U.P Board Class 10 Social Science 825(CQ) Question Paper 2025 का उत्तर आप यहाँ से प्राप्त कर सकते हैं। जिसका कोई भी शुल्क आपसे नहीं लिया जायेगा। आइये विस्तार से सभी प्रश्नो को जानते हैं।

सत्र – 2025
सामाजिक विज्ञान
समय: तीन घण्टे 15 मिनट पूर्णांक: 70
नोट : प्रारम्भ के 15 मिनट परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए निर्धारित हैं।
i) सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
ii) यह प्रश्नपत्र दो खण्डों, खण्ड अ तथा खण्ड ब में विभक्त है।
iii) खण्ड – अ में 1 अंक के 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं जिनके सही उत्तर ओ० एम० आर० उत्तर पत्रक पर नीले अथवा काले बाल प्वाइंट कलम से सही विकल्प वाले गोले को पूर्ण रूप से काला कर चिह्नित करें ।
iv) खण्ड – अ के प्रत्येक प्रश्न का निर्देश पढ़कर केवल प्रदत्त ओ० एम० आर० उत्तर पत्रक पर ही उत्तर दें। ओ० एम०आर० उत्तर पत्रक पर उत्तर देने के पश्चात उसे नहीं काटें तथा इरेजर अथवा ह्वाइटनर का प्रयोग न करें।
v) प्रश्न के अंक उसके सम्मुख अंकित हैं।
vi) खण्ड ब में 50 अंक के वर्णनात्मक प्रश्न हैं। इस खण्ड में वर्णनात्मक-1, वर्णनात्मक-II तथा मानचित्र सम्बन्धी दो प्रश्न हैं।
vii) खण्ड व में सभी प्रश्नों के उत्तर एक साथ ही करें।
viii) प्रथम प्रश्न से आरम्भ कीजिए तथा अन्तिम प्रश्न तक करते जाइए। जो प्रश्न न आता हो उस पर समय नष्ट न कीजिए ।
ix) दिए गए मानचित्रों को उत्तर-पुस्तिका के साथ मजबूती से संलग्न करना आवश्यक है।
x) दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों के लिए मानचित्र कार्य के स्थान पर अलग से प्रश्न 9(A) तथा 9(B) लिखने के लिए दिए गये हैं।
खण्ड – अ
(बहुविकल्पीय प्रश्न)
निर्देश: नीचे दिए गए प्रत्येक प्रश्न के लिए चार विकल्प दिए गए हैं। सही विकल्प चुनकर उसे ओ. एम. आर. उत्तर पत्रक पर चिह्नित करें।
1. “जब फ्रांस छींकता है, बाकी यूरोप को सर्दी-जुकाम हो जाता है।” यह कथन किसका है ?
(A) मेटरनिख
(B) ज्यूसेपे गैरीबाल्डी
(C) नेपोलियन बोनापार्ट
(D) ऑटो वॉन बिस्मार्क
Ans. (D) ऑटो वॉन बिस्मार्क
2. जर्मनी के एकीकरण में मुख्य भूमिका किसकी थी ?
(A) विलियम प्रथम
(B) ऑटो वॉन बिस्मार्क
(C) ज्यूसेपे गैरीबाल्डी
(D) काबूर
Ans. (B) ऑटो वॉन बिस्मार्क
3. ब्रिटेन में ‘कार्न ला’ समाप्त करने का क्या मुख्य कारण था ?
(A) जनसंख्या में वृद्धि
(B) उद्योगपतियों एवं शहरियों का विरोध
(C) कार्न आयात पर नियंत्रण
(D) कृषि उत्पादों की अधिकता
Ans. (B) उद्योगपतियों एवं शहरियों का विरोध
4. ‘अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष’ की स्थापना कब हुई थी ?
(A) 1940
(B) 1942
(C) 1943
(D) 1944
Ans. (D) 1944
5. ‘गुलामगिरी’ नामक पुस्तक किस प्रकार की समस्या से सम्बन्धित है ?
(A) जाति व्यवस्था
(B) साम्प्रदायिकता
(C) अस्पृश्यता
(D) बाल विवाह
Ans. (C) अस्पृश्यता
6. बेल्जियम की सामुदायिक सरकार में किसके मध्य सत्ता की साझेदारी है ?
(A) विभिन्न सामाजिक समूहों के मध्य
(B) शासन के विभिन्न अंगों के मध्य
(C) केन्द्रीय और राज्य सरकारों के मध्य
(D) राज्य सरकार एवं सामुदायिक सरकार के मध्य
Ans. (A) विभिन्न सामाजिक समूहों के मध्य
7. महिला आरक्षण अधिनियम, 2023 में 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं को निम्नलिखित में से किस संस्था को दिया गया है ?
(A) लोक सभा
(B) विधान सभाएँ
(C) दिल्ली विधान सभा
(D) उपरोक्त सभी
Ans. (D) उपरोक्त सभी
8. साम्प्रदायिकता की समस्या कब प्रारम्भ होती है ?
(A) धर्म को राष्ट्र का आधार मान लिया जाए।
(B) किसी धर्म को राजनीति से जोड़ दिया जाए।
(C) सभी धर्मों का समान आदर किया जाए।
(D) (A) और (B) दोनों
Ans. (D) (A) और (B) दोनों
9. भारत में कितने राष्ट्रीय राजनीतिक दल हैं ?
(A) चार
(B) पाँच
(C) छ:
(D) सात
Ans. (C) छ:
10. निम्नलिखित में से किसका सम्बन्ध लोकतंत्र से नहीं है ?
(A) उत्तरदायी शासन
(B) बहुसंख्यकों का शासन
(C) स्वतंत्र और निष्पक्ष निर्वाचन
(D) कानून के समक्ष समानता
Ans. (B) बहुसंख्यकों का शासन
11. निम्नलिखित में से किस प्रान्त में सीढ़ीदार (सोपानी) खेती की जाती है ?
(A) पंजाब
(B) हरियाणा
(C) उत्तरप्रदेश के मैदान
(D) उत्तराखण्ड
Ans. (D) उत्तराखण्ड
12. भारतीय वन्य जीवन (रक्षण) अधिनियम किस वर्ष लागू किया गया ?
(A) 1970
(B) 1972
(C) 1974
(D) 1976
Ans. (B) 1972
13. झारखण्ड में स्थित कोडरमा निम्नलिखित में से किस खनिज का अग्रणी उत्पादक है ?
(A) बॉक्साइट
(B) कोयला
(C) लौह अयस्क
(D) अभ्रक
Ans. (D) अभ्रक
14. काली मिट्टी में मुख्य रूप से कौन-सी फसल उगायी जाती है?
(A) रबर
(B) मक्का
(C) कपास
(D) चावल
Ans. (C) कपास
15. निम्नलिखित में से कौन-सा राज्य हजीरा विजयपुर-जगदीशपुर पाइपलाइन से नहीं जुड़ा है ?
(A) मध्यप्रदेश
(B) गुजरात
(C) महाराष्ट्र
(D) उत्तरप्रदेश
Ans. (A) मध्यप्रदेश
16. किसी देश का विकास किस आधार पर निर्धारित किया जा सकता है ?
(A) प्रति व्यक्ति आय
(B) औसत साक्षरता स्तर
(C) स्वास्थ्य स्थिति
(D) उपरोक्त सभी
Ans. (D) उपरोक्त सभी
17. दुग्ध उत्पादन क्रिया को किस क्षेत्रक में सम्मिलित किया जाता है ?
(A) प्राथमिक
(B) द्वितीयक
(C) तृतीयक
(D) चतुर्थक
Ans. (A) प्राथमिक
18. निम्नलिखित में से कौन ऋण के औपचारिक स्रोतों में शामिल है ?
(A) बैंक
(B) साहूकार
(C) नियोक्ता
(D) व्यापारी
Ans. (A) बैंक
19. भारत में कौन केन्द्रीय सरकार की तरफ से करेंसी नोट जारी करता है?
(A) भारतीय रिजर्व बैंक
(B) भारत सरकार
(C) राज्य सरकार
(D) राज्यपाल
Ans. (A) भारतीय रिजर्व बैंक
20. विश्व के देशों में बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा निवेश का सबसे अधिक सामान्य तरीका है –
(A) नई कम्पनियों की स्थापना
(B) स्थानीय कंपनियों को खरीद लेना
(C) स्थानीय कंपनियों से साझेदारी करना
(D) विकासशील देशों पर कब्जा कर लेना
Ans. (C) स्थानीय कंपनियों से साझेदारी करना
खण्ड ‘ब’
वर्णनात्मक-1
(निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 80 शब्दों में दीजिए)
1. प्रथम विश्व युद्ध के बाद हुई आर्थिक महामंदी का भारत पर क्या प्रभाव पड़ा ?
Ans. प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) के बाद 1929 में वैश्विक आर्थिक महामंदी आई, जिसे ‘ग्रेट डिप्रेशन’ भी कहा जाता है। इसका प्रभाव भारत पर बहुत गंभीर रूप से पड़ा। कृषि क्षेत्र में किसानों की स्थिति खराब हुई क्योंकि फसलों की कीमतें बहुत घट गईं, जबकि उत्पादन लागत बढ़ गई। उद्योगों में उत्पादन कम हुआ और छोटे-छोटे कुटीर उद्योग बंद होने लगे। बेरोजगारी बढ़ी और मजदूरों के जीवन स्तर में गिरावट आई। वस्तुओं की महंगाई और गरीबी बढ़ गई। निर्यात भी प्रभावित हुआ क्योंकि विदेशी बाजारों में मांग कम हो गई। आर्थिक संकट ने समाज में असंतोष बढ़ाया और भारत में राष्ट्रीय आंदोलन को भी प्रोत्साहन दिया। इस प्रकार महामंदी ने आर्थिक और सामाजिक दोनों ही दृष्टियों से भारत पर गहरा असर डाला।
अथवा
विश्व अर्थव्यवस्था के उदय के दो कारण लिखिए।
Ans.
- औद्योगिक क्रांति और तकनीकी प्रगति: मशीनों, रेलवे, सड़कों और समुद्री परिवहन के विकास ने उत्पादन और व्यापार को बढ़ाया। इससे देशों के बीच वस्तुओं का आदान-प्रदान तेज हुआ और वैश्विक बाजारों का विस्तार हुआ।
- वैश्विक व्यापार और उपनिवेशवाद का विस्तार: शक्तिशाली देशों ने नए क्षेत्रों और उपनिवेशों में व्यापार स्थापित किया। इससे प्राकृतिक संसाधनों और मानव संसाधनों का वैश्विक स्तर पर उपयोग हुआ और दुनिया की अर्थव्यवस्था अधिक समृद्ध और एक-दूसरे से जुड़ी हुई बनी।
2. भारत में राजनीतिक दलों के कोई दो मुख्य कार्य लिखिए।
Ans. भारत में राजनीतिक दल लोकतंत्र का अहम हिस्सा हैं। इनका मुख्य उद्देश्य जनता की समस्याओं और अपेक्षाओं को पहचानना और उन्हें हल करने के लिए नीति बनाना होता है। दूसरे, राजनीतिक दल चुनावों में भाग लेकर सरकार बनाने या शासन में भागीदारी सुनिश्चित करते हैं। इसके अतिरिक्त, वे जनमत का संगठन करते हैं, समाज में राजनीतिक चेतना बढ़ाते हैं, और शासन की गतिविधियों में जवाबदेही बनाए रखने का काम करते हैं। राजनीतिक दलों के माध्यम से जनता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करती है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होती है। इस प्रकार राजनीतिक दल न केवल शासन के लिए उम्मीदवार प्रस्तुत करते हैं बल्कि समाज में लोकतंत्र की स्थिरता और जनसहभागिता के लिए भी आवश्यक हैं।
अथवा
भारत में लोकतंत्र की किन्हीं दो चुनौतियों का उल्लेख कीजिए।
Ans. भारत में लोकतंत्र के सामने कई चुनौतियाँ हैं। पहली चुनौती भ्रष्टाचार और सत्ता का दुरुपयोग है, जिससे सरकार की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। दूसरी चुनौती असमान आर्थिक और सामाजिक विकास है, जिससे कुछ वर्गों के लोग शासन प्रक्रिया में पिछड़ जाते हैं। इसके अलावा जनसंख्या वृद्धि, बेरोजगारी, जातिगत और धार्मिक संघर्ष जैसी समस्याएँ भी लोकतंत्र की प्रभावशीलता पर असर डालती हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए न केवल राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है, बल्कि नागरिकों की जागरूक भागीदारी और सामाजिक संस्थाओं का सक्रिय योगदान भी आवश्यक है।
3. उत्पत्ति के आधार पर संसाधनों के प्रकार बताइए ।
Ans. संसाधन वे सभी वस्तुएँ और तत्व हैं जिनका उपयोग मनुष्य अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए करता है। उत्पत्ति के आधार पर संसाधनों को मुख्य रूप से तीन प्रकारों में बाँटा जा सकता है:
- प्राकृतिक संसाधन: ये प्रकृति द्वारा उपलब्ध कराए जाते हैं, जैसे मिट्टी, पानी, हवा, खनिज, जंगल और नदी। ये संसाधन मानव जीवन और उत्पादन के लिए आधार बनाते हैं।
- मानव संसाधन: ये मानव शक्ति, कौशल और ज्ञान से संबंधित हैं। शिक्षक, डॉक्टर, किसान, मजदूर और वैज्ञानिक मानव संसाधन के उदाहरण हैं।
- मानव-निर्मित संसाधन: ये संसाधन मानव द्वारा बनाए जाते हैं, जैसे मशीनें, उपकरण, सड़कें, बिजली और उद्योग।
इन संसाधनों का उचित उपयोग और संरक्षण विकास और आर्थिक समृद्धि के लिए आवश्यक है।
अथवा
जैव-विविधता क्या है? यह मानव जीवन के लिए क्यों उपयोगी है ?
Ans. जैव-विविधता का अर्थ है पृथ्वी पर सभी जीवों की विविधता, जिसमें पौधे, जानवर, सूक्ष्मजीव और उनका पारिस्थितिकी तंत्र शामिल है। यह मानव जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जैव-विविधता खाद्य सुरक्षा, औषधि, कपड़ा, ऊर्जा और पर्यावरण संतुलन के लिए आवश्यक है। उदाहरण के लिए, विभिन्न पौधे औषधियों के स्रोत हैं, और जानवर कृषि व अन्य उद्योगों में मदद करते हैं। जैव-विविधता प्राकृतिक आपदाओं और रोगों के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता भी देती है। इसके अलावा यह पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मदद करती है और मानवीय जीवन को स्थायी और समृद्ध बनाती है।
4. खुली बेरोजगारी और प्रच्छन्न बेरोजगारी के बीच अन्तर स्थापित कीजिए।
Ans. बेरोजगारी का अर्थ है काम करने की इच्छा होने पर भी व्यक्ति को रोजगार न मिलना। इसे मुख्य रूप से दो प्रकारों में बाँटा गया है:
- खुली बेरोजगारी: जब व्यक्ति काम करने को पूरी तरह तैयार होता है लेकिन उसे कोई काम नहीं मिलता, तब इसे खुली बेरोजगारी कहते हैं। उदाहरण के लिए, मजदूर, जो काम की तलाश में हैं लेकिन रोजगार नहीं मिल रहा।
- प्रच्छन्न बेरोजगारी: जब व्यक्ति काम करता है, लेकिन उसकी क्षमता और कौशल के अनुसार पूरी तरह उपयोग नहीं हो रहा, तब इसे प्रच्छन्न बेरोजगारी कहते हैं। उदाहरण के लिए, किसान अपने खेत में अधिक श्रमिकों को काम पर लगा रहे हैं या किसी कर्मचारी का काम असंतोषजनक है।
अंतर: खुली बेरोजगारी में व्यक्ति बेरोजगार है, जबकि प्रच्छन्न बेरोजगारी में व्यक्ति काम कर रहा है लेकिन उत्पादक नहीं है।
अथवा
विकास में ऋण की भूमिका का बिश्लेषण कीजिए ।
Ans. विकासशील देशों में विकास के लिए पूंजी की कमी अक्सर बाधा बनती है। ऐसे में ऋण आर्थिक विकास का एक महत्वपूर्ण साधन है। ऋण के माध्यम से सरकार और उद्योग नई परियोजनाओं, उद्योगों और बुनियादी ढांचे (सड़क, बिजली, पानी) में निवेश कर सकते हैं। इससे रोजगार सृजन होता है, उत्पादन बढ़ता है और जीवन स्तर में सुधार होता है। कृषि क्षेत्र में ऋण किसानों को बीज, उर्वरक और उपकरण खरीदने में मदद करता है। इसके अलावा, ऋण से तकनीकी और औद्योगिक प्रगति भी संभव होती है। इस प्रकार ऋण विकास प्रक्रिया को तेज करता है और देश की समृद्धि में योगदान देता है।
वर्णनात्मक-2
(निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए)
5. सत्याग्रह का क्या अर्थ है ? महात्मा गाँधी द्वारा चलाए गए किन्हीं दो सत्याग्रह आन्दोलनों का वर्णन कीजिए।
Ans. सत्याग्रह का अर्थ है अहिंसक विरोध या सत्य के माध्यम से अन्याय और अत्याचार के खिलाफ लड़ाई। इसका मूल सिद्धांत यह है कि बिना हिंसा किए, केवल सत्य और नैतिक बल के सहारे विरोध किया जाए।
महात्मा गांधी द्वारा चलाए गए दो प्रमुख सत्याग्रह आंदोलन:
- चंपारण सत्याग्रह (1917): बिहार के चंपारण जिले के किसानों पर जमींदारों द्वारा अत्याचार और बेईमानी के विरोध में गांधी जी ने किसानों को संगठित किया। उन्होंने ब्रिटिश प्रशासन के सामने किसानों की समस्याएँ रखी और सुधार कराया।
- नमक सत्याग्रह (1930): ब्रिटिश नमक कानून के खिलाफ दांडी मार्च आयोजित किया गया। गांधी जी और उनके अनुयायियों ने समुद्र से नमक बनाकर ब्रिटिश कानून का अहिंसक विरोध किया। इस आंदोलन ने पूरे भारत में स्वतंत्रता संग्राम को प्रेरित किया।
सत्याग्रह ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में अहिंसा और नैतिकता के आधार पर व्यापक प्रभाव डाला और जनता को सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
अथवा
असहयोग आन्दोलन कब चलाया गया? इसका क्या अर्थ है? इसके कोई दो मुख्य कारण लिखिए।
Ans. असहयोग आंदोलन (1920–1922) महात्मा गांधी द्वारा ब्रिटिश शासन के खिलाफ अहिंसक प्रतिरोध के रूप में चलाया गया। इसका अर्थ है सरकारी स्कूल, कॉलेज और न्यायालय का बहिष्कार करना, सरकारी माल और करों का विरोध करना, और ब्रिटिश शासन से जुड़े अन्य कामों में सहयोग न करना।
मुख्य कारण:
- जलियाँवाला बाग हत्याकांड – ब्रिटिश सरकार द्वारा निर्दोष लोगों की हत्या।
- राउलेट एक्ट – व्यक्तियों को बिना कारण गिरफ्तार करने और जेल में डालने का कानून।
असहयोग आंदोलन ने देशवासियों को अहिंसक संघर्ष में भाग लेने और ब्रिटिश शासन के खिलाफ एकजुट होने का अवसर प्रदान किया।
6. भारत में संघीय व्यवस्था की किन्हीं चार विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
Ans. भारत में संघीय व्यवस्था का अर्थ है कि सत्ता और अधिकार केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बाँटे गए हैं। इसकी कुछ मुख्य विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
- सत्ता का विभाजन: भारत में संविधान के अनुसार केंद्र और राज्यों के बीच अधिकारों का स्पष्ट विभाजन है। उदाहरण के लिए, रक्षा और विदेश नीति केंद्र के अधिकार में हैं, जबकि शिक्षा और स्वास्थ्य राज्य के अधिकार में हैं।
- संविधान द्वारा निर्धारित अधिकार: केंद्र और राज्यों के अधिकार संविधान में स्पष्ट रूप से लिखे गए हैं, जिससे सत्ता संघर्ष की संभावना कम होती है।
- न्यायपालिका की भूमिका: संघीय विवादों को हल करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय न्यायाधीश के रूप में कार्य करता है।
- वित्तीय शक्ति का वितरण: केंद्र और राज्य सरकारों के पास कर और वित्तीय संसाधनों का नियंत्रण होता है, जिससे दोनों को स्वतंत्र और प्रभावी शासन करने की क्षमता मिलती है।
इस प्रकार भारत की संघीय व्यवस्था समान अधिकार, स्वतंत्रता और सहयोग के सिद्धांतों पर आधारित है।
अथवा
बेल्जियम की शासन व्यवस्था का वर्णन कीजिए।
Ans. बेल्जियम की शासन व्यवस्था सामुदायिक और बहुभाषी आधारित संघीय शासन है। यहाँ सत्ता को विभिन्न सामाजिक समूहों और भाषाई समुदायों के बीच बाँटा गया है। केंद्रीय सरकार और राज्य सरकारों के बीच अधिकारों का विभाजन होता है। इसके अलावा, बेल्जियम में संघीय ढाँचा स्थानीय समुदायों को अपनी प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुसार निर्णय लेने का अधिकार देता है। इस प्रणाली में विभिन्न समुदायों के बीच सत्ता की साझेदारी सुनिश्चित होती है और समान अधिकार, न्याय और सामाजिक संतुलन बनाए रखा जाता है।
7. संसाधन का अर्थ बताते हुए इनके वर्गीकरण को समझाइए ।
Ans. संसाधन वे सभी वस्तुएँ, साधन और तत्व हैं जिनका मानव अपने जीवन में उपयोग करता है या जिनका उपयोग करके अपनी आवश्यकताओं को पूरा करता है। संसाधनों का महत्व इसलिए भी है क्योंकि ये विकास और आर्थिक समृद्धि का आधार हैं। संसाधनों का सही उपयोग और संरक्षण आज और भविष्य की पीढ़ियों के लिए आवश्यक है।
संसाधनों का वर्गीकरण:
- प्राकृतिक संसाधन: ये संसाधन प्रकृति द्वारा उपलब्ध कराए जाते हैं। उदाहरण – जल, मिट्टी, हवा, जंगल, नदी, खनिज। ये कृषि, उद्योग और ऊर्जा उत्पादन के लिए आवश्यक हैं।
- मानव संसाधन: इसमें मानव की श्रम शक्ति, कौशल, ज्ञान और अनुभव शामिल हैं। शिक्षक, डॉक्टर, किसान, इंजीनियर और वैज्ञानिक इस श्रेणी में आते हैं। मानव संसाधन समाज और अर्थव्यवस्था को चलाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
- मानव-निर्मित संसाधन: ये संसाधन मानव द्वारा बनाए जाते हैं। जैसे मशीनें, उद्योग, सड़कें, पुल, विद्युत संयंत्र आदि। ये संसाधन उत्पादन और सेवाओं को बढ़ावा देते हैं और समाज की आर्थिक प्रगति में सहायक होते हैं।
संसाधनों का संतुलित और सतत उपयोग विकासशील और विकसित दोनों ही देशों के लिए आवश्यक है। यह न केवल आर्थिक विकास को बढ़ाता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समृद्धि में भी योगदान करता है।
अथवा
गैर-परम्परागत ऊर्जा संसाधन क्या होते हैं? किन्हीं दो का वर्णन कीजिए ।
Ans. गैर-परम्परागत ऊर्जा संसाधन वे ऊर्जा स्रोत हैं जो परंपरागत जीवाश्म ईंधन जैसे कोयला, पेट्रोल और प्राकृतिक गैस के स्थान पर प्रयोग किए जाते हैं। ये पर्यावरण के अनुकूल, अक्षय और प्रदूषण कम करने वाले होते हैं।
- सौर ऊर्जा: सूर्य की किरणों से बिजली उत्पन्न करना। सौर पैनल इसका उदाहरण हैं। यह अक्षय और स्वच्छ ऊर्जा है, जो बिजली की मांग को पूरा करती है और प्रदूषण नहीं बढ़ाती।
- पवन ऊर्जा: हवा की गति से पवन चक्कियों द्वारा बिजली का उत्पादन करना। पवन ऊर्जा भी अक्षय है और जलवायु संरक्षण में योगदान देती है।
इनके अतिरिक्त अन्य गैर-परम्परागत ऊर्जा स्रोतों में जलविद्युत, बायोगैस और जियोथर्मल ऊर्जा शामिल हैं। ये ऊर्जा स्रोत ऊर्जा सुरक्षा, प्रदूषण नियंत्रण और सतत विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। भविष्य में बढ़ती ऊर्जा आवश्यकता को पूरा करने में इनकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होगी।
8. आर्थिक गतिविधियों को कितने क्षेत्रकों में बाँटा गया है? सभी की व्याख्या करें।
Ans. आर्थिक गतिविधियों को मुख्य रूप से चार क्षेत्रकों (Sectors) में बाँटा गया है, जो उत्पादन और सेवा की प्रकृति के आधार पर भिन्न हैं।
- प्राथमिक क्षेत्र (Primary Sector): इस क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों का सीधे उपयोग करके वस्तुएँ प्राप्त की जाती हैं। इसमें कृषि, मत्स्य पालन, पशुपालन, खनन और वन्य संसाधनों का उपयोग शामिल है। यह क्षेत्र लोगों के रोज़गार का प्रमुख स्रोत होता है, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में।
- द्वितीयक क्षेत्र (Secondary Sector): इस क्षेत्र में कच्चे माल को उद्योगों और कारखानों के माध्यम से तैयार उत्पादों में परिवर्तित किया जाता है। इसमें निर्माण, लघु और बड़े उद्योग, कपड़ा निर्माण और खाद्य प्रसंस्करण आते हैं। यह क्षेत्र आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और रोजगार सृजन करता है।
- तृतीयक क्षेत्र (Tertiary Sector): इसे सेवा क्षेत्र भी कहा जाता है। इसमें व्यापार, परिवहन, बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी सेवाएँ शामिल हैं। यह क्षेत्र समाज की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को सुचारू बनाता है।
- चतुर्थक क्षेत्र (Quaternary Sector): इसमें सूचना, अनुसंधान, तकनीकी सेवाएँ और उच्च शिक्षा शामिल हैं। यह क्षेत्र आधुनिक अर्थव्यवस्था में नवाचार और ज्ञान आधारित सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण है।
अथवा
वैश्वीकरण से आप क्या समझते हैं? आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए ।
Ans. वैश्वीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें देशों के बीच आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध बढ़ते हैं। इसके अंतर्गत व्यापार, निवेश, सूचना और तकनीकी का आदान-प्रदान तेज होता है।
लाभ:
- देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ता है।
- नवाचार और तकनीकी विकास को बढ़ावा मिलता है।
- उपभोक्ताओं को विविध और किफायती वस्तुएँ मिलती हैं।
आलोचना:
- वैश्वीकरण से विकसित और विकासशील देशों में असमानता बढ़ती है।
- छोटे और स्थानीय उद्योग प्रभावित हो सकते हैं।
- सांस्कृतिक और सामाजिक प्रभावों से पारंपरिक जीवन शैली खतरे में पड़ सकती है।
मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न
9. (A) निम्नलिखित स्थानों को भारत के दिए गए मानचित्र में चिह्न द्वारा नाम सहित दर्शाइए। सही नाम तथा सही अंकन हेतु 1/2 + 1/2 अंक निर्धारित हैं।
(i) वह स्थान जहाँ 1929 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन हुआ ।
Ans. लाहौर (Lahore)
(ii) वह स्थान जहाँ सविनय अवज्ञा आन्दोलन प्रारम्भ हुआ ।
Ans. चंपारण , बिहार
(iii) वह जनपद जहाँ जलियाँवाला बाग हत्याकाण्ड हुआ ।
Ans. अमृतसर (Amritsar), पंजाब
(iv) वह स्थान जहाँ गाँधी जी ने नमक बनाना प्रारम्भ किया ।
Ans. दांडी (Dandi), गुजरात
(v) वह जनपद जहाँ चौरी-चौरा की घटना घटी थी।
Ans. चौरी-चौरा (Chauri-Chaura), उत्तर प्रदेश
निर्देश: दिए गए भारत के मानचित्र में निम्नलिखित को दर्शाइए :
9. (B)
(i) भारत के किसी एक रेल प्रखण्ड के मुख्यालय को ¢ चिह्न द्वारा नाम सहित ।
Ans. भोपाल (¢)
(ii) दामोदर नदी € चिह्न द्वारा नाम सहित।
Ans. दामोदर नदी (€), झारखण्ड/पश्चिम बंगाल
(iii) पश्चिम बंगाल का एक कोयला क्षेत्र ∆ चिह्न द्वारा नाम सहित ।
Ans. बराकर/बेलपाहारी (∆), पश्चिम बंगाल
(iv) भारत के पश्चिमी तट पर स्थित एक पत्तन (बन्दरगाह) § चिह्न द्वारा नाम सहित ।
Ans. मुंबई (§), महाराष्ट्र
(v) गुजरात का एक सूती वस्त्रोद्योग का एक केन्द्र © चिह्न द्वारा नाम सहित ।
Ans. अहमदाबाद (©), गुजरात