U.P Board Class 10 Science 824 (IL) Question Paper 2024 का उत्तर आप यहाँ से प्राप्त कर सकते हैं। जिसका कोई भी शुल्क आपसे नहीं लिया जायेगा। आइये विस्तार से सभी प्रश्नो को जानते हैं।
सत्र – 2024
विज्ञान
समय: तीन घण्टे 15 मिनट पूर्णांक: 70
नोट : प्रारम्भ के 15 मिनट परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए निर्धारित हैं।
निर्देश:
i) प्रश्नपत्र दो खण्डों – खण्ड-अ तथा खण्ड-ब में विभाजित है।
ii) खण्ड-अ तथा खण्ड-ब तीन उपभागों – उपभागों (1), (2), (3) में विभाजित हैं।
iii) प्रश्नपत्र के खण्ड-अ में बहुविकल्पीय प्रश्न हैं जिनमें सही विकल्प का चुनाव कर ओ०एम०आर० उत्तर पत्रक पर नीले अथवा काले बॉल प्वाइंट पेन से सही विकल्प वाले गोले को पूर्ण रूप से भरें। ओ० एम० आर० उत्तर पत्रक पर उत्तर देने के पश्चात उसे नहीं काटें तथा इरेजर अथवा ह्राइटनर का प्रयोग न करें।
iv) खण्ड-अ में बहुविकल्पीय प्रश्न हेतु प्रत्येक प्रश्न के लिए 1 अंक निर्धारित है।
v) खण्ड-ब में वर्णनात्मक प्रश्न हैं।
vi) प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उनके निर्धारित अंक दिये गये हैं।
vii) खण्ड-ब के प्रत्येक उपभाग के सभी प्रश्न एक साथ करना आवश्यक है। प्रत्येक उपभाग नए पृष्ठ से प्रारम्भ किया जाए।
viii) सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
खण्ड अ (बहुविकल्पीय प्रश्न)
उपभाग (1)
1. किसी वस्तु का आभासी एवं आकार में बड़ा प्रतिबिंब बनाने के लिए कौन-से दर्पण का प्रयोग करना चाहिए ?
(A) उत्तल
(B) अवतल
(C) समतल
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
Ans. (B) अवतल
2. किसी वस्तु का आभासी एवं आकार में बड़ा प्रतिबिंब बनाने के लिए कौन में लेंस का प्रयोग करना चाहिए?
(A) उत्तल
(B) अवतल
(C) समतल
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
Ans. (A) उत्तल
3. आकाश के नीले रंग दिखने का कारण होता है:
(A) परावर्तन
(B) अपवर्तन
(C) प्रकीर्णन
(D) विक्षेपण
Ans. (C) प्रकीर्णन
4. प्रकाश की चाल अधिकतम होती है:
(A) जल में
(B) काँच में
(C) हीरे में
(D) निर्वात में
Ans. (D) निर्वात में
5. यदि तीन विभिन्न मानों के प्रतिरोधों को श्रेणीक्रम समायोजन में जोड़ा जाए, तो उन सभी में निश्चित रूप से एक ही मान होगा:
(A) प्रत्येक प्रतिरोध के सिरों के बीच विभवान्तर का
(B) प्रत्येक प्रतिरोध में उत्पन्न होने वाली ऊष्मा का
(C) प्रत्येक प्रतिरोध में प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा का
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
Ans. (C) प्रत्येक प्रतिरोध में प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा का
6. किसी विद्युत परिपथ में, किसी प्रतिरोध के सिरों के बीच विभवान्तर की इकाई होती है :
(A) ओम
(B) ऐम्पियर
(C) बोल्ट
(D) वाट
Ans. (C) बोल्ट
7. एक चुम्बकीय क्षेत्र में, क्षेत्र के लम्बवत् स्थित विद्युत धारावाही चालक पर लगने वाले बल की दिशा होती है :
(A) चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा के समानान्तर
B) चालक में प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा की दिशा के समानान्तर
(C) इन दोनों दिशाओं के लम्बवत्
(D) उक्ति में में कोई नहीं
Ans. (C) इन दोनों दिशाओं के लम्बवत्
8. ऐल्केनों का सामान्य सूत्र है:
(A) CnH2n-2
(B) CnH2n+2
(C) CnH2n
(D) C2H4
Ans. (B) CnH2n+2
9. निम्नलिखित में समजातीय श्रेणी हैं:
(i) C₂H₄ तथा C3H6
(ii) CH3OH तथा CH3CHO
(iii) HCHO तथा CH3CHO
(iv) C2H5OH तथा CH3OCH3
उपर्युक्त के सन्दर्भ में सही विकल्प है :
(A) (i) एवं (ii)
(B) (i) एवं (iv)
(C) (ii) एवं (iv)
(D) (i) एवं (iii)
Ans. (D) (i) एवं (iii)
10. निम्नलिखित में से कौन-सा धातु ठण्डे जल के साथ हाइड्रोजन गैस बनाता है ?
(A) ताँबा
(B) सोना
(C) पोटैशियम
(D) ऐलुमिनियम
Ans. (C) पोटैशियम
11. शून्य pH वाला विलयन होता है :
(A) अम्लीय
(B) क्षारीय
(C) उदासीन
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
Ans. (A) अम्लीय
12. सूर्य के प्रकाश एवं पर्णहरिम की उपस्थिति में CO₂ तथा H₂O के संयोजन से निम्नलिखित में से कौन-सा यौगिक बनता है ?
(A) ग्लूकोज़
(B) CHCl3
(C) CCl4
(D) CFCl3
Ans. (A) ग्लूकोज़
13. निम्नलिखित रासायनिक समीकरण को पूर्ण करने में निम्नलिखित में से कौन-सा यौगिक प्रयुक्त होता है?
CH3COONa + …….. → CH4 + Na2CO3
(A) KOH
(B) NaOH
(C) NH4OH
(D) Ca(OH)2
Ans. (B) NaOH
14. पौधों में स्लोएम का कार्य होता है:
(A) जल व खनिज पदार्थों का परिवहन
(B) वाष्पोत्सर्जन
(C) खाद्य-पदार्थों का स्थानान्तरण
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
Ans. (C) खाद्य-पदार्थों का स्थानान्तरण
15. मनुष्यों में, पाचन की शुरुआत किस अंग से होती है?
(A) मुख से
(B) यकृत से
(C) छोटी आँत से
(D) पित्ताशय से
Ans. (A) मुख से
16. निम्नलिखित में से कौन-सा एक पादप हॉर्मोन है ?
(A) थायरॉक्सिन
(B) जिबरेलिन
(C) एस्ट्रोजन
(D) इंसुलिन
Ans. (B) जिबरेलिन
17. वृद्धि हॉर्मोन स्रावित होता है:
(A) थायरॉइड ग्रंथि से
(B) पिट्यूटरी (पीयूष) ग्रंथि से’
(C) अधिवृक्क ग्रंथि से
(D) अग्न्याशय से
Ans. (B) पिट्यूटरी (पीयूष) ग्रंथि से’
18. निम्नलिखित में से कौन-सा परागकोश के अन्दर बनता है ?
(A) बाह्यदल पुंज (केलिक्स)
(B) पराग कण
(C) अंडाशय
(D) भ्रूणकोष
Ans. (B) पराग कण
19. पुष्प का जनन अंग है:
(A) बाह्यदल पुंज (केलिक्स)
(B) दल-पुंज (कोरोला)
(C) जायांग
(D) तना
Ans. (C) जायांग
20. वायुमंडल की ओज़ोन परत पृथ्वी को बचाती है:
(A) एक्स-किरणों से
(B) पराबैंगनी (UV) किरणों से
(C) गामा किरणों से
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
Ans. (B) पराबैंगनी (UV) किरणों से
खण्ड – ब (वर्णनात्मक प्रश्न)
उप-भाग 1
21. एक मोटर बाइक पर पीछे से आ रहे किसी अन्य वाहन को देखने के लिए 4 मीटर वक्रता त्रिज्या वाला एक उत्तल दर्पण लगा है। बाइक से पीछे आ रहे एक वाहन जिसकी दूरी मोटर बाइक से किसी समय 8 मीटर है, तो गणना करके बताइए कि उसका प्रतिबिंब दर्पण में कितनी दूरी पर और कहाँ बनेगा ।
Ans. दिया गया:
वक्रता त्रिज्या
∴ फोकस दूरी
वस्तु दूरी
दर्पण सूत्र:
प्रतिबिंब दर्पण के पीछे 1.6 मीटर दूरी पर बनेगा।
22. निकट दृष्टिदोष से पीड़ित एक व्यक्ति अधिक-से-अधिक 80 मीटर की दूरी तक ही देख सकता है। गणना कीजिए कि सही दृष्टि के लिए अर्थात् अनंत दूरी तक वस्तु देख सकने के लिए उसे किस प्रकृति तथा किस फोकस दूरी के लेंस का प्रयोग करना चाहिए ।
Ans. दिया गया:
दूर बिंदु = 80 m
वस्तु = ∞
व्यक्ति को अवतल लेंस (Concave lens) का प्रयोग करना चाहिए जिसकी
फोकस दूरी = –80 मीटर होगी।
23. फ्लेमिंग के बाएँ हाथ का नियम क्या है? चुम्बकीय क्षेत्र में रखे विद्युत धारावाही चालक पर लगने वाला बल किन-किन कारकों पर निर्भर करता है?
Ans. यदि बाएँ हाथ की तर्जनी, अंगूठा और मध्यमा उँगली को परस्पर लम्बवत् (90°) फैलाया जाए, तो—
- तर्जनी → चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा दर्शाती है,
- मध्यमा उँगली → विद्युत धारा की दिशा बताती है,
- अंगूठा → चालक पर लगने वाले बल (गति) की दिशा बताता है।
इस नियम का प्रयोग विद्युत मोटर में किया जाता है।
चालक पर लगने वाला बल निम्नलिखित कारकों पर निर्भर करता है—
- चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता (B)
- चालक में प्रवाहित विद्युत धारा (I)
- चुम्बकीय क्षेत्र में स्थित चालक की लंबाई (L)
- चालक और चुम्बकीय क्षेत्र के बीच का कोण
- बल अधिकतम होता है जब चालक क्षेत्र के लम्बवत् रखा हो।
बल का संबंध:
24. घरेलू विद्युत परिपथ की व्यवस्था को चित्र बनाकर स्पष्ट रूप से समझाइए ।
Ans. घरेलू विद्युत परिपथ वह व्यवस्था है जिसके द्वारा घरों में विद्युत उपकरणों को सुरक्षित एवं समान विद्युत आपूर्ति दी जाती है।

- ऊर्जा मीटर
यह घर में उपभोग की गई विद्युत ऊर्जा को मापता है। - मुख्य फ्यूज
अधिक धारा प्रवाहित होने पर गलकर परिपथ को तोड़ देता है और उपकरणों की रक्षा करता है। - मुख्य स्विच
इससे पूरे घर की विद्युत आपूर्ति को एक साथ चालू या बंद किया जा सकता है। - समान्तर संयोजन
घरेलू परिपथ में सभी उपकरण समान्तर क्रम में जुड़े होते हैं, जिससे—- प्रत्येक उपकरण को समान वोल्टेज मिलता है
- एक उपकरण खराब होने पर अन्य प्रभावित नहीं होते
- अर्थिंग (Earth wire)
यह विद्युत रिसाव की स्थिति में धारा को भूमि में भेजकर उपयोगकर्ता को झटके से बचाती है।
अथवा
दिए गए परिपथ में, (i) कुल प्रतिरोध, (ii) सेल से प्रवाहित धारा, तथा (iii) 0.8 प्रतिरोध के सिरों पर विभवान्तर ज्ञात कीजिए ।

Ans. दिया गया परिपथ
- 6 Ω और 2 Ω समान्तर (Parallel) में जुड़े हैं
- इनके साथ 0.8 Ω श्रेणीक्रम (Series) में जुड़ा है
- सेल का विभवान्तर = 12 V
(i) कुल प्रतिरोध ज्ञात कीजिए
पहला चरण: समान्तर प्रतिरोध (6 Ω और 2 Ω)
समान्तर संयोजन का सूत्र:
दूसरा चरण: कुल प्रतिरोध
अब यह 1.5 Ω, 0.8 Ω के साथ श्रेणीक्रम में है:
कुल प्रतिरोध = 2.3 Ω
(ii) सेल से प्रवाहित धारा ज्ञात कीजिए
ओम का नियम:
सेल से प्रवाहित धारा = 5.22 ऐम्पियर
(iii) 0.8 Ω प्रतिरोध के सिरों पर विभवान्तर
श्रेणीक्रम में धारा समान होती है, अतः
0.8 Ω प्रतिरोध के सिरों पर विभवान्तर ≈ 4.18 वोल्ट
उप-भाग 2
25. निम्नलिखित अभिक्रियाओं के लिए संतुलित समीकरण लिखिए :
(i) कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड + कार्बन डाइऑक्साइड → कैल्सियम कार्बोनेट + जल
Ans.
(ii) बेरियम क्लोराइड + पोटैशियम सल्फेट → बेरियम सल्फेट + पोटैशियम क्लोराइड
Ans.
(iii) जिंक + सल्फ्यूरिक अम्ल → जिंक सल्फेट + हाइड्रोजन
Ans.
(iv) सिल्वर नाइट्रेट + ज़िंक क्लोराइड → सिल्वर क्लोराइड + ज़िंक नाइट्रेट
Ans.
26. निम्नलिखित का कारण समझाइए :
(i) एक जस्ते की छड़ को कॉपर सल्फेट विलयन में डालने पर, उसका नीला रंग धीरे धीरे गायव हो जाता है।
Ans. जस्ता (Zn) ताँबा (Cu) की तुलना में अधिक अभिक्रियाशील धातु है। इसलिए जस्ता, कॉपर सल्फेट (CuSO₄) के विलयन से ताँबा को विस्थापित कर देता है।
अभिक्रिया:
CuSO₄ विलयन नीले रंग का होता है, जबकि बना हुआ ZnSO₄ रंगहीन होता है। इसलिए विलयन का नीला रंग धीरे-धीरे गायब हो जाता है और जस्ते की छड़ पर लाल-भूरे रंग का ताँबा जम जाता है।
(ii) आयनिक यौगिकों के गलनांक उच्च होते हैं।
Ans. आयनिक यौगिकों में धनायन (Positive ions) और ऋणायन (Negative ions) के बीच प्रबल वैद्युत आकर्षण बल होता है।
इन आयनों को अलग करने के लिए अधिक ऊर्जा (ऊष्मा) की आवश्यकता होती है, इसलिए आयनिक यौगिकों के गलनांक (Melting point) बहुत अधिक होते हैं।
27. (i)उदासीनीकरण अभिक्रिया क्या है इसके दो उदाहरण लिखिए ।
Ans. जब कोई अम्ल किसी क्षार से अभिक्रिया करके लवण और जल बनाता है, तो उसे उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते हैं।
सामान्य रूप:
उदाहरण:
(ii) भर्जन को उदाहरण सहित समझाइए ।
Ans. तेल या घी में भोजन को उच्च ताप पर पकाने की प्रक्रिया को भर्जन कहते हैं।
उदाहरण:
- समोसा तलना
- पकौड़ी तलना
- पूरी तलना
भर्जन में भोजन स्वादिष्ट एवं कुरकुरा हो जाता है।
(iii) निम्नलिखित यौगिकों के आई.यू.पी.ए.सी. नाम लिखिए :
(क) CH₃–C(=O)–OH
Ans. एथेनोइक अम्ल (Ethanoic acid)
(ख) CH3-CHO
Ans. एथेनाल (Ethanal)
अथवा
निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए :
(i) मिसेल
Ans. जब साबुन या डिटर्जेंट को जल में घोला जाता है, तो उनके अणु एक विशेष गोलाकार संरचना बनाते हैं जिसे मिसेल कहते हैं। मिसेल में जल-विकर्षी सिरा (पूँछ) तेल/मैल को अपनी ओर आकर्षित करता है तथा जल-आकर्षी सिरा (सिर) बाहर की ओर रहता है, जिससे गंदगी जल में घुलकर हट जाती है।
(ii) संक्षारण
Ans. धातुओं का वातावरण (जैसे हवा, नमी, जल आदि) के प्रभाव से धीरे-धीरे नष्ट होना संक्षारण कहलाता है।
उदाहरण के लिए, लोहे पर जंग लगना संक्षारण का प्रमुख उदाहरण है। संक्षारण से धातुएँ कमजोर हो जाती हैं और आर्थिक हानि होती है।
(iii) योगात्मक अभिक्रियाएँ
Ans. वे रासायनिक अभिक्रियाएँ जिनमें दो या अधिक पदार्थ मिलकर एक ही नया पदार्थ बनाते हैं, योगात्मक अभिक्रियाएँ कहलाती हैं। ये अभिक्रियाएँ प्रायः असंतृप्त यौगिकों में होती हैं।
उदाहरण:
उप-भाग 3
28. पुनरुद्भवन व मुकुलन का सचित्र वर्णन कीजिए ।
Ans. पुनरुद्भवन (Regeneration) : जब किसी जीव के शरीर का कटा हुआ भाग पुनः बढ़कर पूरा नया जीव बना लेता है, तो इस प्रक्रिया को पुनरुद्भवन कहते हैं।
उदाहरण: प्लैनारिया (Planaria), हाइड्रा
संक्षिप्त वर्णन: कुछ सरल जीवों में विशेष कोशिकाएँ होती हैं जो विभाजित होकर खोए हुए भागों को फिर से बना देती हैं। यदि प्लैनारिया को टुकड़ों में काट दिया जाए, तो प्रत्येक टुकड़ा नया जीव बन जाता है।
मुकुलन (Budding)
जब किसी जीव के शरीर पर एक छोटी कली (मुकुल) निकलती है, जो बढ़कर नया जीव बन जाती है, तो इसे मुकुलन कहते हैं।
उदाहरण: हाइड्रा, यीस्ट
संक्षिप्त वर्णन: माता जीव के शरीर पर एक उभार बनता है, जिसे मुकुल कहते हैं। यह धीरे-धीरे विकसित होकर स्वतंत्र जीव बन जाता है।
29. मनुष्यों में लिंग निर्धारण प्रक्रिया का सचित्र वर्णन कीजिए ।
Ans. मनुष्यों में लिंग निर्धारण क्रोमोसोम द्वारा होता है। प्रत्येक मानव कोशिका में 46 क्रोमोसोम होते हैं, जिनमें 44 शरीर क्रोमोसोम (आटोसोम) और 2 लिंग क्रोमोसोम होते हैं।
- महिला (स्त्री):
- लिंग क्रोमोसोम: XX
- अंडाणु (Egg) में हमेशा X क्रोमोसोम होता है।
- पुरुष (Male):
- लिंग क्रोमोसोम: XY
- शुक्राणु (Sperm) में X या Y क्रोमोसोम हो सकता है।
- लिंग निर्धारण:
- यदि अंडाणु (X) + शुक्राणु (X) → बच्चा महिला (XX)
- यदि अंडाणु (X) + शुक्राणु (Y) → बच्चा पुरुष (XY)
इस प्रकार, शुक्राणु लिंग निर्धारण में निर्णायक भूमिका निभाता है।
30. प्रकाशानुवर्तन तथा गुरुत्वानुवर्तन को उपयुक्त चित्रों की सहायता से परिभाषित कीजिए।
Ans. 1. प्रकाशानुवर्तन (Phototropism):
प्रकाश के प्रति पौधों की दिशात्मक वृद्धि को प्रकाशानुवर्तन कहते हैं। इसमें पौधों के तने या पत्ते उस दिशा में बढ़ते हैं जहाँ प्रकाश अधिक होता है।
- दिशा: तने प्रकाश की ओर बढ़ते हैं → सकारात्मक प्रकाशानुवर्तन
- जड़ें अक्सर प्रकाश से दूर बढ़ती हैं → नकारात्मक प्रकाशानुवर्तन
2. गुरुत्वानुवर्तन (Gravitropism/Geotropism):
पौधों की धरती के गुरुत्वाकर्षण के प्रति वृद्धि को गुरुत्वानुवर्तन कहते हैं।
- तने: ऊपर की ओर बढ़ते हैं (गुरुत्वाकर्षण के विपरीत) → नकारात्मक गुरुत्वानुवर्तन
- जड़ें: नीचे की ओर बढ़ती हैं (गुरुत्वाकर्षण की दिशा में) → सकारात्मक गुरुत्वानुवर्तन
31. अन्तःस्रावी ग्रन्थियों से आप क्या समझते हैं? मानबों की किन्हीं चार अन्तःस्रावी ग्रन्थियों द्वारा सावित हॉर्मोनों के कार्यों का वर्णन कीजिए ।
Ans. अन्तःस्रावी ग्रन्थियाँ वे ग्रन्थियाँ हैं जो रक्त में सीधे हॉर्मोन छोड़ती हैं। ये ग्रन्थियाँ वाहिकाओं (ducts) के बिना काम करती हैं। हॉर्मोन शरीर में विशेष अंगों और ऊतकों के कार्य को नियंत्रित करते हैं।
उदाहरण: पिट्यूटरी ग्रन्थी, थायरॉइड, एड्रिनल, पैंक्रियास आदि।
चार मुख्य अन्तःस्रावी ग्रन्थियाँ और उनके हॉर्मोन के कार्य
| ग्रन्थी | उत्पन्न हॉर्मोन | हॉर्मोन का कार्य |
|---|---|---|
| पिट्यूटरी (Pituitary) | ग्रोथ हॉर्मोन (GH) | शरीर की वृद्धि को नियंत्रित करता है; हड्डियों और मांसपेशियों के विकास में सहायक। |
| थायरॉइड (Thyroid) | थायरॉक्सिन (T4) | शरीर के चयापचय (metabolism) को नियंत्रित करता है; विकास और ऊर्जा उत्पादन बढ़ाता है। |
| अड्रिनल (Adrenal) | एड्रेनालिन | तनाव या डर की स्थिति में शरीर को तत्पर करता है; हृदय गति और रक्तचाप बढ़ाता है। |
| अग्न्याशय (Pancreas) | इंसुलिन | रक्त में ग्लूकोज का स्तर नियंत्रित करता है; कोशिकाओं में ऊर्जा उपलब्ध कराता है। |
अथवा
पारितंत्र को परिभाषित कीजिए एवं इसके विभिन्न जैविक घटकों का उदाहरण सहित वर्णन कीजिए।
Ans. पारितंत्र वह प्राकृतिक इकाई है जिसमें जीवित और निर्जीव घटक आपस में संपर्क में रहते हैं और ऊर्जा का प्रवाह एवं पोषक तत्वों का चक्रण होता है।
- इसे “Ecosystem” भी कहते हैं।
- उदाहरण: एक तालाब, जंगल, खेत, नदी, समुद्र आदि।
पारितंत्र के जैविक घटक (Biotic Components of Ecosystem):
जीवित घटक को तीन मुख्य भागों में बाँटा जाता है:
| घटक | भूमिका | उदाहरण |
|---|---|---|
| उत्पादक (Producers) | ये प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) करके अपनी ऊर्जा बनाते हैं और पूरे पारितंत्र के लिए ऊर्जा का आधार होते हैं। | पेड़, घास, पानी में शैवाल (Algae) |
| उपभोक्ता (Consumers) | ये जीव उत्पादकों या अन्य उपभोक्ताओं को खाकर ऊर्जा प्राप्त करते हैं। | शाकाहारी (Cow, Deer), मांसाहारी (Lion, Tiger), सर्वाहारी (Man, Bear) |
| अपघटक (Decomposers) | ये मृत जीवों और अपशिष्टों को तोड़कर पोषक तत्व मिट्टी में लौटाते हैं। | बैक्टीरिया, कवक (Fungi) |
पारितंत्र में उत्पादक → उपभोक्ता → अपघटक के माध्यम से ऊर्जा प्रवाह और पोषक चक्र चलता है।