UP DELED 4th Semester Aarambhik Star Par Bhasha Evam Ganit Question Paper 2026 आप यहां से प्राप्त कर सकते हैं। जिसका कोई भी शुल्क आपसे नही लिया जाएगा, आप आसानी से इसे हल कर सकेंगे। आइए विस्तार से सभी प्रश्नो को जानें –
प्रश्न-पुस्तिका
चतुर्थ सेमेस्टर-2026
प्रथम प्रश्न-पत्र
(आरम्भिक स्तर पर भाषा एवं गणित के पठन, लेखन-क्षमता का विकास)
समय : 2:00 घण्टे) [पूर्णांक : 50
निर्देशः
1. सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के निर्धारित अंक प्रश्न के सम्मुख दिये गए हैं।
2. इस प्रश्न-पत्र में तीन प्रकार के प्रश्न हैं। वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के सही विकल्प छाँटकर अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखें। अति लघु उत्तरीय प्रश्नों के उत्तर लगभग तीस (30) शब्दों में, लघु उत्तरीय प्रश्नों के उत्तर लगभग पचास (50) शब्दों में लिखिए।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
1. पार्श्विक वर्ण है-
(1) य
(2) र
(3) ल
(4) व
Ans. (3) ल
2. जिन शब्दों से काम होना या करना प्रकट होता है, उन्हें कहते हैं-
(1) संज्ञा
(2) सर्वनाम
(3) विशेषण
(4) किया
Ans. (4) किया
3. निम्नलिखित में शुद्ध वर्तनी वाला शब्द है-
(1) अन्त्याक्षरी
(2) अन्ताक्षरी
(3) अनताक्षरी
(4) अन्तक्षरी
Ans. (2) अन्ताक्षरी
4. समास किसे कहते हैं-
(1) दो वर्षों के मेल को
(2) दो पदों के मेल को
(3) दो वाक्यों के मेल को
(4) इनमें से कोई नहीं
Ans. (2) दो पदों के मेल को
5. ह्रस्व स्वर कहते हैं-
(1) जिनके उच्वारण में कम समय लगता है
(2) जिनके उच्चारण में अधिक समय लगता है
(3) जिनके उच्चारण में तीन मात्रा का समय लगता है
(4) इनमें से कोई नहीं
Ans. (1) जिनके उच्वारण में कम समय लगता है
6. ‘घ’ वर्ण का उच्चारण स्थान है-
(1) स्पर्श
(2) कंठ
(3) मूर्धा
(4) ओष्ठ
Ans. (2) कंठ
7. वर्णों को बोलने में जो परिश्रम करना पड़ता है, उसे कहते हैं-
(1) प्रयत्न
(2) विराम
(3) स्वराघात
(4) इनमें से कोई नहीं
Ans. (1) प्रयत्न
8. देवनागरी लिपि का विकास हुआ-
(1) खरोष्ठी
(2) ब्राह्मी
(3) फारसी
(4) इनमें से कोई नहीं
Ans. (2) ब्राह्मी
9. लिपि का सही ज्ञान एवं अभ्यास का उद्देश्य किस स्तर का है-
(1) उच्व स्तर
(2) प्रारम्भिक स्तर
(3) उच्व माध्यमिक स्तर
(4) पूर्व माध्यमिक स्तर
Ans. (2) प्रारम्भिक स्तर
10. गणित की मूल संक्रियाएं होती हैं-
(1) 2
(2) 4
(3) 3
(4) 1
Ans. (2) 4
11. किसी भी संख्या के कितने मान होते हैं-
(1) 2
(2) 4
(3) 6
(4) 8
Ans. (1) 2
12, ‘अभिजात्य’ का विलोम शब्द है-
(1) गरीब
(2) उच्च
(3) अकुलीन
(4) निन्दनीय
Ans. (3) अकुलीन
13. ‘शार्दूल’ पर्यायवाची है-
(1) घोड़ा का
(2) बकरी का
(3) सिंह का
(4) बैल का
Ans. (3) सिंह का
14. प्रत्युपकार शब्द में प्रयुक्त उपसर्गों की संख्या-
(1) एक
(2) दो
(3) तीन
(4) चार
Ans. (2) दो
15. शुद्ध वर्तनी वाला शब्द है-
(1) उपरोक्त
(2) ऊपर तक
(3) उपरियुक्त
(4) उपर्युक्त
Ans. (4) उपर्युक्त
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
16. पठन कौशल से क्या अभिप्राय है?
Ans. लिखित भाषा को पढ़कर उसका अर्थ समझने की क्षमता पठन कौशल कहलाती है।
17. अनुलेख किसे कहते हैं?
Ans. किसी लिखित सामग्री को देखकर उसी प्रकार लिखने की प्रक्रिया अनुलेख कहलाती है।
18. उत्क्षिप्त वर्ण कौन-कौन से हैं?
Ans. ड़ और ढ़ उत्क्षिप्त वर्ण कहलाते हैं।
19. ध्वनि की परिभाषा लिखिए।
Ans. वाणी के उच्चारण से उत्पन्न होने वाली श्रव्य तरंग को ध्वनि कहते हैं।
20. उत्पति की दृष्टि से शब्द के प्रकार बताइए।
Ans. तत्सम, तद्भव, देशज और विदेशी।
21. ‘ऋ’ एवं ‘व’ का उच्चारण स्थान बताइए।
Ans. ‘ऋ’ का उच्चारण स्थान मूर्धा तथा ‘व’ का दन्तोष्ठ है।
22. अनुनासिक ध्वनि से आपका क्या आशय है?
Ans. जो ध्वनि नाक और मुख दोनों से निकलती है, उसे अनुनासिक ध्वनि कहते हैं।
23. लेखन सिखाने हेतु कितने प्रकार की पद्वितियों का विकास किया जा सकता है?
Ans. मुख्यतः दो प्रकार की—विश्लेषणात्मक एवं संश्लेषणात्मक पद्धतियाँ।
24. ‘कृतज्ञ’ एवं ‘कृश’ का विलोम शब्द लिखें।
Ans. कृतज्ञ – कृतघ्न, कृश – पुष्ट।
25. सम संख्या से आप क्या समझते हैं?
Ans. जो संख्या 2 से पूर्णतः विभाजित हो जाए, वह सम संख्या कहलाती है।
26. प्राकृत् संख्या किसे कहते हैं?
Ans. गिनती की संख्याएँ (1, 2, 3, 4…) प्राकृत संख्याएँ कहलाती हैं।
27. अवधारणा निर्माण हेतु क्या आवश्यक है?
Ans. प्रत्यक्ष अनुभव, अवलोकन और अभ्यास आवश्यक हैं।
28. गुणक किसे कहते हैं?
Ans. जो संख्या किसी दूसरी संख्या को पूर्णतः विभाजित करे, वह उसका गुणक कहलाती है।
29. गणित के अवयवों के नाम लिखिए।
Ans. संख्या, संक्रिया, मापन, ज्यामिति तथा बीजगणित।
30. समान वितरण करने की क्रिया कहलाती है।
Ans. भाग (Division)।
लघु उत्तरीय प्रश्न
31. श्रुत लेख क्या है? इसके महत्त्व को स्पष्ट कीजिए।
Ans. शिक्षक द्वारा बोले गए शब्दों, वाक्यों या अनुच्छेदों को सुनकर लिखने की प्रक्रिया श्रुतलेख कहलाती है। इससे सुनने, लिखने तथा वर्तनी की शुद्धता का विकास होता है। यह एकाग्रता एवं भाषा ज्ञान को बढ़ाता है।
32. वाचन किसे कहते हैं? एवं उनके भेद लिखिए।
Ans. लिखित सामग्री को पढ़ने की प्रक्रिया वाचन कहलाती है। इसके दो भेद हैं—
- सस्वर वाचन
- मौन वाचन
सस्वर वाचन में आवाज के साथ पढ़ा जाता है तथा मौन वाचन में मन ही मन पढ़ा जाता है।
33. भाषा के आरम्भिक कौशल कौन-कौन से हैं? लिखिए।
Ans. भाषा के चार प्रमुख कौशल हैं—
- श्रवण (सुनना)
- वाचन (पढ़ना)
- भाषण (बोलना)
- लेखन (लिखना)
इनके माध्यम से भाषा का समुचित विकास होता है।
34. वर्ण किसे कहते हैं एवं उनके प्रभेदों का उल्लेख करें।
Ans. भाषा की सबसे छोटी ध्वनि इकाई को वर्ण कहते हैं। इसके दो प्रमुख भेद हैं—
- स्वर
- व्यंजन
स्वरों का उच्चारण स्वतंत्र रूप से तथा व्यंजनों का उच्चारण स्वर की सहायता से होता है।
35. विराम चिह्न के प्रकारों का उल्लेख सोदाहरण करें।
Ans. प्रमुख विराम चिह्न हैं—
- पूर्ण विराम (।) – राम घर गया।
- अल्प विराम (,) – राम, श्याम, मोहन।
- प्रश्नवाचक (?) – तुम कहाँ जा रहे हो?
- विस्मयादिबोधक (!) – वाह! कितना सुंदर है।
36. अनुस्वार एवं अनुनासिक में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
Ans. अनुस्वार (ं) एक चिह्न है जो नासिक्य ध्वनि को व्यक्त करता है, जैसे—संत।
अनुनासिक (ँ) वह ध्वनि है जो मुख और नासिका दोनों से निकलती है, जैसे—माँ, चाँद।
अतः अनुस्वार एक चिह्न है जबकि अनुनासिक एक ध्वनि है।
37. अपरिमेय एवं परिमेय संख्या में अन्तर स्पष्ट करें।
Ans. परिमेय संख्याएँ वे हैं जिन्हें p/q के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ q ≠ 0 हो, जैसे 3/4।
अपरिमेय संख्याएँ p/q के रूप में व्यक्त नहीं की जा सकतीं, जैसे √2, π।
परिमेय का दशमलव विस्तार समाप्त या आवर्ती होता है, जबकि अपरिमेय का अनावर्ती एवं अनन्त होता है।
38. शून्य की संकल्पना से आप क्या समझते हैं? बच्चों को आप इसका ज्ञान कैसे देंगे?
Ans. शून्य किसी वस्तु की अनुपस्थिति को दर्शाता है। बच्चों को वस्तुओं जैसे गेंद, पेंसिल आदि के उदाहरण देकर समझाया जा सकता है कि जब कोई वस्तु न बचे तो उसकी संख्या शून्य होती है। चित्रों और गतिविधियों का प्रयोग भी किया जा सकता है।
39. गणित शिक्षण के महत्त्व पर सविस्तार से लिखिए।
Ans. गणित शिक्षण बच्चों में तार्किक चिंतन, समस्या समाधान, निर्णय क्षमता तथा गणना कौशल विकसित करता है। दैनिक जीवन में खरीद-बिक्री, मापन, समय तथा धन के उपयोग में गणित आवश्यक है। यह वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा बौद्धिक विकास में भी सहायक है।
40. जोड़ की प्रक्रिया में हासिल का महत्त्व बताइए।
Ans. जोड़ की प्रक्रिया में जब किसी स्थान के अंकों का योग 10 या उससे अधिक हो जाता है, तो अतिरिक्त अंक अगले स्थान पर ले जाया जाता है, जिसे हासिल कहते हैं। हासिल सही योग प्राप्त करने में सहायता करता है तथा बड़ी संख्याओं के जोड़ को सरल और शुद्ध बनाता है।