U.P Board Class 10 Science 824 (IP) Question Paper 2024 का उत्तर आप यहाँ से प्राप्त कर सकते हैं। जिसका कोई भी शुल्क आपसे नहीं लिया जायेगा। आइये विस्तार से सभी प्रश्नो को जानते हैं।
सत्र – 2024
विज्ञान
समय: तीन घण्टे 15 मिनट पूर्णांक: 70
नोट : प्रारम्भ के 15 मिनट परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए निर्धारित हैं।
निर्देश:
i) प्रश्नपत्र दो खण्डों – खण्ड-अ तथा खण्ड-ब में विभाजित है।
ii) खण्ड-अ तथा खण्ड-ब तीन उपभागों – उपभागों (1), (2), (3) में विभाजित हैं।
iii) प्रश्नपत्र के खण्ड-अ में बहुविकल्पीय प्रश्न हैं जिनमें सही विकल्प का चुनाव कर ओ०एम०आर० उत्तर पत्रक पर नीले अथवा काले बॉल प्वाइंट पेन से सही विकल्प वाले गोले को पूर्ण रूप से भरें। ओ० एम० आर० उत्तर पत्रक पर उत्तर देने के पश्चात उसे नहीं काटें तथा इरेजर अथवा ह्राइटनर का प्रयोग न करें।
iv) खण्ड-अ में बहुविकल्पीय प्रश्न हेतु प्रत्येक प्रश्न के लिए 1 अंक निर्धारित है।
v) खण्ड-ब में वर्णनात्मक प्रश्न हैं।
vi) प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उनके निर्धारित अंक दिये गये हैं।
vii) खण्ड-ब के प्रत्येक उपभाग के सभी प्रश्न एक साथ करना आवश्यक है। प्रत्येक उपभाग नए पृष्ठ से प्रारम्भ किया जाए।
viii) सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
खण्ड अ (बहुविकल्पीय प्रश्न)
उपभाग (1)
1. किस लेंस से वस्तु का प्रतिबिम्ब आभासी, सीधा और वस्तु से छोटा बनता है ?
(A) अवतल लेंस
(B) उत्तल लेंस
(C) समतल लेंस
(D) इनमें से कोई नहीं
Ans. (A) अवतल लेंस
2. एक गोलीय दर्पण के वक्रता केन्द्र तथा ध्रुव के बीच की दूरी 20 सेमी है। दर्पण के ध्रुव से फोकस की दूरी क्या होगी ?
(A) 5 सेमी
(B) 10 सेमी
(C) 15 सेमी
(D) 20 सेमी
Ans. (B) 10 सेमी
3. प्रकाश के किस घटना के कारण आकाश नीला दिखाई पड़ता है ?
(A) परावर्तन
(B) अपवर्तन
(C) विक्षेपण
(D) प्रकीर्णन
Ans. (D) प्रकीर्णन
4. एक लेंस की क्षमता +2 डायोप्टर है। इसकी फोकस दूरी सेमी में कितनी होगी ?
(A) +50
(B) -50
(C) + 25
(D) -25
Ans. (A) +50
5. फ्यूज तार को निम्नलिखित घरेलू विद्युत वितरण के किस तार के श्रेणी क्रम में जोड़ा जाता है ?
(A) भू-सम्पर्क तार
(B) उदासीन तार
(C) जीवित तार
(D) इनमें से कोई नहीं
Ans. (C) जीवित तार
6. यदि शक्ति, कार्य तथा समय के मात्रक क्रमशः x1, x2, x3 से प्रदर्शित किया जाए तो निम्नलिखित में कौन-सा सम्बन्ध सही है ?
(A) X₁. X2 = X3
(B) X1. X3 = X2
(C) X2. X3 = X1
(D) X1 . X2 .X3=1
Ans. (B) X1. X3 = X2
7. एक चालक में 10 एम्पियर की धारा प्रवाहित होती है। इसके संगत 2 सेकण्ड में प्रवाहित होने वाले आवेश की मात्रा कितनी होगी ?
(A) 10 कूलाम
(B) 5 कूलाम
(C) 20 कूलाम
(D) 25 कूलाम
Ans. (C) 20 कूलाम
8. प्लास्टर ऑफ पेरिस का सूत्र है-
(A) CaSO4+ (1/2)H₂O
(B) CaSO4.2H₂O
(C) CaSO4.H2O
(D) CaSO4.5H20
Ans. (A) CaSO4+ (1/2)H₂O
9. pH मान 8.5 वाला विलयन है
(A) क्षारीय
(B) अम्लीय
(C) उदासीन
(D) इनमें से कोई नहीं
Ans. (A) क्षारीय
10. का IUPAC नाम है?
CH3 | CH3 — CH — CHO(A) ब्यूटेनल
(B) ब्यूटेनॉल
(C) 2-मेथील प्रोपेनल
(D) 2-मेथिल प्रोपेनाल
Ans. (C) 2-मेथील प्रोपेनल
11. बाह्यतम कोश में 7 इलेक्ट्रॉनों वाला तत्व है-
(A) अधातु
(B) धातु
(C) उपधातु
(D) निष्क्रिय गैस
Ans. (A) अधातु
12. कैल्सियम नाइट्रेट का रासायनिक सूत्र है-
(A) CaNO3
(B) Ca(NO3)2
(C) Ca3NO3
(D) Ca2NO3
Ans. (B) Ca(NO3)2
13. निम्नलिखित में से असंतृप्त हाइड्रोकार्बन है-
(A) C2H2
(B) CH4
(C) C2H6
(D) C3H8
Ans. (A) C2H2
14. रक्तदाब नापा जाता है-
(A) स्फाइग्मोमैनोमीटर द्वारा
(B) स्टेथोस्कोप द्वारा
(C) माइक्रोस्कोप द्वारा
(D) माइक्रोमीटर द्वारा
Ans. (A) स्फाइग्मोमैनोमीटर द्वारा
15. निम्नलिखित में से कौन-सा पादप हार्मोन है ?
(A) थायरॉक्सिन
(B) इंसुलिन
(C) साइटोकाइनिन
(D) एस्ट्रोजन
Ans. (C) साइटोकाइनिन
16. एकलिंगी पुष्प है-
(A) गुड़हल
(B) पपीता
(C) सरसों
(D) गुलाब
Ans. (B) पपीता
17. पुनर्जनन का उदाहरण है-
(A) हाइड्रा
(B) ब्रायोफिलम
(C) अमीबा
(D) प्लेनेरिया
Ans. (D) प्लेनेरिया
18. ओजोन परत का क्षरण निम्न में से किसके कारण होता है ?
(A) ऑक्सीजन
(B) वाष्प
(C) सल्फर डाइऑक्साइड
(D) क्लोरोफ्लोरोकार्बन
Ans. (D) क्लोरोफ्लोरोकार्बन
19. प्राकृतिक पारितंत्र है-
(A) गमले
(B) जल जीवशाला
(C) खेत
(D) वन
Ans.(D) वन
20. आहार श्रृंखला में उत्पादक होते हैं-
(A) चूहा
(B) बिल्ली
(C) खरोगश
(D) हरे पौधे एवं नील-हरित शैवाल
Ans. (D) हरे पौधे एवं नील-हरित शैवाल
खण्ड ब (वर्णनात्मक प्रश्न)
उपभाग (1)
1. दृष्टि दोष किसे कहते हैं ? P, Q, R तीन व्यक्तियों में दृष्टि दोष के निवारण में प्रयुक्त लेंसों के नाम लिखिए, यदि
(i) P केवल निकट की वस्तु को स्पष्ट देख पाता है, परन्तु दूर की वस्तु को नहीं
(ii) Q केवल दूर की वस्तु को स्पष्ट देख पाता है, परन्तु निकट की वस्तु को नहीं
(iii) R न तो दूर की वस्तु को और न ही निकट की वस्तु को स्पष्ट देख पाता है।
Ans. मानव नेत्र की वह अवस्था, जिसमें व्यक्ति वस्तुओं को स्पष्ट रूप से नहीं देख पाता, दृष्टि दोष कहलाती है।
अब दिए गए व्यक्तियों के दृष्टि दोष और उनके निवारण में प्रयुक्त लेंस —
(i) P
P केवल निकट की वस्तु को स्पष्ट देख पाता है, परन्तु दूर की वस्तु को नहीं।
→ यह निकट दृष्टि दोष (मायोपिया) है।
→ इसके निवारण के लिए अवतल (Concave) लेंस का प्रयोग किया जाता है।
(ii) Q
Q केवल दूर की वस्तु को स्पष्ट देख पाता है, परन्तु निकट की वस्तु को नहीं।
→ यह दूर दृष्टि दोष (हाइपरमेट्रोपिया) है।
→ इसके निवारण के लिए उत्तल (Convex) लेंस का प्रयोग किया जाता है।
(iii) R
R न तो दूर की वस्तु को और न ही निकट की वस्तु को स्पष्ट देख पाता है।
→ यह प्रेस्बायोपिया (Presbyopia) कहलाता है।
→ इसके निवारण के लिए द्विफोकस (Bifocal) लेंस का प्रयोग किया जाता है।
2. जल तथा काँच में प्रकाश की चाल क्रमशः 2.25×108 मी/से तथा 2.0×108 मी/से हैं। निम्नलिखित अपवर्तनांक की गणना कीजिए:
(i) पानी के सापेक्ष काँच का
(ii) वायु के सापेक्ष काँच का।
Ans. दिया गया है—
जल में प्रकाश की चाल
काँच में प्रकाश की चाल
वायु में प्रकाश की चाल
अपवर्तनांक का सूत्र:
(i) पानी के सापेक्ष काँच का अपवर्तनांक
पानी के सापेक्ष काँच का अपवर्तनांक 1.125 है।
(ii) वायु के सापेक्ष काँच का अपवर्तनांक
वायु के सापेक्ष काँच का अपवर्तनांक 1.5 है।
3. किसी चालक का प्रतिरोध किन-किन बातों पर तथा किस प्रकार निर्भर करता है? एक तार का प्रतिरोध R है। प्रतिरोध का मान कितना हो जाएगा जब उसी पदार्थ के तार की लम्बाई दो गुनी तथा त्रिज्या आधी हो जाए ?
Ans. किसी चालक का प्रतिरोध निम्नलिखित बातों पर निर्भर करता है—
- चालक की लम्बाई (L)
प्रतिरोध चालक की लम्बाई के समानुपाती होता है। - चालक का अनुप्रस्थ क्षेत्रफल (A)
प्रतिरोध अनुप्रस्थ क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है। - चालक के पदार्थ की प्रकृति
अलग-अलग पदार्थों का प्रतिरोध अलग होता है, जिसे विशिष्ट प्रतिरोध (ρ) कहते हैं। - तापमान
तापमान बढ़ने पर सामान्यतः धातुओं का प्रतिरोध बढ़ जाता है।
इन सबको मिलाकर प्रतिरोध का सूत्र:
संख्यात्मक भाग
दिया गया है—
तार का प्रारम्भिक प्रतिरोध = R
तार का पदार्थ वही है (ρ स्थिर)
अब,
नई लम्बाई
नई त्रिज्या
अनुप्रस्थ क्षेत्रफल:
अब नया प्रतिरोध:
तार का नया प्रतिरोध 8R हो जाएगा।
4. निम्नलिखित नियमों का उल्लेख नामांकित चित्र की सहायता से कीजिए। निम्नलिखित की सहायता से किस भौतिक राशि की दिशा ज्ञात की जाती है ?
(i) फ्लेमिंग के बायें हाथ का नियम
Ans. नियम का कथन:
यदि बाएँ हाथ की पहली उँगली, अंगूठा तथा मध्य उँगली को इस प्रकार परस्पर लम्बवत फैलाया जाए कि—
- पहली उँगली चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा दर्शाए,
- अंगूठा चालक की गति की दिशा दर्शाए,
- तब मध्य उँगली प्रेरित विद्युत धारा की दिशा बताती है।
इस नियम से ज्ञात भौतिक राशि:
→ प्रेरित धारा की दिशा
प्रयोग: यह नियम विद्युत मोटर के सिद्धान्त को समझाने में प्रयुक्त होता है।
(ii) दक्षिण हस्त अंगुष्ठ का नियम।
Ans. नियम का कथन:
यदि किसी धारा वहन करने वाले सीधे चालक को दाएँ हाथ की मुट्ठी में इस प्रकार पकड़ा जाए कि अंगूठा धारा की दिशा में हो,
तो मुड़ी हुई उँगलियाँ चालक के चारों ओर उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा बताती हैं।
इस नियम से ज्ञात भौतिक राशि:
→ चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा
प्रयोग:
यह नियम धारा वहन करने वाले चालक के चारों ओर बनने वाले चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करने में उपयोगी है।
नोट (चित्र के लिए):
परीक्षा में उत्तर-पुस्तिका में बायाँ हाथ नियम तथा दायाँ हाथ अंगुष्ठ नियम के नामांकित चित्र अवश्य बनाइए।
अथवा
एक घर में मुख्य स्रोत से तीन तार A, B तथा C निकलते हैं। इनमें प्रत्येक उनके आवरण का रंग क्या होता है ?
Ans. एक घर में मुख्य स्रोत से निकलने वाले तीन तार निम्नलिखित होते हैं—
| तार | नाम | आवरण का रंग |
|---|---|---|
| A | फेज (Live) तार | लाल |
| B | न्यूट्रल (Neutral) तार | काला |
| C | अर्थ (Earth) तार | हरा |
A – लाल,
B – काला,
C – हरा।
उपभाग (2)
5. (i) एथेनाल के दो रासायनिक गुणों के रासायनिक समीकरण लिखिए।
Ans. एथेनाल (CH₃CHO) के दो रासायनिक गुण निम्नलिखित हैं—
(1) ऑक्सीकरण अभिक्रिया
एथेनाल का ऑक्सीकरण होने पर यह एथेनोइक अम्ल में परिवर्तित हो जाता है।
(2) अपचयन (हाइड्रोजनीकरण) अभिक्रिया
एथेनाल का अपचयन करने पर यह एथेनॉल में बदल जाता है।
निष्कर्ष:
एथेनाल ऑक्सीकरण में अम्ल बनाता है तथा अपचयन में एल्कोहॉल में परिवर्तित हो जाता है।
(ii) एसीटिक अम्ल के दो रासायनिक गुणों के रासायनिक समीकरण लिखिए।
Ans. एसीटिक अम्ल (CH₃COOH) के दो रासायनिक गुण निम्नलिखित हैं—
(1) क्षार के साथ अभिक्रिया (तटस्थीकरण)
एसीटिक अम्ल क्षार के साथ अभिक्रिया करके लवण (सोडियम एसीटेट) और जल बनाता है।
(2) कार्बोनेट / बाइकार्बोनेट के साथ अभिक्रिया
एसीटिक अम्ल सोडियम बाइकार्बोनेट के साथ अभिक्रिया करके कार्बन डाइऑक्साइड, जल और सोडियम एसीटेट बनाता है।
निष्कर्ष:
एसीटिक अम्ल क्षारों के साथ लवण बनाता है तथा कार्बोनेट/बाइकार्बोनेट से CO₂ गैस निकालता है।
6. निम्नलिखित को समझाइए :
(a) द्विअपघटन अभिक्रिया
Ans. जिस रासायनिक अभिक्रिया में दो यौगिक आपस में अभिक्रिया करके अपने आयनों का आदान-प्रदान करते हैं तथा दो नये यौगिक बनते हैं, उसे द्विअपघटन अभिक्रिया कहते हैं।
सामान्य रूप:
उदाहरण:
(b) उदासीनीकरण अभिक्रिया।
Ans. जिस अभिक्रिया में अम्ल और क्षार आपस में अभिक्रिया करके लवण और जल बनाते हैं, उसे उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते हैं।
सामान्य रूप:
उदाहरण:
निष्कर्ष:
द्विअपघटन अभिक्रिया में आयनों का आदान-प्रदान होता है, जबकि उदासीनीकरण अभिक्रिया अम्ल-क्षार के बीच होती है।
7. निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए :
(i) pH मान
Ans. pH मान किसी विलयन की अम्लीय या क्षारीय प्रकृति को दर्शाने वाली संख्या को कहते हैं। यह विलयन में उपस्थित हाइड्रोजन आयन (H⁺) की सांद्रता पर निर्भर करता है।
परिभाषा:
pH मान का पैमाना:
- pH = 7 → तटस्थ विलयन (जैसे शुद्ध जल)
- pH < 7 → अम्लीय विलयन
- pH > 7 → क्षारीय विलयन
उदाहरण:
- नींबू का रस → pH ≈ 2 (अम्लीय)
- साबुन का घोल → pH ≈ 10 (क्षारीय)
महत्व: pH मान का उपयोग यह जानने के लिए किया जाता है कि कोई विलयन अम्लीय है, क्षारीय है या तटस्थ।
(ii) ऑक्सीकरण अभिक्रिया
Ans. जिस रासायनिक अभिक्रिया में किसी पदार्थ में ऑक्सीजन का योग होता है या हाइड्रोजन का अपसारण होता है, उसे ऑक्सीकरण अभिक्रिया कहते हैं।
परिभाषा (आधुनिक):
जिस अभिक्रिया में किसी तत्व या यौगिक द्वारा इलेक्ट्रॉनों का त्याग किया जाता है, उसे ऑक्सीकरण कहते हैं।
उदाहरण:
- ऑक्सीजन का योग—
- हाइड्रोजन का अपसारण—
(यहाँ H₂ का ऑक्सीकरण हो रहा है।)
निष्कर्ष: ऑक्सीकरण अभिक्रिया में या तो ऑक्सीजन जुड़ती है, हाइड्रोजन निकलता है अथवा इलेक्ट्रॉनों का त्याग होता है।
(iii) दहन अभिक्रिया।
Ans. जिस रासायनिक अभिक्रिया में कोई पदार्थ ऑक्सीजन (या वायु) के साथ तीव्रता से अभिक्रिया करके ऊष्मा तथा प्रायः प्रकाश उत्पन्न करता है, उसे दहन अभिक्रिया कहते हैं।
सामान्य रूप:
उदाहरण:
- मैग्नीशियम का दहन—
- मीथेन का दहन—
निष्कर्ष: दहन अभिक्रिया में पदार्थ ऑक्सीजन से क्रिया कर ऊष्मा (तथा कभी-कभी प्रकाश) उत्पन्न करता है।
अथवा
(i) ब्लीचिंग पाउडर का जलशोधन में उपयोग लिखिए।
Ans. ब्लीचिंग पाउडर CaOCl2 का उपयोग पीने के जल को शुद्ध करने के लिए किया जाता है। जब ब्लीचिंग पाउडर पानी में मिलाया जाता है, तो यह क्लोरीन उत्पन्न करता है, जो—
- पानी में उपस्थित हानिकारक जीवाणुओं और रोगाणुओं को नष्ट करता है।
- जल से फैलने वाले रोगों जैसे हैजा, टायफॉयड, पेचिश आदि को रोकने में सहायक होता है।
निष्कर्ष: ब्लीचिंग पाउडर जल में उपस्थित सूक्ष्मजीवों को मारकर उसे पीने योग्य बनाता है, इसलिए इसका उपयोग जलशोधन में किया जाता है।
(ii) प्लास्टर ऑफ पेरिस से जिप्सम प्राप्त करने का रासायनिक समीकरण लिखिए।
Ans. प्लास्टर ऑफ पेरिस (कैल्शियम सल्फेट अर्ध-जलयोजित) में जल मिलाने पर यह जिप्सम में परिवर्तित हो जाता है।CaSO4⋅21H2O+23H2O⟶CaSO4⋅2H2O
निष्कर्ष: प्लास्टर ऑफ पेरिस में जल मिलाने से वह पुनः जिप्सम में बदल जाता है।
(iii) संक्षारण को उदाहरण द्वारा समझाइए।
Ans. धातु का वातावरणीय कारकों (जैसे हवा, पानी, अम्ल, नमक आदि) के प्रभाव में धीरे-धीरे ऑक्सीकरण या नष्ट होना को संक्षारण कहते हैं। इसे आम भाषा में धातु का जंग लगना भी कहते हैं।
उदाहरण:
- लोहे का जंग लगना—
यह बाद में सूखने पर Fe₂O₃·xH₂O (जंग) बनता है।
- तांबे का हरा पड़ना—
तांबा हवा और नमी के संपर्क में आने पर धीरे-धीरे CuCO₃·Cu(OH)₂ में बदल जाता है।
निष्कर्ष: संक्षारण एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो धातु को कमजोर कर देती है, इसलिए धातुओं की रक्षा के लिए पेंटिंग, गैल्वेनाइजिंग या ऑयलिंग जैसी सावधानियाँ अपनाई जाती हैं।
उपभाग (3)
8. ओजोन क्या है तथा यह किसी पारितंत्र को किस प्रकार प्रभावित करती है ?
Ans. ओजोन एक तीन परमाणु वाला ऑक्सीजन अणु (O₃) है। यह पृथ्वी के वायुमंडल में मुख्यतः स्ट्रैटोस्फीयर (15–30 किमी ऊँचाई) में पाया जाता है और सूर्य से आने वाली पराबैंगनी (UV) किरणों को अवशोषित करता है।
ओजोन का पारितंत्र (Environment) पर प्रभाव
- सकारात्मक प्रभाव:
- स्ट्रैटोस्फीयर में ओजोन पराबैंगनी किरणों को अवशोषित कर जीवों को हानिकारक UV विकिरण से बचाता है।
- यह वातावरण और जैविक जीवन के लिए सुरक्षा कवच का काम करता है।
- नकारात्मक प्रभाव:
- पृथ्वी के सतह के पास (ट्रॉपोस्फीयर) में ओजोन की अधिकता वायु प्रदूषण और स्मॉग का कारण बनती है।
- यह पौधों, फसलों और मानव स्वास्थ्य (सांस की समस्याएँ, आंखों की जलन) को प्रभावित कर सकती है।
निष्कर्ष: ओजोन स्ट्रैटोस्फीयर में जीवन के लिए रक्षा कवच है, जबकि सतह के नज़दीक ओजोन पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
9. खाद्य श्रृंखला एवं खाद्य जाल को उदाहरण सहित समझाइए।
Ans.
1. खाद्य श्रृंखला (Food Chain)
खाद्य श्रृंखला एक सरल रेखीय क्रम है जिसमें एक जीव दूसरे जीव को खाकर अपनी ऊर्जा प्राप्त करता है और यह क्रम आगे चलता है।
उदाहरण:
घास → घोड़ा → शेर
- घास → उत्पादक (Producer)
- घोड़ा → प्राथमिक उपभोक्ता (Primary Consumer / Herbivore)
- शेर → द्वितीयक उपभोक्ता (Secondary Consumer / Carnivore)
विशेषता:
- यह सीधी रेखा में ऊर्जा का प्रवाह दिखाती है।
- प्रत्येक स्तर को उपभोक्ता (Consumer) और उत्पादक (Producer) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।
2. खाद्य जाल (Food Web)
जब किसी पारिस्थितिकी तंत्र में अनेक खाद्य श्रृंखलाएँ आपस में जुड़कर जाल जैसी संरचना बनाती हैं, तो उसे खाद्य जाल कहते हैं।
उदाहरण:
- घास → खरगोश → शेर
- घास → हरा कीड़ा → मेंढक → सांप
- घास → हिरण → बाघ
यहाँ अनेक जीव एक से अधिक स्तरों पर भोजन ग्रहण कर सकते हैं, जिससे ऊर्जा का बहुमुखी प्रवाह होता है।
विशेषता:
- यह जटिल होता है और पारिस्थितिकी तंत्र में स्थिरता बनाए रखने में मदद करता है।
निष्कर्ष:
खाद्य जाल → जटिल, कई रास्तों वाला, ऊर्जा और पोषक तत्वों का बहुआयामी प्रवाह।
खाद्य श्रृंखला → सरल, रेखीय, एक रास्ता।
10. निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए :
(क) कायिक प्रवर्धन
Ans. किसी पौधे में बीज के बिना, केवल पौधे के किसी अंग (जड़, तना, पत्ती) से नए पौधे का निर्माण को कायिक प्रवर्धन कहते हैं।
विशेषता:
- केवल एक माता-पौधे से नए पौधे बनते हैं।
- नए पौधे माता-पौधे के समान होते हैं।
- यह तेज़ और सरल विधि है।
उदाहरण:
- आलू → कंद
- गाजर → जड़
- गुलाब → कलम
(ख) मुकुलन।
Ans. जब किसी जीव में शरीर की किसी छोटी गांठ (बड) से नया व्यक्ति विकसित होकर अलग हो जाता है, तो इसे मुकुलन कहते हैं।
विशेषता:
- यह असिंक्रिय प्रजनन (Asexual reproduction) का प्रकार है।
- नए जीव की उत्पत्ति माता-जीव से होती है और प्रारंभ में उससे जुड़ा रहता है।
उदाहरण:
- हाइड्रा
- यीस्ट (खमीर)
11. मानव मस्तिष्क की रचना तथा क्रियाविधि का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
Ans. रचना:
मानव मस्तिष्क तीन मुख्य भागों में विभाजित है—
- प्रान्तमस्तिष्क (Forebrain / Cerebrum)
- सबसे बड़ा भाग।
- दिमाग की मुख्य गतिविधियों जैसे विचार, स्मरण, बुद्धि, भावना, सीखना और निर्णय के लिए जिम्मेदार।
- इसमें दो गोलार्द्ध (Hemispheres) होते हैं – बायाँ और दायाँ।
- मध्यमस्तिष्क (Midbrain / Mesencephalon)
- आंखों और कानों से आने वाली जानकारी को नियंत्रित करता है।
- दृष्टि और श्रवण के साथ-साथ शरीर की गति नियंत्रण में सहायक।
- पश्चिममस्तिष्क (Hindbrain / Cerebellum और Medulla Oblongata)
- सिरेबेलम (Cerebellum) – संतुलन, समन्वय और मांसपेशियों की गति नियंत्रित करता है।
- मेडुला ऑब्लोंगाटा (Medulla Oblongata) – हृदय की धड़कन, श्वसन, रक्तचाप जैसी स्वायत्त क्रियाओं को नियंत्रित करता है।
क्रियाविधि:
- मस्तिष्क स्नायु तंत्र (Nervous System) के माध्यम से शरीर के सभी अंगों से संदेश प्राप्त करता है।
- सेंसरि इनपुट (जैसे आंख, कान) → मस्तिष्क → सिग्नल आउटपुट (जैसे मांसपेशियों को आदेश)।
- स्मरण और सीखने की क्षमता मस्तिष्क के कॉर्टेक्स में होती है।
- भावनाओं और निर्णय के लिए प्रान्तमस्तिष्क जिम्मेदार है।
- स्वायत्त क्रियाएँ (श्वसन, हृदय गति) मेडुला ऑब्लोंगाटा नियंत्रित करता है।
निष्कर्ष: मानव मस्तिष्क शरीर की सभी शारीरिक और मानसिक क्रियाओं का नियंत्रण केंद्र है।
अथवा
पारितन्त्र में ऊर्जा प्रवाह का सचित्र वर्णन कीजिए।
Ans. पारितन्त्र में ऊर्जा का वह क्रम जिसमें सूर्य से शुरू होकर पौधों और जीवों के माध्यम से विभिन्न स्तरों तक ऊर्जा पहुँचती है, ऊर्जा प्रवाह कहलाता है।
ऊर्जा प्रवाह का क्रम
- सूर्य ऊर्जा → उत्पादक (Producers / पौधे)
- सूर्य की ऊर्जा सूर्यप्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) द्वारा पौधों में रासायनिक ऊर्जा के रूप में संग्रहीत होती है।
- उत्पादक → उपभोक्ता (Consumers)
- पौधों को शाकाहारी जीव (Primary consumers) खाते हैं।
- शाकाहारी जीवों को मांसाहारी जीव (Secondary और Tertiary consumers) खाते हैं।
- उपभोक्ता → अपघटक (Decomposers)
- मृत जीव और अपशिष्ट पदार्थों से सूक्ष्मजीव (Decomposers) ऊर्जा और पोषक तत्व पुनः पृथ्वी में लौटाते हैं।
सचित्र वर्णन
सूर्य ↓ पौधे (उत्पादक) ↓ शाकाहारी (प्राथमिक उपभोक्ता) ↓ मांसाहारी (द्वितीयक उपभोक्ता) ↓ उच्च मांसाहारी (तृतीयक उपभोक्ता) ↓ मृत जीव / अपशिष्ट ↓ अपघटक (सूक्ष्मजीव) ↓ मिट्टी में पोषक तत्व ↑ पौधे (उत्पादक)विशेषताएँ:
- ऊर्जा का प्रवाह एकतरफा (Unidirectional) होता है।
- प्रत्येक स्तर पर ऊर्जा का कुछ हिस्सा उष्मा के रूप में खो जाता है।
- खाद्य जाल और श्रृंखला में यह प्रवाह दिखाया जा सकता है।