एक दिन सब छुपन-छुपाई खेल रहे थे।
उस दिन जीत की बारी थी।
जीत सौ तक गिनकर सबको ढूँढ़ने निकला।


मोहित दरवाज़े के पीछे मिल गया।

जीत सबको कमरे में ढूँढ़ने लगा। बबली अलमारी के पीछे मिल गई।

मारिया पलंग के नीचे मिल गई। उसके बाद जीत आँगन की तरफ़ गया।

सिमरन दादी के पीछे मिल गई। जीत नाज़िया को आँगन में ढूँढ़ने लगा।

जीत ने नाज़िया को चादर के पीछे ढूँढ़ा।

फिर जीत नाज़िया को ढूँढ़ने के लिए बाहर आया। वह पेड़ के नीचे खड़ा होकर सोचने लगा।

नाज़िया ने ऊपर से कूदकर उसे धप्पा दिया।

जीत दुबारा गिनती गिनने चल दिया।
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बातचीत के लिए
1. आप अपने घर में कहाँ-कहाँ छिप सकते हैं?
Ans. मैं दरवाज़े के पीछे, पलंग के नीचे, परदे के पीछे या अलमारी के पास छिप सकता हूँ।
2. अगर खेलते हुए आपको चोट लग जाए तो आप क्या करेंगे?
Ans. मैं खेलना रोक दूँगा, पहले चोट साफ करूँगा और दवा लगाऊँगा।
3. अगर आप खेल में हार जाते हैं तो क्या करते हैं?
Ans. मैं हार को स्वीकार करता हूँ और अगली बार जीतने की कोशिश करता हूँ।
नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर अपनी कॉपी में लिखिए –
1. जीत ने कितने बच्चों को ढूँढ़ लिया?
Ans. जीत ने चार बच्चों को ढूँढ़ लिया – मोहित, बबली, मारिया और सिमरन।
2. कौन-कौन कहाँ मिल गया?
Ans.
मोहित – दरवाज़े के पीछे
बबली – अलमारी के पीछे
मारिया – पलंग के नीचे
सिमरन – दादी के पीछे
3. छपन-छपाई में धप्पा कब बोलते हैं?
Ans. जब कोई बच्चा छिपने की जगह से बाहर आकर खोजने वाले को छू लेता है, तब वह “धप्पा” बोलता है।
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