हमारा आदित्य : पाठ -13

हमारा आदित्य

(कक्षा में अध्यापक का आगमन और सभी विद्यार्थियों द्वारा अभिवादन) सभी विद्यार्थी – सुप्रभात अध्यापक जी! अध्यापक – सुप्रभात बच्चो ! पिछली कक्षा में हमने …

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शतरंज में मात : पाठ-12

शतरंज में मात

(राजा का दरबार। दरबारी अपने-अपने आसन पर  पर बैठे हैं। राजा और तेनालीरामन के आसन अभी खाली हैं।)   पहला दरबारी – देखा ! अब तक …

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कविता का कमाल : पाठ -11

कविता का कमाल

बहुत पुरानी बात है। मदन नाम का एक लड़का अपनी माँ के साथ गाँव में रहता था। माँ-बेटा बहुत गरीब थे। उनके पास कमाई का …

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कैमरा : पाठ-10

कैमरा

नया कैमरा चाचा लाए,दरवाजे से ही चिल्लाए-कहाँ गया, जल्दी आ छोटू,बैठ यहाँ, खींचूँगा फोटू! मैं बोला- यह क्या है चक्कर,छिपा हुआ क्या इसमें पेंटर’?चित्र बनाता …

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मिठाइयों का सम्मेलन : पाठ-9

मिठाइयों का सम्मेलन

छगनलाल हलवाई दुकान बंद करके अपने घर चले गए। अवसर मिलते ही बंद दुकान के भीतर मिठाइयों ने एक सम्मेलन का आयोजन किया। लड्डू दादा …

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ओणम के रंग: पाठ -8

ओणम के रंग

यह चित्र ओणम के त्योहार पर आयोजित नौका-दौड़ का है। केरल राज्य का एक स्थान है ‘आरन्मुला’। ओणम के त्योहार पर यहाँ नौका-दौड़ आयोजित की …

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नकली हीरे : पाठ-7

नकली हीरे

कानपुर के बुद्धिमान और वृद्ध राजा का एक ही बेटा था। मैं अधिक दिन जीवित नहीं रहूँगा। मुझे अपने पुत्र के लिए कोई सलाहकार ढूँढना …

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जयपुर से पत्र: पाठ-6

जयपुर से पत्र

पूज्य पिताजी, सादर प्रणाम! परसों रात को हम सकुशल जयपुर पहुँच गए। हमारी यात्रा बहुत अच्छी रही। अध्यापकों ने हमारा बहुत ध्यान रखा। यहाँ मौसम …

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आसमान गिरा : पाठ -5

आसमान गिरा

एक खरगोश था। वह पेड़ के नीचे सो रहा था। अचानक जोर की आवाज हुई – धम्म! खरगोश चौंककर उठ गया। वह बोला, “अरे ! …

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हमारा आहार : पाठ -4

हमारा आहार

कैसा हो अपना आहार,आओ मिलकर करें विचार।चावल, दाल और सब्जी खाओ,तन में चुस्ती-फुर्ती लाओ। केवल आलू तुम मत लाना,भिंडी, परवल, नेनुआ भी खाना।दूध-दही तुम छककर …

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