U.P Board Class 10 Science 824 (IP) Question Paper 2024 का उत्तर आप यहाँ से प्राप्त कर सकते हैं। जिसका कोई भी शुल्क आपसे नहीं लिया जायेगा। आइये विस्तार से सभी प्रश्नो को जानते हैं।
सत्र – 2024
विज्ञान
समय: तीन घण्टे 15 मिनट पूर्णांक: 70
नोट : प्रारम्भ के 15 मिनट परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए निर्धारित हैं।
निर्देश:
i) प्रश्नपत्र दो खण्डों – खण्ड-अ तथा खण्ड-ब में विभाजित है।
ii) खण्ड-अ तथा खण्ड-ब तीन उपभागों – उपभागों (1), (2), (3) में विभाजित हैं।
iii) प्रश्नपत्र के खण्ड-अ में बहुविकल्पीय प्रश्न हैं जिनमें सही विकल्प का चुनाव कर ओ०एम०आर० उत्तर पत्रक पर नीले अथवा काले बॉल प्वाइंट पेन से सही विकल्प वाले गोले को पूर्ण रूप से भरें। ओ० एम० आर० उत्तर पत्रक पर उत्तर देने के पश्चात उसे नहीं काटें तथा इरेजर अथवा ह्राइटनर का प्रयोग न करें।
iv) खण्ड-अ में बहुविकल्पीय प्रश्न हेतु प्रत्येक प्रश्न के लिए 1 अंक निर्धारित है।
v) खण्ड-ब में वर्णनात्मक प्रश्न हैं।
vi) प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उनके निर्धारित अंक दिये गये हैं।
vii) खण्ड-ब के प्रत्येक उपभाग के सभी प्रश्न एक साथ करना आवश्यक है। प्रत्येक उपभाग नए पृष्ठ से प्रारम्भ किया जाए।
viii) सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
खण्ड अ (बहुविकल्पीय प्रश्न)
उपभाग (1)
1. निम्न में से कौन-सा लेंस छोटे अक्षरों को पढ़ने के लिए उपयोग में लाना चाहिए ?
(A) 10 सेमी फोकस दूरी का उत्तल लेंस
(B) 10 सेमी फोकस दूरी का अवतल लेंस
(C) 20 सेमी फोकस दूरी का उत्तल लेंस
(D) 20 सेमी फोकस दूरी का अवतल लेंस
Ans. (A) 10 सेमी फोकस दूरी का उत्तल लेंस
2. तारों के टिमटिमाने का कारण है-
(A) प्रकाश का प्रकीर्णन
(B) प्रकाश का परावर्तन
(C) वायुमण्डलीय अपवर्तन
(D) इनमें से कोई नहीं
Ans. (C) वायुमण्डलीय अपवर्तन
3. उत्तल दर्पण द्वारा अनन्त पर स्थित वस्तु का प्रतिबिम्ब होता है-
(A) वास्तविक तथा बड़ा
(B) आभासी तथा छोटा
(C) आभासी तथा बड़ा
(D) वास्तविक तथा छोटा
Ans. (B) आभासी तथा छोटा
4. श्वेत प्रकाश को प्रिज्म से गुजारे जाने पर, सबसे अधिक विचलन कोण वाला रंग होगा-
(A) पीला
(B) हरा
(C) नारंगी
(D) नीला
Ans. (D) नीला
5. कॉलम A में दी गई मात्रकों का सुमेलन (matching), कॉलम B में दी गई भौतिक राशियों से कर सही विकल्प चुनिए :
| A | B |
| (1) ओम | (i) विद्युत धारा |
| (2) वाट | (ii) विद्युत प्रतिरोध |
| (3) एम्पीयर | (iii) विद्युत शक्ति |
| (4) बोल्ट | (iv) विद्युत विभवांतर |
(A) (1)-(ii), (2)-(iii), (3)-(i), (4)-(iv)
(B) (1)-(iv), (2)-(ii), (3)-(i), (4)-(iii)
(C) (1)-(iii), (2)-(i), (3)-(iv), (4)-(ii)
(D) (1)-(ii), (2)-(i), (3)-(iii), (4)-(iv)
Ans. (A) (1)-(ii), (2)-(iii), (3)-(i), (4)-(iv)
6. R व 2R प्रतिरोधों के दो तारों को पहले श्रेणीक्रम तथा बाद में समान्तर क्रम में जोड़ा जाता है। यदि दोनों दशाओं में कुल प्रतिरोध क्रमशः R₁ तथा R₂ हों, तब R₁/R₂ होगा-
(A) 9
(B) 1/9
(C) 9/2
(D) 2/9
Ans. (A) 9
7. चित्र में दर्शाये गये इलेक्ट्रॉन पर चुम्बकीय क्षेत्र में, क्षेत्र के लम्बवत प्रवेश करने पर आरोपित बल की दिशा होगी-

(A) बार्थी ओर
(B) दायीं ओर
(C) कागज के तल के लम्बवत नीचे की ओर
(D) कागज के तल के लम्बवत ऊपर की ओर
Ans. (D) कागज के तल के लम्बवत ऊपर की ओर
8. प्रोपेनल में क्रियात्मक समूह है-
(A) – CHO
(B) >C-0
(C) OH
(D) – COOH
Ans. (A) – CHO
9. उदासीन घोल का pH मान है-
(A) 7
(B) 14
(C) 1
(D) 5
Ans. (A) 7
10. निम्नलिखित में कीटोन है-
(A) मेथेनॉल
(B) एथेनॉल
(C) प्रोपेनोन
(D) प्रोपीन
Ans. (C) प्रोपेनोन
11. ठण्डे जल से हाइड्रोजन गैस बनाने वाला तत्व है-
(A) Au
(B) Ag
(C) K
(D) Cu
Ans. (C) K
12. कार्बोनेट अयस्क की सीमित वायु में उच्छ ताप तक गर्म करके ऑक्साइड प्राप्त करने की क्रिया है-
(A) निस्तापन
(B) भर्जन
(C) प्रगलन
(D) अयस्क का सांद्रीकरण
Ans. (A) निस्तापन
13. रासायनिक अभिक्रिया CuSO₄ + Fe → FeSO4 + Cu है-
(A) संयोजन अभिक्रिया
(B) विस्थापन अभिक्रिया
(C) अपघटन अभिक्रिया
(D) उभय अपघटन अभिक्रिया
Ans. (B) विस्थापन अभिक्रिया
उपभाग (3)
14. स्वपोषी पोषण के लिए आवश्यक है-
(A) कार्बन डाइऑक्साइड एवं जल
(B) सूर्य का प्रकाश
(C) क्लोरोफिल
(D) इनमें से सभी
Ans. (D) इनमें से सभी
15. निम्नलिखित में से कौन-सा पादप हॉर्मोन है?
(A) टेस्टोस्टेरॉन
(B) साइटोकाइनिन
(C) एड्रीनलीन
(D) थायरॉक्सीन
Ans. (B) साइटोकाइनिन
16. परागकोश में होते हैं-
(A) अंडाशय
(B) गर्भाशय
(C) पराग कण
(D) बाह्यदल
Ans. (C) पराग कण
17. पुनरुद्भवन (पुनर्जनन) द्वारा प्रजनन होता है-
(A) हाइड्रा में
(B) प्लेनेरिया में
(C) ब्रायोफिलम में
(D) कबूतर में
Ans. (B) प्लेनेरिया में
18. दो तंत्रिका कोशिका के मध्य खाली स्थान को कहते हैं-
(A) सिनेप्स
(B) ऑक्सीन
(C) जिब्बेरेलिन
(D) डायाफ्राम
Ans. (A) सिनेप्स
19. निम्न में से कौन एक पारितंत्र में उत्पादक का उदाहरण है ?
(A) शेर
(B) हिरण
(C) हरे पौधे
(D) वर्षा
Ans. (C) हरे पौधे
20. मेण्डल ने अपने प्रयोग में मटर के पौधे के किन लक्षणों का अध्ययन किया है ?
(A) गोल / झुर्रीदार बीज
(B) लंबे / बौने पौधे
(C) सफेद / बैंगनी फूल
(D) इनमें से सभी
Ans. (D) इनमें से सभी
खण्ड व (वर्णनात्मक प्रश्न)
उपभाग (1)
1. (i) प्रकाश के प्रकीर्णन की दो प्राकृतिक घटनाएँ बताइए।
Ans. प्रकाश के प्रकीर्णन की दो प्राकृतिक घटनाएँ हैं—
- आकाश का नीला दिखाई देना – वायुमण्डल में उपस्थित सूक्ष्म कण सूर्य के श्वेत प्रकाश के नीले रंग का अधिक प्रकीर्णन करते हैं, इसलिए आकाश नीला दिखाई देता है।
- सूर्योदय एवं सूर्यास्त के समय सूर्य का लाल दिखाई देना – इस समय सूर्य का प्रकाश वायुमण्डल में अधिक दूरी तय करता है, जिससे नीले रंग का अधिक प्रकीर्णन हो जाता है और लाल रंग हमारी आँखों तक पहुँचता है, इसलिए सूर्य लाल दिखाई देता है।
(ii) दृष्टि दोष कितने प्रकार के होते हैं? उनके नाम लिखिए।
Ans. दृष्टि दोष तीन प्रकार के होते हैं—
- निकट दृष्टि दोष (Myopia)
- दूर दृष्टि दोष (Hypermetropia)
- वृद्धावस्था दृष्टि दोष (Presbyopia)
2. (i) उत्तल दर्पण तथा उत्तल लेंस के दो-दो उपयोग लिखिए।
Ans. उत्तल दर्पण के उपयोग—
- मोटर वाहनों में रियर-व्यू मिरर के रूप में।
- दुकानों, चौराहों एवं पार्किंग स्थलों में सुरक्षा दर्पण के रूप में।
उत्तल लेंस के उपयोग—
- आवर्धक काँच (Magnifying glass) के रूप में छोटे अक्षरों को देखने हेतु।
- कैमरा, माइक्रोस्कोप एवं दूरबीन जैसे प्रकाशीय यंत्रों में।
(ii) अवतल लेंस से किसी वस्तु के प्रतिबिम्ब बनने का किरण आरेख बनाइए।
Ans. अवतल लेंस से प्रतिबिम्ब बनने का किरण आरेख (वर्णन सहित):
अवतल लेंस से बनने वाला प्रतिबिम्ब सदैव आभासी, सीधा तथा छोटा होता है और यह लेंस की वस्तु वाली ओर, फोकस और लेंस के बीच बनता है।
किरण आरेख बनाने की विधि—
- सबसे पहले अवतल लेंस खींचकर उसके दोनों ओर मुख्य अक्ष दर्शाइए।
- लेंस के दोनों ओर फोकस (F) तथा प्रकाशीय केन्द्र (O) को चिह्नित कीजिए।
- वस्तु को लेंस के बाईं ओर मुख्य अक्ष पर रखिए।
- वस्तु के शीर्ष से एक किरण मुख्य अक्ष के समांतर खींचिए, जो लेंस से निकलने के बाद फोकस से आती हुई प्रतीत होगी।
- दूसरी किरण को प्रकाशीय केन्द्र (O) से होकर सीधी जाने दीजिए।
- दोनों अपवर्तित किरणों को पीछे की ओर बढ़ाने पर जहाँ वे मिलती हुई प्रतीत हों, वहीं आभासी प्रतिबिम्ब बनता है।
निष्कर्ष: अवतल लेंस से बना प्रतिबिम्ब आभासी, सीधा और आकार में छोटा होता है।
Note: (परीक्षा में उपर्युक्त विधि के अनुसार साफ-सुथरा किरण आरेख अवश्य बनाइए।)
3. (i) किसी प्रतिरोधक में धारा प्रवाहित करने पर बोल्टमीटर तथा एमीटर को कैसे जोड़ते हैं?
Ans. किसी प्रतिरोधक में धारा प्रवाहित करने पर—
- एमीटर को प्रतिरोधक के साथ श्रेणीक्रम (Series) में जोड़ा जाता है, ताकि प्रतिरोधक से होकर प्रवाहित धारा को मापा जा सके।
- वोल्टमीटर को प्रतिरोधक के समान्तर क्रम (Parallel) में जोड़ा जाता है, ताकि प्रतिरोधक के सिरों के बीच का विभवांतर मापा जा सके।
(ii) 500 वाट का रेफ्रिजरेटर 12 घंटा प्रतिदिन उपयोग में लाते हैं। रेफ्रिजरेटर द्वारा 30 दिन तक कितनी किलोवाट-घंटा ऊर्जा का उपयोग किया जाता है ?
Ans. दिया है—
रेफ्रिजरेटर की शक्ति = 500 वाट = 0.5 किलोवाट
प्रतिदिन उपयोग का समय = 12 घंटे
कुल दिन = 30 दिन
कुल समय = 12 × 30 = 360 घंटे
ऊर्जा (किलोवाट-घंटा) = शक्ति (kW) × समय (घंटे)
= 0.5 × 360
= 180 किलोवाट-घंटा
अतः रेफ्रिजरेटर द्वारा 30 दिनों में 180 किलोवाट-घंटा (180 यूनिट) ऊर्जा का उपयोग किया जाता है।
4. (i) किसी छड़ चुम्बक के चारों ओर चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं को चित्र बनाकर दिखाइए।
Ans. छड़ चुम्बक के चारों ओर चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ—
छड़ चुम्बक के चारों ओर चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ उत्तर ध्रुव (N) से निकलकर दक्षिण ध्रुव (S) में प्रवेश करती हैं तथा चुम्बक के भीतर दक्षिण ध्रुव से उत्तर ध्रुव की ओर जाती हैं। ये रेखाएँ बन्द वक्र बनाती हैं और जहाँ रेखाएँ अधिक सघन होती हैं वहाँ चुम्बकीय क्षेत्र अधिक प्रबल होता है (ध्रुवों के पास)।

चित्र बनाने की विधि :
- एक आयत बनाकर उसे छड़ चुम्बक मानें और बाएँ सिरे पर N, दाएँ सिरे पर S लिखें।
- बाहर की ओर N से S की ओर जाती हुई वक्र रेखाएँ बनाइए।
- चुम्बक के भीतर S से N की ओर तीरों के साथ रेखाएँ दिखाइए।
निष्कर्ष: चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को नहीं काटतीं और उनकी दिशा N से S की ओर होती है।
(ii) धारावाही परिनालिका के कारण चुम्बकीय क्षेत्र किन-किन कारकों पर निर्भर करता है?
Ans. धारावाही परिनालिका (Solenoid) के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र निम्नलिखित कारकों पर निर्भर करता है—
- धारा की तीव्रता — धारा जितनी अधिक होगी, चुम्बकीय क्षेत्र उतना ही अधिक प्रबल होगा।
- परिनालिका में कुंडलियों की संख्या (या प्रति इकाई लंबाई कुंडलियाँ) — कुंडलियों की संख्या बढ़ाने से क्षेत्र की तीव्रता बढ़ती है।
- कोर (अंदर भरे पदार्थ) की प्रकृति — यदि परिनालिका के अंदर नरम लोहे की कोर रखी जाए तो चुम्बकीय क्षेत्र बहुत अधिक बढ़ जाता है।
(iii) फ्लेमिंग का बाएँ हाथ का नियम क्या है?
Ans. फ्लेमिंग का बाएँ हाथ का नियम के अनुसार—
यदि बाएँ हाथ की तर्जनी (पहली उँगली), अंगूठा तथा मध्यमा उँगली को इस प्रकार फैलाएँ कि तीनों एक-दूसरे के लम्बवत हों, तो—
- तर्जनी चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा बताती है,
- मध्यमा धारा की दिशा बताती है,
- अंगूठा चालक पर लगने वाले बल (या गति) की दिशा बताता है।
यह नियम चुम्बकीय क्षेत्र में रखे धारावाही चालक पर लगने वाले बल की दिशा ज्ञात करने के लिए उपयोग किया जाता है।
अथवा
(i) चुम्बकीय क्षेत्र में रखे धारावाही चालक पर लगने वाला बल किन-किन कारकों पर निर्भर करता है ?
Ans. चुम्बकीय क्षेत्र में रखे धारावाही चालक पर लगने वाला बल निम्नलिखित कारकों पर निर्भर करता है—
- धारा की तीव्रता — धारा जितनी अधिक होगी, चालक पर लगने वाला बल उतना ही अधिक होगा।
- चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता — चुम्बकीय क्षेत्र जितना प्रबल होगा, बल उतना अधिक होगा।
- चुम्बकीय क्षेत्र में चालक की लंबाई — क्षेत्र के भीतर चालक की लंबाई बढ़ने पर बल बढ़ता है।
- धारा की दिशा और चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा के बीच का कोण — जब चालक क्षेत्र के लम्बवत होता है, तब बल अधिकतम होता है।
(ii) घरेलू विद्युत परिपथ में कितने तार प्रयुक्त होते हैं? प्रत्येक के नाम तथा आवरण के रंग लिखिए।
Ans. घरेलू विद्युत परिपथ में तीन तार प्रयुक्त होते हैं—
- फेज (Live) तार – इसका आवरण लाल रंग का होता है।
- न्यूट्रल (Neutral) तार – इसका आवरण काला रंग का होता है।
- अर्थ (Earth) तार – इसका आवरण हरा रंग का होता है।
ये तीनों तार घरेलू विद्युत उपकरणों के सुरक्षित एवं सही संचालन के लिए आवश्यक होते हैं।
उपभाग (2)
5. a) निम्नलिखित यौगिकों के IUPAC नाम लिखिए :
(i) एसीटिलीन
Ans. एसीटिलीन का IUPAC नाम — एथाइन (Ethyne)
(ii) एसीटिक अम्ल।
Ans. एसीटिक अम्ल का IUPAC नाम — एथेनोइक अम्ल (Ethanoic acid)
(b) एथेनॉल के दो रासायनिक अभिक्रियाओं के रासायनिक समीकरण लिखिए।
Ans. एथेनॉल की दो रासायनिक अभिक्रियाएँ निम्नलिखित हैं—
- सोडियम के साथ अभिक्रिया
- दहन अभिक्रिया
ये एथेनॉल की प्रमुख एवं परीक्षोपयोगी रासायनिक अभिक्रियाएँ हैं।
6. (a) दहन अभिक्रिया को समझाइए तथा इसके दो उदाहरणों का रासायनिक समीकरण लिखिए।
Ans. जिस रासायनिक अभिक्रिया में कोई पदार्थ ऑक्सीजन (या वायु) के साथ क्रिया करके ऊष्मा तथा प्रायः प्रकाश उत्पन्न करता है, उसे दहन अभिक्रिया कहते हैं।
उदाहरण—
- कार्बन का दहन
- मीथेन का दहन
दहन अभिक्रियाएँ सामान्यतः उष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ होती हैं।
(b) सक्रियता श्रेणी को समझाइए तथा इसका एक उपयोग लिखिए।
Ans. धातुओं को उनकी रासायनिक क्रियाशीलता के अनुसार एक क्रम में रखा जाता है। इसे सक्रियता श्रेणी कहते हैं।
- श्रेणी में ऊपर की धातुएँ अधिक सक्रिय होती हैं और नीचे की कम सक्रिय।
- उदाहरण: K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Cu > Ag > Au
उपयोग
- विस्थापन अभिक्रियाओं की भविष्यवाणी करने में किया जाता है।
उदाहरण: यदि FeSO₄ में Zn डाला जाए, तो Zn Fe को विस्थापित करेगा क्योंकि Zn अधिक सक्रिय है।
7. (a) अम्ल और क्षार से आप क्या समझते हैं? दैनिक जीवन में pH के दो उपयोग लिखिए।
Ans. अम्ल (Acid):
- वह पदार्थ जो पानी में घुलने पर H⁺ (हाइड्रोजन आयन) उत्पन्न करता है।
- उदाहरण: HCl, H₂SO₄
क्षार (Base/Alkali):
- वह पदार्थ जो पानी में घुलने पर OH⁻ (हाइड्रॉक्साइड आयन) उत्पन्न करता है।
- उदाहरण: NaOH, KOH
दैनिक जीवन में pH के उपयोग—
- जल परीक्षण – पीने के पानी का pH जाँचकर यह सुनिश्चित करना कि पानी अम्लीय या क्षारीय न हो।
- मिट्टी की उर्वरकता – खेती में मिट्टी का pH जाँचकर उपयुक्त उर्वरक और फसल का चयन करना।
(b) विरंजक चूर्ण प्राप्त करने की विधि का रासायनिक समीकरण तथा दो उपयोग लिखिए।
Ans. विरंजक चूर्ण (Bleaching Powder) प्राप्त करने की विधि:
- सिद्धांत: चूने के पानी (Ca(OH)₂) और क्लोरीन गैस (Cl₂) की अभिक्रिया से विरंजक चूर्ण बनता है।
रासायनिक समीकरण:
दो उपयोग:
- जल शुद्धिकरण – जल में जीवाणु और हानिकारक सूक्ष्मजीवों को मारने के लिए।
- कपड़ों की विरंजन (Bleaching) – वस्त्रों और कागज को सफेद करने के लिए।
अथवा
निम्नलिखित पर टिप्पणी लिखिए :
(a) मिसेल
Ans. मिसेल (Micelle):
- जब साबुन या डिटर्जेंट पानी में घुलता है, तो इसके अणु समूह के रूप में आपस में जुड़ जाते हैं और मिसेल बनाते हैं।
- मिसेल के भीतर हाइड्रोफोबिक (जल-विकर्षक) भाग अंदर तथा हाइड्रोफिलिक (जल-स्नेही) भाग बाहर की ओर रहता है।
- यह मलिन पदार्थों को घोलने और साफ-सफाई में मदद करता है।
(b) संक्षारण
Ans. संक्षारण (Corrosion):
- धातु का प्राकृतिक रूप से ऑक्सीजन और नमी के संपर्क में आने पर ह्रास हो जाना संक्षारण कहलाता है।
- उदाहरण: लोहे का जंग लगना।
- यह धातु की मूल गुणवत्ता और मजबूती को कम करता है।
(c) कार्बन की सर्वतोमुखी प्रकृति।
Ans. कार्बन की सर्वतोमुखी प्रकृति (Tetravalency of Carbon):
- कार्बन में चार संयोजक (valency) इलेक्ट्रॉन्स होते हैं, जिससे यह चार अन्य परमाणुओं के साथ covalent बंध बना सकता है।
- यह गुण कार्बन को अनेक प्रकार के यौगिक बनाने में सक्षम बनाता है, जैसे—सीख-श्रृंखला (Chain), वलय (Ring), और जटिल कार्बनिक यौगिक।
- यही कारण है कि कार्बन यौगिकों की संख्या और विविधता बहुत अधिक है और यह जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उपभाग (3)
8. कायिक प्रवर्धन क्या है? उचित उदाहरण एवं चित्र के माध्यम से इसका वर्णन कीजिए।
Ans. किसी पौधे का जड़, तना या पत्ती से नया पौधा उगाना, बिना बीज के, कायिक प्रवर्धन कहलाता है। यह एक प्रकार की अयौन प्रजनन (Asexual Reproduction) है।
विशेषताएँ:
- नया पौधा माता-पौधे के समान गुणधर्म रखता है।
- बीज की आवश्यकता नहीं होती।
- यह तरीका तेज़ और सरल होता है।
उदाहरण:
- आलू: तने (Stem) के कंद से नया पौधा उगता है।
- गुलाब: तने (Stem cutting) से नया पौधा तैयार होता है।
- पुदीना: पत्ती या जड़ से नया पौधा उगता है।
चित्र (सादृश्य):
माता-पौधा │ ┌──────┴──────┐ │ │ तना/कंद जड़/पत्ती │ │ └─────> नया पौधाचित्र की व्याख्या (Explanation of the Diagram for Vegetative Propagation):
- माता-पौधा (Parent Plant):
- चित्र में ऊपर दिखाया गया पौधा माता-पौधे का प्रतिनिधित्व करता है।
- यह वह पौधा है जिससे नए पौधे का निर्माण होता है।
- तना / कंद (Stem / Tubers):
- माता-पौधे के तने या कंद से नया पौधा उगता है।
- उदाहरण: आलू का कंद।
- जड़ / पत्ती (Root / Leaf):
- कुछ पौधों में जड़ या पत्ती से भी नया पौधा विकसित होता है।
- उदाहरण: पुदीना की पत्ती या गाजर की जड़।
- नया पौधा (New Plant):
- माता-पौधे की विशेषताओं वाला नया पौधा तैयार होता है।
- चित्र में तीर (→) द्वारा दिखाया गया है कि तना, कंद, जड़ या पत्ती से नया पौधा बनता है।
9. निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए :
(a) प्रकाश संश्लेषण
Ans. प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis):
- यह वह प्रक्रिया है जिसमें हरे पौधे सूर्य के प्रकाश, जल और कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग करके ग्लूकोज (शर्करा) और ऑक्सीजन का निर्माण करते हैं।
- यह प्रक्रिया क्लोरोफिल की उपस्थिति में होती है।
- महत्त्व: यह जीवन के लिए आवश्यक भोजन और ऑक्सीजन प्रदान करती है।
(b) मानव हृदय।
Ans. मानव हृदय (Human Heart):
- मानव हृदय चार कक्षों वाला मांसपेशीय अंग है।
- यह रक्त को पंप करके पूरे शरीर में पहुँचाता है।
- हृदय के कक्ष: दो आलिंद (Atrium) और दो निलय (Ventricle)।
- महत्त्व: शरीर के अंगों तक पोषक तत्व, ऑक्सीजन और हॉर्मोन पहुँचाने तथा अपशिष्ट पदार्थों को निकालने में मदद करता है।
10. ओजोन परत क्या है? पृथ्वी के लिए इसके महत्व पर प्रकाश डालिए।
Ans. ओजोन परत वायुमंडल की वह परत है जिसमें ओजोन गैस (O₃) की अधिकता होती है। यह मुख्य रूप से स्ट्रैटोस्फीयर में 20–30 किलोमीटर की ऊँचाई पर पाई जाती है।
महत्त्व (Importance for Earth):
- यह परत सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों को अवशोषित करती है।
- UV किरणों से त्वचा कैंसर, आँखों की समस्याएँ और पौधों की वृद्धि में हानि से सुरक्षा करती है।
- पृथ्वी पर जीवन की रक्षा करती है और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखती है।
निष्कर्ष: ओजोन परत एक प्राकृतिक ढाल है, जो पृथ्वी पर जीवन को हानिकारक विकिरण से बचाती है।
11. निम्नलिखित पर टिप्पणी लिखिए :
(a) लिंग निर्धारण
Ans. लिंग निर्धारण (Sex Determination):
- लिंग निर्धारण वह प्रक्रिया है जिससे किसी जीव का पुरुष या स्त्री होना तय होता है।
- मानव में यह यौन क्रोमोसोम (Sex Chromosome) द्वारा होता है।
- XX → स्त्री
- XY → पुरुष
- पुरुष की शुक्राणु में X या Y क्रोमोसोम होता है, जो लिंग निर्धारण में भूमिका निभाता है।
(b) मेण्डल के नियम।
Ans. मेण्डल के नियम (Mendel’s Laws):
मेनडेल ने मटर के पौधों पर किए गए प्रयोगों से आनुवंशिकी के नियम बताए:
- प्रभुत्व का नियम (Law of Dominance): एक लक्षण प्रधान (Dominant) और एक लक्षण अपप्रधान (Recessive) होता है; प्रधान लक्षण ही दिखाई देता है।
- पृथक्करण का नियम (Law of Segregation): प्रत्येक जीव की दो आनुवंशिक इकाइयाँ (Genes) अलग हो जाती हैं और संतानों में समान अनुपात में मिलती हैं।
- स्वतंत्र वर्गीकरण का नियम (Law of Independent Assortment): विभिन्न लक्षण स्वतंत्र रूप से एक-दूसरे से मिलते हैं।
अथवा
मानव हार्मोनों पर एक निबन्ध लिखिए।
Ans. हार्मोन वे रासायनिक संदेशवाहक पदार्थ हैं, जो अंतःस्रावी ग्रंथियाँ (Endocrine Glands) द्वारा रक्त में उत्सर्जित होते हैं और शरीर के विभिन्न अंगों की गतिविधियों को नियंत्रित करते हैं।
मुख्य हार्मोन और उनके कार्य:
- पिट्यूटरी हार्मोन (Pituitary Hormones):
- इसे ‘मुख्य ग्रंथी’ कहा जाता है।
- विकास, वृद्धि, थायरॉइड, गुर्दे और प्रजनन क्रियाओं को नियंत्रित करता है।
- उदाहरण: Growth Hormone (वृद्धि हार्मोन)
- थायरॉइड हार्मोन (Thyroid Hormones):
- शरीर की ऊर्जा, विकास और तापमान को नियंत्रित करता है।
- उदाहरण: थायरॉक्सिन (Thyroxine)
- अधिवृक्क हार्मोन (Adrenal Hormones):
- तनाव और आपात स्थिति में शरीर की प्रतिक्रियाओं को नियंत्रित करता है।
- उदाहरण: एड्रेनालिन (Adrenaline)
- अंडाशय और अंडकोष के हार्मोन (Ovaries & Testes Hormones):
- प्रजनन और लिंग विशेषताओं के विकास में मदद करते हैं।
- उदाहरण: एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन, टेस्टोस्टेरोन
महत्त्व:
- हार्मोन शरीर के संतुलन (Homeostasis) को बनाए रखते हैं।
- विकास, वृद्धि, प्रजनन, मेटाबोलिज़्म और मानसिक गतिविधियों को नियंत्रित करते हैं।
- इनके बिना शरीर की सभी कार्य प्रणालियाँ व्यवस्थित रूप से काम नहीं कर सकतीं।