चाँद का कुरता : पाठ -3
हठ कर बैठा चाँद एक दिन, माता से यह बोला,“सिलवा दो माँ, मुझे ऊन का मोटा एक झिंगोला।सन-सन चलती हवा रात भर, जाड़े से मरता …
हठ कर बैठा चाँद एक दिन, माता से यह बोला,“सिलवा दो माँ, मुझे ऊन का मोटा एक झिंगोला।सन-सन चलती हवा रात भर, जाड़े से मरता …