ऊर्जा (Energy)
किसी वस्तु में कार्य करने की क्षमता को ऊर्जा कहते हैं। ऊर्जा आर्थिक विकास तथा जीवन का स्तर बेहतर बनाने के लिए एक अनिवार्य संसाधन …
किसी वस्तु में कार्य करने की क्षमता को ऊर्जा कहते हैं। ऊर्जा आर्थिक विकास तथा जीवन का स्तर बेहतर बनाने के लिए एक अनिवार्य संसाधन …
ईंधन खनिजों की उपलब्धि औद्योगिक विकास की महत्वपूर्ण सीढ़ी है। भारत में शक्ति के अनेक साधन उपलब्ध हैं, जिनमें से व्यापारिक दृष्टि से कोयला एवं …
देश में अनेक प्रकार के अधात्विक खनिजों का उत्पादन होता है जिसमें डोलोमाइट, कायनाइट, सिलिमेनाइट, जिप्सम, चूना पत्थर, अभ्रक, एपेटाइट, फास्फेट, स्टीटाइट तथा लवण उल्लेखनीय …
धात्विक खनिज वे खनिज हैं जिन्हें गलानें से धातु प्राप्त होते हैं। ज्ञातव्य है कि धातु लचीले होते हैं और उन्हें पीटकर कोई भी रूप …
खनिज किसी भी देश की प्राकृतिक सम्पदा है। भारत में खनिजों के प्रचुर भण्डार हैं। संविधान के अन्तर्गत खनिजों पर राज्य सरकारों का अधिकार है …
सूखा ऐसी स्थिति को कहा जाता है जब लंबे समय तक कम वर्षा, अत्यधिक वाष्पीकरण और जलाशयों तथा भूमिगत जल के अत्यधिक प्रयोग से भूतल …
उष्ण कटिबंधीय चक्रवात कम दबाव वाले उग्र मौसम तंत्र है और 30° उत्तर तथा 30° दक्षिण अक्षांशों के बीच पाए जाते हैं।* उत्तरीय गोलार्द्ध में …
भारत के अधिकांश भूकम्प भ्रंशों के सहारे मिलते हैं। प्रायद्वीपीय पठार पर विभिन्न भ्रंश पाये जाते हैं। जैसे-अरावली के पूरब ग्रेटबाउन्ड्री फाल्ट, सोन के सहारे …
प्राकृतिक संकट, प्राकृतिक पर्यावरण में हालात के वे तत्व हैं, जिनसे जन-धन या दोनों को नुकसान पहुँचने की संभाव्यता होती है। ये बहुत तीव्र हो …
बहुउद्देशीय परि-योजनाओं से सिंचाई की सुविधा के अलावा बाढ़ नियंत्रण, पेयजल आपूर्ति, जलविद्युत उत्पादन, नहरी परिवहन, पर्यटन आदि अनेक कार्य किए जा सकते हैं। इसलिए …