लिंग निर्धारण

लिंग निर्धारण

लैंगिक जनन (sexual reproduction) में एक सूत्री (haploid) नर व मादा युग्मक कोशाओं (gemetes) के संयुग्मन (union) से द्विसूत्री (diploid) युग्मनज अर्थात् जाइगोट (zygote) बनता …

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आनुवंशिकी एवं मानव

आनुवंशिकी एवं मानव

जीवधारियों की आनुवंशिक समानताओं एवं विभिन्नताओं का ज्ञान कराने वाली जीव विज्ञान की शाखा को आनुवंशिक कहते हैं। सर्वप्रथम ग्रेगर जान मेण्डल ने सन् 1866 ई. में …

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आणविक आनुवंशिकी

आणविक आनुवंशिकी

जीन की रासायनिक पहचान 1944 में ऐवरी, मैक्लाउड एवं मैकार्टी ने की। इन वैज्ञानिकों ने निमोनिया पैदा करने वाले बैक्टीरिया पर अनुसंधानों द्वारा सिद्ध किया कि DNA …

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आनुवंशिकी तथा कोशिकानुवंशिकी

आनुवंशिकी तथा कोशिकानुवंशिकी

आनुवंशिकी (Genetics) जीव विज्ञान की वह शाखा हैं, जिसमें विभिन्न लक्षणों को नियंत्रित करने वाले कारकों या जीनों के जनकों से संततियों में पारगमन, यानि …

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औषधियाँ (Drugs)

औषधियाँ (Drugs)

यह Drug शब्द फ्रेंच भाषा के ‘Drogue’ से लिया गया है जिसका अर्थ है सूखी जड़ी बूटी (dry herb)। औषधियाँ वे पदार्थ हैं जो जानवरों …

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असंक्रामक व्याधियाँ

असंक्रामक व्याधियाँ

असंक्रामक रोग उपार्जित रोग (Acquired disease) है किन्तु इसके अन्तर्गत आने वाली बीमारियों का कारण जीव नहीं होते और न ही ये बीमारियाँ छुआछूत से …

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वाइरस जनित रोग

वाइरस जनित रोग

वाइरस से कई प्रकार के रोग उत्पन्न होते हैं, उन्हीं में से  आपको कुछ रोगों के बारे में जानकारी देने वाला हूं। ➤ छोटी माता …

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संक्रामक व्याधियाँ

संक्रामक व्याधियाँ

संक्रामक रोग हानिकारक सूक्ष्म जीवों (रोगाणुओं) के कारण होता है, उदाहरणतः जीवाणु, विषाणु, कृमि, कवक एवं प्रोटोजोआ । रोग कारक जीव का संचरण वायु, जल, …

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मानव प्रतिरक्षा एवं रोग

मानव प्रतिरक्षा एवं रोग

हमारे शरीर पर वातावरण में उपस्थित अनेक प्रकार के रोगोत्पादक (pathogenic), विषाणुओं (viruses), जीवाणुओं (bacteria), कवकों (fungi) तथा परजीवी (parasitic) जन्तुओं का आक्रमण (invasion) होता …

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