हवा : पाठ -17

ऊपर-नीचे दाएँ-बाएँ,
हवा चली साँय-साँय।

मुन्नी को छेड़कर,
चढ़ गई पेड़ पर।

हाथ नहीं आऊँगी,
दूर मैं उड़ जाऊँगी।

मुन्नी बोली हँसकर,
हवा रानी बस कर।

पकड़ तुझे मैं लाऊँगी,
फुग्गे में ले जाऊँगी।

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चित्र में देखकर बताइए कि मुन्नी के बाई ओर, दाई ओर, उसके आगे और उसके पीछे क्या-क्या दिख रहा है-

मुन्नी के दाईं ओर – एक छोटा बच्चा (लड़का), जो खेलने के लिए तैयार है।

मुन्नी के बाईं ओर – खाली जगह/मैदान और एक पेड़ की छाया दिखाई दे रही है।

मुन्नी के आगे – एक छोटा सा तालाब, जिसमें कमल के फूल और पत्ते हैं।

मुन्नी के पीछे – एक बेंच पर बैठे हुए दादा-दादी, कुछ खिलौने, और एक पेड़।

मेरा नाम सुनीत कुमार सिंह है। मैं कुशीनगर, उत्तर प्रदेश का निवासी हूँ। मैं एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हूं।

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