U.P Board Class 10 Vanijya 829 Question Paper 2025 का उत्तर आप यहाँ से प्राप्त कर सकते हैं। जिसका कोई भी शुल्क आपसे नहीं लिया जायेगा। आइये विस्तार से सभी प्रश्नो को जानते हैं।

सत्र – 2025
वाणिज्य
समय: तीन घण्टे 15 मिनट पूर्णांक: 70
नोट : प्रारम्भ के 15 मिनट परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए निर्धारित हैं।
i) सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
ii) यह प्रश्नपत्र दो खण्डों, खण्ड अ तथा खण्ड व में विभक्त है।
iii) खण्ड – अ में 1 अंक के 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं जिनके सही उत्तर ओ० एम० आर० उत्तर पत्रक पर नीले अथवा काले बाल प्वाइंट कलम से सही विकल्प वाले गोले को पूर्ण रूप से काला कर चिह्नित करें।
iv) खण्ड – अ के प्रत्येक प्रश्न का निर्देश पढ़कर केवल प्रदत्त ओ० एम० आर० उत्तर पत्रक पर ही उत्तर दें। ओ० एम०आर० उत्तर पत्रक पर उत्तर देने के पश्चात उसे नहीं काटें तथा इरेजर अथवा व्हाइटनर का प्रयोग न करें ।
v) प्रश्न के अंक उसके सम्मुख अंकित हैं।
vi) खण्ड-व में 50 अंक के वर्णनात्मक प्रश्न हैं।
vii) खण्ड-व में सभी प्रश्नों के उत्तर एक साथ ही करें ।
viii) प्रथम प्रश्न से आरम्भ कीजिए तथा अन्तिम प्रश्न तक करते जाइए। जो प्रश्न न आता हो उस पर समय नष्ट न कीजिए।
खण्ड – अ
(बहुविकल्पीय प्रश्न)
निर्देश : प्रश्न संख्या 1 से 20 बहुविकल्पीय हैं। निम्नलिखित प्रश्नों में प्रत्येक के चार-चार वैकल्पिक उत्तर दिए गए हैं। उनमें से सही विकल्प चुनकर क्रमवार ओ० एम० आर० उत्तर पत्रक पर अंकित करें ।
1. अल्पकालिक विनियोग है-
(A) चालू सम्पत्ति
(B) स्थायी सम्पत्ति
(C) (A) तथा (B) दोनों
(D) इनमें से कोई नहीं
Ans. (A) चालू सम्पत्ति
2. लेनदारों से भुगतान पर प्राप्त छूट-
(A) व्यापार की आय है
(B) व्यापार का व्यय है
(C)(A) तथा (B) दोनों
(D) इनमें से कोई नहीं
Ans. (A) व्यापार की आय है
3. चैक पर लेखक का हस्ताक्षर होना-
(A) आवश्यक नहीं है
(B) वांछनीय है
(C) आवश्यक है
(D) इनमें से कोई नहीं
Ans. (C) आवश्यक है
4. विनिमय-विपत्र …….. खाता है।
(A) व्यक्तिगत
(B) वास्तविक
(C) अवास्तविक
(D) इनमें से कोई नहीं
Ans. (A) व्यक्तिगत
5. संकेत काड़ों का प्रयोग किया जाता है-
(A) पत्र-पेटी अनुक्रमणिका में
(B) स्वरात्मक अनुक्रमणिका में
(C) कार्ड अनुक्रमणिका में
(D) श्रृंखला अनुक्रमणिका में
Ans. (C) कार्ड अनुक्रमणिका में
6. टाइपराइटर का अविष्कार किया था-
(A) हेनरी मिल ने
(B) अलेक्जेण्डर ग्राहम बेल ने
(C) अलेक्जेण्डर बेन ने
(D) इनमें से कोई नहीं
Ans. (A) हेनरी मिल ने
7. शीघ्र सन्देश वाहन का साधन है-
(A) टेलीफोन
(B) फैक्स
(C) इण्टरनेट
(D) इनमें से सभी
Ans. (D) इनमें से सभी
8. उत्पादक से अधिक मात्रा में नकद माल क्रय करता है-
(A) थोक व्यापारी
(B) फुटकर व्यापारी
(C) आगत व्यापारी
(D) इनमें से कोई नहीं
Ans. (A) थोक व्यापारी
9. उपभोक्ताओं को सीधे माल का विक्रय किया जाता है-
(A) उत्पादक द्वारा
(B) थोक व्यापारी द्वारा
(C) फुटकर व्यापारी द्वारा
(D) इनमें से सभी
Ans. (C) फुटकर व्यापारी द्वारा
10. एजेण्ट द्वारा अपने मूलधन को बनाकर भेजा जाता है-
(A) बीजक
(B) विक्रय विवरण
(C) नाम की चिट्ठी
(D) इनमें से कोई नहीं
Ans. (B) विक्रय विवरण
11. बीजक मुख्यतया …… प्रतियों में बनाया जाता है।
(A) दो
(B) तीन
(C) चार
(D) पाँच
Ans. (B) तीन
12. ‘बैंक लॉकर्स की सुविधा देता है।’ यह कार्य है
(A) मुख्य कार्य
(B) सामान्य कार्य
(C) एजेन्सी सम्बन्धी कार्य
(D) अन्य कार्य
Ans. (D) अन्य कार्य
13. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की स्थापना कब हुई थी?
(A) 1955 में
(B) 1941 में
(C) 1949 में
(D) इनमें से कोई नहीं
Ans. (A) 1955 में
14. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का वर्जित कार्य है-
(A) जमायें स्वीकार करना
(B) ऋण देना
(C) समाशोधन कार्य
(D) अपने अंशों की जमानत पर 6 माह से अधिक का ऋण लेना
Ans. (D) अपने अंशों की जमानत पर 6 माह से अधिक का ऋण लेना
15. निम्नलिखित में से कौन सा व्यापारिक बैंक नहीं है ?
(A) रिज़र्व बैंक ऑफ इण्डिया
(B) यूनियन बैंक ऑफ इण्डिया
(C) इण्डियन बैंक
(D) केनरा बैंक
Ans. (A) रिज़र्व बैंक ऑफ इण्डिया
16. सहकारी बैंक हैं-
(A) दीर्घ स्तरीय वित्तीय संस्थान
(B) लघु स्तरीय वित्तीय संस्थान
(C) मध्यम स्तरीय वित्तीय संस्थान
(D) इनमें से कोई नहीं
Ans. (B) लघु स्तरीय वित्तीय संस्थान
17. देशी बैंकर्स को नियंत्रित किये जाते हैं-
(A) केन्द्रीय सरकार द्वारा
(B) राज्य सरकार द्वारा
(C) भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा
(D) इनमें से कोई नहीं
Ans. (C) भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा
18. पूँजी निर्माण में सहायक है-
(A) व्यय
(B) बचत
(C) जमाखोरी
(D) इनमें से सभी
Ans. (B) बचत
19. उत्पादन के साधन हैं-
(A) भूमि
(B) श्रम
(C) पूँजी
(D) इनमें से सभी
Ans. (D) इनमें से सभी
20. उपयोगिता में परिवर्तन हो जाता है-
(A) समय के अनुसार
(B) स्थान के अनुसार
(C) परिस्थिति के अनुसार
(D) इनमें से सभी
Ans. (D) इनमें से सभी
खण्ड – ब
(अति लघु उत्तरीय प्रश्न)
1. लाभ-हानि खाते के क्रेडिट पक्ष में लिखी जानेवाली दो मदों को लिखिये ।
Ans.
- सकल लाभ
- अन्य आय (जैसे— कमीशन, ब्याज, छूट)
2. विनिमय विपत्र को परिभाषित कीजिये ।
Ans. विनिमय विपत्र एक लिखित तथा कानूनी दस्तावेज होता है, जिसमें एक व्यक्ति (आदेशकर्ता) दूसरे व्यक्ति (आदेशित) को यह आदेश देता है कि वह एक निश्चित तिथि पर अथवा मांग पर किसी तीसरे व्यक्ति या उसके आदेश पर एक निश्चित धनराशि का भुगतान करे। यह व्यापारिक लेन-देन में ऋण के भुगतान का एक महत्वपूर्ण साधन है।
3. लेटी हुई नस्तीकरण प्रणाली की किन्हीं दो विधियों के नाम लिखिये ।
Ans.
- वर्णक्रमानुसार विधि
- विषयानुसार विधि
4. भारतीय स्टेट बैंक की दो प्रमुख सफलतायें बताइये ।
Ans.
- भारतीय स्टेट बैंक ने ग्रामीण तथा पिछड़े क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया है।
- कृषि, उद्योग एवं व्यापार के विकास हेतु ऋण प्रदान कर आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
5. बचत को परिभाषित कीजिए।
Ans. आय का वह भाग जो वर्तमान उपभोग में खर्च न होकर भविष्य के उपयोग के लिए सुरक्षित रखा जाता है, उसे बचत कहते हैं।
(लघु उत्तरीय प्रश्न)
6. विनिमय विपत्र एवं हुण्डी में अन्तर लिखिये ।
Ans.
| आधार | विनिमय विपत्र | हुण्डी |
|---|---|---|
| परिभाषा | लिखित एवं कानूनी दस्तावेज | परंपरागत व्यापारिक साधन |
| मान्यता | विधि द्वारा मान्य | प्रथा पर आधारित |
| भाषा | लिखित रूप में | प्रायः मौखिक |
| उपयोग | आधुनिक व्यापार में | देशी व्यापार में |
7. कार्ड अनुक्रमणिका के चार लाभों का वर्णन कीजिये ।
Ans.
- इसमें आवश्यक अभिलेखों की खोज शीघ्रता से की जा सकती है।
- इसमें नये कार्ड जोड़ना या हटाना सरल होता है।
- यह प्रणाली समय और श्रम दोनों की बचत करती है।
- अभिलेख सुरक्षित रहते हैं तथा अव्यवस्था नहीं होती।
8. भारतीय रिजर्व बैंक के चार प्रमुख कार्यों का वर्णन कीजिये ।
Ans.
- नोट निर्गमन: रिजर्व बैंक देश में नोट जारी करने का एकमात्र अधिकार रखता है।
- सरकार का बैंक: यह केंद्र व राज्य सरकारों के बैंक के रूप में कार्य करता है।
- बैंकों का बैंक: यह वाणिज्यिक बैंकों को ऋण तथा मार्गदर्शन प्रदान करता है।
- ऋण नियंत्रण: मौद्रिक नीति द्वारा देश में ऋण पर नियंत्रण रखता है।
9. बचत करने की कौन सी विधियाँ हैं ?
Ans.
- बैंक में जमा करना
- डाकघर की बचत योजनाएँ
- जीवन बीमा
- शेयर, बॉण्ड एवं अन्य निवेश
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
10. निम्नलिखित तलपट से 31 मार्च, 2024 को समाप्त होने वाले वर्ष के लिये व्यापारिक एवं लाभ-हानि खाता तथा उसी तिथि का आर्थिक चिट्ठा तैयार कीजिये :
तलपट 31 मार्च, 2024

समायोजनायें :
(i) अन्तिम रहतिया रु० 1,500 |
Ans. अन्तिम रहतिया व्यापार खाते के क्रेडिट पक्ष में तथा आर्थिक चिट्ठे की सम्पत्ति पक्ष में ₹1,500 से दिखाया जाएगा।
( ii) मशीन पर 5% वार्षिक की दर से ह्रास काटिये ।
Ans. मशीन का मूल्य = ₹2,000
ह्रास @5% = ₹100
₹100 मशीन पर ह्रास लाभ-हानि खाते के डेबिट पक्ष में लिखा जाएगा तथा आर्थिक चिट्ठे में मशीन के मूल्य से घटाया जाएगा।
(iii) देनदारों पर 5% की दर से अप्राप्य एवं संदिग्ध ऋणों के लिय संचय कीजिए।
Ans. देनदार = ₹8,000
संचय @5% = ₹400
₹400 अप्राप्य एवं संदिग्ध ऋणों का संचय लाभ-हानि खाते के डेबिट पक्ष में तथा आर्थिक चिट्ठे में देनदारों से घटाकर दिखाया जाएगा।
(iv) 2% की दर में देनदारों पर कटौती के लिये संचय कजिये।
Ans. देनदार = ₹8,000
छूट संचय @2% = ₹160
₹160 छूट के लिए संचय लाभ-हानि खाते के डेबिट पक्ष में तथा आर्थिक चिट्ठे में देनदारों से घटाकर दर्शाया जाएगा।
(v) रु० 200 वेतन अदत्त है।
Ans. ₹200 बकाया वेतन लाभ-हानि खाते के डेबिट पक्ष में जोड़ा जाएगा तथा आर्थिक चिट्ठे के दायित्व पक्ष में बकाया वेतन के रूप में दिखाया जाएगा।
अथवा
समायोजन लेखों से क्या आशय है ? निम्न समायोजनाओं के जर्नल लेखे कल्पित धनराशि दिखाते हुए कीजिए।
(i) अन्तिम रहतिया
(ii) पूँजी पर व्याज
(iii) आहरण पर व्याज
(iv) देनदारों पर छूट के लिये प्रावधान
(v) अशोध्य एवं संदिग्ध ऋणों के लिये प्रावधान।
Ans. लेखा वर्ष के अन्त में आय और व्यय को उसी वर्ष से सम्बन्धित करने, शुद्ध लाभ या हानि ज्ञात करने तथा आर्थिक चिट्ठे को यथार्थ रूप देने के लिए जो लेखे किए जाते हैं, उन्हें समायोजन लेखे कहा जाता है।
समायोजनाओं के जर्नल लेखे (कल्पित धनराशि सहित)
(i) अन्तिम रहतिया ₹5,000
जर्नल लेखा:
अन्तिम रहतिया खाता Dr. 5,000
से व्यापार खाता 5,000
(ii) पूँजी पर व्याज ₹1,000
जर्नल लेखा:
पूँजी पर व्याज खाता Dr. 1,000
से पूँजी खाता 1,000
(iii) आहरण पर व्याज ₹500
जर्नल लेखा:
आहरण खाता Dr. 500
से आहरण पर व्याज खाता 500
(iv) देनदारों पर छूट के लिये प्रावधान ₹400
जर्नल लेखा:
लाभ-हानि खाता Dr. 400
से देनदारों पर छूट हेतु प्रावधान खाता 400
(v) अशोध्य एवं संदिग्ध ऋणों के लिये प्रावधान ₹600
जर्नल लेखा:
लाभ-हानि खाता Dr. 600
से अशोध्य एवं संदिग्ध ऋण प्रावधान खाता 60011. सर्वश्री शिव ब्रदर्स, लखनऊ ने सर्वश्री गणपति एण्ड कम्पनी, प्रयागराज को निम्नलिखित माल बेचा
10 दर्जन छाते दर रु० 600 प्रति दर्जन ।
2 दर्जन फेल्ट हैट, दर रु० 500 प्रति दर्जन
10 दर्जन बरसाती, दर रु० 1,200 प्रति दर्जन ।
शर्त – एक माह में भुगतान करने पर 2% नकद छूट एवं 10% व्यापारिक छूट ।
खचें- पैकिंग रु० 70, दुलाई रु० 80 ।
उपर्युक्त से एक बीजक तैयार कीजिये ।
Ans. विक्रेता :
सर्वश्री शिव ब्रदर्स
लखनऊ
क्रेता :
सर्वश्री गणपति एण्ड कम्पनी
प्रयागराज
माल का विवरण
| वस्तु | मात्रा | दर (₹) | राशि (₹) |
|---|---|---|---|
| छाते | 10 दर्जन | 600 प्रति दर्जन | 6,000 |
| फेल्ट हैट | 2 दर्जन | 500 प्रति दर्जन | 1,000 |
| बरसाती | 10 दर्जन | 1,200 प्रति दर्जन | 12,000 |
| कुल राशि | 19,000 |
कम : व्यापारिक छूट @ 10%
= 10% of 19,000 = 1,900
शुद्ध माल राशि = 19,000 − 1,900 = 17,100
जोड़ें : खर्चे
पैकिंग = ₹70
दुलाई = ₹80
कुल खर्चे = ₹150
देय राशि (Invoice Amount)
= 17,100 + 150 = ₹17,250
शर्तें
- एक माह में भुगतान करने पर 2% नकद छूट देय होगी।
अथवा
भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना के क्या उद्देश्य थे? इसकी सफलताओं का वर्णन कीजिए ।
Ans. भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना 1 अप्रैल 1935 को देश की मौद्रिक व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए की गई। इसके प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित थे—
- देश में मुद्रा एवं साख (ऋण) व्यवस्था को नियंत्रित करना।
- नोटों के निर्गमन का एकाधिकार प्राप्त करना।
- वाणिज्यिक बैंकों पर नियंत्रण एवं उनका मार्गदर्शन करना।
- सरकार के बैंक, अभिकर्ता एवं सलाहकार के रूप में कार्य करना।
- देश की आर्थिक स्थिरता बनाए रखना।
भारतीय रिज़र्व बैंक की प्रमुख सफलताएँ
- देश में सुव्यवस्थित मौद्रिक व्यवस्था स्थापित की।
- बैंकिंग प्रणाली को संगठित एवं नियंत्रित किया।
- कृषि, उद्योग एवं व्यापार के विकास में ऋण सुविधा प्रदान की।
- मुद्रास्फीति पर नियंत्रण कर आर्थिक संतुलन बनाए रखा।
- वित्तीय संस्थाओं के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
12. बचत की प्रमुख विशेषताओं एवं महत्व को स्पष्ट कीजिये ।
Ans. बचत की प्रमुख विशेषताएँ
बचत का अर्थ आय के उस भाग से है जिसे व्यक्ति वर्तमान उपभोग में खर्च न करके भविष्य के लिए सुरक्षित रखता है। बचत की पहली प्रमुख विशेषता यह है कि यह भविष्य उन्मुख होती है, अर्थात् इसका उद्देश्य आने वाले समय की आवश्यकताओं की पूर्ति करना होता है। दूसरी विशेषता यह है कि बचत नियमित एवं योजनाबद्ध होती है, जिससे व्यक्ति की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ बनी रहती है।
बचत व्यक्ति में अनुशासन, दूरदर्शिता एवं आत्मसंयम की भावना विकसित करती है। बचत के द्वारा पूँजी का निर्माण होता है, जो आगे चलकर निवेश का आधार बनती है। बचत व्यक्ति को आर्थिक रूप से सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर बनाती है तथा जीवन की अनिश्चितताओं का सामना करने की क्षमता प्रदान करती है।
बचत का महत्व
बचत का महत्व व्यक्तिगत, सामाजिक तथा राष्ट्रीय—तीनों स्तरों पर अत्यधिक है। व्यक्तिगत स्तर पर, बचत व्यक्ति को भविष्य की अनिश्चित परिस्थितियों जैसे बीमारी, दुर्घटना, बेरोजगारी अथवा वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। इससे व्यक्ति तनावमुक्त जीवन जी सकता है।
पारिवारिक स्तर पर, बचत से बच्चों की शिक्षा, विवाह तथा अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति संभव होती है।
सामाजिक एवं राष्ट्रीय स्तर पर, बचत से पूँजी निर्माण होता है, जिससे उद्योग, व्यापार एवं कृषि के विकास को प्रोत्साहन मिलता है। इससे रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और देश की आर्थिक प्रगति होती है।
इस प्रकार बचत न केवल व्यक्ति की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाती है, बल्कि राष्ट्र के समग्र आर्थिक विकास की आधारशिला भी है।
अथवा
व्यावसायिक कार्यालय में समय तथा श्रम बचाने वाले उपकरणों का वर्णन कीजिये ।
Ans. आधुनिक व्यावसायिक कार्यालयों में कार्य की गति बढ़ाने, त्रुटियाँ कम करने तथा समय एवं श्रम की बचत के लिए अनेक उपकरणों का प्रयोग किया जाता है। इन उपकरणों से कार्यालयीय कार्य सरल, शीघ्र एवं अधिक प्रभावी हो जाता है। प्रमुख उपकरण निम्नलिखित हैं—
1. टाइपराइटर / कम्प्यूटर
टाइपराइटर तथा कम्प्यूटर की सहायता से पत्र, रिपोर्ट, लेखे एवं अन्य दस्तावेज शीघ्रता से तैयार किए जाते हैं। कम्प्यूटर में संशोधन, संग्रहण एवं प्रिंट की सुविधा होने से समय की बहुत बचत होती है।
2. कैलकुलेटर
कैलकुलेटर के प्रयोग से जोड़, घटाव, गुणा, भाग जैसे गणनात्मक कार्य शीघ्र और सही रूप से हो जाते हैं, जिससे लेखांकन कार्य आसान हो जाता है।
3. फोटोकॉपी मशीन
इस मशीन द्वारा किसी भी दस्तावेज की अनेक प्रतियाँ कम समय में तैयार की जा सकती हैं, जिससे श्रम और समय दोनों की बचत होती है।
4. फैक्स एवं ई-मेल
फैक्स तथा ई-मेल के माध्यम से सूचनाएँ एवं दस्तावेज तुरंत एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजे जा सकते हैं, जिससे पत्राचार में होने वाली देरी समाप्त हो जाती है।
5. टेलीफोन एवं मोबाइल
इन उपकरणों से त्वरित संवाद संभव होता है, जिससे निर्णय शीघ्र लिए जा सकते हैं और समय की बचत होती है।
6. फाइलिंग एवं अनुक्रमण उपकरण
फाइल, कार्ड अनुक्रमणिका, अलमारी आदि के माध्यम से अभिलेखों का सुरक्षित एवं व्यवस्थित संग्रह किया जाता है, जिससे आवश्यक फाइलें तुरंत मिल जाती हैं।