U.P Board Class 10 Samajik Vigyan 825 (IX) Question Paper 2024

U.P Board Class 10 Samajik Vigyan 825 (IX) Question Paper 2024 का उत्तर आप यहाँ से प्राप्त कर सकते हैं। जिसका कोई भी शुल्क आपसे नहीं लिया जायेगा। आइये विस्तार से सभी प्रश्नो को जानते हैं।

सत्र – 2024
सामाजिक विज्ञान
समय: तीन घण्टे 15 मिनट  पूर्णांक: 70

नोट : प्रारम्भ के 15 मिनट परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए निर्धारित हैं।

निर्देश:

i) सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।

ii) यह प्रश्नपत्र दो खण्डों, खण्ड अ तथा खण्ड ब में विभक्त है।

iii) खण्ड – अ में 1 अंक के 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं जिनके सही उत्तर ओ० एम० आर० उत्तर पत्रक पर नीले अथवा काले बाल प्वाइंट कलम से सही विकल्प वाले गोले को पूर्ण रूप से काला कर चिह्नित करें ।

iv) खण्ड – अ के प्रत्येक प्रश्न का निर्देश पढ़कर केवल प्रदत्त ओ० एम० आर० उत्तर पत्रक पर ही उत्तर दें। ओ० एम०आर० उत्तर पत्रक पर उत्तर देने के पश्चात उसे नहीं काटें तथा इरेजर अथवा ह्वाइटनर का प्रयोग न करें।

v) प्रश्न के अंक उसके सम्मुख अंकित हैं।

vi) खण्ड ब में 50 अंक के वर्णनात्मक प्रश्न हैं। इस खण्ड में वर्णनात्मक-1, वर्णनात्मक-II तथा मानचित्र सम्बन्धी दो प्रश्न हैं।

vii) खण्ड व में सभी प्रश्नों के उत्तर एक साथ ही करें।

viii) प्रथम प्रश्न से आरम्भ कीजिए तथा अन्तिम प्रश्न तक करते जाइए। जो प्रश्न न आता हो उस पर समय नष्ट न कीजिए ।

ix) दिए गए मानचित्रों को उत्तर-पुस्तिका के साथ मजबूती से संलग्न करना आवश्यक है।

x) दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों के लिए मानचित्र कार्य के स्थान पर अलग से प्रश्न 9(A) तथा 9(B) लिखने के लिए दिए गये हैं।

खण्ड – अ  (बहुविकल्पीय प्रश्न)

1. निम्नलिखित में से कौन-सा आन्दोलन महात्मा गाँधी ने नहीं चलाया ?

(A) असहयोग आन्दोलन
(B) सविनय अवज्ञा आन्दोलन
(C) चम्पारन आन्दोलन
(D) खिलाफत आन्दोलन

Ans. (C) चम्पारन आन्दोलन

2. 1789 में फ्रॉस में राष्ट्रवाद की प्रथम अभिव्यक्ति का क्या परिणाम हुआ ?

(A) फ्रांस की क्रान्ति
(B) नेपोलियन का उदय
(C) जर्मनी का एकीकरण
(D) निरंकुश राजतंत्र का प्रारम्भ

Ans. (A) फ्रांस की क्रान्ति

3. ‘गुलामगिरी’ के लेखक कौन थे ?

(A) ई.वी. रामास्वामी
(B) ज्योनिया फुले
(C) भीमराव रामजी अम्बेडकर
(D) बाल गंगाधर निलक

Ans. (B) ज्योनिया फुले

4. 1929 की महामंदी का प्रमुख कारण क्या था ?

(A) कृषि क्षेत्र में अति उत्पादन
(B) कृषि क्षेत्र में न्यून उत्पादन
(C) बेरोज़गारी
(D) प्रमुख बैंकों का धराशायी होना

Ans. (A) कृषि क्षेत्र में अति उत्पादन

5. 1944 में अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की स्थापना कहों की गई थी ?

(A) ब्रिटेन
(B) मंयुक्त राज्य अमेरिका
(C) फ्राँस
(D) भाग्न

Ans. (B) मंयुक्त राज्य अमेरिका

6. श्रीलंका में निम्नलिखित में से कौन-सा समूह अल्पसंख्यक है ?

(A) तमिल
(B) ईसाई
(C) सिंहली
(D) मुम्निम

Ans. (A) तमिल

7. भारत में संघीय व्यवस्था है क्योंकि :

(A) यहाँ शक्तियों का विकेन्द्रीकरण है।
(B) यहाँ गतियों का केन्द्रीयकरण है।
(C) संविधान लचीला है।
(D) उपर्युक्त में में कोई नहीं

Ans. (A) यहाँ शक्तियों का विकेन्द्रीकरण है।

8. निम्नलिखित में से कौन-सा संघीय राज्य नहीं है?

(A) मणिपुर
(B) हिमाचल प्रदेश
(C) दिल्ली
(D) त्रियुग

Ans. (C) दिल्ली

9. निम्नलिखित में से किस व्यवस्था के लिए राजनीतिक दल आवश्यक गर्न हैं ?

(A) राजतंत्र
(B) लोकतंत्र
(C) नानागाही
(D) मनावाद

Ans. (B) लोकतंत्र

10. निम्नलिखित में से किसका सम्बन्ध लोकतंत्र में नहीं है?

(A) जनमत
(B) गजनीनिक दल
(C) उत्तरदायी शासन
(D) बहुसंख्यकों का शासन

Ans. (B) गजनीनिक दल

11. निम्नलिखित में से कौन-सा खनिज धात्विक है ?

(A) कोयला
(B) अभ्रक
(C) चुना-पत्था
(D) न्नोह-अवम्क

Ans. (B) अभ्रक

12. कपास की खेती के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी मिट्टी उपयुक्त है?

(A) काली मिट्टी
(B) लाल मिट्टी
(C) जलोढ मिट्टी
(D) लैटेराइट मिट्टी

Ans. (A) काली मिट्टी

13. निम्नलिखित में से कौन-से उद्योग में कच्चे माल के रूप में बॉक्साइट का प्रयोग किया जाता है ?

(A) सीमेंट
(B) ऐलुमिनियम
(C) लोहा एवं इस्पात
(D) कागज़

Ans. (B) ऐलुमिनियम

14. निम्नलिखित में से किसको सेवा क्षेत्रक भी कहते हैं ?

(A) प्राथमिक क्षेत्रक
(B) द्वितीयक क्षेत्रक
(C) तृतीयक क्षेत्रक
(D) चतुर्थक क्षेत्रक

Ans. (C) तृतीयक क्षेत्रक

15. सार्वजनिक क्षेत्रक तथा निजी क्षेत्रक के विभाजन का आधार है:

(A) रोज़गार की शर्तें
(B) आर्थिक गतिविधियों की प्रकृति
(C) उद्यमों का स्वामित्व
(D) उद्यमों में नियोजित श्रमिकों की संख्या

Ans. (C) उद्यमों का स्वामित्व

16. एजेण्डा-21 का सम्बन्ध किससे है?

(A) ओज़ोन क्षरण (अवक्षय) से
(B) जलवायु परिवर्तन से
(C) वैश्विक तापन से
(D) सततपोषणीय (संधारणीय) विकास से

Ans. (D) सततपोषणीय (संधारणीय) विकास से

17. उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम कब बना था ?

(A) 1980
(B) 1990
(C) 1986
(D) 2001

Ans. (C) 1986

18. बांग्लादेश के ग्रामीण बैंक की शुरुआत कब हुई थी ?

(A) 1960
(B) 1980
(C) 1970
(D) 1990

Ans. (C) 1970

19. निम्नलिखित में से कौन-सा जैव-संसाधन है ?

(A) लोहा
(B) ताँबा
(C) मत्स्य पालन (उद्योग)
(D) चट्टानें

Ans. (C) मत्स्य पालन (उद्योग)

20. निम्नलिखित में से किस देश का मानव विकास सूचकांक सर्वोच्च है ?

(A) बांग्लादेश
(B) पाकिस्तान
(C) श्रीलंका
(D) नेपाल

Ans. (C) मत्स्य पालन (उद्योग)

खण्ड- व

वर्णनात्मक-1 : निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 80 शब्दों में दीजिए ।

21. भारत की आर्थिक और राजनीतिक स्थिति पर प्रथम विश्व युद्ध के प्रभावों का विश्लेषण कीजिए ।
Ans.
प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) के दौरान भारत ने ब्रिटेन को सैनिक और सामग्री प्रदान की। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था पर मिश्रित प्रभाव पड़ा। युद्ध के कारण वस्तुओं की कीमतें बढ़ गईं, किसानों और मजदूरों की स्थिति कठिन हुई। राजनीतिक दृष्टि से, ब्रिटिश सरकार ने युद्ध में सहयोग के लिए भारतीय नेताओं से समर्थन लिया, लेकिन युद्ध के बाद उनका असंतोष बढ़ गया। इस असंतोष ने स्वराज और स्वतंत्रता आंदोलनों को प्रोत्साहित किया, जिससे भारतीय राजनीति में जागरूकता और सक्रियता बढ़ी।

अथवा

प्रौद्योगिकी ने किस प्रकार वैश्वीकरण की प्रक्रिया को बढ़ावा दिया ? किन्हीं दो कारणों की व्याख्या कीजिए।
Ans.
प्रौद्योगिकी ने वैश्वीकरण की प्रक्रिया को तेज़ और व्यापक बनाया है।

कारण 1: सूचना और संचार तकनीक (ICT) – इंटरनेट, मोबाइल और ई-मेल ने दुनिया भर में लोगों और कंपनियों के बीच तुरंत संपर्क और जानकारी के आदान-प्रदान को संभव बनाया। इससे व्यापार, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में वृद्धि हुई।

कारण 2: परिवहन और लॉजिस्टिक तकनीक – आधुनिक जहाज, हवाई जहाज और高速 परिवहन प्रणालियों ने वस्तुओं और सेवाओं के वैश्विक स्तर पर आदान-प्रदान को सरल और तेज़ बना दिया।

इस प्रकार, प्रौद्योगिकी ने वैश्वीकरण को तीव्र और अधिक प्रभावी बनाया है।

22. “लोकतंत्र सभी सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक समस्याओं का समाधान करता है।” इस कथन की तकों सहित पुष्टि कीजिए ।
Ans.
लोकतंत्र में जनता की भागीदारी सुनिश्चित होती है, जिससे सामाजिक और आर्थिक समस्याओं की पहचान होती है। सरकार जनता के मत और आवश्यकताओं के आधार पर नीतियाँ बनाती है। उत्तरदायी शासन के कारण राजनीतिक निर्णय जनता के हित में होते हैं। उदाहरण के लिए, गरीबों के लिए योजनाएँ, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ, तथा बेरोज़गारी कम करने के उपाय लोकतंत्र के माध्यम से लागू होते हैं। इस प्रकार लोकतंत्र सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समस्याओं को हल करने में सक्षम है।

अथवा

राजनीतिक दलों के चार महत्त्वपूर्ण कार्यों का उल्लेख कीजिए।
Ans.
राजनीतिक दलों के चार महत्त्वपूर्ण कार्य:

  1. सत्ता में पहुँचाना: राजनीतिक दल चुनाव लड़कर उम्मीदवारों को सत्ता तक पहुँचाते हैं।
  2. नीति निर्माण में भागीदारी: दल शासन की नीतियों और कार्यक्रमों को तैयार करने में योगदान देते हैं।
  3. जनता को जागरूक करना: दल जनता को उनके अधिकार, कर्तव्य और सामाजिक मुद्दों के बारे में जानकारी देते हैं।
  4. सामाजिक विवादों का समाधान: राजनीतिक दल विभिन्न सामाजिक और आर्थिक समस्याओं पर लोगों के मत को समाहित कर समाधान सुझाते हैं।

23. एक संसाधन के रूप में मिट्टी के महत्त्व का उल्लेख कीजिए तथा भारत में पाई जाने वाली किन्हीं दो प्रकार की मिट्टियों का वर्णन कीजिए ।
Ans.
मिट्टी का महत्त्व:
मिट्टी कृषि के लिए आवश्यक प्राकृतिक संसाधन है। यह पौधों को पोषक तत्व, जल और आधार प्रदान करती है। इसके बिना खाद्यान्न और फसल उत्पादन संभव नहीं है।

भारत में पाई जाने वाली दो प्रमुख मिट्टियाँ:

  1. काली मिट्टी: महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात में पाई जाती है। यह नमी बनाए रखने में सक्षम होती है और कपास की खेती के लिए उपयुक्त है।
  2. लाल मिट्टी: तमिलनाडु, कर्नाटका और आंध्र प्रदेश में पाई जाती है। इसमें लोहा अधिक होता है और यह दलहन व तिलहन फसलों के लिए अच्छी है।

अथवा

विदेशी व्यापार से आप क्या समझते हैं? विदेशी व्यापार को अनुकूल बनाने के लिए कोई दो सुझाव दीजिए ।
Ans.
विदेशी व्यापार का अर्थ:
विदेशी व्यापार का मतलब है देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का आयात और निर्यात। यह देशों को आवश्यक वस्तुएँ प्राप्त करने और अपने उत्पादों को अन्य देशों में बेचने का अवसर देता है।

विदेशी व्यापार को अनुकूल बनाने के दो सुझाव:

  1. निर्यात बढ़ाने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों का उत्पादन और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार पैकेजिंग।
  2. आयात पर नियंत्रण और घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नीतियाँ बनाना।

इस प्रकार, विदेशी व्यापार देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाता है।

24. भारतीय कृषि पर वैश्वीकरण के प्रभाव पर टिप्पणी कीजिए ।
Ans.
वैश्वीकरण ने भारतीय कृषि को नई तकनीक और आधुनिक मशीनों से जोड़ा। इससे उत्पादन बढ़ा और किसानों को वैश्विक बाजार तक पहुँच मिली। निर्यात के अवसर बढ़े, जिससे कुछ फसलों की कीमतों में सुधार हुआ। लेकिन वैश्वीकरण ने किसानों को मूल्य अस्थिरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियों का सामना भी कराया। छोटे किसान कभी-कभी बड़े बाजार में टिक नहीं पाते। इस प्रकार, वैश्वीकरण ने भारतीय कृषि में सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रभाव डाले हैं।

अथवा

तृतीयक क्षेत्रक अन्य क्षेत्रकों से कैसे भिन्न है? सोदाहरण व्याख्या कीजिए ।
Ans.
तृतीयक क्षेत्रक सेवा क्षेत्रक कहलाता है, क्योंकि इसका मुख्य कार्य वस्तु का निर्माण नहीं बल्कि सेवाएँ प्रदान करना है।

भिन्नताएँ:

  1. प्राथमिक क्षेत्रक – कृषि, खनन, मत्स्य पालन; कच्चा माल प्राप्त करता है।
  2. द्वितीयक क्षेत्रक – वस्त्र, इस्पात, सीमेंट; कच्चा माल से तैयार वस्तु बनाता है।
  3. तृतीयक क्षेत्रक – बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य; लोगों और उद्योगों को सेवाएँ देता है।

उदाहरण: स्कूल, अस्पताल, परिवहन और बैंक तृतीयक क्षेत्रक के अंतर्गत आते हैं।

वर्णनात्मक-2: निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए ।

25. महात्मा गाँधी द्वारा चलाए गए तीन सत्याग्रह आन्दोलनों के कारण और परिणाम बताइए ।
Ans.
महात्मा गाँधी द्वारा चलाए गए तीन प्रमुख सत्याग्रह आंदोलन, उनके कारण और परिणाम:

  1. असहयोग आन्दोलन (1920-1922):
  • कारण: जलियाँवाला बाग हत्याकाण्ड और खादी उद्योग के माध्यम से अंग्रेज़ों के आर्थिक व राजनीतिक प्रभाव को कम करना।
  • परिणाम: भारतीयों में राष्ट्रवादी चेतना बढ़ी; ब्रिटिश वस्त्र बहिष्कार और स्कूल-कॉलेजों का बहिष्कार हुआ।
  1. नमक सत्याग्रह (1930):
  • कारण: अंग्रेजों द्वारा लगाए गए नमक कर और आम जनता को नमक बनाने से रोका जाना।
  • परिणाम: अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को पहचान मिली; ब्रिटिश दमन के बावजूद जनता का समर्थन बढ़ा।
  1. किसान सत्याग्रह (1928-1931):
  • कारण: ब्रिटिश कर और ज़मींदारी नीति के विरोध में किसानों की समस्याएँ।
  • परिणाम: किसानों के अधिकारों पर ध्यान गया; सरकार ने कर नीति में कुछ सुधार किए।

इन तीन सत्याग्रह आंदोलनों ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को व्यापक जन समर्थन और राजनीतिक दबाव प्रदान किया।

अथवा

सविनय अवज्ञा आन्दोलन कब चलाया गया ? यह क्यों चलाया गया ? इसका क्या प्रभाव पड़ा ?
Ans.
सविनय अवज्ञा आन्दोलन (1930):

कब: 6 अप्रैल 1930 को महात्मा गाँधी ने इसे शुरू किया।

क्यों: अंग्रेज़ सरकार ने आम जनता पर नमक बनाने और खरीदने पर कर लगाया था। यह कर गरीबों के लिए अत्यधिक था। गांधीजी ने इसे अन्यायपूर्ण मानते हुए कानून का शांतिपूर्ण उल्लंघन करने का निर्णय लिया।

कैसे: गांधीजी ने समुद्र से नमक बनाया और जनता को भी इसमें भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। यह आंदोलन पूरे देश में फैल गया।

प्रभाव:

  1. अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को मान्यता मिली।
  2. जनता में राजनीतिक जागरूकता और एकता बढ़ी।
  3. ब्रिटिश सरकार पर दबाव पड़ा, और स्वतंत्रता की मांग और मजबूत हुई।
  4. गरीब और ग्रामीण वर्ग सीधे आंदोलन में शामिल हुए, जिससे आम जनता की भागीदारी बढ़ी।

इस प्रकार, सविनय अवज्ञा आन्दोलन ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को निर्णायक गति दी।

26. “भारत में चुनाव कभी-कभी जातियों पर ही निर्भर करते हैं।” क्यों? इस स्थिति से छुटकारा पाने के लिए कोई दो उपाय सुझाइए ।
Ans.
भारत में चुनाव और जातियों का प्रभाव:

भारत में चुनाव कभी-कभी जातियों पर निर्भर इसलिए होते हैं क्योंकि सामाजिक संरचना में जातियों का बड़ा महत्व है। कई क्षेत्रों में राजनीतिक दल अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए जातिगत समीकरण और वोट बैंक का उपयोग करते हैं। लोग अक्सर अपने जाति समूह के उम्मीदवारों को वोट देते हैं, जिससे चुनाव परिणाम पर जातियों का असर पड़ता है।

छुटकारा पाने के उपाय:

  1. शिक्षा और जागरूकता बढ़ाना: लोगों को चुनाव में जाति के बजाय उम्मीदवार की योग्यता, नीतियों और नेतृत्व कौशल के आधार पर वोट देने के लिए प्रेरित करना।
  2. राजनीतिक दलों में सुधार: दलों को अधिक पारदर्शिता और समावेशी उम्मीदवार चयन प्रक्रिया अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना।

इस प्रकार, शिक्षा और पारदर्शी राजनीति से चुनावों में जातिगत प्रभाव को कम किया जा सकता है और लोकतंत्र मजबूत बन सकता है।

अथवा

भारत में संघीय व्यवस्था की किन्हीं चार विशेषताओं की व्याख्या कीजिए ।
Ans.
भारत में संघीय व्यवस्था की चार विशेषताएँ:

  1. केंद्र और राज्य के अधिकारों का वितरण:
    भारतीय संविधान में केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियाँ स्पष्ट रूप से बाँटी गई हैं। केंद्र और राज्य अपनी-अपनी सूची के अनुसार शासन करते हैं।
  2. सुप्रीम कानून (संविधान):
    संविधान सर्वोच्च है। केंद्र और राज्यों की कोई भी नीति या कानून संविधान के विपरीत नहीं हो सकता।
  3. विकेन्द्रीकरण:
    शक्ति का विकेन्द्रीकरण किया गया है ताकि राज्यों को अपनी प्रशासनिक और आर्थिक नीतियाँ बनाने का अधिकार हो।
  4. संघीय न्यायपालिका:
    विवाद या अधिकार संघर्ष होने पर उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय इसे सुलझाता है। यह संघीय ढांचे को बनाए रखने में मदद करता है।

निष्कर्ष:
इन विशेषताओं के कारण भारत में संघीय व्यवस्था मजबूत और संतुलित है, जो केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय सुनिश्चित करती है।

27. चावल की खेती हेतु उपयुक्त भौगोलिक दशाओं की विवेचना कीजिए तथा भारत में किन्हीं तीन प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों का उल्लेख कीजिए ।
Ans.
चावल की खेती के लिए उपयुक्त भौगोलिक दशाएँ:

चावल एक नमी-संवेदनशील फसल है। इसके लिए निम्नलिखित दशाएँ आवश्यक हैं:

  1. जलवायु: गर्म और नम मौसम (तापमान 20–35°C)।
  2. वृष्टि: पर्याप्त वर्षा या सिंचाई की सुविधा।
  3. मिट्टी: जलोढ़, उपजाऊ और पानी रोके रखने वाली मिट्टी।
  4. भूमि: मैदान क्षेत्र और नदी घाटी जहाँ जल निकासी उचित हो।

भारत के तीन प्रमुख चावल उत्पादक क्षेत्र:

  1. पश्चिम बंगाल – हाइलैंड और नदी घाटी में उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी।
  2. उत्तर प्रदेश – गंगा और यमुना के मैदान।
  3. पुडुचेरी/पंजाब/आंध्र प्रदेश – सिंचाई योग्य मैदान और उपजाऊ मिट्टी।

निष्कर्ष:
इन भौगोलिक दशाओं के कारण चावल की खेती भारत के इन क्षेत्रों में मुख्य रूप से होती है और यह staple फसल के रूप में महत्वपूर्ण है।

अथवा

अभ्रक की उपयोगिता की विवेचना कीजिए एवं भारत में इसके किन्हीं दो उत्पादक क्षेत्रों का भी वर्णन कीजिए ।
Ans.
अभ्रक की उपयोगिता:

अभ्रक (Mica) एक महत्वपूर्ण खनिज है। इसका मुख्य उपयोग विद्युत् और इलेक्ट्रॉनिक उद्योग में होता है क्योंकि यह विद्युत् का अच्छा इन्सुलेटर है। इसके अलावा इसे रंग, पेंट, प्लास्टिक, और सजावटी सामग्री में भी इस्तेमाल किया जाता है। अभ्रक की गर्मी और आर्द्रता सहने की क्षमता इसे उद्योगों में और भी मूल्यवान बनाती है।

भारत में प्रमुख उत्पादक क्षेत्र:

  1. झारखंड: बिहार और झारखंड की सीमा वाले क्षेत्र में अभ्रक के बड़े खदानें हैं।
  2. राजस्थान: सिरोही और उदयपुर जिलों में अभ्रक खनन होता है।

निष्कर्ष:
अभ्रक उद्योग और घरेलू उत्पादन में अत्यंत उपयोगी खनिज है। भारत में इसके खनन और उत्पादन से रोजगार और विदेशी आय का स्रोत मिलता है।

28. विश्व व्यापार संगठन (WTO) के क्रियाकलापों का वर्णन कीजिए ।
Ans.
विश्व व्यापार संगठन (WTO) के क्रियाकलाप:

विश्व व्यापार संगठन (WTO) का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच वैश्विक व्यापार को सरल, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है। इसके प्रमुख क्रियाकलाप हैं:

  1. व्यापार नीतियों का नियमबद्ध करना: WTO अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के नियम बनाता है और सभी सदस्य देशों को उनका पालन करना पड़ता है।
  2. विवाद समाधान: किसी देश के व्यापारिक विवाद होने पर WTO निष्पक्ष समाधान प्रदान करता है।
  3. व्यापार में पारदर्शिता: सदस्य देशों को व्यापार नीति, आयात-निर्यात नियम और शुल्क में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी होती है।
  4. वैश्विक व्यापार में सहयोग: गरीब और विकासशील देशों को व्यापार में भागीदारी बढ़ाने और तकनीकी सहायता प्रदान करने में मदद करता है।

निष्कर्ष:
WTO के क्रियाकलाप वैश्विक व्यापार को सुचारू, संतुलित और न्यायसंगत बनाने में सहायक हैं।

अथवा

संगठित एवं असंगठित क्षेत्रकों में विभेद कीजिए एवं असंगठित क्षेत्रक के कर्मचारियों की समस्याओं की विवेचना कीजिए ।
Ans.
संगठित और असंगठित क्षेत्रक में भेद:

  1. संगठित क्षेत्रक:
  • इसमें सरकारी और बड़ी निजी कंपनियाँ आती हैं।
  • कर्मचारी स्थायी होते हैं और उन्हें वेतन, छुट्टियाँ, पेंशन और अन्य लाभ मिलते हैं।
  • उदाहरण: बैंक, सरकारी कार्यालय, इस्पात और सीमेंट उद्योग।
  1. असंगठित क्षेत्रक:
  • इसमें छोटे व्यवसाय, घर-घर काम और अस्थायी मजदूरी वाले काम आते हैं।
  • कर्मचारी अस्थायी और अनौपचारिक होते हैं, जिनके पास सामाजिक सुरक्षा या स्थायी वेतन नहीं होता।
  • उदाहरण: ठेले वाला, घरेलू नौकर, छोटा कारीगर।

असंगठित क्षेत्रक के कर्मचारियों की समस्याएँ:

  • कम वेतन और अस्थिर आय।
  • नौकरी की सुरक्षा का अभाव।
  • सामाजिक सुरक्षा और बीमा की कमी।
  • लंबे समय तक काम के बावजूद कोई पेंशन या छुट्टियाँ नहीं।

निष्कर्ष:
असंगठित क्षेत्रक में काम करने वालों की स्थिति कमजोर होती है और इन्हें सामाजिक सुरक्षा और लाभ देने की आवश्यकता है।

(मानचित्र-सम्बन्धी प्रश्न)

29. (क) निम्नलिखित स्थानों को भारत के दिए गए रेखा-मानचित्र (पृष्ठ 13 पर) में. चिह्न द्वारा  नाम सहित दर्शाइए । सही नाम तथा सही स्थान अंकन हेतु अंक निर्धारित है।

(i) वह स्थान जहाँ भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस का अधिवेशन सितम्बर, 1920 में हुआ था।

(ii) वह स्थान जहाँ महात्मा गाँधी ने नमक कानून तोड़ा ।

(iii) वह नगर जहाँ जलियाँवाला बाग हत्याकाण्ड हुआ ।

(iv) वह जनपद जहाँ चौरी-चौरा की घटना घटित हुई ।

(v) वह स्थान जहाँ महात्मा गाँधी ने किसान-सत्याग्रह आन्दोलन चलाया ।

Ans.

(i) भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस का अधिवेशन, सितम्बर 1920अहमदाबाद (गुजरात)

(ii) महात्मा गाँधी ने नमक कानून तोड़ाधारावार/ढोला (गुजरात)

(iii) जलियाँवाला बाग हत्याकाण्डअमृतसर (पंजाब)

(iv) चौरी-चौरा की घटनाचौरी-चौरा (उत्तर प्रदेश)

(v) किसान-सत्याग्रह आन्दोलनबेरिया/बिहार

29. (ख) निम्नलिखित स्थानों को भारत के दिए गए रेखा-मानचित्र (पृष्ठ 15 पर) में, चिह्न द्वारा नाम सहित दर्शाइए । सही नाम तथा सही स्थान अंकन हेतु अंक निर्धारित है।

(i) इस प्रदेश की राजधानी चिह्न द्वारा नाम सहित ।

(ii) दक्षिण भारत की एक प्रमुख नदी चिह्न द्वारा नाम सहित ।

(iii) भारत के पूर्वी तट का एक समुद्री-पत्तन (बन्दरगाह) चिह्न द्वारा नाम सहित ।

(iv) भारत का कोई एक चाय उत्पादक क्षेत्र चिह्न द्वारा नाम सहित ।

(v) भारत का कोई एक परमाणु ऊर्जा केन्द्र चिह्न द्वारा नाम सहित ।

Ans.

(i) प्रदेश की राजधानी – भोपाल (मध्य प्रदेश)

(ii) दक्षिण भारत की प्रमुख नदी – गोदावरी

(iii) पूर्वी तट का समुद्री-पत्तन (बन्दरगाह) – विशाखापत्तनम

(iv) चाय उत्पादक क्षेत्र – दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल)

(v) परमाणु ऊर्जा केन्द्र – तारापुर (महाराष्ट्र)

(केवल दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों के लिए प्रश्न संख्या 29 (क) के मानचित्र कार्य के विकल्प स्वरूप)

निर्देश : निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर अपनी उत्तर-पुस्तिका में लिखिए। मानचित्र का प्रयोग न कीजिए ।

(i) भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस का अधिवेशन सितम्बर, 1920 में कहाँ हुआ था ?

(ii) महात्मा गाँधी ने नमक कानून किस स्थान पर तोड़ा ?

(iii) जलियाँवाला बाग हत्याकाण्ड किस नगर में हुआ था ?

(iv) चौरी-चौरा की घटना किस जनपद में घटित हुई ?

(v) महात्मा गाँधी ने किसान-सत्याग्रह आन्दोलन किस स्थान पर चलाया ?

Ans. आपने 29(ख) के सभी उत्तर बिल्कुल सही तरीके से लिखे हैं:

  1. प्रदेश की राजधानी: भोपाल (मध्य प्रदेश)
  2. दक्षिण भारत की प्रमुख नदी: गोदावरी
  3. पूर्वी तट का समुद्री-पत्तन (बंदरगाह): विशाखापत्तनम
  4. चाय उत्पादक क्षेत्र: दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल)
  5. परमाणु ऊर्जा केन्द्र: तारापुर (महाराष्ट्र)

(केवल दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों के लिए प्रश्न संख्या 29 (ख) के मानचित्र-कार्य के विकल्प स्वरूप)

निर्देश: निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर अपनी उत्तर-पुस्तिका में लिखिए। मानचित्र का प्रयोग न कीजिए ।

(i) इस राज्य की राजधानी का नाम लिखिए ।

(ii) दक्षिण भारत की एक प्रमुख नदी का नाम लिखिए ।

(iii) भारत के पूर्वी तट के एक समुद्री-पत्तन (बन्दरगाह) का नाम लिखिए ।

(iv) भारत के किसी एक चाय उत्पादक क्षेत्र का नाम लिखिए ।

(v) भारत के किसी एक परमाणु ऊर्जा केन्द्र का नाम लिखिए ।

Ans.

(i) राज्य की राजधानी: भोपाल (मध्य प्रदेश)
(ii) दक्षिण भारत की प्रमुख नदी: गोदावरी
(iii) पूर्वी तट का समुद्री-पत्तन (बंदरगाह): विशाखापत्तनम
(iv) चाय उत्पादक क्षेत्र: दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल)
(v) परमाणु ऊर्जा केन्द्र: तारापुर (महाराष्ट्र)

मेरा नाम सुनीत कुमार सिंह है। मैं कुशीनगर, उत्तर प्रदेश का निवासी हूँ। मैं एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हूं।

Leave a Comment