U.P Board Class 12 Sociology 340 (FN) Question Paper 2024 का उत्तर आप यहाँ से प्राप्त कर सकते हैं। जिसका कोई भी शुल्क आपसे नहीं लिया जायेगा। आइये विस्तार से सभी प्रश्नो को जानते हैं।
सत्र – 2024
समाजशास्त्र
समय: तीन घण्टे 15 मिनट पूर्णांक: 100
निर्देश :
(i) प्रारम्भ के 15 मिनट परीक्षार्थियों को प्रश्न-पत्र पढ़ने के लिए निर्धारित हैं।
(ii) सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के लिए निर्धारित अंक उनके सामने दिए गए हैं।
(iii) प्रश्न संख्या 1 से 10 तक बहुविकल्पीय प्रश्न हैं। प्रश्न संख्या 11 से 20 तक अति लघु-उत्तरीय प्रश्न हैं, जिनका प्रत्येक उत्तर लगभग 25 शब्दों में देना है। प्रश्न संख्या 21 से 26 तक लघु-उत्तरीय प्रश्न हैं, जिनका प्रत्येक उत्तर लगभग 50 शब्दों में देना है। प्रश्न संख्या 27 से 29 तक दीर्घ उत्तरीय प्रश्न हैं, जिनका प्रत्येक उत्तर लगभग 150 शब्दों में देना है।
(बहुविकल्पीय प्रश्न)
नोटः निम्नलिखित प्रश्नों में प्रत्येक के चार विकल्प दिए गए हैं, जिनमें से केवल एक उत्तर सही है। सही उत्तर चुनकर उसे अपनी उत्तर-पुस्तिका में लिखिए ।
1. जनसंख्या वृद्धि का सिद्धान्त किसने दिया ?
(A) स्पेन्सर
(B) वेबर
(C) माल्थस
(D) सोरोकिन
Ans. (C) माल्थस
2. ब्रह्म समाज की स्थापना कब हुई ?
(A) 1826
(B) 1827
(C) 1828
(D) 1829
Ans. (C) 1828
3. चिपको आन्दोलन सबसे पहले किसने शुरू किया था ?
(A) सुन्दरलाल बहुगुणा
(B) मेधा पाटकर
(C) महात्मा गाँधी
(D) अमृता देवी
Ans. (D) अमृता देवी
4. ‘ग्राम्य-नगरीय शहर’ की अवधारणा क्या है ?
(A) केवल ग्राम्यता
(B) केवल नगरीयता
(C) ग्राम्यता एवं नगरीयता का संयोजन
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
Ans. (C) ग्राम्यता एवं नगरीयता का संयोजन
5. आधुनिकीकरण के परिणाम हैं:
(A) नगरीकरण
(B) नए वर्गों का उदय
(C) श्रम का विभाजन
(D) उपर्युक्त सभी
Ans. (D) उपर्युक्त सभी
6. निम्नलिखित में क्या ग्रामीण समाज की विशेषता नहीं है?
(A) एकरूपता
(B) कृषि
(C) प्राथमिक सम्बन्ध
(D) गतिशीलता
Ans. (D) गतिशीलता
7. भारतीय प्रजातन्त्र की प्रमुख बाधा है :
(A) क्षेत्रवाद
(B) जातिवाद
(C) सम्प्रदायवाद
(D) उपर्युक्त सभी
Ans. (D) उपर्युक्त सभी
8. भारत में राष्ट्रीय एकीकरण की प्रमुख बाधा निम्नलिखित में से कौन-सी है ?
(A) विज्ञान
(B) कृषि
(C) जातिवाद
(D) प्रौद्योगिकी
Ans. (C) जातिवाद
9. “संस्कृति पर्यावरण का मानव निर्मित भाग है।” इसे किसने कहा है ?
(A) रॉस
(B) स्पेन्सर
(C) सोरोकिन
(D) हर्सकोविट्स
Ans. (D) हर्सकोविट्स
10. दहेज निषेध अधिनियम कब पारित हुआ ?
(A) 1960
(B) 1961
(C) 1962
(D) 1963
Ans. (B) 1961
अति लघु-उत्तरीय प्रश्न)
11. वर्ग को परिभाषित कीजिए ।
Ans. वर्ग ऐसे व्यक्तियों का सामाजिक समूह है, जिनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति, जीवन-शैली और अवसर लगभग समान होते हैं।
12. नातेदारी के प्रकार लिखिए ।
Ans. नातेदारी के मुख्यतः दो प्रकार हैं— (1) रक्त सम्बन्धी नातेदारी और (2) वैवाहिक नातेदारी।
13. क्षेत्रवाद क्या है ?
Ans. अपने क्षेत्र के हितों, भाषा, संस्कृति और अधिकारों को अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा अधिक महत्त्व देने की भावना को क्षेत्रवाद कहते हैं।
14. सर्वेक्षण प्रणाली क्या है ?
Ans. किसी सामाजिक विषय के बारे में व्यवस्थित रूप से प्रश्नावली, साक्षात्कार आदि द्वारा जानकारी एकत्र करने की प्रक्रिया सर्वेक्षण प्रणाली कहलाती है।
15. नगरीकरण को परिभाषित कीजिए ।
Ans. वह प्रक्रिया जिसमें जनसंख्या का गाँवों से नगरों की ओर स्थानान्तरण तथा नगरों का विस्तार होता है, नगरीकरण कहलाता है।
16. सामाजिक परिवर्तन किसे कहते हैं ?
Ans. समय के साथ समाज की सामाजिक संरचना, संस्थाओं, सम्बन्धों और व्यवहारों में होने वाले परिवर्तन को सामाजिक परिवर्तन कहते हैं।
17. उदारीकरण क्या है ?
Ans. अर्थव्यवस्था में सरकारी नियंत्रण और प्रतिबंधों को कम करके निजी क्षेत्र तथा बाजार को अधिक स्वतंत्रता देने की प्रक्रिया उदारीकरण कहलाती है।
18. सामाजिक बहिष्कार से आपका क्या आशय है ?
Ans. जब किसी व्यक्ति या समूह को सामाजिक, आर्थिक या राजनीतिक गतिविधियों और अवसरों से जानबूझकर दूर रखा जाता है, तो इसे सामाजिक बहिष्कार कहते हैं।
19. समाज में कानून की क्या भूमिका है ?
Ans. कानून समाज में व्यवस्था, सुरक्षा और न्याय बनाए रखता है तथा लोगों के अधिकारों की रक्षा करता है।
20. ‘दबाव समूह’ की अवधारणा क्या है ?
Ans. ऐसा संगठित समूह जो सत्ता प्राप्त किए बिना सरकार की नीतियों और निर्णयों को अपने हित में प्रभावित करने का प्रयास करता है, दबाव समूह कहलाता है।
(लघु-उत्तरीय प्रश्न)
21. लोकतन्त्र को परिभाषित कीजिए। लोकतन्त्र में राजनीतिक दलों की क्या भूमिका है ?
Ans. लोकतन्त्र ऐसी शासन-व्यवस्था है जिसमें जनता अपने प्रतिनिधियों को चुनकर शासन में भाग लेती है। राजनीतिक दल चुनाव लड़ते हैं, जनमत तैयार करते हैं, सरकार बनाते हैं तथा विपक्ष के रूप में सरकार की नीतियों की समीक्षा करते हैं। वे जनता और सरकार के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का कार्य करते हैं।
22. भारत में हुए भूमि सुधार के महत्त्व पर चर्चा कीजिए ।
Ans. भूमि सुधार का उद्देश्य भूमि के असमान वितरण को कम करना था। इसके अंतर्गत जमींदारी प्रथा समाप्त करना, काश्तकारों को अधिकार देना और भूमि की अधिकतम सीमा निर्धारित करना आदि शामिल थे। इससे किसानों की स्थिति में सुधार हुआ, कृषि उत्पादन बढ़ा और ग्रामीण सामाजिक असमानता को कम करने में सहायता मिली।
23. पर्यावरणीय आन्दोलन से आप क्या समझते हैं? चर्चा कीजिए।
Ans. पर्यावरणीय आन्दोलन वे सामूहिक प्रयास हैं जिनका उद्देश्य जंगल, जल, भूमि और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना है। चिपको आन्दोलन, नर्मदा बचाओ आन्दोलन आदि इसके उदाहरण हैं। इन आंदोलनों ने पर्यावरण संरक्षण, विस्थापन और प्राकृतिक संसाधनों के उचित उपयोग के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाई।
24. साक्षात्कार किसे कहते हैं? इसके गुणों एवं दोषों की चर्चा कीजिए ।
Ans. साक्षात्कार वह विधि है जिसमें शोधकर्ता व्यक्ति से प्रत्यक्ष बातचीत करके आवश्यक जानकारी प्राप्त करता है।
गुण: प्रत्यक्ष एवं विस्तृत जानकारी मिलती है और शंकाओं का समाधान किया जा सकता है।
दोष: इसमें अधिक समय और धन लगता है तथा साक्षात्कारकर्ता का व्यक्तिगत प्रभाव परिणामों को प्रभावित कर सकता है।
25. दिव्यांगों की प्रमुख समस्याओं का वर्णन कीजिए।
Ans. दिव्यांग व्यक्तियों को शिक्षा, रोजगार, आवागमन और सामाजिक सहभागिता में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सार्वजनिक स्थानों पर आवश्यक सुविधाओं की कमी, भेदभाव, आर्थिक कठिनाई तथा सामाजिक उपेक्षा उनकी प्रमुख समस्याएँ हैं। समान अवसर और सुगम सुविधाएँ उपलब्ध कराकर इन समस्याओं को कम किया जा सकता है।
26. ग्राम पंचायत के प्रकार्यों की व्याख्या कीजिए ।
Ans. ग्राम पंचायत गाँव के विकास और प्रशासन का प्रमुख स्थानीय निकाय है। यह सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता और प्रकाश जैसी सुविधाओं की व्यवस्था करती है। इसके अतिरिक्त ग्रामीण विकास योजनाओं का संचालन, सार्वजनिक संपत्ति की देखभाल तथा सरकारी योजनाओं को लागू करने में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
(दीर्घ-उत्तरीय प्रश्न)
27. भारतीय ग्रामों पर हरित क्रान्ति के प्रभावों की विवेचना कीजिए ।
Ans. हरित क्रान्ति का भारतीय ग्रामीण समाज और कृषि पर व्यापक प्रभाव पड़ा। उन्नत बीज, रासायनिक उर्वरक, सिंचाई तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रयोग से गेहूँ और चावल जैसे खाद्यान्नों का उत्पादन तेजी से बढ़ा। इससे भारत खाद्यान्न उत्पादन में अधिक आत्मनिर्भर हुआ और किसानों की आय में वृद्धि हुई।
हरित क्रान्ति से ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि का व्यावसायीकरण बढ़ा तथा कृषि मशीनों का उपयोग बढ़ा। सिंचाई और कृषि-आधारित उद्योगों का भी विस्तार हुआ। बड़े और मध्यम किसानों को इसका लाभ अपेक्षाकृत अधिक मिला, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक असमानता बढ़ने की संभावना रही। छोटे किसानों पर लागत का दबाव भी बढ़ा। इसके अतिरिक्त रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अधिक प्रयोग से पर्यावरण संबंधी समस्याएँ उत्पन्न हुईं।
अथवा
औद्योगिक समाज में परिवर्तन और विकास पर एक निबन्ध लिखिए ।
Ans. औद्योगिकीकरण के कारण समाज की आर्थिक और सामाजिक संरचना में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए। मशीनों और कारखानों के विकास से उत्पादन में वृद्धि हुई तथा रोजगार के नए अवसर पैदा हुए। ग्रामीण क्षेत्रों से लोग रोजगार की तलाश में नगरों की ओर जाने लगे, जिससे नगरीकरण का विस्तार हुआ।
औद्योगिक समाज में श्रम-विभाजन और विशेषज्ञता बढ़ी। नए सामाजिक वर्गों, जैसे पूँजीपति और श्रमिक वर्ग का विकास हुआ। शिक्षा, तकनीक और संचार के विस्तार से लोगों की जीवन-शैली में भी परिवर्तन आया। महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ी। हालांकि औद्योगिकीकरण के साथ बेरोजगारी, प्रदूषण, श्रमिक समस्याएँ और आर्थिक असमानता जैसी चुनौतियाँ भी सामने आईं। इसलिए औद्योगिक विकास के साथ सामाजिक न्याय और पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान देना आवश्यक है।
28. भारत में दहेज प्रथा के कारण एवं परिणामों की व्याख्या कीजिए ।
Ans. दहेज प्रथा भारतीय समाज की एक प्रमुख सामाजिक समस्या है। विवाह के समय वधू पक्ष द्वारा वर पक्ष को धन, वस्तु या संपत्ति देने की प्रथा को दहेज कहा जाता है।
दहेज प्रथा के प्रमुख कारण— पितृसत्तात्मक सामाजिक व्यवस्था, सामाजिक प्रतिष्ठा की भावना, विवाह में आर्थिक लेन-देन, रूढ़िवादी परम्पराएँ और सामाजिक दबाव इसके प्रमुख कारण हैं।
इसके प्रमुख परिणाम— गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है, कन्या के जन्म के प्रति नकारात्मक सोच विकसित हो सकती है और परिवार कर्ज में डूब सकते हैं। दहेज की मांग के कारण वैवाहिक तनाव, महिलाओं के प्रति उत्पीड़न तथा परिवारों में कलह जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।
दहेज प्रथा को समाप्त करने के लिए शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और कानूनों का प्रभावी पालन आवश्यक है। दहेज निषेध अधिनियम, 1961 इस दिशा में महत्वपूर्ण कानूनी प्रयास है।
अथवा
जनजातीय कल्याण के लिए किए गए सरकारी प्रयासों की विवेचना कीजिए ।
Ans. भारत सरकार ने जनजातीय समुदायों के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए अनेक प्रयास किए हैं। संविधान में अनुसूचित जनजातियों के हितों की रक्षा के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति, छात्रावास और विद्यालयों की व्यवस्था की गई है।
सरकार रोजगार, स्वास्थ्य, आवास, पेयजल और सड़क जैसी सुविधाओं के विकास के लिए विभिन्न योजनाएँ चलाती है। जनजातीय क्षेत्रों में आर्थिक विकास के लिए कौशल विकास, स्वरोजगार और आजीविका से संबंधित कार्यक्रम भी संचालित किए जाते हैं। वनाधिकार कानून के माध्यम से पात्र जनजातीय समुदायों के पारंपरिक वन अधिकारों को मान्यता देने का प्रयास किया गया है।
इन प्रयासों का उद्देश्य जनजातीय समुदायों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उनकी संस्कृति, परम्पराओं और अधिकारों की रक्षा करना है।
29. जनसम्पर्क माध्यम के बदलते हुए स्वरूप पर चर्चा कीजिए ।
Ans. जनसम्पर्क माध्यम का अर्थ उन साधनों से है जिनके द्वारा सूचनाएँ और विचार बड़ी संख्या में लोगों तक पहुँचते हैं। पहले समाचार-पत्र, पत्रिकाएँ, रेडियो और टेलीविजन जनसम्पर्क के प्रमुख माध्यम थे।
तकनीकी विकास के साथ जनसम्पर्क का स्वरूप तेजी से बदल गया है। इंटरनेट, मोबाइल फोन, वेबसाइट और सोशल मीडिया ने सूचना के प्रसार को अत्यंत तेज बना दिया है। अब लोग समाचार और विचारों को तुरंत प्राप्त करने के साथ-साथ स्वयं भी सामग्री तैयार करके दूसरों तक पहुँचा सकते हैं।
डिजिटल माध्यमों ने शिक्षा, व्यापार, राजनीति और सामाजिक जागरूकता को प्रभावित किया है। हालांकि गलत सूचना, अफवाह, गोपनीयता और साइबर सुरक्षा जैसी चुनौतियाँ भी बढ़ी हैं। इसलिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग जिम्मेदारी और सावधानी से करना आवश्यक है।
अथवा
भारत में प्रमुख महिला आन्दोलनों की व्याख्या कीजिए ।
Ans. भारत में महिला आंदोलनों का उद्देश्य महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान और अवसर दिलाना रहा है। सामाजिक सुधार आंदोलनों के दौरान सती प्रथा, बाल विवाह और महिलाओं की अशिक्षा जैसी समस्याओं के विरुद्ध आवाज उठाई गई।
स्वतंत्रता आन्दोलन में भी महिलाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वतंत्रता के बाद महिला आंदोलनों ने दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा, लैंगिक भेदभाव, कार्यस्थल पर उत्पीड़न और समान वेतन जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
चिपको आन्दोलन में महिलाओं की महत्वपूर्ण भागीदारी रही। नर्मदा बचाओ आन्दोलन में भी महिलाओं ने विस्थापन और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई। आधुनिक महिला आंदोलनों ने शिक्षा, रोजगार, राजनीतिक भागीदारी और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाई है।
इन आंदोलनों ने भारतीय समाज में महिलाओं की स्थिति सुधारने और लैंगिक समानता की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।