U.P Board Class 10 Vanijya (829) Question Paper 2024 का उत्तर आप यहाँ से प्राप्त कर सकते हैं। जिसका कोई भी शुल्क आपसे नहीं लिया जायेगा। आइये विस्तार से सभी प्रश्नो को जानते हैं।
सत्र – 2024
वाणिज्य
समय : तीन घण्टे 15 मिनट
पूर्णांक : 70
नोट : प्रारम्भ के 15 मिनट परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए निर्धारित हैं।
निर्देश:
i) सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
ii) यह प्रश्नपत्र दो खण्डों, खण्ड अ तथा खण्ड ब में विभक्त है।
iii) खण्ड – अ में 1 अंक के 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं जिनके सही उत्तर ओ० एम० आर० उत्तर पत्रक पर नीले अथवा काले बाल प्वाइंट कलम से सही विकल्प वाले गोले को पूर्ण रूप से काला कर चिह्नित करें ।
iv) खण्ड – अ के प्रत्येक प्रश्न का निर्देश पढ़कर केवल प्रदत्त ओ० एम० आर० उत्तर पत्रक पर ही उत्तर दें। ओ० एम०आर० उत्तर पत्रक पर उत्तर देने के पश्चात उसे नहीं काटें तथा इरेजर अथवा ह्वाइटनर का प्रयोग न करें।
v) प्रश्न के अंक उसके सम्मुख अंकित हैं।
vi) खण्ड-ब में 50 अंक के वर्णनात्मक प्रश्न हैं।
vii) खण्ड-ब में सभी प्रश्नों के उत्तर एक साथ ही करें।
viii) प्रथम प्रश्न से आरम्भ कीजिए तथा अन्तिम प्रश्न तक करते जाइए। जो प्रश्न न आता हो उस पर समय नष्ट न कीजिए।
खण्ड – अ (बहुविकल्पीय प्रश्न)
1. तलपट में दिखाई जानेवाली बकाया मजदूरी दर्शायी जायेगी –
(A) लाभ-हानि खाते के डेबिट पक्ष में
(B) व्यापार खाते के डेबिट पक्ष में
(C) आर्थिक चिट्ढे के दायित्व पक्ष में
(D) इनमें से कोई नहीं
Ans. (C) आर्थिक चिट्ढे के दायित्व पक्ष में
2. तलपट में दर्शायी गयी आन्तरिक ढुलाई को दर्शाया जायेगा-
(A) लाभ-हानि खाते के डेबिट पक्ष में
(B) व्यापार खाते के डेबिट पक्ष में
(C) आर्थिक चिट्ठे के दायित्व पक्ष में
(D) इनमें से कोई नहीं
Ans. (B) व्यापार खाते के डेबिट पक्ष में
3. पूर्वदत्त मजदूरी रु० 2,500 ‘ए’ के तलपट में दिख रही है। यह दिखाई जायेगी
(A) व्यापार खाते में
(B) लाभ-ह्यनि खाते में
(C) आर्थिक चिट्ठे में
(D) निर्माण खाते में
Ans. (C) आर्थिक चिट्ठे में
4. तलपट में प्रदर्शित होनेवाला अन्तिम रहतिया दिखाया जायेगा-
(A) लाभ-हानि खाते के क्रेडिट पक्ष में
(B) व्यापार खाते के क्रेडिट पक्ष में
(C) आर्थिक चिट्ठे के सम्पत्ति पक्ष में
(D) इनमें से कोई नहीं
Ans. (C) आर्थिक चिट्ठे के सम्पत्ति पक्ष में
5. अनुक्रमणिका का प्रमुख उद्देश्य है-
(A) पत्रों को सुरक्षित रखना
(B) पत्रों को व्यवस्थित रखना
(C) पत्रों को शीघ्र ढूंढकर निकालना
(D) पत्रों को फाइल करना
Ans. (C) पत्रों को शीघ्र ढूंढकर निकालना
6. फुटकर व्यापारी माल का विक्रय करता है-
(A) थोक व्यापारी को
(B) उपभोक्ता को
(C) विभागीय भण्डार को
(D) इनमें से सभी
Ans. (B) उपभोक्ता को
7. चेक किस पर लिखा जाता है ?
(A) बैंक
(B) सरकार
(C) व्यापारी
(D) इनमें से सभी
Ans. (A) बैंक
8. प्रतिज्ञा पत्र किसके द्वारा लिखा जाता है ?
(A) देनदार
(B) लेनदार
(C) बैंक
(D) इनमें से कोई नहीं
Ans. (A) देनदार
9. बैंक क्या है ?
(A) एक व्यक्ति
(B) एक संस्था
(C) एक समिति
(D) इनमें से सभी
Ans. (B) एक संस्था
10. बैंक ओवरड्राफ्ट की सुविधा प्रदान करता है-
(A) बचत खाताधारक
(B) चालू खाताधारक
(C) लेनदार
(D) इनमें से सभी
Ans. (B) चालू खाताधारक
11. भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना हुई?
(A) 1935 में
(B) 1940 में
(C) 1401 में
(D) 1619 में
Ans. (A) 1935 में
12. भारत में एक रुपये का सिक्का ढाला जाता है।
(A) रिजर्व बैंक द्वारा
(B) भारतीय स्टेट बैंक द्वारा
(C) भारत सरकार द्वारा
(D) वाणिज्यिक बैंकों द्वारा
Ans. (C) भारत सरकार द्वारा
13. व्यापारिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण सर्वप्रथम सन् में किया गया।
(A) 1949
(B) 1969
(C) 1971
(D) 1980
Ans. (B) 1969
14. व्यापारिक बैंकों पर किसका नियंत्रण होता है ?
(A) भारत सरकार का
(B) भारतीय स्टेट बैंक का
(C) नाबार्ड का
(D) भारतीय रिजर्व बैंक का
Ans. (D) भारतीय रिजर्व बैंक का
15. इम्पीरियल बैंक को स्टेट बैंक में परिवर्तित करने का कारण था-
(A) कृषि व्यवसाय की उपेक्षा
(B) अधिकारों का दुरुपयोग
(C) शाखायें खोलने की दोषपूर्ण नीति
(D) इनमें से सभी
Ans. (D) इनमें से सभी
16. निम्नांकित में से कौन देशी बैंकरों के वर्ग में आते हैं?
(A) सहकारी बैंक
(B) महाजन
(C) भूमि विकास बैंक
(D) क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
Ans. (B) महाजन
17. सीमांत उपयोगिता ह्रास नियम के अपवाद में शामिल है-
(A) अध्ययन
(B) मुद्रा
(C) ज्ञान अर्जित करना
(D) इनमें से सभी
Ans. (D) इनमें से सभी
18. हमें अपनी बचतें बैंकों के पास रखनी चाहिये, क्योंकि
(A) यह सुरक्षित है
(B) ब्याज अर्जित होता है
(C) बापस निकाला जा सकता है
(D) इनमें से सभी
Ans. (D) इनमें से सभी
19. आर्थिक दृष्टि से एक सहकारी बैंक संगठन होता है-
(A) श्रमिकों का
(B) निर्बल व्यक्तियों का
(C) धनी व्यक्तियों का
(D) गरीब किसानों का
Ans. (B) निर्बल व्यक्तियों का
20. व्यापारिक बैंक का कार्य ?
(A) जमा स्वीकार करना
(B) ऋण प्रदान करना
(C) एक अभिकर्ता के रूप में कार्य करना
(D) इनमें से सभी
Ans. (D) इनमें से सभी
खण्ड-ब अति लघु उत्तरीय प्रश्न (5×2 = 10)
1. शुद्ध लाभ क्या है?
Ans. जब सकल लाभ में से सभी अप्रत्यक्ष व्यय घटाकर और अप्रत्यक्ष आय जोड़कर जो शेष बचता है, वही शुद्ध लाभ कहलाता है।
2. अनुक्रमणिका के कोई दो लाभ बताइये ।
Ans. . अनुक्रमणिका के दो लाभ
- पत्रों को शीघ्र खोजा जा सकता है
- पत्रों का सही एवं व्यवस्थित रख-रखाव होता है
3. व्यापारिक बैंक के रूप में स्टेट बैंक कौन से कार्य करता है ?
Ans. स्टेट बैंक के व्यापारिक कार्य
- जमा स्वीकार करना
- ऋण एवं अग्रिम देना
4. चेक के रेखांकन से आप क्या समझते हैं?
Ans. चेक पर दो समानान्तर रेखाएँ खींचना रेखांकन कहलाता है, जिससे भुगतान केवल बैंक के माध्यम से होता है।
5. उत्पत्ति ह्रास नियम से आप क्या समझते हैं ?
Ans. जैसे-जैसे उपभोग बढ़ता है, वैसे-वैसे प्रत्येक अतिरिक्त इकाई से मिलने वाली उपयोगिता घटती जाती है।
(लघु उत्तरीय प्रश्न) (4×4 = 16)
6. थोक व्यापार के कोई दो गुण और दो दोष लिखिये ।
Ans. गुण
- बड़े पैमाने पर खरीद से सस्ता माल
- उत्पादकों और खुदरा व्यापारियों में कड़ी
दोष
- अधिक पूँजी की आवश्यकता
- माल खराब होने का जोखिम
7. नस्तीकरण के महत्व को स्पष्ट कीजिये ।
Ans. नस्तीकरण का महत्व
- अनावश्यक पत्रों से मुक्ति
- स्थान की बचत
- कार्यालय कार्य में सरलता
8. सहकारी बैंक की चार विशेषताएँ लिखिये ।
Ans. सहकारी बैंक की चार विशेषताएँ
- स्वैच्छिक संगठन
- सेवा भावना
- लोकतांत्रिक प्रबंधन
- सीमित लाभ
9. चैक तथा हुण्डी में क्या अन्तर है ?
Ans.
| चेक | हुण्डी |
|---|---|
| बैंक पर लिखा जाता है | व्यक्ति पर लिखा जाता है |
| मांग पर देय | अवधि के बाद देय |
| अनिवार्य रेखांकन | रेखांकन आवश्यक नहीं |
(दीर्घ उत्तरीय प्रश्न) ( प्रत्येक प्रश्न 8 नंबर)
10. मंगेश ट्रेडर्स के निम्नलिखित तलपट से अन्तिम खाते तैयार कीजिए:

समायोजनायें
(i) 31 मार्च 2021 को अन्तिम हतिया का मूल्याकन लागत मूल्य पर रु० 10,000 और बाजार मूल्य रु० 20,000 था।
(ii) अदत्त कार्यालय बेतन रु० 1,000
(iii) पूर्वदत्त मजदूरी रु० 1,000
(iv) कार्यालय यंत्र, मोटर बैन और प्लाण्ट तथा मशीनरी पर क्रमश 5%, 10% और 15% ह्रास लगाइए।
अथवा
10. रोकड़ बही क्या है ? खुदरा रोकड़ बही व्यवस्था में इम्प्रेस्ट प्रणाली को स्पष्ट करें ।
Ans. रोकड़ बही (Cash Book)
रोकड़ बही वह लेखा-पुस्तक है जिसमें नकद प्राप्तियों (Cash Receipts) और नकद भुगतानों (Cash Payments) का दिनांकवार और क्रमबद्ध लेखा किया जाता है। यह जर्नल और खाता बही दोनों का कार्य करती है। रोकड़ बही के आधार पर ही नकद शेष (Cash Balance) ज्ञात किया जाता है।
रोकड़ बही के मुख्य प्रकार
- साधारण रोकड़ बही
- दो स्तम्भीय रोकड़ बही
- तीन स्तम्भीय रोकड़ बही
- खुदरा रोकड़ बही (Petty Cash Book)
खुदरा रोकड़ बही (Petty Cash Book)
खुदरा रोकड़ बही में छोटे-छोटे व बार-बार होने वाले खर्चों जैसे डाक, स्टेशनरी, चाय-पानी, किराया आदि का लेखा रखा जाता है। इससे मुख्य रोकड़ बही पर कार्यभार कम हो जाता है।
इम्प्रेस्ट प्रणाली (Imprest System)
इम्प्रेस्ट प्रणाली खुदरा रोकड़ बही रखने की सबसे लोकप्रिय और वैज्ञानिक प्रणाली है।
प्रणाली का अर्थ
इस प्रणाली में खुदरा रोकड़िये (Petty Cashier) को निश्चित राशि अग्रिम दी जाती है, जिसे इम्प्रेस्ट राशि कहते हैं।
कार्य विधि
- मान लीजिए, खुदरा रोकड़िये को ₹1,000 इम्प्रेस्ट राशि दी गई।
- वह इसी राशि में से छोटे-छोटे खर्च करता है।
- निश्चित अवधि (जैसे सप्ताह या माह) के अंत में
- जितना खर्च हुआ होता है,
- उतनी ही राशि उसे फिर से दे दी जाती है।
- इस प्रकार हर अवधि के प्रारम्भ में उसके पास हमेशा वही निश्चित राशि रहती है।
उदाहरण
यदि ₹1,000 में से ₹350 खर्च हुए,
तो उसे ₹350 पुनः दे दिए जाएंगे और शेष फिर ₹1,000 हो जाएगा।
इम्प्रेस्ट प्रणाली के लाभ
- धोखाधड़ी की संभावना कम
- खर्चों पर नियंत्रण
- लेखांकन सरल व व्यवस्थित
- समय और श्रम की बचत
11. मैसर्स अशोका एजेन्सी, कानपुर ने निम्नांकित माल मैसर्स कनौजिया ब्रदर्स, फैजाबाद को भेजा:
(i) गंगा साबुन (प्रत्येक पेटी में 120 टिकिया) दर रु० 70 प्रति दर्जन ।
(ii) 7 पेटी पैराशूट नारियल तेल प्रत्येक पेटी में 200 मिली की 252 शीशियाँ हैं, दर रु० 80 प्रति दर्जन शीशियाँ ।
(iii) 32 टिन डालडा बनस्पति घी (प्रत्येक टिन 5 किग्रा) दर रु० 35 प्रति किग्रा ।
(iv) 12 पेटी लाइफबॉय साबुन (प्रत्येक पेटी में 10 दर्जन साबुन है) दर रु० 65 प्रति दर्जन । ग्राहक को 72% व्यापारिक छूट उपलब्ध है।
माल भेजने में (i) पैकिंग व्यय रु० 12 प्रति पेटी (वनस्पति घी पर रु० 2 प्रति टीन). (ii) ठेला भाड़ा रु० 80, (iii) रेल भाड़ा रु० 320 तथा (iv) बीमा व्यय रु० 120 ।
उपर्वक्त विवरण के आधार पर उचित प्रारूप में बीजक तैयार कीजिये ।
अथवा
भारतीय रिजर्व बैंक के मुख्य कार्यों का वर्णन कीजिये।
Ans. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मुख्य कार्य
भारतीय रिजर्व बैंक भारत का केन्द्रीय बैंक है। इसकी स्थापना 1 अप्रैल 1935 को हुई थी। यह देश की मौद्रिक एवं बैंकिंग प्रणाली का नियंत्रक है। इसके प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं—
1. नोट निर्गमन का कार्य (Issue of Currency Notes)
भारतीय रिजर्व बैंक को भारत में नोट जारी करने का एकाधिकार प्राप्त है (₹1 के नोट और सिक्के भारत सरकार द्वारा जारी किए जाते हैं)। यह देश में मुद्रा की पर्याप्त और सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करता है।
2. सरकार का बैंक, अभिकर्ता और सलाहकार
- केंद्र एवं राज्य सरकारों के खाते रखता है
- सरकार की ओर से भुगतान व प्राप्तियाँ करता है
- सरकारी ऋण एवं ट्रेज़री बिल जारी करता है
- मौद्रिक एवं वित्तीय मामलों पर सलाह देता है
3. बैंकों का बैंक (Banker’s Bank)
- वाणिज्यिक बैंक अपने नकद आरक्षित धन RBI के पास रखते हैं
- आवश्यकता पड़ने पर RBI बैंकों को ऋण व पुनर्वित्त प्रदान करता है
- अंतिम आश्रयदाता (Lender of Last Resort) के रूप में कार्य करता है
4. साख नियंत्रण का कार्य (Credit Control)
RBI देश में ऋण की मात्रा को नियंत्रित करता है ताकि
- मुद्रास्फीति (महँगाई) पर नियंत्रण हो
- आर्थिक स्थिरता बनी रहे
मुख्य साधन
- बैंक दर
- रेपो व रिवर्स रेपो दर
- नकद आरक्षित अनुपात (CRR)
- वैधानिक तरलता अनुपात (SLR)
- खुले बाजार की क्रियाएँ
5. विदेशी विनिमय का नियंत्रण
RBI विदेशी मुद्रा के विनिमय को नियंत्रित करता है तथा विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserve) का प्रबंधन करता है।
6. क्लियरिंग हाउस का कार्य
विभिन्न बैंकों के बीच चेकों और भुगतान का निपटान (Clearing) RBI के माध्यम से होता है।
7. बैंकों पर नियंत्रण एवं निरीक्षण
- बैंकों को लाइसेंस देना
- बैंकों के खातों का निरीक्षण
- बैंकिंग नियमों का पालन सुनिश्चित करना
8. आर्थिक विकास में सहायता
- कृषि, उद्योग व निर्यात को प्रोत्साहन
- नाबार्ड व अन्य संस्थानों के माध्यम से विकास योजनाओं में सहयोग
12. व्यय और बचत के पारस्परिक सम्बन्ध को स्पष्ट कीजिये तथा इसके सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालिये ।
Ans. व्यय और बचत का पारस्परिक सम्बन्ध
व्यक्ति की आय का उपयोग मुख्यतः व्यय और बचत—इन दो रूपों में किया जाता है।
आय, व्यय और बचत के बीच निम्न सम्बन्ध पाया जाता है—
बचत = आय – व्यय
अर्थात् आय में से आवश्यक एवं अनावश्यक खर्च घटाने के बाद जो शेष बचता है, वही बचत कहलाती है।
- व्यय बढ़ने पर बचत घटती है
- व्यय घटने पर बचत बढ़ती है
- यदि आय स्थिर हो और व्यय बढ़ जाए, तो बचत शून्य या ऋणात्मक भी हो सकती है
- आय में वृद्धि होने पर व्यय और बचत दोनों बढ़ सकते हैं
इस प्रकार व्यय और बचत एक-दूसरे के विपरीत अनुपात में होते हैं।
व्यय और बचत का सामाजिक महत्व
व्यय और बचत का न केवल व्यक्तिगत बल्कि सामाजिक एवं राष्ट्रीय महत्व भी है—
1. पूँजी निर्माण में सहायता
बचत से पूँजी का निर्माण होता है, जिससे उद्योग, व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ते हैं।
2. आर्थिक विकास
अधिक बचत से निवेश बढ़ता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है।
3. भविष्य की सुरक्षा
बचत व्यक्ति और समाज को बीमारी, बेरोजगारी और आपात स्थितियों से सुरक्षा प्रदान करती है।
4. सामाजिक स्थिरता
संतुलित व्यय और उचित बचत से आर्थिक असमानता कम होती है और सामाजिक स्थिरता बनी रहती है।
5. राष्ट्रीय योजनाओं में सहायता
बचत बैंकों व वित्तीय संस्थानों के माध्यम से सरकारी विकास योजनाओं को गति देती है।
अथवा
उत्पत्ति ह्रास नियम को समझाइये ।
Ans. उत्पत्ति ह्रास नियम (Law of Diminishing Marginal Utility)
(क) नियम का अर्थ
उत्पत्ति ह्रास नियम अर्थशास्त्र का एक महत्वपूर्ण नियम है।
इस नियम के अनुसार—
जब किसी व्यक्ति द्वारा एक ही वस्तु की इकाइयों का निरन्तर उपभोग किया जाता है, तो प्रत्येक अतिरिक्त इकाई से प्राप्त होने वाली उपयोगिता क्रमशः घटती जाती है।
अर्थात् पहली इकाई से अधिक संतुष्टि मिलती है, दूसरी से कम और आगे चलकर उपयोगिता शून्य या ऋणात्मक भी हो सकती है।
(ख) नियम की व्याख्या (उदाहरण सहित)
मान लीजिए कोई व्यक्ति भूखा है और वह सेब खाता है—
| उपभोग की इकाइयाँ | प्राप्त उपयोगिता |
|---|---|
| पहली सेब | अधिक |
| दूसरी सेब | कम |
| तीसरी सेब | बहुत कम |
| चौथी सेब | शून्य |
| पाँचवीं सेब | ऋणात्मक |
इससे स्पष्ट है कि उपभोग बढ़ने के साथ-साथ सीमान्त उपयोगिता घटती जाती है।
(ग) नियम की विशेषताएँ
- यह नियम सीमान्त उपयोगिता से सम्बन्धित है।
- यह नियम अल्पकाल में लागू होता है।
- एक समय में एक ही वस्तु के उपभोग पर लागू होता है।
- उपयोगिता में ह्रास क्रमिक होता है।
(घ) नियम की शर्तें (Assumptions)
- उपभोग की जाने वाली वस्तु समरूप (Homogeneous) हो।
- उपभोग निरन्तर हो, बीच में समयान्तर न हो।
- उपभोक्ता की आय, रुचि व आदतें समान रहें।
- उपभोक्ता तर्कसंगत हो।
(ङ) नियम का महत्व
- उपभोक्ता के व्यवहार की व्याख्या करता है।
- मांग के नियम का आधार है।
- कर व्यवस्था और मूल्य निर्धारण में सहायक है।
(च) नियम के अपवाद
- ज्ञान और शिक्षा
- मुद्रा
- नशे की वस्तुएँ
- संग्रह की वस्तुएँ