वन एवं वन्य जीव संसाधन : अध्याय 2
नारक! मेरे ईश्वर, लेपचाओं की दुनिया में आप संगीत के जनक हैं ओह नारक ! मेरे ईश्वर, मुझे स्वयं को आपको समर्पित करने दें, मुझे …
नारक! मेरे ईश्वर, लेपचाओं की दुनिया में आप संगीत के जनक हैं ओह नारक ! मेरे ईश्वर, मुझे स्वयं को आपको समर्पित करने दें, मुझे …
क्या आप उन वस्तुओं का नाम बता सकते हैं जो गाँवों और शहरों में हमारे जीवन को आराम पहुँचाते हैं? ऐसी वस्तुओं की एक सूची …
(1) नए इलाके में इन नए बसते इलाकों मेंजहाँ रोज बन रहे हैं नए-नए मकानमैं अकसर रास्ता भूल जाता हूँ धोखा दे जाते हैं पुराने …
अग्नि पथ ! अग्नि पथ ! अग्नि पथ ! वृक्ष हों भले खड़े,हों घने, हों बड़े,एक पत्र-छाँह भी माँग मत, माँग मत, माँग मत !अग्नि …
गीत, अगीत, कौन सुन्दर है? (1) गाकर गीत विरह के तटिनीवेगवती बहती जाती है,दिल हलका कर लेने कोउपलों से कुछ कहती जाती है।तट पर एक …
रहिमन धागा प्रेम का, मत तोड़ो चटकाय ।टूटे से फिर ना मिले, मिले गाँठ परि जाय ।। रहिमन निज मन की बिथा, मन ही राखो …
(1) अब कैसे छूटै राम नाम रट लागी।प्रभु जी, तुम चंदन हम पानी, जाकी अँग अँग बास समानी।।प्रभु जी, तुम घन बन हम मोरा, जैसे …
आकाश के तारों में शुक्र की कोई जोड़ नहीं। शुक्र चंद्र का साथी माना गया है। उसकी आभा-प्रभा का वर्णन करने में संसार के कवि …
पेड़ से सेब गिरते हुए तो लोग सदियों से देखते आ रहे थे, मगर गिरने के पीछे छिपे रहस्य को न्यूटन से पहले कोई और …
आज तुम्हारे आगमन के चतुर्थ दिवस पर यह प्रश्न बार-बार मन में घुमड़ रहा है- तुम कब जाओगे, अतिथि ? तुम जहाँ बैठे निस्संकोच सिगरेट …