U.P Board Class 10 Social Science 825(CS) Question Paper 2025 का उत्तर आप यहाँ से प्राप्त कर सकते हैं। जिसका कोई भी शुल्क आपसे नहीं लिया जायेगा। आइये विस्तार से सभी प्रश्नो को जानते हैं।

सत्र – 2025
सामाजिक विज्ञान
समय: तीन घण्टे 15 मिनट पूर्णांक: 70
नोट : प्रारम्भ के 15 मिनट परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए निर्धारित हैं।
i) सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
ii) यह प्रश्नपत्र दो खण्डों, खण्ड अ तथा खण्ड ब में विभक्त है।
iii) खण्ड – अ में 1 अंक के 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं जिनके सही उत्तर ओ० एम० आर० उत्तर पत्रक पर नीले अथवा काले बाल प्वाइंट कलम से सही विकल्प वाले गोले को पूर्ण रूप से काला कर चिह्नित करें ।
iv) खण्ड – अ के प्रत्येक प्रश्न का निर्देश पढ़कर केवल प्रदत्त ओ० एम० आर० उत्तर पत्रक पर ही उत्तर दें। ओ० एम०आर० उत्तर पत्रक पर उत्तर देने के पश्चात उसे नहीं काटें तथा इरेजर अथवा ह्वाइटनर का प्रयोग न करें।
v) प्रश्न के अंक उसके सम्मुख अंकित हैं।
vi) खण्ड ब में 50 अंक के वर्णनात्मक प्रश्न हैं। इस खण्ड में वर्णनात्मक-1, वर्णनात्मक-II तथा मानचित्र सम्बन्धी दो प्रश्न हैं।
vii) खण्ड व में सभी प्रश्नों के उत्तर एक साथ ही करें।
viii) प्रथम प्रश्न से आरम्भ कीजिए तथा अन्तिम प्रश्न तक करते जाइए। जो प्रश्न न आता हो उस पर समय नष्ट न कीजिए ।
ix) दिए गए मानचित्रों को उत्तर-पुस्तिका के साथ मजबूती से संलग्न करना आवश्यक है।
x) दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों के लिए मानचित्र कार्य के स्थान पर अलग से प्रश्न 9(A) तथा 9(B) लिखने के लिए दिए गये हैं।
खण्ड – अ
(बहुविकल्पीय प्रश्न)
निर्देश: नीचे दिए गए प्रत्येक प्रश्न के लिए चार विकल्प दिए गए हैं। सही विकल्प चुनकर उसे ओ. एम. आर. उत्तर पत्रक पर चिह्नित करें।
1. 1789 में फ्रांस में राष्ट्रवाद की प्रथम अभिक्ति का क्या परिणाम हुआ ?
(A) फ्रांस की क्रान्ति
(B) नेपोलियन का उदय
(C) जर्मनी का एकीकरण
(D) निरंकुश राजतन्त्र का प्रारंभ
Ans. (A) फ्रांस की क्रान्ति
2. जर्मनी के एकीकरण में प्रमुख भूमिका किसकी थी ?
(A) हिटलर
(B) बिस्मार्क
(C) मुसोलिनी
(D) गैरीबाल्डी
Ans. (B) बिस्मार्क
3. ‘आनन्दमठ’ उपन्यास के लेखक कौन थे ?
(A) बंकिमचन्द्र चटर्जी
(B) रवीन्द्रनाथ टैगोर
(C) भरतचन्द्र चटर्जी
(D) विवेकानन्द
Ans. (A) बंकिमचन्द्र चटर्जी
4 महामंदी का सबसे बुरा असर पड़ा।
(A) परिवहन पर
(B) कृषि क्षेत्रक पर
(C) तकनीकी पर
(D) उपर्युक्त में से किसी पर नहीं
Ans. (B) कृषि क्षेत्रक पर
5. अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की स्थापना कहाँ पर की गई थी ?
(A) फ्रांस
(B) इटली
(C) संयुक्त राज्य अमेरिका
(D) ब्रिटेन
Ans. (C) संयुक्त राज्य अमेरिका
6. निम्नलिखित में से कौन सा संघीय राज्य नहीं है ?
(A) चंडीगढ़
(B) ओडिशा
(C) राजस्थान
(D) तमिलनाडु
Ans. (A) चंडीगढ़
7. लोकतन्त्र का प्रमुख गुण निम्नलिखित में से कौन सा है ?
(A) देशभक्ति की भावना
(B) राष्ट्रीय चरित्र का निर्माण
(C) प्रगतिशील सरकार
(D) इनमें से सभी
Ans. (D) इनमें से सभी
8. भाग्नीय संविधान कब लागू किया गया था ?
(A) 15 अगम्न
(B) 10 दिसम्बर
(C) 1 जनवरी
(D) 26 जनवरी
Ans. (D) 26 जनवरी
9. भारतीय संविधान में भाषाओं को किस अनुसूची में रखा गया है ?
(A) दूसरी
(B) पाँचवीं
(C) आठवीं
(D) बारहवीं
Ans. (C) आठवीं
10. निम्नलिखित में से कौन सा विषय राज्य सूची से सम्बन्धित है ?
(A) प्रनिग्क्षा
(B) बैंकिंग
(C) मुद्रा
(D) पुलिस
Ans. (D) पुलिस
11. रबी की फसलों के बोने का समय है:
(A) जून-जुलाई
(B) अक्टूबर-दिसम्बर
(C) मार्च-मई
(D) अगस्त-अक्टूबर
Ans. (B) अक्टूबर-दिसम्बर
12. निम्नलिखित में से कौन सा ऊर्जा खनिज नहीं है?
(A) लौह अयस्क
(B) कोयला
(C) प्राकृतिक गैस
(D) यूरेनियम
Ans. (A) लौह अयस्क
13. कृषि का आर्थिक क्षेत्रक है:
(A) प्राथमिक
(B) द्वितीयक
(C) तृतीयक
(D) चतुर्थक
Ans. (A) प्राथमिक
14. निम्न में गैर-परम्परागत ऊर्जा का साधन है:
(A) खनिज तेल
(B) कोयला
(C) प्राकृतिक गैस
(D) सौर ऊर्जा
Ans. (D) सौर ऊर्जा
15. निम्न में कौन सा आधारभूत खनिज है ?
(A) ताँबा
(B) लौह अयस्क
(C) अभ्रक
(D) सोना
Ans. (B) लौह अयस्क
16. पृथ्वी सम्मेलन का आयोजन कब हुआ ?
(A) 1991
(B) 1992
(C) 1993
(D) 1994
Ans. (B) 1992
17. भारत में उदारीकरण प्रक्रिया की शुरुआत किस वर्ष हुई थी ?
(A) 1981
(B) 1991
(C) 1993
(D) 2001
Ans. (B) 1991
18. निम्न में से कौन सा जैव-संसाधन है ?
(A) लोहा
(B) ताँबा
(C) मत्स्यपालन (उद्योग)
(D) चट्टानें
Ans. (C) मत्स्यपालन (उद्योग)
19. निम्नलिखित में से किस वर्ष में बांग्लादेश ग्रामीण बैंक की शुरुआत हुयी ?
(A) 1969
(B) 1970
(C) 1979
(D) 1967
Ans. (D) उपर्युक्त सभी
20. किसी देश का विकास आधारित है-
(A) प्रतिव्यक्ति आय पर
(B) औसत साक्षरता दर पर
(C) लोगों की स्वास्थ्य स्थिति पर
(D) उपर्युक्त सभी
Ans. (D) उपर्युक्त सभी
खण्ड ‘ब’
वर्णनात्मक-1
(निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभंग 80 शब्दों में दीजिये)
1. भारत की अर्थव्यवस्था पर महामंदी के किन्हीं दो प्रमुख प्रभावों का उल्लेख कीजिए।
Ans. महामंदी (1929) का भारत की अर्थव्यवस्था पर गंभीर और व्यापक प्रभाव पड़ा। इसका पहला प्रमुख प्रभाव कृषि क्षेत्र पर पड़ा। फसलों के दाम बहुत गिर गए, जिससे किसानों की आय घट गई और उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई। अनेक किसान कर्ज में फंस गए और जीवनयापन कठिन हो गया। दूसरा प्रभाव उद्योग और व्यापार पर पड़ा। निर्यात में भारी गिरावट आई, कई उद्योग ठप हो गए और कामगारों की नौकरियाँ चली गईं, जिससे बेरोजगारी बढ़ी। इसके कारण लोगों की खरीदने की क्षमता भी कम हो गई और बाजार में मांग घट गई। इस प्रकार, महामंदी से गरीबी बढ़ी, आर्थिक अस्थिरता आई और देश के सामान्य जीवन स्तर पर नकारात्मक असर पड़ा।
अथवा
महामंदी के प्रमुख कारणों का उल्लेख कीजिए।
Ans. महामंदी (1929) के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
- अत्यधिक उत्पादन और कम उपभोग: उद्योगों ने अधिक उत्पादन किया, लेकिन लोगों की खरीदने की क्षमता कम थी, जिससे माल का स्टॉक बढ़ गया।
- शेयर बाजार का पतन: अमेरिका में 1929 में शेयर बाजार का बड़ा पतन हुआ, जिससे पूँजी और निवेश कम हो गया।
- बैंकों की विफलता: कई बैंक दिवालिया हो गए या सख्त नीतियाँ अपनाई, जिससे व्यापार और उद्योगों को ऋण नहीं मिल पाया।
- अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में गिरावट: विश्व व्यापार में कमी आई, जिससे भारत के निर्यात में गिरावट हुई।
- कर्ज और विदेशी ऋण का दबाव: देशों पर कर्ज का दबाव बढ़ा और आर्थिक अस्थिरता उत्पन्न हुई।
2. राजनीतिक दलों के किन्हीं चार कार्यों का उल्लेख कीजिए।
Ans. राजनीतिक दल समाज और सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का कार्य करते हैं। इनके प्रमुख चार कार्य निम्नलिखित हैं:
- जनता की समस्याओं का प्रतिनिधित्व करना: राजनीतिक दल लोगों की समस्याओं और मांगों को सरकार तक पहुँचाते हैं।
- सरकार बनाना और नीतियाँ निर्धारित करना: चुनाव जीतने के बाद राजनीतिक दल शासन करते हैं और देश की नीतियाँ तय करते हैं।
- सरकार की निगरानी और आलोचना करना: राजनीतिक दल यह सुनिश्चित करते हैं कि सरकार जनता के हित में काम करे और गलत नीतियों की आलोचना करते हैं।
- जनता को राजनीतिक शिक्षा और जागरूकता देना: वे नागरिकों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और लोकतंत्र के महत्व के बारे में शिक्षित करते हैं।
अथवा
लोकतन्त्र की किन्हीं दो प्रमुख चुनौतियों का वर्णन कीजिए।
Ans. लोकतन्त्र में कई प्रकार की चुनौतियाँ होती हैं, जिनसे इसकी कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है। दो प्रमुख चुनौतियाँ निम्नलिखित हैं:
- भ्रष्टाचार: राजनीतिक और प्रशासनिक भ्रष्टाचार लोकतन्त्र की सबसे बड़ी चुनौती है। भ्रष्ट अधिकारी और नेता जनता के हित की बजाय व्यक्तिगत लाभ के लिए कार्य करते हैं, जिससे सरकारी नीतियाँ प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो पातीं।
- राजनीतिक अस्थिरता: राजनीतिक अस्थिरता तब उत्पन्न होती है जब सरकारें लगातार बदलती हैं या गठबंधन कमजोर होते हैं। इससे नीति निर्माण और विकास कार्यों में बाधा आती है और जनता में असंतोष बढ़ता है।
3. औपचारिक एवं अनौपचारिक साख के मध्य अन्तर स्पष्ट कीजिए। ग्रामीण भारत में औपचारिक साख के मुख्य स्रोतों की विवेचना कीजिए ।
Ans. औपचारिक और अनौपचारिक साख में अंतर:
- औपचारिक साख: यह बैंक और सहकारी संस्थाओं जैसी वैध संस्थाओं द्वारा प्रदान की जाती है। इसके लिए नियम और शर्तें लागू होती हैं और ब्याज दरें तय होती हैं।
- अनौपचारिक साख: यह निजी साहूकारों, मित्रों या रिश्तेदारों से प्राप्त होती है। इसके लिए कोई औपचारिक नियम नहीं होते और ब्याज अधिक हो सकता है।
ग्रामीण भारत में औपचारिक साख के मुख्य स्रोत:
- सहकारी बैंक: छोटे किसानों और ग्रामीण जनता को ऋण प्रदान करते हैं।
- क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक: कृषि और छोटे व्यवसायों के लिए आसान ऋण उपलब्ध कराते हैं।
- वाणिज्यिक बैंक: ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि और व्यापार से जुड़े कर्ज उपलब्ध कराते हैं।
अथवा
वैश्वीकरण से आप क्या समझते हैं? भारतीय, कृषि पर इसके प्रभावों का उल्लेख कीजिये ।
Ans. वैश्वीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा दुनिया के देश आपस में आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक रूप से जुड़ते हैं। इसके माध्यम से देशों के बीच वस्तुओं, सेवाओं, पूंजी और जानकारी का आदान-प्रदान बढ़ता है।
भारतीय कृषि पर वैश्वीकरण के प्रभाव:
- नई तकनीक और बीज: वैश्वीकरण के कारण किसान आधुनिक उपकरण, उन्नत बीज और उर्वरक का उपयोग कर अधिक उत्पादन कर सकते हैं।
- निर्यात अवसर: भारतीय कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचने के नए अवसर मिले हैं।
- प्रतिस्पर्धा में वृद्धि: विदेशी उत्पादों और बाजार की वजह से किसानों को अपनी पैदावार की गुणवत्ता सुधारनी पड़ती है।
- मूल्य अस्थिरता: वैश्वीकरण के कारण वैश्विक बाजार में कीमतों का उतार-चढ़ाव भारतीय किसानों के लिए चुनौती बन सकता है।
4. भारत में कपास उत्पादन के किन्हीं दो क्षेत्रों का परिचय दीजिये ।
Ans. भारत में कपास उत्पादन के प्रमुख क्षेत्र हैं:
- महाराष्ट्र–गुजरात क्षेत्र: यह क्षेत्र देश का सबसे बड़ा कपास उत्पादन केंद्र है। यहाँ की जलवायु गर्म और आर्द्र होती है, जो कपास की खेती के लिए अनुकूल है। मुख्य रूप से अमरावती, यवतमाल, सूरत और भुज जिले इस क्षेत्र में शामिल हैं।
- पंजाब–हरियाणा क्षेत्र: यह क्षेत्र उच्च गुणवत्ता वाले कपास उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ की मिट्टी उपजाऊ और सिंचाई की सुविधा वाली है। प्रमुख जिलों में लुधियाना, रोहतक और फरीदाबाद शामिल हैं।
अथवा
भारत में मैंगनीज उत्पादन एवं वितरण का वर्णन कीजिए।
Ans. भारत में मैंगनीज उत्पादन और वितरण
भारत मैंगनीज का एक प्रमुख उत्पादक देश है। मैंगनीज मुख्य रूप से औद्योगिक धातुओं और स्टील निर्माण में उपयोग होता है। भारत में इसका उत्पादन मुख्यतः तीन राज्यों में होता है:
- ओडिशा: यह देश का सबसे बड़ा मैंगनीज उत्पादक राज्य है। यहाँ के जिलों में बेलपा और संबलपुर प्रमुख हैं।
- कर्नाटक: मैंगनीज खदानें मुख्यतः चामराजनगर और मैसूर जिलों में हैं।
- मध्य प्रदेश: यहाँ शिवपुरी और सतना क्षेत्र मैंगनीज उत्पादन के लिए जाने जाते हैं।
वितरण: भारत में उत्पादित मैंगनीज को देश के विभिन्न इस्पात कारखानों और औद्योगिक इकाइयों में भेजा जाता है। इसके अलावा, कुछ मात्रा का निर्यात भी किया जाता है।
वर्णनात्मक-II
(निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिये)
5. सत्याग्रह का क्या अभिप्राय है? सत्याग्रह के संबंध में महात्मा गांधी के क्या विचार थे ?
Ans. सत्याग्रह का अभिप्राय यह है कि किसी अन्याय, उत्पीड़न या गलत कार्य के खिलाफ सत्य और अहिंसा के माध्यम से विरोध किया जाए। इसमें हिंसा का कोई स्थान नहीं होता और यह केवल विरोध तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका उद्देश्य विरोधी को सही मार्ग पर लाना और न्याय स्थापित करना होता है। सत्याग्रह व्यक्ति के आत्मबल, धैर्य और नैतिक शक्ति पर आधारित होता है।
महात्मा गांधी के विचार: महात्मा गांधी ने सत्याग्रह को भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का सबसे शक्तिशाली हथियार माना। उनके अनुसार सत्याग्रह शारीरिक बल या हिंसा पर निर्भर नहीं होता, बल्कि यह व्यक्ति के अंदर की शक्ति और सत्य पर विश्वास से काम करता है। गांधीजी ने इसे अहिंसात्मक प्रतिरोध की सर्वोच्च विधि कहा, जिसमें सत्य, प्रेम और धैर्य का विशेष महत्व होता है। उन्होंने इसे सामूहिक संघर्ष और समाज सुधार दोनों के लिए उपयोगी माना।
गांधीजी के नेतृत्व में सत्याग्रह ने असहयोग आंदोलन, नमक सत्याग्रह और अन्य आंदोलनों में अंग्रेजों के अन्याय के खिलाफ शक्ति और नैतिकता का अद्भुत प्रदर्शन किया। सत्याग्रह ने यह साबित किया कि अहिंसा और सत्य का बल अत्यधिक शक्तिशाली होता है और किसी भी अन्याय के खिलाफ परिणाम देने में सक्षम होता है।
अथवा
भारत में राष्ट्रवाद के उदय के प्रमुख कारणों की व्याख्या कीजिए।
Ans. भारत में 19वीं और 20वीं शताब्दी के दौरान राष्ट्रवाद का उदय कई कारणों से हुआ। मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
- ब्रिटिश शोषण: भारत में ब्रिटिश शासन ने किसानों, कारीगरों और व्यापारियों का शोषण किया। भारी कर, भूमि कब्ज़ा और विदेशी वस्तुओं का दबाव लोगों में असंतोष पैदा करने वाला प्रमुख कारण था।
- आधुनिक शिक्षा का प्रसार: ब्रिटिश सरकार द्वारा शुरू की गई आधुनिक शिक्षा ने भारतीयों को पश्चिमी विचारों और लोकतांत्रिक मूल्यों से अवगत कराया। इससे लोगों में स्वतंत्रता और समानता की भावना उत्पन्न हुई।
- प्रेस और साहित्य का विकास: समाचार पत्रों और साहित्य ने जनता को राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों से परिचित कराया। राष्ट्रीय विचारों और स्वतंत्रता आंदोलनों का प्रचार-प्रसार हुआ।
- यातायात और संचार के साधनों का विकास: रेलवे, टेलीग्राफ और सड़क नेटवर्क ने अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों को जोड़कर राष्ट्रीय चेतना विकसित की।
- राष्ट्रीय आंदोलनों का प्रभाव: पहले आंदोलनों जैसे सिपाही विद्रोह, सांस्कृतिक और सामाजिक सुधार आंदोलनों ने लोगों में देशभक्ति और संगठित संघर्ष की भावना पैदा की।
इन सभी कारणों के प्रभाव से भारतीय जनता में राष्ट्र की पहचान और स्वतंत्रता की इच्छा मजबूत हुई और आधुनिक भारतीय राष्ट्रवाद का उदय हुआ।
6. भारत की संघीय शासन व्यवस्था की विशिष्टताओं का वर्णन कीजिए ।
Ans. भारत का शासन संघीय (Federal) है, यानी इसमें केंद्र और राज्य दोनों के पास अपनी-अपनी शक्तियाँ होती हैं। इसकी कुछ प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
- संपूर्ण लिखित संविधान: भारत का संविधान संघीय प्रणाली का आधार है। इसमें केंद्र और राज्यों की शक्तियों का स्पष्ट विभाजन किया गया है।
- शक्ति का वितरण: केंद्र और राज्यों के पास अलग-अलग विषयों पर शासन करने की शक्ति होती है। जैसे, विदेश नीति और रक्षा केंद्र का कार्य है, जबकि पुलिस और स्वास्थ्य राज्य के क्षेत्र में आते हैं।
- संवैधानिक सर्वोच्चता: संविधान सर्वोच्च है और कोई भी कानून इसके खिलाफ नहीं बनाया जा सकता।
- संविधान संशोधन प्रक्रिया: संविधान संशोधन के लिए केंद्र और राज्य दोनों की सहमति आवश्यक हो सकती है, जो संघीय प्रकृति को मजबूत करती है।
- स्वतंत्र न्यायपालिका: न्यायपालिका केंद्र और राज्यों के बीच विवाद सुलझाती है और संघीय ढांचे को बनाए रखती है।
- द्विसदनीय संसद व्यवस्था: संसद में राज्य सभा और लोकसभा के माध्यम से राज्यों की भागीदारी सुनिश्चित होती है।
निष्कर्ष: भारत की संघीय शासन व्यवस्था एक संतुलित प्रणाली है, जिसमें केंद्र और राज्यों के अधिकार स्पष्ट हैं, न्यायपालिका स्वतंत्र है और संविधान सर्वोच्चता बनाए रखता है।
अथवा
‘भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है।’ किन्हीं दो प्रावधानों के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
Ans. भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, जिसका अर्थ है कि राज्य किसी विशेष धर्म का पालन नहीं करता और सभी धर्मों के प्रति निष्पक्ष रहता है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत में रहने वाले सभी नागरिकों को उनके धर्म के अनुसार समान अधिकार और स्वतंत्रता प्राप्त हो।
संविधान के कई प्रावधान इसके लिए आधार प्रदान करते हैं। पहला प्रमुख प्रावधान है अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), जिसके अंतर्गत सभी नागरिकों को कानून के समक्ष समानता प्राप्त है। इसके अनुसार किसी भी नागरिक के साथ उसके धर्म, जाति, लिंग या धर्मावलंबन के आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता। दूसरा प्रमुख प्रावधान है अनुच्छेद 25 (धर्म की स्वतंत्रता), जो प्रत्येक नागरिक को अपनी आस्था के अनुसार धर्म मानने, पूजा करने और उसका प्रचार करने की स्वतंत्रता देता है। इसमें राज्य को किसी व्यक्ति के धर्म में बाधा डालने की अनुमति नहीं है।
इन प्रावधानों के माध्यम से भारत ने धर्मनिरपेक्षता को अपनी पहचान बनाया है। इसका मतलब है कि सरकार किसी धर्म को बढ़ावा नहीं देती और न ही किसी धर्म के खिलाफ हस्तक्षेप करती है। सभी नागरिकों को उनके धर्म के पालन में समान अधिकार प्राप्त हैं। इस प्रकार, भारत की नीति और संविधान धर्मनिरपेक्षता सुनिश्चित करते हैं, जिससे सामाजिक न्याय और धार्मिक स्वतंत्रता बनी रहती है।
7. आर्थिक क्षेत्रों का क्या तात्पर्य है? तृतीयक क्षेत्रक की विशेषताओं की विवेचना कीजिए ।
Ans. आर्थिक क्षेत्रों का तात्पर्य:
आर्थिक क्षेत्रक उन सभी गतिविधियों से संबंधित हैं, जिनके माध्यम से मनुष्य अपनी आजीविका चलाता है और वस्तुएँ या सेवाएँ प्राप्त करता है। आर्थिक क्षेत्रक मुख्य रूप से तीन भागों में बाँटे जाते हैं:
- प्राथमिक क्षेत्र: इसमें कृषि, मछलीपालन, वानिकी और खनन जैसी गतिविधियाँ शामिल हैं, जो सीधे प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित होती हैं।
- द्वितीयक क्षेत्र: इसमें उद्योग और निर्माण कार्य आते हैं, जहाँ कच्चे माल को तैयार उत्पादों में बदलकर मूल्यवर्धन किया जाता है।
- तृतीयक क्षेत्र: यह क्षेत्र सेवाओं पर आधारित होता है और इसमें व्यापार, परिवहन, बैंकिंग, संचार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन जैसी गतिविधियाँ शामिल होती हैं।
तृतीयक क्षेत्र की विशेषताएँ:
- सेवाएँ प्रदान करना: यह क्षेत्र उत्पादन नहीं करता बल्कि लोगों और उद्योगों को आवश्यक सेवाएँ प्रदान करता है।
- मनुष्य-केंद्रित: इसमें कार्य करने वाले लोग मुख्य संसाधन हैं और उनकी दक्षता और कौशल महत्व रखते हैं।
- आजीविका का साधन: यह क्षेत्र व्यापार, परिवहन, बैंकिंग और शिक्षा के माध्यम से लोगों की रोज़मर्रा की आवश्यकताओं को पूरा करता है।
- आधुनिक अर्थव्यवस्था में महत्व: विकसित देशों में राष्ट्रीय आय और रोजगार का बड़ा हिस्सा तृतीयक क्षेत्र से आता है।
- प्रौद्योगिकी और संचार पर निर्भर: सेवाओं की गुणवत्ता और विस्तार के लिए यह क्षेत्र आधुनिक तकनीक और संचार साधनों पर निर्भर रहता है।
इस प्रकार, तृतीयक क्षेत्रक आज की आधुनिक अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ है और लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में योगदान देता है।
अथवा
उपभोक्ता अधिकार पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
Ans. उपभोक्ता अधिकार का तात्पर्य उन अधिकारों से है जो हर व्यक्ति को सुरक्षित और उचित वस्तुएँ एवं सेवाएँ प्राप्त करने के लिए संविधान और कानून के तहत प्राप्त हैं। भारत में उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 लागू किया गया।
मुख्य उपभोक्ता अधिकार निम्नलिखित हैं:
- सुरक्षा का अधिकार: उपभोक्ता को ऐसी वस्तुएँ और सेवाएँ प्राप्त करने का अधिकार है, जो जीवन और स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हों।
- जानकारी का अधिकार: उपभोक्ता को वस्तु या सेवा की सही जानकारी, जैसे मूल्य, गुणवत्ता और मात्रा प्राप्त करने का अधिकार है।
- चयन का अधिकार: उपभोक्ता को विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं में से चयन करने की स्वतंत्रता होती है।
- शिकायत का अधिकार: उपभोक्ता को दोषपूर्ण या कम गुणवत्ता वाली वस्तु पर शिकायत करने का अधिकार है।
महत्व: उपभोक्ता अधिकार समाज में न्याय और संतुलित व्यापार सुनिश्चित करते हैं। ये अधिकार उपभोक्ताओं को संरक्षण देते हैं, उन्हें ठगी और धोखाधड़ी से बचाते हैं और व्यापारियों की जवाबदेही तय करते हैं।
8. भारत के चीनी उद्योग का वर्णन कीजिए।
Ans. भारत के चीनी उद्योग का वर्णन:
भारत का चीनी उद्योग कृषि पर आधारित एक महत्वपूर्ण उद्योग है। यह उद्योग गन्ना की खेती पर निर्भर करता है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में रोजगार प्रदान करता है। भारत में चीनी उत्पादन मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और बिहार जैसे राज्यों में होता है। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र प्रमुख उत्पादन केंद्र हैं।
भारत का चीनी उद्योग छोटे और बड़े कारखानों पर आधारित है। इसमें गन्ने को प्रसंस्कृत कर चीनी और गुड़ बनाया जाता है। चीनी उद्योग से कृषकों को आय प्राप्त होती है और यह ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार उत्पन्न करता है। इसके अलावा, उद्योग से निर्यात भी किया जाता है, जिससे राष्ट्रीय आय में योगदान मिलता है।
विशेषताएँ:
- यह उद्योग कृषि-आधारित है और मौसम पर निर्भर करता है।
- ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका का प्रमुख स्रोत है।
- उत्पादन के लिए परिवहन और भंडारण की सुविधा आवश्यक है।
- यह उद्योग देश की आर्थिक स्थिरता में योगदान देता है।
भारत में चीनी उद्योग का महत्व न केवल आर्थिक दृष्टि से है, बल्कि यह कृषक समुदाय और ग्रामीण विकास में भी अहम भूमिका निभाता है।
अथवा
भारत में सड़क परिवहन के विकास का परिचय दीजिए।
Ans. भारत में सड़क परिवहन देश के आर्थिक और सामाजिक विकास का एक महत्वपूर्ण आधार है। यह सबसे सस्ता, लचीला और सुलभ परिवहन साधन है। सड़क नेटवर्क ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को जोड़ता है और माल व लोगों के आवागमन को आसान बनाता है।
विकास के मुख्य बिंदु:
- राष्ट्रीय राजमार्ग (NH): भारत में 12,000 किमी से अधिक लंबाई के राष्ट्रीय राजमार्ग हैं, जो राज्यों और बड़े शहरों को जोड़ते हैं। नई योजना “भारतमाला परियोजना” के तहत सड़क नेटवर्क को और विस्तारित किया जा रहा है।
- राज्य और ग्रामीण सड़कें: राज्य सड़कें जिलों और कस्बों को जोड़ती हैं, जबकि ग्रामीण सड़कें गांवों को मुख्य बाजार और शहरों से जोड़ती हैं।
- सड़क परिवहन का आर्थिक महत्व: सड़कें कृषि उत्पाद, औद्योगिक माल और सेवा क्षेत्र से जुड़े उत्पादों का परिवहन सुनिश्चित करती हैं।
- सुविधाएँ और तकनीक: आधुनिक सड़क निर्माण, पुल, टोल नाक़े और हाइवे नेटवर्क ने यातायात को सुरक्षित और तेज़ बनाया है।
- सामाजिक प्रभाव: सड़कें लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार तक पहुँचने में मदद करती हैं।
निष्कर्ष: भारत में सड़क परिवहन ने देश के सामाजिक, आर्थिक और क्षेत्रीय विकास में अहम योगदान दिया है और भविष्य में यह और भी अधिक महत्वपूर्ण होगा।
मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न
9. (A) निम्नलिखित स्थानों को भारत के दिये गये रेखा मानचित्र में चिह्न द्वारा नाम सहित दर्शाइये। सही नाम तथा सही स्थान अंकन हेतु 1/2 + 1/2 अंक निर्धारित हैं।
(i) वह स्थान जहाँ 1927 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन हुआ था।
Ans. मद्रास (अब चेन्नई) – 1927 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन
(ii) वह जनपद जहाँ जलियाँवाला बाग की घटना घटी।
Ans. अमृतसर – जलियाँवाला बाग की घटना
(iii) वह स्थान जहाँ असहयोग आन्दोलन का कार्यक्रम स्वीकार किया गया।
Ans. नागपुर – असहयोग आंदोलन का कार्यक्रम स्वीकार किया गया
(iv) वह जनपद जहाँ चौरी-चौरा काण्ड हुआ था।
Ans. चौरी-चौरा (गोरखपुर जनपद) – चौरी-चौरा काण्ड
(v) वह स्थान जहाँ नील की खेती करने वाले किसानों का आंदोलन हुआ था।
Ans. चम्पारण (बिहार) – नील की खेती करने वाले किसानों का आंदोलन
निर्देश : दिये गये भारत के रेखा-मानचित्र में निम्नलिखित को दर्शाइए :
9. (B) (i) नेशनल कॉर्बेट पार्क € चिह्न द्वारा नाम सहित ।
Ans. जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान (National Corbett Park) – €
(ii) भारत के पश्चिमी तट पर स्थित एक बन्दरगाह ∆ चिह्न द्वारा नाम सहित ।
Ans. मुंबई बंदरगाह (Mumbai Port) – ∆
(iii) शिवालिक पर्वत श्रृंखला § चिह्न द्वारा नाम सहित ।
Ans. शिवालिक पर्वत श्रृंखला – §
(iv) गुजरात की राजधानी $ चिह्न द्वारा नाम सहित ।
Ans. गांधीनगर (Gujarat की राजधानी) – $
(v) भारत का एक प्रमुख कोयला क्षेत्र © चिह्न द्वारा नाम सहित ।
Ans. झारखंड/झरिया कोयला क्षेत्र (Coal Belt) – ©