UP DELED 4th Semester Shaikshik Prabandhan Evam Prashasan Question Paper 2026 आप यहां से प्राप्त कर सकते हैं। जिसका कोई भी शुल्क आपसे नही लिया जाएगा, आप आसानी से इसे हल कर सकेंगे। आइए विस्तार से सभी प्रश्नो को जानें –
प्रश्न-पुस्तिका
चतुर्थ सेमेस्टर-2026
द्वितीय प्रश्न-पत्र
(शैक्षिक प्रबन्धन एवं प्रशासन)
समय : 2:00 घण्टे) (पूर्णांक : 50
निर्देशः
1. सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के निर्धारित अंक प्रश्न के सम्मुख दिये गए हैं।
2. इस प्रश्न-पत्र में तीन प्रकार के प्रश्न हैं। वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के सही विकल्प छाँटकर अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखें। अति लघु उत्तरीय प्रश्नों के उत्तर लगभग पच्चीस (25) शब्दों में, लघु उत्तरीय प्रश्नों के उत्तर लगभग पच्चहत्तर (75) शब्दों में लिखिए।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
1. विद्यालय की बौद्धिक प्रयोगशाला है-
(1) विज्ञान प्रयोगशाला
(2) पुस्तकालय
(3) शिक्षण कक्ष
(4) म्यूज़ियम
Ans. (2) पुस्तकालय
2. विद्यालय प्रबन्धन में महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है-
(1) प्रधानाध्यापक की
(2) शिक्षक की
(3) बच्चों की
(4) इन सभी की
Ans. (4) इन सभी की
3. मानवीय प्रबन्धन के घटक हैं-
(1) विद्यालय भवन
(2) फर्नीचर
(3) पुस्तकालय
(4) शिक्षक, बच्चे और समुदाय
Ans. (4) शिक्षक, बच्चे और समुदाय
4. मान्यता के अनुसार बच्चों से अधिक नज़दीक होते-
(1) पिता
(2) माँ
(3) शिक्षक
(4) भाई-बहन
Ans. (2) माँ
5. वित्तीय प्रबन्धन में क्रियाएं निहित होती हैं-
(1) नियोजन सम्बन्धी
(2) संगठन सम्बन्धी
(3) निर्देशन सम्बन्धी
(4) ये सभी
Ans. (4) ये सभी
6. कक्षा-कक्ष का वातावरण होना चाहिए-
(1) अनैक्षिक
(2) अशिक्षित
(3) शैक्षिक
(4) ये सभी
Ans. (3) शैक्षिक
7. लर्निंग कार्नर में प्रयोग होता है-
(1) चित्र
(2) शिक्षण के उपकरण
(3) शिक्षण सामग्री
(4) ये सभी
Ans. (4) ये सभी
8. शारीरिक विकास सम्बन्धी क्रिया है-
(1) खेलकूद
(2) आशुकविता
(3) धार्मिक भजन
(4) ये सभी
Ans. (1) खेलकूद
9. पाठ्य सहगामी क्रियाओं के गुण हैं-
(1) नेतृत्त्व करना
(2) अभिप्रेरणा में सहायक
(3) जीवन से सम्बन्ध
(4) ये सभी
Ans. (4) ये सभी
10. जिला स्तर की सर्वोच्च अकादमिक संस्था है-
(1) सीमैट
(2) बी.आर.सी.
(3) एस.सी.ई.आर.टी.
(4) डायट
Ans. (4) डायट
11. सूचना प्रबन्धन का क्षेत्र है-
(1) बड़ा
(2) छोटा
(3) व्यापक
(4) इसमें से कोई नहीं
Ans. (3) व्यापक
12. सभी अभिलेख होने चाहिए-
(1) सही
(2) वैध
(3) विश्वसनीय
(4) उपर्युक्त सभी
Ans. (4) उपर्युक्त सभी
13. आदेश पुस्तक का प्रयोग करता है-
(1) अध्यापक
(2) प्रधानाचार्य
(3) छात्र
(4) ये सभी
Ans. (2) प्रधानाचार्य
14. प्रकृति द्वारा उत्पन्न आपदा है-
(1) तूफान
(2) हिंसा
(3) दंगे
(4) लूटपाट
Ans. (1) तूफान
15. प्रबन्धन के नियम हैं-
(1) सर्वव्यापी
(2) सर्वश्रेष्ठ
(3) सर्वसम्मति
(4) सर्वोत्तम
Ans. (1) सर्वव्यापी
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
16. प्रबन्धन के प्रमुख घटकों का नामोल्लेख कीजिए।
Ans. नियोजन, संगठन, निर्देशन, समन्वय तथा नियंत्रण।
17. अच्छे वाचनालय की दो विशेषताएँ लिखिए।
Ans. पर्याप्त पुस्तकें तथा शांत एवं स्वच्छ वातावरण।
18. प्राथमिक स्तरीय दो पाठ्य-पुस्तकों के नाम लिखिए।
Ans. हिन्दी एवं गणित।
19. डायट के किन्हीं दो विभागों के नाम लिखिए।
Ans. पूर्व सेवा शिक्षक शिक्षा विभाग तथा कार्यानुभव विभाग।
20. सफल नेतृत्त्वकर्त्ता के दो प्रमुख गुण लिखिए।
Ans. ईमानदारी तथा निर्णय लेने की क्षमता।
21. मानवीय प्रबन्धन के प्रमुख घटक बताइए।
Ans. शिक्षक, विद्यार्थी, अभिभावक एवं समुदाय।
22. सामान्य विद्यालय में कम से कम कौन-कौन सी समय सारिणी बनाई जाती है?
Ans. विद्यालय समय-सारिणी, शिक्षक समय-सारिणी एवं कक्षा समय-सारिणी।
23. शैक्षिक भ्रमण का महत्त्व बताइए।
Ans. इससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान तथा अनुभव प्राप्त होता है।
24. खेलकूद से बच्चों में किन पक्षों का विकास होता है?
Ans. शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास होता है।
25. शिक्षकों से सम्बन्धित दो पंजिकाओं के नाम लिखिए।
Ans. उपस्थिति पंजिका तथा सेवा पुस्तिका।
26. वित्तीय अभिलेख कौन-कौन से हैं?
Ans. नकद पुस्तिका, लेजर, बजट तथा वाउचर।
27. सार्वभौमीकरण का अर्थ लिखिए।
Ans. सभी बच्चों को समान रूप से शिक्षा उपलब्ध कराना।
28. प्रदेश के ‘राज्य परियोजना कार्यालय’ का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
Ans. लखनऊ (उत्तर प्रदेश)।
29. DIET का पूरा नाम बताइए।
Ans. District Institute of Education and Training.
30. टी.ई.टी. का पूरा नाम लिखिए।
Ans. Teacher Eligibility Test (शिक्षक पात्रता परीक्षा)।
लघु उत्तरीय प्रश्न
31. विद्यालय संगठन के क्या उद्देश्य हैं?
Ans. विद्यालय संगठन का मुख्य उद्देश्य विद्यालय की सभी गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से संचालित करना है। इसके द्वारा शैक्षिक उद्देश्यों की प्राप्ति, संसाधनों का उचित उपयोग, अनुशासन बनाए रखना तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित किया जाता है।
32. विद्यालय बजट के प्रकार बताइए।
Ans. विद्यालय बजट मुख्यतः तीन प्रकार का होता है—
- संतुलित बजट
- अधिशेष बजट
- घाटे का बजट
इनके माध्यम से विद्यालय की आय और व्यय का नियोजन किया जाता है।
33. लोच का सिद्धान्त क्या है? स्पष्ट करें।
Ans. लोच का सिद्धान्त बताता है कि प्रबन्धन एवं संगठन में परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक परिवर्तन की गुंजाइश होनी चाहिए। समय, आवश्यकता और संसाधनों के अनुसार योजनाओं में संशोधन किया जा सकता है।
34. विद्यालय भवन की विशेषताएँ बताइए।
Ans. विद्यालय भवन खुला, सुरक्षित, स्वच्छ तथा हवादार होना चाहिए। इसमें पर्याप्त प्रकाश, पेयजल, शौचालय, खेल मैदान तथा शिक्षण-अधिगम की सुविधाएँ उपलब्ध होनी चाहिए ताकि विद्यार्थियों को अनुकूल वातावरण मिल सके।
35. लॉग बुक क्या है? समझाइए।
Ans. लॉग बुक विद्यालय की महत्वपूर्ण घटनाओं, उपलब्धियों, निरीक्षणों तथा विशेष कार्यक्रमों का स्थायी अभिलेख होती है। इसमें विद्यालय से संबंधित आवश्यक सूचनाएँ क्रमवार दर्ज की जाती हैं।
36. शैक्षिक प्रबन्धन से आप क्या समझते हैं? स्पष्ट करें।
Ans. शैक्षिक प्रबन्धन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा शिक्षा से संबंधित संसाधनों, गतिविधियों और व्यक्तियों का नियोजन, संगठन, निर्देशन तथा नियंत्रण किया जाता है। इसका उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता और प्रभावशीलता को बढ़ाना है।
37. शिक्षण अधिगम सामग्री प्रबन्धन में शिक्षक की भूमिका क्या होती है?
Ans. शिक्षक शिक्षण सामग्री का चयन, निर्माण, उपयोग तथा संरक्षण करता है। वह विद्यार्थियों की आवश्यकता के अनुसार सामग्री का प्रयोग करके शिक्षण को प्रभावी एवं रुचिकर बनाता है।
38. विद्यालय में खेल के मैदान का क्या महत्त्व है? समझाइए।
Ans. खेल का मैदान विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास में सहायता करता है। इससे स्वास्थ्य अच्छा रहता है, अनुशासन, सहयोग, नेतृत्व तथा खेल भावना का विकास होता है।
39. डायट मेण्टर कौन होते हैं? उनके कार्य बताइए।
Ans. डायट मेण्टर वे प्रशिक्षित विशेषज्ञ होते हैं जो शिक्षकों को शैक्षिक मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। उनके कार्यों में शिक्षकों का प्रशिक्षण, कक्षा अवलोकन, शिक्षण सुधार के सुझाव देना तथा शैक्षिक कार्यक्रमों की निगरानी करना शामिल है।
40. मीना मंच में मीना कौन है? इसकी शुरुआत कब हुई ?
Ans. मीना मंच में “मीना” एक काल्पनिक बालिका पात्र है, जो बालिका शिक्षा, समानता और अधिकारों का संदेश देती है। इसकी शुरुआत वर्ष 1998 में यूनिसेफ (UNICEF) द्वारा की गई थी।