चंदा मामा: पाठ-23

लो रात हो गई।
देखो, आकाश में चारों तरफ़ कितना अँधेरा है!
अहा! ये छत पर कैसा सुंदर प्रकाश!
तो ये चंदा मामा हैं। आओ चंदा मामा!
अरे, ये क्या! बादल जी आप नहीं आइए।
चंदा मामा रूठ जाएँगे। बादल जी आप जाइए ना!
मैं चंदा मामा को देख भी नहीं पा रहा।

“माफ़ करना मुझे, मैं तो दो मिनट चंदा से गपशप कर रहा था। लो मैं अभी चला! अच्छा, नमस्ते, फिर मिलेंगे!”
हाँ, अब ठीक है। देखो, चंदा मामा मुस्करा रहे हैं।
आओ चंदा मामा, गोल-गोल चेहरे वाले चंदा मामा, आओ ना!

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अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1. रात होने पर आकाश कैसा हो जाता है?
उत्तर:
आकाश चारों ओर अँधेरा हो जाता है।

प्रश्न 2. छत पर किसका सुंदर प्रकाश दिखाई देता है?
उत्तर:
चंदा मामा का।

प्रश्न 3. पाठ में किसे “चंदा मामा” कहा गया है?
उत्तर:
चाँद को।

प्रश्न 4. चंदा मामा को किसने ढक लिया था?
उत्तर:
बादल जी ने।

प्रश्न 5. बच्चा बादल जी से क्या कहता है?
उत्तर:
आप जाइए, चंदा मामा रूठ जाएँगे।

प्रश्न 6. बादल जी चंदा मामा से क्या कर रहे थे?
उत्तर:
गपशप कर रहे थे।

प्रश्न 7. बादल जी ने बच्चे से क्या कहा?
उत्तर:
मैं अभी चला, फिर मिलेंगे।

प्रश्न 8. चंदा मामा कैसे दिख रहे थे?
उत्तर:
मुस्करा रहे थे।

प्रश्न 9. चंदा मामा का चेहरा कैसा बताया गया है?
उत्तर:
गोल-गोल।

प्रश्न 10. बच्चा चंदा मामा को किस तरह बुला रहा है?
उत्तर:
आओ चंदा मामा।

मेरा नाम सुनीत कुमार सिंह है। मैं कुशीनगर, उत्तर प्रदेश का निवासी हूँ। मैं एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हूं।

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