बारिश ! झमाझम बारिश!
लगातार बारिश !
छत पर झमा-झम। झम। घर में टप-टप।
और आँगन में… छप-छपाक।
गीला हो गया बिस्तर,
अम्मा की साड़ी,
और दादी का कंबल ।

गीला और सर्द हो गया पूरा शहर।
लेकिन मैं, मेरे पास है छाता।
छाते के भीतर मैं और सलीम।
बिलकुल सूखे और गरम।

मैंने छाते में टिल्लू को भी बुलाया।
अब टिल्लू बिलकुल सूखा।
मैं और सलीम कुछ गीले-गीले से।

मैंने दयाल चाचू से बड़ा छाता माँग लिया।
अब सब छाते के अंदर।
फिर लता और मोनू भी आ गए।
बड़ा छाता पड़ गया छोटा।

दयाल चाचू से और बड़ा छाता ले आए।
अब सब छाते के अंदर।
शलीन और सनत भी आ गए।
और बड़ा छाता पड़ गया छोटा।

दयाल चाचू से बहुत बड़ा छाता ले आए।
अब सब छाते के अंदर।
सोनू, हामिद, हरमीत सब के सब आ गए।
बहुत बड़ा छाता भी पड़ गया छोटा।


दयाल चाचू बहुत बड़े छाते से बहुत-बहुत बड़ा छाता दो। दयाल चाचू ने कहा- इससे बड़ा छाता तो बनता ही नहीं। बड़ा होकर मैं दुनिया का सबसे बड़ा छाता बनाऊँगा। आसमान जितना बड़ा ! जो बारिश में पूरे शहर को छुपा लेगा। टिल्लू, सलीम, अम्मा, चाचू, राकेश, हामिद, हरमीत, शलीन और सनत। सब होंगे छाते के भीतर। सूखे और गरम । बारिश ! झमाझम बारिश ! “
घर में टप-टप।
और आँगन में… छप-छपाक

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बातचीत के लिए
1. बारिश से जुड़े अपने अनुभव बताइए।
Ans. मुझे बारिश में कागज़ की नाव चलाना और दोस्तों के साथ भीगना बहुत अच्छा लगता है।
2. आप बड़े होकर क्या बनाना चाहेंगे?
Ans. मैं बड़ा होकर ऐसा घर बनाना चाहूँगा जिसमें बारिश का पानी अंदर न आ सके।
3. क्या सचमुच कोई इतना बड़ा छाता बना सकता है कि पूरी दुनिया के बच्चे उसमें आ जाएँ?
Ans. नहीं, इतना बड़ा छाता बनाना संभव नहीं है। यह केवल कल्पना है।
4. छाते में ऐसा क्या होता है कि हम बारिश में भी गीले नहीं होते?
Ans. छाते की छतरी जलरोधक (waterproof) होती है, जिससे पानी नीचे नहीं आता और हम भीगते नहीं हैं।
नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर अपनी कॉपी में लिखिए-
1. हर बार छाता क्यों छोटा पड़ता था?
Ans. हर बार नए-नए बच्चे छाते के नीचे आ जाते थे, इसलिए छाता छोटा पड़ जाता था।
2. हर बार बड़ा छाता कौन देते थे?
Ans. हर बार दयाल चाचू बड़ा छाता देते थे।
3. इस कहानी में आए सभी सभी बच्चों के नाम लिखिए।
Ans. टिल्लू, सलीम, लता, मोनू, शलीन, सनत, सोनू, हामिद और हरमीत।
4. बारिश में क्या-क्या गीला हो गया?
Ans. बिस्तर, अम्मा की साड़ी और दादी का कंबल गीला हो गया।
खेल-खेल में
वर्षा की बूँदें धरती पर गिरती हैं तो कैसी ध्वनि सुनाई देती है? इस तरह करके देखिए।
1. आँखें बंद कीजिए और बाईं हथेली खोलकर रखिए।
2. दाएँ हाथ की तर्जनी से बाईं हथेली पर बजाकर देखिए।
3. फिर से दो उँगलियों से बजाकर देखिए।
4. फिर से तीन उँगलियों से बजाकर देखिए।
5. फिर से चार उँगलियों से बजाकर देखिए।
Ans. गतिविधि का परिणाम
2. एक उँगली से थपकी देने पर – टप… टप… की आवाज़ आती है।
• लगता है जैसे धीमी-धीमी बूँदें गिर रही हों।
3. दो उँगलियों से थपकी देने पर – टप-टप, टप-टप की आवाज़ आती है।
• लगता है जैसे बारिश की गति थोड़ी बढ़ गई हो।
4. तीन उँगलियों से थपकी देने पर – टपटप-टपटप-टपटप की आवाज़ आती है।
• ऐसा लगता है जैसे लगातार हल्की बारिश हो रही हो।
5. चार उँगलियों से थपकी देने पर – झम-झम, झम-झम की आवाज़ आने लगती है।
• लगता है जैसे तेज़ झमाझम बारिश हो रही हो।
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