा सकते हैं—
i) चौरी-चौरा घटना – ⦿ गोरखपुर (उत्तर प्रदेश)
ii) जालियाँवाला बाग हत्याकांड – ⦿ अमृतसर (पंजाब)
iii) 1929 में कांग्रेस अधिवेशन – ⦿ लाहौर (पंजाब)
iv) असहयोग आन्दोलन की शुरुआत – ⦿ कलकत्ता (वर्तमान कोलकाता, पश्चिम बंगाल)
v) नमक कानून का उल्लंघन – ⦿ दांडी (गुजरात)
परीक्षा में इन स्थानों को भारत के रेखा मानचित्र में ⦿ चिह्न के साथ सही नाम लिखकर अंकित करना आवश्यक है।
9 (B). निर्देश: दिये गये भारत के मानचित्र में निम्नलिखित को दर्शाइए :
i) भारत में स्थित एक आणविक ऊर्जा संयंत्र को ★ चिह्न द्वारा नाम सहित।
ii) उत्तर प्रदेश में स्थित सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क को δ चिह्न द्वारा शहर के नाम सहित।
iii) तमिलनाडु राज्य में स्थित लौह-इस्पात संयंत्र को ⦿ चिह्न द्वारा शहर के नाम सहित।
iv) दक्षिण भारत का रेशम वस्त्र उद्योग का एक प्रधान राज्य को § चिह्न द्वारा नाम सहित।
v) उत्तराखंड राज्य में स्थित प्रमुख बाँध को (Δ) चिह्न द्वारा नाम सहित ।
Ans. 9(B) मानचित्र उत्तर:
i) आणविक ऊर्जा संयंत्र – ★ तारापुर (महाराष्ट्र)
ii) उत्तर प्रदेश में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क – δ नोएडा
iii) तमिलनाडु में लौह-इस्पात संयंत्र – ⦿ सेलम
iv) दक्षिण भारत का रेशम वस्त्र उद्योग का प्रधान राज्य – § कर्नाटक
v) उत्तराखंड में प्रमुख बाँध – Δ टिहरी बाँध
परीक्षा में भारत के रेखा मानचित्र पर दिए गए चिह्नों के साथ सही स्थान नाम अंकित करना आवश्यक है।