U.P Board Class 10 Science 824 (IJ) Question Paper 2024 का उत्तर आप यहाँ से प्राप्त कर सकते हैं। जिसका कोई भी शुल्क आपसे नहीं लिया जायेगा। आइये विस्तार से सभी प्रश्नो को जानते हैं।
सत्र – 2024
विज्ञान
समय: तीन घण्टे 15 मिनट पूर्णांक: 70
नोट : प्रारम्भ के 15 मिनट परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए निर्धारित हैं।
निर्देश:
i) प्रश्नपत्र दो खण्डों – खण्ड-अ तथा खण्ड-ब में विभाजित है।
ii) खण्ड-अ तथा खण्ड-ब तीन उपभागों – उपभागों (1), (2), (3) में विभाजित हैं।
iii) प्रश्नपत्र के खण्ड-अ में बहुविकल्पीय प्रश्न हैं जिनमें सही विकल्प का चुनाव कर ओ०एम०आर० उत्तर पत्रक पर नीले अथवा काले बॉल प्वाइंट पेन से सही विकल्प वाले गोले को पूर्ण रूप से भरें। ओ० एम० आर० उत्तर पत्रक पर उत्तर देने के पश्चात उसे नहीं काटें तथा इरेजर अथवा ह्राइटनर का प्रयोग न करें।
iv) खण्ड-अ में बहुविकल्पीय प्रश्न हेतु प्रत्येक प्रश्न के लिए 1 अंक निर्धारित है।
v) खण्ड-ब में वर्णनात्मक प्रश्न हैं।
vi) प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उनके निर्धारित अंक दिये गये हैं।
vii) खण्ड-ब के प्रत्येक उपभाग के सभी प्रश्न एक साथ करना आवश्यक है। प्रत्येक उपभाग नए पृष्ठ से प्रारम्भ किया जाए।
viii) सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
खण्ड अ (बहुविकल्पीय प्रश्न)
उपभाग (1)
1. उत्तल दर्पण से प्रतिबिम्ब सदैव बनता है:
(A) वक्रता केन्द्र तथा फोकस के बीच
(B) वक्रता केन्द्र तथा अनन्त के बीच
(C) ध्रुव तथा फोकस के बीच
(D) कहीं भी बन सकता है, वह वस्तु की स्थिति पर निर्भर करता है
Ans. (C) ध्रुव तथा फोकस के बीच
2. जब प्रकाश किरणें एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाने पर अभिलंब से दूर हटती है तो वह-
(A) सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाती है
(B) विरल माध्यम से सघन माध्यम में जाती है
(C) कम अपवर्तनांक वाले माध्यम से अधिक अपवर्तनांक वाले माध्यम में जाती हैं
(D) पारदर्शी माध्यम से अपारदर्शी माध्यम में जाती है
Ans. (A) सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाती है
3. एक उत्तल लेंस की फोकस दूरी 15 सेमी है। इससे 30 सेमी की दूरी पर स्थित वस्तु का प्रतिबिम्ब बनेगा –
(A) 30 सेमी पर वस्तु की ओर वास्तविक उल्टा, वस्तु के आकार का
(B) 30 सेमी पर वस्तु के दसरी ओर वास्तविक, उल्टा, वस्तु के आकार का
(C) 15 सेमी पर वस्तु के दसरी ओर वास्तविक, उल्टा, वस्तु के आकार का
(D) 15 सेमी पर बस्तु की ओर आभासी, सीधा, वस्तु के आकार का
Ans. (B) 30 सेमी पर वस्तु के दसरी ओर वास्तविक, उल्टा, वस्तु के आकार का
4. जब श्वेत प्रकाश एक प्रिज़्म से गुज़रता है, तो निर्गत प्रकाश में प्रिज़्म के आधार से दूरस्थ प्रकाश का रंग होता है :
(A) लाल
(B) पीला
(C) नीला
(D) बैंगनी
Ans. (D) बैंगनी
5. ऐम्पियर-सेकण्ड किसका मात्रक है?
(A) विद्युत ऊर्जा का
(B) विद्युत-वाहक बल (ई.एम.एफ.) का
(C) आवेश का
(D) वैद्युत धारा का
Ans. (C) आवेश का
6. एक सेल से R₁ तथा R₂ दो प्रतिरोधों के दो तार समान्तर क्रम में जोड़े जाते हैं। यदि उनमें प्रवाहित धाराएँ क्रमशः i₁ तथा 12 एवं प्रति सेकण्ड उत्पन्न ऊष्माएँ क्रमशः H₁ तथा H₂ हों, तो ऊष्माओं का अनुपात है :
(A) H1/H2 = R2/R1
(B) H1/H2 = R1/R2
(C) H1/H2 = i12/i22
(D) H1/H2 = i2/i1
Ans. (A) H1/H2 = R2/R1
7. चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता का मात्रक है:
(A) न्यूटन /ऐम्पियर.मीटर2
(B) न्यूटन/ऐम्पियर-मीटर
(C) न्यूटन-ऐम्पियर.मीटर
(D) न्यूटन2/ऐम्पियर-मीटर
Ans.
8. मेथैन का संरचनात्मक सूत्र है:

Ans. (B)
H
|
H – C – H
|
H
9. निम्नलिखित में समजातीय श्रेणी है :
(A) C2H4, CH4
(B) CH4. C2H6
(C) C2H6 , CH3OH
(D) C2H4 , C2H2
Ans. (B) CH4. C2H6
10. लेड नाइट्रेट का रासायनिक सूत्र है :
(A) Pb (NO3)2
(B) PbO
(C) Pb (NO2)2
(D) PHNO2
Ans. (A) Pb (NO3)2
11. शुद्ध जल का pH मान है:
(A) 0
(B) 1
(C) 7
(D) 14
Ans. (C) 7
12. ऐन्टिमनी है:
(A) धातु
(B) अयानु
(C) उपधातु
(D) मिश्रधातु
Ans. (C) उपधातु
13. निम्नलिखित रासायनिक समीकरण को पूरा कीजिए: CH3COOH + C₂H5OH → …….. + H₂)
(A) CH3OH
(B) C2H5OH
(C) CH3COOC2H6
(D) CH3CH2COOH
Ans. (C) CH3COOC2H6
14. कोशिकीय प्रक्रम में ऊर्जा मुद्रा है:
(A) माइटोकॉन्ड्रिया
(B) ए.टी.पी.
(C) ग्लूकोज़
(D) पाइरुवेट
Ans. (B) ए.टी.पी.
15. पित्त रस का स्राव होता है:
(A) पित्ताशय द्वारा
(B) यकृत द्वारा
(C) अग्न्याशय द्वारा
(D) आमाशय द्वारा
Ans. (B) यकृत द्वारा
16. परागकोष में होते हैं:
(A) बाह्यदल
(B) अंडाशय
(C) बीजांड
(D) परागकण
Ans. (D) परागकण
17. पत्तियों पर कलियाँ विकसित होती हैं:
(A) पुदीना में
(B) आलू में
(C) ब्रायोफिलम में
(D) इनमें से सभी
Ans. (C) ब्रायोफिलम में
18. एकलिंगी फूल का उदाहरण है:
(A) पपीते का फूल
(B) गुलाब का फूल
(C) सरसों का फूल
(D) आम का फूल
Ans. (A) पपीते का फूल
19. एक स्वस्थ मनुष्य में सामान्य रक्त दाब होता है:
(A) 140/80
(B) 120/80
(C) 135/100
(D) 125/115
Ans. (B) 120/80
20. निम्नलिखित में से कौन-सा आहार श्रृंखला का निर्माण करता है?
(A) घास, गेहूं और आम
(B) घास, बकरी और मानव
(C) बकरी, गाय और हाथी
(D) घास, मछली और बकरी
Ans. (B) घास, बकरी और मानव
खण्ड -ब वर्णनात्मक प्रश्न
उप-भाग -1
21. एक उत्तल दर्पण से 25 सेमी दूर रखी वस्तु का प्रतिबिम्ब वस्तु की लम्बाई का आधा बनता है ।
Ans. दिया गया:
वस्तु दूरी u = –25 cm
आवर्धन m = +1/2
सूत्र:
m = –v/u
v = +12.5 cm
फोकस दूरी:
1/f = 1/v + 1/u
f ≈ 8.3 cm
(i) दर्पण से प्रतिबिम्ब की दूरी, तथा (ii) दर्पण की फोकत दूरी ज्ञात कीजिए ।
Ans. (i) प्रतिबिम्ब दूरी = 12.5 cm
(ii) फोकस दूरी = 8.3 cm
22. (i) अभिसारी किरणों के मार्ग में अवतल लेंस रखने पर किरणें लेंस से 20 सेमी पीछे अक्ष पर फोकस होती हैं।
Ans. दिया है :
अवतल लेंस के बाद फोकस दूरी (प्रतिबिम्ब दूरी)
अवतल लेंस की फोकस दूरी
लेंस सूत्र :
मान रखने पर,
(ii) लेंस की अनुपस्थिति में, ये किरणें कहाँ फोकस होती हैं? लेंस की फोकस दूरी 30 सेमी है।
Ans. भाग (i) से हमें प्राप्त हुआ कि अवतल लेंस पर पड़ने वाली अभिसारी किरणें लेंस से 12 सेमी आगे फोकस होने वाली थीं।
अतः यदि लेंस हटा दिया जाए, तो किरणों के मार्ग में कोई परिवर्तन नहीं होगा और वे अपने मूल फोकस बिंदु पर ही मिलेंगी।
लेंस की अनुपस्थिति में अभिसारी किरणें लेंस की स्थिति से 12 सेमी आगे, मुख्य अक्ष पर फोकस होती हैं।
23. 2Ω, 3Ω तथा 6Ω की तीन प्रतिरोधों को किस प्रकार जोड़ा जाए, ताकि (i) 4Ω, तथा (ii) 1Ω का तुल्य प्रतिरोध प्राप्त हो ?
Ans. (i) 4Ω का तुल्य प्रतिरोध प्राप्त करने हेतु
- पहले 3Ω तथा 6Ω प्रतिरोधों को समान्तर क्रम में जोड़ें।
- अब इस 2Ω तुल्य प्रतिरोध को 2Ω वाले प्रतिरोध के साथ श्रेणीक्रम में जोड़ दें।
अतः
3Ω और 6Ω को समान्तर तथा उनसे प्राप्त संयोजन को 2Ω के साथ श्रेणीक्रम में जोड़ने पर 4Ω तुल्य प्रतिरोध प्राप्त होता है।
(ii) 1Ω का तुल्य प्रतिरोध प्राप्त करने हेतु
- 2Ω, 3Ω तथा 6Ω तीनों प्रतिरोधों को समान्तर क्रम में जोड़ें।
24. घरेलू विद्युत वितरण में प्रयुक्त तारों के (i) नाम, (ii) कार्य, तथा (iii) आवरण के रंग को लिखिए ।
Ans. घरेलू विद्युत वितरण में तीन प्रकार के तार प्रयुक्त होते हैं:
| क्रम | तार का नाम | कार्य | आवरण का रंग |
|---|---|---|---|
| (i) | फेज (Live) तार | उपकरणों तक विद्युत धारा पहुँचाता है | लाल |
| (ii) | न्यूट्रल तार | धारा को वापस विद्युत स्रोत तक ले जाता है | काला |
| (iii) | अर्थ (Earth) तार | रिसाव धारा को पृथ्वी में भेजकर सुरक्षा प्रदान करता है | हरा |
अथवा
धारावाही चालक के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र किन-किन कारकों पर निर्भर करता है ? चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करने के लिए प्रयुक्त नियम का नाम लिखकर उसे स्पष्ट कीजिए ।
Ans. चुम्बकीय क्षेत्र किन कारकों पर निर्भर करता है
धारावाही चालक के चारों ओर उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र निम्नलिखित कारकों पर निर्भर करता है—
- धारा की मात्रा
जितनी अधिक धारा प्रवाहित होगी, चुम्बकीय क्षेत्र उतना ही अधिक प्रबल होगा। - चालक से दूरी
चालक से दूरी बढ़ने पर चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता कम हो जाती है। - माध्यम का स्वभाव
जिस माध्यम (जैसे वायु, लौह, निर्वात) में चालक रखा जाता है, उस पर भी चुम्बकीय क्षेत्र निर्भर करता है।
चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करने का नियम
नियम का नाम : दाएँ हाथ का अंगूठा नियम (Right Hand Thumb Rule)
स्पष्टीकरण : यदि किसी सीधे धारावाही चालक को दाएँ हाथ में इस प्रकार पकड़ें कि अंगूठा धारा की दिशा में हो, तो मुड़ी हुई उंगलियाँ चालक के चारों ओर उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा बताती हैं।
उप-भाग 2
25. निम्नलिखित यौगिकों के संरचनात्मक सूत्र लिखिए:
(i) एथैनोइक अम्ल
(ii) मेथैनैल
(iii) 1-क्लोरोप्रोपेन
(iv) नाइट्रोमेथैन
Ans. (i) एथैनोइक अम्ल (Ethanoic acid)
संरचनात्मक सूत्र:
CH₃–COOH
O
||
CH3—C—OH
(ii) मेथैनैल (Methanal)
संरचनात्मक सूत्र:
H–CHO
O
||
H—C—H
(iii) 1-क्लोरोप्रोपेन (1-Chloropropane)
संरचनात्मक सूत्र:
CH₃–CH₂–CH₂Cl
(iv) नाइट्रोमेथैन (Nitromethane)
संरचनात्मक सूत्र:
CH₃–NO₂
O
||
CH3—N—O
26. (i) विद्युत-रासायनिक श्रेणी को स्पष्ट कीजिए और इसके दो अनुप्रयोग लिखिए ।
Ans. धातुओं (तथा हाइड्रोजन) को उनकी इलेक्ट्रॉन देने या लेने की प्रवृत्ति अर्थात क्रियाशीलता के घटते/बढ़ते क्रम में व्यवस्थित सूची को विद्युत-रासायनिक श्रेणी कहते हैं।
दो अनुप्रयोग :
- धातुओं के निष्कर्षण में – अधिक क्रियाशील धातुओं को कम क्रियाशील धातुओं से अलग करने में सहायता मिलती है।
- विस्थापन अभिक्रिया की भविष्यवाणी में – यह बताया जा सकता है कि कौन-सी धातु किसी अन्य धातु को उसके लवण से विस्थापित करेगी।
(ii) मिश्रधातु किसे कहते हैं ? कॉपर की दो प्रमुख मिश्रधातुओं के नाम व उपयोग लिखिए ।
Ans. दो या दो से अधिक धातुओं (या धातु व अधातु) को निश्चित अनुपात में मिलाकर बनाया गया समरूप मिश्रण मिश्रधातु कहलाता है।
कॉपर (ताँबा) की दो प्रमुख मिश्रधातुएँ व उपयोग :
- पीतल (Brass = कॉपर + जिंक)
उपयोग : बर्तन, नल, सजावटी वस्तुएँ। - काँसा (Bronze = कॉपर + टिन)
उपयोग : मूर्तियाँ, सिक्के, पदक।
27. (i) निम्नलिखित बौगिकों का IUPAC वाम लिखिए :
(a) HCHO
(b) CH3-CH=CH2
Ans. (a) HCHO
IUPAC नाम : मेथैनैल (Methanal)
(b) CH₃–CH=CH₂
IUPAC नाम : प्रोपीन (Propene)
(ii) कार्बन की संयोजकता पर एक संक्षिन टिप्पणी लिखिए।
Ans. कार्बन की संयोजकता 4 होती है, क्योंकि इसके बाह्यतम कक्षा में चार इलेक्ट्रॉन होते हैं और यह चार सहसंयोजक बंध बना सकता है। इसी कारण कार्बन एक ही समय में चार परमाणुओं से जुड़ने की क्षमता रखता है।
कार्बन एकल, द्वि तथा त्रि बंध बना सकता है, जिससे यह अनेक प्रकार के यौगिक बनाता है। कार्बन की इसी चतुर्संयोजकता के कारण कार्बनिक यौगिकों की संख्या बहुत अधिक पाई जाती है।
(iii) बोकेंग पाउडर (खाने का सोडा) का रासायनिक नाम व अणु सूत्र लिखिए। बेकिंग पाउडर को गर्म करने पर क्या होता है ?
Ans. रासायनिक नाम :
सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट
अणु (रासायनिक) सूत्र :
NaHCO₃
बेकिंग सोडा को गर्म करने पर यह अपघटन अभिक्रिया करता है और सोडियम कार्बोनेट, कार्बन डाइऑक्साइड तथा जल बनाता है।
रासायनिक समीकरण :
CO₂ गैस निकलने के कारण केक/ब्रेड फूले और नरम हो जाते हैं।
अथवा
निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए :
(i) द्वि-विस्थापन अभिक्रिया
(ii) उदासीनीकरण अभिक्रिया
(iii) योगात्मक अभिक्रिया
Ans. (i) द्वि-विस्थापन अभिक्रिया (Double Displacement Reaction)
जिस रासायनिक अभिक्रिया में दो यौगिक आपस में अपने आयनों का आदान-प्रदान करके दो नए यौगिक बनाते हैं, उसे द्वि-विस्थापन अभिक्रिया कहते हैं। अक्सर इसमें अवक्षेप का निर्माण होता है।
उदाहरण :
(ii) उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralization Reaction)
जब कोई अम्ल किसी क्षार से अभिक्रिया करके लवण और जल बनाता है, तो उसे उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते हैं।
उदाहरण :
(iii) योगात्मक अभिक्रिया (Addition Reaction)
जिस अभिक्रिया में दो या अधिक पदार्थ मिलकर एक ही उत्पाद बनाते हैं, उसे योगात्मक अभिक्रिया कहते हैं। यह अभिक्रिया प्रायः असंतृप्त यौगिकों में होती है।
उदाहरण :
28. एक तंत्रिकोशिका (न्यूरॉन) की संरचना का नामांकित चित्र बनाइए तथा इसके कार्यों का वर्णन कीजिए ।
Ans. तंत्रिकोशिका या न्यूरॉन तंत्रिका तंत्र की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है। मानव शरीर में सभी प्रकार की सूचनाएँ जैसे—स्पर्श, दर्द, ताप, प्रकाश, ध्वनि आदि का संचार न्यूरॉनों द्वारा ही होता है।
(क) न्यूरॉन की संरचना
न्यूरॉन मुख्य रूप से तीन भागों से मिलकर बना होता है:
1. डेंड्राइट्स
- ये कोशिका देह से निकली छोटी-छोटी शाखाएँ होती हैं।
- इनका कार्य बाह्य उद्दीपनों या अन्य न्यूरॉनों से तंत्रिका आवेग ग्रहण करना है।
- ये आवेगों को कोशिका देह तक पहुँचाती हैं।
2. कोशिका देह (सायटोन / Cell body)
- यह न्यूरॉन का मुख्य भाग होता है।
- इसमें केन्द्रक (Nucleus), साइटोप्लाज्म और अन्य कोशिकांग पाए जाते हैं।
- यह डेंड्राइट्स से प्राप्त आवेगों को संगठित व नियंत्रित करता है।
3. ऐक्सॉन (Axon)
- यह कोशिका देह से निकला एक लंबा तंतु होता है।
- ऐक्सॉन पर प्रायः मायलिन आवरण पाया जाता है, जो आवेगों के संचार की गति बढ़ाता है।
- ऐक्सॉन के अंतिम सिरे पर ऐक्सॉन सिराएँ (Synaptic knobs) होती हैं, जो अगले न्यूरॉन या मांसपेशी तक संदेश पहुँचाती हैं।
न्यूरॉन का नामांकित

न्यूरॉन के कार्य
- उद्दीपन को ग्रहण करना
डेंड्राइट्स बाहरी वातावरण से प्राप्त संकेतों को ग्रहण करते हैं। - तंत्रिका आवेगों का संचरण
आवेग कोशिका देह से ऐक्सॉन द्वारा आगे पहुँचाया जाता है। - सूचना का आदान-प्रदान
न्यूरॉन एक-दूसरे से जुड़कर मस्तिष्क, मेरुरज्जु और शरीर के अंगों तक सूचना पहुँचाते हैं। - शरीर की क्रियाओं का नियंत्रण
चलना, बोलना, सोचना, प्रतिक्रिया देना—ये सभी कार्य न्यूरॉनों द्वारा नियंत्रित होते हैं।
29. लिंग गुणसूत्र से आप क्या समझते हैं? मानव में मैंया निर्धारण की प्रक्रिया को समझाइए ।
Ans. लिंग गुणसूत्र क्या हैं?
- लिंग गुणसूत्र (Sex Chromosomes) ऐसे गुणसूत्र होते हैं जो किसी जीव का लिंग (पुरुष या महिला) तय करते हैं।
- मानव में 46 गुणसूत्र होते हैं, जिनमें 44 शरीरक (Autosomes) और 2 लिंग गुणसूत्र होते हैं।
- स्त्री (महिला) – XX
- पुरुष – XY
X और Y गुणसूत्र लिंग निर्धारण में भूमिका निभाते हैं।
(ख) मानव में लिंग निर्धारण (Sex Determination in Humans)
- मानव अंडाणु (Egg) में एक X गुणसूत्र होता है।
- मानव शुक्राणु (Sperm) में X या Y गुणसूत्र हो सकता है।
- निषेचन (Fertilization) में –
- यदि X-स्पर्म अंडाणु से मिलती है → XX = महिला
- यदि Y-स्पर्म अंडाणु से मिलती है → XY = पुरुष
अर्थात्, मानव में लिंग निर्धारण पिता के शुक्राणु द्वारा होता है।
सारणी द्वारा समझना
| अंडाणु (Egg) | शुक्राणु (Sperm) | संतान का लिंग |
|---|---|---|
| X | X | XX → महिला |
| X | Y | XY → पुरुष |
30. उत्पादक तथा उपभोक्ता में चार अन्तर लिखिए।
Ans. उत्पादक और उपभोक्ता में अंतर-
| क्रम | उत्पादक (Producer) | उपभोक्ता (Consumer) |
|---|---|---|
| 1 | स्वपोषी होते हैं, स्वयं भोजन बनाते हैं (जैसे हरे पौधे) | परपोषी होते हैं, भोजन दूसरों से प्राप्त करते हैं (जैसे पशु) |
| 2 | सूर्य की ऊर्जा का उपयोग करके भोजन बनाते हैं | सीधे सूर्य की ऊर्जा का उपयोग नहीं करते |
| 3 | खाद्य श्रृंखला के आधार होते हैं | उत्पादकों पर निर्भर रहते हैं |
| 4 | ऊर्जा का स्रोत और निर्माण करते हैं | ऊर्जा का उपभोग करते हैं |
31. मानव हृदय की अनुदैर्ध्य काट का नामांकित चित्र की सहायता से मानव हृदय की संरचना का वर्णन कीजिए ।
Ans. मानव हृदय एक पेशीय अंग है जो छाती के मध्य भाग में, स्तनहड्डी के पीछे और फेफड़ों के बीच स्थित होता है। यह रक्त को शरीर और फेफड़ों में पंप करता है। आकार में यह लगभग मुट्ठी के बराबर होता है। हृदय का कार्य शरीर में ऑक्सीजनयुक्त और कार्बन डाइऑक्साइड युक्त रक्त का संचार करना है।

मानव हृदय की संरचना (नामांकित)
- कक्ष (Chambers)
मानव हृदय में कुल चार कक्ष होते हैं:- दायाँ आलिंद (Right Atrium) – शरीर से आने वाला कार्बन डाइऑक्साइड युक्त रक्त प्राप्त करता है।
- दायाँ निलय (Right Ventricle) – रक्त को फेफड़ों की ओर भेजता है।
- बायाँ आलिंद (Left Atrium) – फेफड़ों से ऑक्सीजन युक्त रक्त प्राप्त करता है।
- बायाँ निलय (Left Ventricle) – रक्त को पूरे शरीर में भेजता है।
- रक्त वाहिनियाँ (Blood Vessels)
- शिराएँ (Veins) – रक्त हृदय की ओर लाती हैं, जैसे सुपीरियर वेना कावा, इनफीरियर वेना कावा।
- धमनियाँ (Arteries) – रक्त हृदय से बाहर ले जाती हैं, जैसे फेफड़ी धमनी (Pulmonary artery), मुख्य धमनी (Aorta)।
- हृदय वाल्व (Heart Valves)
- त्रिकुष्ठ वाल्व (Tricuspid Valve) – दायाँ आलिंद और दायाँ निलय के बीच।
- द्विकुष्ठ वाल्व (Bicuspid/Mitral Valve) – बायाँ आलिंद और बायाँ निलय के बीच।
- फेफड़ी वाल्व (Pulmonary Valve) – दायाँ निलय से फेफड़ी धमनी में।
- मुख्य धमनी वाल्व (Aortic Valve) – बायाँ निलय से मुख्य धमनी में।
अथवा
मानव के मादा जनन तंत्र का सचित्र वर्णन कीजिए ।
Ans. मानव का मादा जनन तंत्र (Female Reproductive System) प्रजनन और संतानोत्पत्ति के लिए उत्तरदायी है। यह अंतःस्रावी और प्रजनन अंगों से मिलकर बना होता है।

मुख्य अंग
- अंडाशय (Ovaries)
- दायाँ और बायाँ अंडाशय होते हैं।
- इनमें अंडाणु (Egg) और हार्मोन (एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन) का निर्माण होता है।
- अंडवाहिनी (Fallopian Tubes / Oviducts)
- अंडाशय से गर्भाशय तक अंडाणु पहुँचाती हैं।
- यहीं निषेचन (Fertilization) होता है।
- गर्भाशय (Uterus)
- पेशीय अंग, जहां गर्भ (Fetus) का विकास होता है।
- गर्भाशय की दीवार में ऊपरी परत (Endometrium) पोषण प्रदान करती है।
- गर्भाशय ग्रीवा (Cervix)
- गर्भाशय का निचला हिस्सा, जो योनि (Vagina) में खुलता है।
- योनि (Vagina)
- यह गर्भाशय और बाहरी जनन अंगों को जोड़ती है।
- प्रसव मार्ग और संभोग मार्ग के रूप में कार्य करती है।
- बाहरी जननांग (Vulva)
- योनि मुख, लबिया और योनिमुख से बनी संरचना।
- यौन उत्सर्जन और सुरक्षा का कार्य करती है।