न्याय की कुर्सी : पाठ -2

न्याय की कुर्सी

उज्जैन की प्राचीन और ऐतिहासिक नगरी के बाहर एक लंबा-चौड़ा मैदान था। यहाँ-वहाँ टीले थे। एक दिन लड़कों का एक झुंड वहाँ खेल रहा था। …

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किरन : पाठ -1

किरन

अरी किरन तू उठकर इतनीजल्दी आज चली आई।मैं तो बिस्तर में से अपनेअब तक निकल नहीं पाई। कल तो तेरे साथ शाम तकखेल बहुत से …

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