उच्च न्यायालय
| अनुच्छेद संख्या | विषयवस्तु |
| 214 | राज्यों के लिए उच्च न्यायालय |
| 215 | उच्च न्यायालयों का अभिलेख न्यायालय होना |
| 216 | उच्च न्यायालयों का गठन |
| 217 | उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की नियुक्ति और उसके पद की शर्ते |
| 218 | उच्चतम न्यायालय से संबंधित कुछ उपबंधों का उच्च न्यायालयों में लागू होना |
| 219 | उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान |
| 220 | स्थायी न्यायाधीश रहने के पश्चात् विधि-व्यवसाय पर निर्बंधन |
| 221 | न्यायाधीशों के वेतन आदि |
| 222 | किसी न्यायाधीश का एक उच्च न्यायालय से दूसरे न्यायालय का अंतरण |
| 223 | कार्यकारी मुख्य न्यायमूर्ति की नियुक्ति |
| 224 | अपर और कार्यकारी न्यायाधीशों की नियुक्ति |
| 224क | उच्च न्यायालयों की बैठकों में सेवानिवृत न्यायाधीशों की नियुक्ति |
| 225 | विद्यमान उच्च न्यायालयों की अधिकारिता |
| 226 | कुछ रिट निकालने की उच्च न्यायालय की शक्ति |
| 226क | अनुच्छेद-226 के अंतर्गत कार्रवाईयों में केन्द्रीय अधिनियमों की संवैधानिक वैधता पर विचार नहीं (निरस्त) |
| 227 | सभी न्यायालयों के अधीक्षण की उच्च न्यायालय की शक्ति |
| 228 | कुछ मामलों का उच्च न्यायालय को अंतरण |
| 228क | राज्य अधिनियमों की संवैधानिक वैधता से संबंधित प्रश्नों के निस्तारण के लिए विशेष प्रावधान (निरस्त) |
| 229 | उच्च न्यायालयों के अधिकारी और सेवक तथा व्यय |
| 230 | उच्च न्यायालयों की अधिकारिता का संघ राज्यक्षेत्रों पर विस्तार |
| 231 | दो या अधिक राज्यों के लिए एक ही उच्च न्यायालय की स्थापना |
| 232 | व्याख्या (निरस्त) |
अधीनस्थ न्यायालय
| अनुच्छेद संख्या | विषयवस्तु |
| 233 | जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति |
| 233क | कुछ जिला न्यायाधीशों की नियुक्तियों का और उनके द्वारा किए गए निर्णयों आदि का विधिमान्यकरण |
| 234 | न्यायिक सेवा में जिला न्यायाधीशों से भिन्न व्यक्तियों की भर्ती |
| 235 | अधीनस्थ न्यायालयों पर नियंत्रण |
| 236 | निर्वचन |
| 237 | कुछ वर्ग या वर्गों के मजिस्ट्रेटों पर इस अध्याय के उपबंधों का लागू होना |
| 238 | राज्य के भाग-VI के प्रावधानों का पहली अनुसूची के भाग ‘बी’ में लागू होना (निरस्त) |
संघ राज्यक्षेत्र
| अनुच्छेद संख्या | विषयवस्तु |
| 239 | संघ राज्यक्षेत्रों का प्रशासन |
| 239क | कुछ संघ राज्यक्षेत्रों के लिए स्थानीय विधान-मंडलों या मंत्रि-परिषदों का या दोनों का सृजन |
| 239क क | दिल्ली के संबंध में विशेष उपबंध |
| 239क ख | सांविधानिक तंत्र के विफल हो जाने की दशा में उपबंध |
| 239 ख | विधान-मंडल के विश्रांतिकाल में अध्यादेश प्रख्यापित करने की प्रशासन की शक्ति |
| 240 | कुछ संघ राज्यक्षेत्रों के लिए विनियम बनाने की राष्ट्रपति की शक्ति |
| 241 | संघ राज्यक्षेत्रों के लिए उच्च न्यायालय |
| 242 | कुर्ग (निरस्त) |
पंचायतें
| अनुच्छेद संख्या | विषयवस्तु |
| 243 | परिभाषाएं |
| 243क | ग्राम सभा |
| 243ख | पंचायतों का गठन |
| 243ग | पंचायतों की संरचना |
| 243घ | स्थानों का आरक्षण |
| 243ङ | पंचायतों की अवधि, आदि |
| 243च | सदस्यता के लिए निरर्हताएं |
| 243छ | पंचायतों की शक्तियां, प्राधिकार और उत्तरदायित्व |
| 243ज | पंचायतों द्वारा कर अधिरोपित करने की शक्तियां और उनकी निधियां |
| 243झ | वित्तीय स्थिति के पुनर्विलोकन के लिए वित्त आयोग का गठन |
| 243ञ | पंचायतों के लेखाओं की संपरीक्षा |
| 243ट | पंचायतों के लिए निर्वाचन |
| 243ठ | संघ राज्यक्षेत्रों का लागू होना |
| 243ड | इस भाग का कतिपय क्षेत्रों को लागू न होना |
| 243ढ | विद्यमान विधियों और पंचायतों का बना रहना |
| 243ण | निर्वाचन संबंधी मामलों में न्यायालयों के हस्तक्षेप का वर्जन |
नगरपालिकाएं
| अनुच्छेद संख्या | विषयवस्तु |
| 243त | परिभाषाएं |
| 243थ | नगरपालिकाओं का गठन |
| 243द | नगरपालिकाओं की संरचना |
| 243ध | वार्ड समितियों, आदि का गठन और संरचना |
| 243न | स्थानों का आरक्षण |
| 243प | नगरपालिकाओं की अवधि, आदि |
| 243फ | सदस्यता के लिए निरर्हताएं |
| 243ब | नगरपालिकाओं, आदि की शक्तियां, प्राधिकार और उत्तरदायित्व |
| 243भ | नगरपालिकाओं द्वारा कर अधिरोपित करने की शक्ति और उनकी निधियां |
| 243म | वित्त आयोग |
| 243य | नगरपालिकाओं के लेखाओं की संपरीक्षा |
| 243यक | नगरपालिकाओं के लिए निर्वाचन |
| 243यख | संघ राज्यक्षेत्रों का लागू होना |
| 243यग | इस भाग का कतिपय क्षेत्रों को लागू न होना |
| 243यघ | जिला योजना के लिए समिति |
| 243यङ | महानगर योजना के लिए समिति |
| 243यच | विद्यमान विधियों और नगरपालिकाओं का बना रहना |
| 243यछ | निर्वाचन संबंधी मामलों में न्यायालयों के हस्तक्षेप का वर्जन |
सहकारी समितियां
| अनुच्छेद संख्या | विषयवस्तु |
| 243यज | परिभाषाएं |
| 243यझ | बोर्ड के सदस्यों एवं पदाधिकारियों की संख्या तथा कार्यकाल |
| 243यट | बोर्ड के सदस्यों का चुनाव |
| 243यठ | बोर्ड की बर्खास्तगी तथा निलंबन एवं अंतरिम व्यवस्था |
| 243यड | सहकारी समितियों के लेखा का अंकेक्षण |
| 243यढ | सामान्य सभा की बैठक आहूत करना |
| 243यण | सदस्य का सूचना पाने का अधिकार |
| 243यत | रिटर्न |
| 243यथ | अपराध एवं दंड |
| 243यद | बहुराज्यव्यापी सहकारी समितियों का आवेदन |
| 243यध | संघीय क्षेत्रों को आवेदन |
| 243यन | वर्तमान कानूनों का जारी रहना |
अनुसूचित और जनजाति क्षेत्र
| अनुच्छेद संख्या | विषयवस्तु |
| 244 | अनुसूचित क्षेत्रों और जनजाति क्षेत्रों का प्रशासन |
| 244क | असम के कुछ जनजाति क्षेत्रों को समाविष्ट करने वाला एक स्वाशासी राज्य बनाना और उसके लिए स्थानीय विधान-मंडल या मंत्रिपरिषद् का या दोनों का सृजन |
संघ और राज्यों के बीच विधायिक संबंध
यहाँ आपके द्वारा दी गई नई जानकारी को स्तंभ में बदल दिया गया है:
| अनुच्छेद संख्या | विषयवस्तु |
| 245 | संसद् द्वारा और राज्यों के विधान-मंडलों द्वारा बनाई गई विधियों का विस्तार |
| 246 | संसद् द्वारा और राज्यों के विधान-मंडलों द्वारा बनाई गई विधियों की विषय वस्तु |
| 247 | कुछ अतिरिक्त न्यायालयों की स्थापना का उपबंध करने की संसद् की शक्ति |
| 248 | अवशिष्ट विधायी शक्तियां |
| 249 | राज्य सूची के विषय के संबंध में राष्ट्रीय हित में विधि बनाने की संसद् की शक्ति |
| 250 | यदि आपात की उद्घोषणा प्रवर्तन में हो तो राज्य सूची के विषय के संबंध में विधि बनाने की संसद् की शक्ति |
| 251 | संसद् द्वारा अनुच्छेद 249 और अनुच्छेद 250 के अधीन बनाई गई विधियों और राज्यों के विधान-मंडलों द्वारा बनाई गई विधियों में असंगति |
| 252 | दो या अधिक राज्यों के लिए उनकी सहमति से विधि बनाने की संसद की शक्ति और ऐसी विधि का किसी अन्य राज्य द्वारा अंगीकार किया जाना |
| 253 | अंतर्राष्ट्रीय करारों को प्रभावी करने के लिए विधान |
| 254 | संसद द्वारा बनाई गई विधियों और राज्यों के विधान-मंडलों द्वारा बनाई गई विधियों में असंगति |
| 255 | सिफारिशों और पूर्व मंजूरी के बारे में अपेक्षाओं को केवल प्रक्रिया के विषय मानना |
संघ-राज्य प्रशासनिक संबंध
| अनुच्छेद संख्या | विषयवस्तु |
| 256 | राज्यों की और संघ की बाध्यता |
| 257 | कुछ दशाओं में राज्यों पर संघ का नियंत्रण |
| 257क | राज्यों को सशस्त्र बलों अथवा संघ के अन्य बलों की तैनाती में सहयोग (निरस्त) |
| 258 | कुछ दशाओं में राज्यों को शक्ति प्रदान करने आदि की संघ की शक्ति |
| 258क | संघ को कृत्य सौंपने की राज्यों की शक्ति |
| 259 | पहली अनुसूची के भाग-बी में राज्यों में सशस्त्र बल (निरस्त) |
| 260 | भारत के बाहर के राज्यक्षेत्रों के संबंध में संघ की अधिकारिता |
| 261 | सार्वजानिक कार्य, अभिलेख और न्यायिक कार्यवाहियां |
| 262 | अंतर्राज्यीय नदियों या नदी-दूनों के जल संबंधी विवादों का न्यायनिर्णयन |
| 263 | अंतर्राज्यीय परिषद् के संबंध में उपबंध |
संघ-राज्य वित्तीय संबंध
| अनुच्छेद संख्या | विषयवस्तु |
| 264 | निर्वचन |
| 265 | विधि के प्राधिकार के बिना करों का अधिरोपण न किया जाना |
| 266 | भारत और राज्यों की संचित निधियां और लोक लेखे |
| 267 | आकस्मिकता निधि |
| 268 | संघ द्वारा उद्गृहीत किए जाने वाले किंतु राज्यों द्वारा संगृहीत और विनियोजित किए जाने वाले शुल्क |
| 269 | संघ द्वारा उद्गृहीत और संगृहीत किंतु राज्यों को सौंपे जाने वाले कर |
| 270 | उद्गृहीत कर और उनका संघ तथा राज्यों के बीच वितरण |
| 271 | कुछ शुल्कों और करों पर संघ के प्रयोजनों के लिए अधिभार |
| 272 | ऐसे कर जो कि संघ द्वारा आरोपित एवं संग्रहित किए जाते हैं और जो संघ तथा राज्यों के बीच वितरित किए जा सकते हैं (निरस्त) |
| 273 | जूट पर और जूट उत्पादों पर निर्यात शुल्क के स्थान पर अनुदान |
| 274 | ऐसे कराधान पर जिसमें राज्य हितबद्ध है, प्रभाव डालने वाले विधयेकों के लिए राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश की अपेक्षा |
| 275 | कुछ राज्यों को संघ से अनुदान |
| 276 | वृत्तियों, व्यापारों, आजीविकाओं और नियोजनों पर कर |
| 277 | व्यावृत्ति |
| 278 | पहली अनुसूची के भाग ‘बी’ में उल्लिखित वित्तीय मामलों में राज्यों के साथ समझौता (निरस्त) |
| 279 | शुद्ध आगम आदि की गणना |
| 280 | वित्त आयोग |
| 281 | वित्त |
| 282 | संघ या राज्य द्वारा अपने राजस्व से किए जाने वाले व्यय |
| 283 | संचित निधियों, आकस्मिकता निधियों और लोक लेखाओं में जमा धनराशियों की अभिरक्षा आदि |
| 284 | लोक सेवकों और न्यायालयों द्वारा प्राप्त वादकर्ताओं की जमा राशियों और अन्य धनराशियों की अभिरक्षा |
| 285 | संघ की संपत्ति को राज्य के कराधान से छूट |
| 286 | माल के क्रय या विक्रय पर कर के अधिरोपण के बारे में निर्बंधन |
| 287 | विद्युत पर करों से छूट |
| 288 | जल या विद्युत पर करों से छूट |
| 289 | राज्यों की संपत्ति और आय को संघ के कराधान से छूट |
| 290 | कुछ व्ययों और पेंशनों के संबंध में समायोजन |
| 290क | कुछ देवस्वम् निधियों को वार्षिक संदाय |
| 291 | शासकों की प्रिवी पर्स की राशि (निरस्त) |
| 292 | भारत सरकार द्वारा उधार लेना |
| 293 | राज्यों द्वारा उधार लेना |
सरकार के अधिकार और दायित्व
| अनुच्छेद संख्या | विषयवस्तु |
| 294 | कुछ दशाओं में संपत्ति, आस्तियों, अधिकारों, दायित्वों और बाध्यताओं का उत्तराधिकार |
| 295 | अन्य दशाओं में संपत्ति, आस्तियों, अधिकारों, दायित्वों और बाध्यताओं का उत्तराधिकार |
| 296 | राजगामी या व्यपगत या स्वामीविहीन होने से उत्पन्न संपत्ति |
| 297 | राज्यक्षेत्रीय सागर-खंड या महाद्वीपीय मग्नतट भूमि में स्थित मूल्यवान चीजों और अनन्य आर्थिक क्षेत्र के संपत्ति स्रोतों का संघ में निहित होना |
| 298 | व्यापार करने आदि की शक्ति |
| 299 | संविदाएं |
| 300 | वाद और कार्यवाहियां |
संपत्ति का अधिकार
| अनुच्छेद संख्या | विषयवस्तु |
| 300क | विधि के प्राधिकार के बिना व्यक्तियों को संपत्ति से वंचित न किया जाना |