बादल: पाठ -26

काले-काले, पानी वाले
आसमान में बादल आए
बोलो, कैसे आकर छाए

हवा पकड़कर, लाती सर-सर
छाए जैसे काले कंबल
कितने सुंदर लगते बादल

पेड़ों जैसे, भेड़ों जैसे
लगते जैसे चलते घोड़े
बन जाते हाथी के जोड़े

नन्हे जल-कण, गए भाप बन
उसी भाप ने ठंडक पाई
बादल बरसे, बरसा आई

करते गड़गड़, आते चढ़-चढ़
बिजली बादल को चमकाए
अँधियारे में राह दिखाए दिखाए

मोर मगन मन, छूम छननछन
झूम झूमकर नाच दिखाए
खुश हो होकर गाना गाए

बरसे बादल, कलकल छलछल
तैर चली कागज़ की नैया
पूँछ उठाकर भागी गैया।

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बातचीत के लिए

1. बारिश आने से पहले कैसा मौसम होता है?
Ans.
आसमान में काले बादल छा जाते हैं और हवा सरसराने लगती है।

2. बारिश कैसे होती है?
Ans.
नन्हे जलकण भाप बनते हैं, भाप ठंडी होकर बादल बनती है और फिर बरस जाती है।

3. आपको बारिश के मौसम की सबसे अच्छी बात क्या लगती है?
Ans.
कागज़ की नाव तैराना और मोर का नाचना।

4. क्या बारिश से कभी कोई परेशानी भी होती है?
Ans.
हाँ, कभी-कभी पानी भर जाता है और लोगों को कठिनाई होती है।

कविता के आधार पर उत्तर लिखिए –

1. बादल कैसे बरसते हैं?
Ans.
  नन्हे जल-कण भाप बनकर बादल बनते हैं और फिर ठंडक पाकर बरसते हैं।

2. मोर कैसे नाचते हैं?
Ans.
मोर मगन होकर छूम-छनन, झूम-झूमकर नाचते हैं।

3. हवा कैसे चलती है?
Ans.
हवा सरसर करती हुई बादलों को उड़ाती है।

शब्दों का खेल

1. ‘बादल’ शब्द सुनने पर आपको बिजली, मोर आदि की तरह अन्य कौन से शब्द याद आते हैं? इन शब्दों को लिखिए और आपके शब्द ‘बादल’ शब्द से कैसे जुड़ते हैं, सभी को बताइए-

Ans.

2. मिलान कीजिए और नए शब्द बनाइए-

Ans.

3. कविता में देखकर सही शब्द चुनकर लिखिए –

(i) हवा लाती सर-सर।
Ans.
हवा लाती सर-सर।

(ii) नन्हें जल-कण गए बन।
Ans.
नन्हें जल-कण गए भाप बन।

(iii) मगन मन, छननछन ।
Ans.
मोर मगन मन, छूम छननछन।

(iv) बरसे कलकल
Ans.
बरसे बादल, कलकल छलछल।

(v) तैर चली की नैया उठाकर गैया।
Ans.
तैर चली कागज़ की नैया, पूँछ उठाकर भागी गैया।

मेरा नाम सुनीत कुमार सिंह है। मैं कुशीनगर, उत्तर प्रदेश का निवासी हूँ। मैं एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हूं।

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