अरी किरन तू उठकर इतनी
जल्दी आज चली आई।
मैं तो बिस्तर में से अपने
अब तक निकल नहीं पाई।
कल तो तेरे साथ शाम तक
खेल बहुत से खेली मैं।
पर जब तू चल दी सोने को
तो रह गई अकेली मैं।

तू सुख से सोई होगी पर
मुझको नींद नहीं आई।
परी कथाएँ पढ़ते-पढ़ते
बड़ी देर में सो पाई।
कहने लगी किरन यह सुनकर
मैं ही कब सो पाती हूँ।
तुम्हें सुलाकर एक दूसरी
दुनिया में मैं जाती हूँ।
बच्चे जो बिस्तर में सोए
होते, उन्हें जगाती हूँ।
वहाँ शाम हो जाती है तो
लौट यहाँ फिर आती हूँ।
बातचीत के लिए
1. आपको कैसे पता चलता है कि सुबह हो गई है?
Ans. सुबह होने का पता सूरज की किरणों के आने, उजाला फैलने, पक्षियों के चहचहाने और लोगों के जागने से चलता है।
2. ऐसे कौन-कौन से कार्य हैं जो सूर्य के प्रकाश के बिना संभव नहीं हैं?
Ans. खेती करना, पौधों का बढ़ना, दिन में पढ़ना-लिखना, सुखाना, खाना पकाना और जीवन का चलना सूर्य के प्रकाश के बिना संभव नहीं है।
3. सुबह और शाम में से आपको कौन-सा समय अधिक अच्छा लगता है और क्यों?
Ans. मुझे सुबह का समय अधिक अच्छा लगता है क्योंकि वातावरण शांत होता है, ताजगी रहती है और पढ़ाई करने में मन लगता है।
पाठ से
सही उत्तर पर सूरज का चित्र (🌞) बनाइए –
1. किरन के अनुसार वह मुख्य रूप से कौन-सा काम करती है?
(क) सोते बच्चों को जगाना (🌞)
(ख) खेलते बच्चों को सुलाना
(ग) बच्चों के साथ खेलना
(घ) परी कथाएँ पढ़ना-पढ़ाना
2. बालिका को बहुत देर तक नींद क्यों नहीं आई?
(क) क्योंकि वह देर रात तक खेल रही थी।
(ख) क्योंकि वह पढ़ रही थी। (🌞)
(ग) क्योंकि उसे बहुत गरमी लग रही थी।
(घ) क्योंकि वह घूमने गई थी।
3. जब किरन आई, उस समय बालिका क्या कर रही थी?
(क) वह सो रही थी।
(ख) वह खेल रही थी।
(ग) वह गीत गा रही थी।
(घ) वह पढ़ और लिख रही थी। (🌞)
सोचिए और लिखिए
1. किरन ने दूसरी दुनिया में जाने की बात क्यों कही होगी?
Ans. किरन ने यह बात इसलिए कही क्योंकि जब यहाँ दिन होता है, तब दूसरी जगह रात होती है और वह वहाँ उजाला देने जाती है।
2. “वहाँ शाम हो जाती है तो लौट यहाँ फिर आती हूँ।”
उपर्युक्त पंक्तियों में ‘वहाँ’ और ‘यहाँ’ शब्द किसके लिए प्रयुक्त हुए हैं?
Ans. ‘वहाँ’ का अर्थ दूसरी जगह या दूसरी दुनिया से है और ‘यहाँ’ का अर्थ हमारी पृथ्वी से है।
3. प्रकृति हमें प्रकाश, फल, फूल, लकड़ी, वायु, पानी और बहुत कुछ देती है। हम प्रकृति के लिए क्या-क्या कर सकते हैं? सोचिए और अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
Ans. हम पेड़ लगा सकते हैं, पानी बचा सकते हैं, प्रदूषण कम कर सकते हैं और प्रकृति की रक्षा कर सकते हैं।
4. कविता की किन पंक्तियों से पता चलता है कि किरन बालिका के साथ दिन भर रहती है? उन पंक्तियों को चुनकर लिखिए।
Ans. “तुम्हें सुलाकर एक दूसरी
दुनिया में मैं जाती हूँ।”
समझ और अनुभव
1. “कहने लगी किरन यह सुनकर मैं ही कब सो पाती हूँ। तुम्हें सुलाकर एक दूसरी दुनिया में मैं जाती हूँ।’
किरन कितना परिश्रम करती है, यहाँ से वहाँ नियत समय पर प्रतिदिन आती-जाती है। आपको अपने आस-पास कौन-कौन परिश्रम करते दिखाई देते हैं?
Ans. माता-पिता, किसान, मजदूर, शिक्षक, डॉक्टर और सफाईकर्मी प्रतिदिन परिश्रम करते दिखाई देते हैं।
2. वे कौन-कौन से लोग हैं जो किरन की भाँति आपको जगाते हैं, आपके साथ खेलते हैं और प्रोत्साहित करते हैं? उनके लिए आप क्या-क्या करते हैं, यह भी लिखिए।
Ans. माता-पिता, शिक्षक और बड़े भाई-बहन मुझे जगाते, पढ़ाते और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। मैं उनका सम्मान करता/करती हूँ।
3. आपके घर या प्रदेश में सूर्य अथवा चाँद से जुड़े किसी एक त्योहार का पता लगाइए और उसके बारे में लिखिए।
Ans. छठ पूजा सूर्य देव की उपासना का पर्व है। इसमें लोग सूर्य को अर्घ्य देकर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
अनुमान और कल्पना
1. यदि किरन कभी न आए या न जाए तो क्या होगा?
Ans. यदि किरन न आए तो अँधेरा रहेगा, पौधे नहीं उगेंगे और जीवन कठिन हो जाएगा।
2. यदि आपको किरन के साथ दूसरी दुनिया में जाने का अवसर मिले तो आप कहाँ जाना चाहेंगे और क्यों?
Ans. मैं अंतरिक्ष में जाना चाहूँगा/चाहूँगी क्योंकि वहाँ नए ग्रह और तारे देखने को मिलेंगे।
भाषा की बात
1. “कल तो तेरे साथ शाम तक खेल बहुत से खेली मैं।”
‘शाम’ के लिए हम संध्या, साँझ, सायं जैसे शब्दों का भी प्रयोग करते हैं। मिलते-जुलते या समान अर्थ वाले ऐसे शब्दों को समानार्थी शब्द कहते हैं।
नीचे दिए गए शब्दों के समान अर्थ वाले शब्दों पर घेरा बनीइए –
| Answer | ||
| नभ | आकाश, अंबर, नभचर | आकाश, नभचर |
| हवा | वायु, व्योम, पवन | वायु, पवन |
| पेड़ | विशाल, वृक्ष, तरु | वृक्ष, तरु |
| फूल | कुसुम, सरिता, सुमन | कुसुम, सुमन |
| दुनिया | भूमि, संसार, विश्व | संसार, विश्व |
2. दिए गए रिक्त स्थानों की पूर्ति रेखांकित शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्दों से कीजिए –
(क) मैं आज यह परी-कथा पढ़ेंगा, कल आप पढ़ लेना।
(ख) मैं जब तक खेलने के लिए आई तब तक हरिका गई चली थी।
(ग) वह सुबह आया और शाम को चला गया।
(घ) मेरे जागने और सोने का समय निश्चित है।
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