U.P Board Class 12 History 321(IF) Question Paper 2025

U.P Board Class 12 History 321(IF) Question Paper 2025 का उत्तर आप यहाँ से प्राप्त कर सकते हैं। जिसका कोई भी शुल्क आपसे नहीं लिया जायेगा। आइये विस्तार से सभी प्रश्नो को जानते हैं।

सत्र – 2025
इतिहास
समयः तीन घण्टे 15 मिनट            पूर्णांकः 70

नोट : प्रारम्भ के 15 मिनट परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए निर्धारित हैं।

निर्देश :

i) सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।

ii) इस प्रश्नपत्र में पाँच खण्ड हैं। खण्ड ‘क’ मे 10 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, खण्ड ‘ख’ में 5 अति लघु उत्तरीय प्रश्न हैं, खण्ड ‘ग’ में 6 लघु उत्तरीय प्रश्न हैं, खण्ड ‘घ’ में 3 विस्तृत उत्तरीय प्रश्न हैं तथा खण्ड ‘ङ’ में 10 ऐतिहासिक तिथियों व 5 मानचित्र से सम्बन्धित प्रश्न हैं।

iii) सभी प्रश्नों के निर्धारित अंक उनके सामने अंकित हैं।

खण्ड ‘क’

(बहुविकल्पीय प्रश्न)

1. हड़प्पा संस्कृति के सम्बन्ध में निम्न कथनों पर विचार करें और सही विकल्प चुने :

क) जल निकासी व्यवस्था सामान्य और अनियोजित थी
ख) सबसे विशिष्ट तत्व शहरी केन्द्रों का विकास था
ग) बस्तियाँ दो भागों में विभक्त थीं अर्थात दुर्ग और निचला नगर
घ) सड़कें ग्रिड पैटर्न पर आधारित नहीं थीं

इनमें से :

i) केवल (क)
ii) (क) और (ख)
iii) (ख) और (ग)
iv) (ग) और (घ)

Ans. iii) (ख) और (ग)

2. अशोक के अभिलेखों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

क) अधिकांश अभिलेखों की भाषा प्राकृत है
ख) अधिकांश अभिलेखों की लिपि ब्राह्मी है
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा / से सत्य है / हैं ?

i) केवल (क)
iii) (क) और (ख) दोनों
ii) केवल (ख)
iv) इनमें से कोई नहीं

Ans. iii) (क) और (ख) दोनों

3. तेलुगु ग्रन्थ ‘अमुक्तमाल्यद’ का सम्बन्ध किससे है ?

i) कृष्णदेवराय से
ii) हरिहर और बुक्का से
iii) विरुपाक्ष से
iv) इनमें से कोई नहीं

Ans. i) कृष्णदेवराय से

4 मुगलकाल में ‘पोलज’ किस प्रकार की भूमि होती थी ?

i) बंजर भूमि
ii) ऐसी भूमि जो वर्ष भर उत्पादन के योग्य थी
iii) बहुत कम उपजाऊ भूमि
iv) 3-4 साल बाद प्रयोग में लायी जाने योग्य भूमि

Ans. ii) ऐसी भूमि जो वर्ष भर उत्पादन के योग्य थी

5. स्थायी बन्दोबस्त (इस्तमरारी बन्दोबस्त) द्वारा ईस्ट इण्डिया कम्पनी को क्या लाभ हुए ?

i) कम्पनी पर राजस्व का अधिक बोझ आ गया
ii) किसानों ने कम्पनी का सहयोग करना शुरू कर दिया।
iii) कम्पनी को लगान के रूप में निश्चित राशि मिलने लगी।
iv) इनमें से कोई नहीं

Ans. iii) कम्पनी को लगान के रूप में निश्चित राशि मिलने लगी।

6 निम्नलिखित को सुमेजित करत हुए सही विकल्प का नदन करें।

अ) खिराज.
ब) कुदाल
स) हल
द) दिकू

1) साहूकार
2) संथालियों का प्रतीक चिह्न
3) पहाड़ी लोगों का प्रतीक चिह्न
4) एक प्रकार का कर

i) अ-1, ब -2, स -3, द-4
ii) अ-4, ब-3, स- 1, द – 2
iii) अ-4, ब-3, स- 2, द -1
iv) अ-4, ब- 1 स -2, द- 3

Ans. iii) अ-4, ब-3, स- 2, द -1

7. 1857 ई० के विद्रोह का प्रमुख कारण था ।

1) चर्बी लगे कारतूस का प्रयोग
2) अंग्रेज नीतियों द्वारा भारतीयों का किया गया आर्थिक शोषण

i) केवल (1)
ii) केवल (2)
iii) न (1) सही न (2) सही
iv) (1) और (2) दोनों सही

Ans. iv) (1) और (2) दोनों सही

8. व्यपगत का सिद्धान्त / राज्य हड़प नीति / विलय नीति को किसने लागू किया था ?

i) लार्ड डलहौजी
ii) लार्ड विलियम बेंटिंक
iii) लार्ड वेलेजली
iv) लार्ड कर्जन

Ans. i) लार्ड डलहौजी

9. मोठ छावनी में सन् 1857 ई० का विद्रोह कब आरम्भ हुआ ?

ⅰ) 20 मई, 1857
ii) 18 मई, 1857
iii)8 मई, 1857
iv) 10 मई, 1857

Ans. iv) 10 मई, 1857

10. गाँधीजी ने अपना पहला सत्याग्रह कहाँ से आरम्भ किया था ?

i) दक्षिण अमेरिका
ii) दक्षिण अफ्रीका
iii) दक्षिण भारत
iv) इनमें से कोई नहीं

Ans. ii) दक्षिण अफ्रीका

खण्ड ‘ख’

(अति लघु उत्तरीय प्रश्न)

11. मेगस्थनीज कौन था ? उसके ग्रन्थ का क्या नाम था ?
Ans.
मेगस्थनीज यूनानी राजदूत था, जिसे सेल्यूकस निकेटर ने चन्द्रगुप्त मौर्य के दरबार में भेजा था। उसके ग्रन्थ का नाम इण्डिका था। इससे मौर्यकालीन भारत की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति की जानकारी मिलती है।

12. महावीर स्वामी कौन थे ? इनका प्रमुख सिद्धान्त क्या था ?
Ans.
महावीर स्वामी जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर थे। उनका प्रमुख सिद्धान्त अहिंसा था। उन्होंने सत्य, अस्तेय, अपरिग्रह और ब्रह्मचर्य पर भी बल दिया।

13. बिठ्ठल मन्दिर कहाँ स्थित है? उसका निर्माण किसने करवाया था ?
Ans.
विट्ठल मन्दिर कर्नाटक के हम्पी में स्थित है। इसका निर्माण विजयनगर के शासकों ने करवाया था तथा इसका विस्तार कृष्णदेवराय के शासनकाल सहित विभिन्न शासकों के समय हुआ।

14. काकोरी काण्ड कब और कहाँ हुआ ?
Ans.
काकोरी काण्ड 9 अगस्त, 1925 को उत्तर प्रदेश में लखनऊ के निकट काकोरी रेलवे स्टेशन के पास हुआ था। क्रान्तिकारियों ने सरकारी खजाने को ले जा रही रेलगाड़ी से धन प्राप्त किया था।

15. उद्देश्य प्रस्ताव किसके द्वारा प्रस्तुत किया गया था? किसके समक्ष कब प्रस्तुत किया गया था ?
Ans.
उद्देश्य प्रस्ताव जवाहरलाल नेहरू ने संविधान सभा के समक्ष 13 दिसम्बर, 1946 को प्रस्तुत किया था। इसे 22 जनवरी, 1947 को स्वीकार किया गया। इसी प्रस्ताव ने भारतीय संविधान की मूल भावना निर्धारित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।

खण्ड ‘ग’

(लघु उत्तरीय प्रश्न)

16. सिंधु घाटी सभ्यता के निवासियों के धार्मिक विश्वास पर टिप्पणी कीजिये।
Ans.
सिन्धु घाटी सभ्यता के निवासियों के धार्मिक विश्वासों की जानकारी मुख्यतः मुहरों, मूर्तियों, कब्रों और अन्य पुरातात्त्विक अवशेषों से मिलती है।

  1. मातृदेवी जैसी मानी जाने वाली स्त्री मूर्तियाँ मिली हैं।
  2. कुछ मुहरों पर योग मुद्रा में बैठे एक पुरुष की आकृति दिखाई देती है, जिसे कुछ विद्वान पशुपति से जोड़ते हैं।
  3. वृक्षों और पशुओं के प्रति धार्मिक महत्त्व होने के संकेत मिलते हैं।
  4. कुछ स्थानों पर अग्निकुण्ड जैसे अवशेष प्राप्त हुए हैं।
  5. मृतकों को दफनाने की प्रथा के प्रमाण भी मिले हैं।

हालाँकि, उनकी धार्मिक मान्यताओं के बारे में निश्चित निष्कर्ष निकालना कठिन है, क्योंकि उनकी लिपि अभी तक पढ़ी नहीं जा सकी है।

17. एक सन्त के रूप में मीराबाई के जीवन पर एक संक्षिप्त दिप्रणी लिखिए।
Ans.
मीराबाई मध्यकालीन भारत की प्रसिद्ध कृष्णभक्त सन्त और कवयित्री थीं। उनका जन्म राजस्थान के मेड़ता क्षेत्र के एक राजपूत परिवार में हुआ था। उनका विवाह मेवाड़ के राजपरिवार में हुआ, लेकिन उनकी गहरी भक्ति भगवान कृष्ण के प्रति थी। वे कृष्ण को अपना आराध्य और प्रियतम मानती थीं। उन्होंने अपने पदों में प्रेम, समर्पण और भक्ति की भावना व्यक्त की। मीराबाई ने सामाजिक बन्धनों और रूढ़ियों की परवाह किए बिना भक्ति का मार्ग अपनाया। उनके भजन आज भी लोकप्रिय हैं।

18. विजयनगर साम्राज्य के राजा कृष्णदेवराय पर एक टिप्पणी लिखिए।
Ans.
कृष्णदेवराय विजयनगर साम्राज्य के तुलुव वंश के महान शासक थे। उन्होंने 1509 से 1529 ई. तक शासन किया। उनके शासनकाल में विजयनगर साम्राज्य ने राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक उन्नति की। उन्होंने अनेक सैन्य विजय प्राप्त कीं और साम्राज्य की सीमाओं का विस्तार किया। वे साहित्य, कला और स्थापत्य के संरक्षक थे। उनके दरबार में तेलुगु के प्रसिद्ध विद्वान रहते थे। उन्होंने तेलुगु ग्रन्थ अमुक्तमाल्यद की रचना भी की। उनके शासनकाल को विजयनगर का स्वर्णकाल माना जाता है।

19. चौरी-चौरा की घटना क्या थी? इसके परिणामस्वरूप कौन सा आन्दोलन वापस लिया गया ?
Ans.
चौरी-चौरा की घटना 4 फरवरी, 1922 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के चौरी-चौरा में हुई थी। असहयोग आन्दोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच संघर्ष हुआ। इसके बाद उत्तेजित भीड़ ने पुलिस थाने में आग लगा दी, जिसमें कई पुलिसकर्मियों की मृत्यु हुई। महात्मा गाँधी इस हिंसक घटना से अत्यन्त दुखी हुए। उन्होंने अहिंसा के सिद्धान्त को बनाए रखने के लिए फरवरी 1922 में असहयोग आन्दोलन वापस ले लिया।

20. सुभाष चन्द्र बोस का स्वतन्त्रता आन्दोलन में क्या योगदान था ?
Ans.
सुभाष चन्द्र बोस भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन के प्रमुख क्रान्तिकारी नेताओं में से एक थे। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने अंग्रेजों से भारत को स्वतंत्र कराने के लिए सशस्त्र संघर्ष का मार्ग अपनाया। उन्होंने आजाद हिन्द फौज का नेतृत्व किया और स्वतंत्रता के लिए विदेशों में भारतीयों को संगठित किया। उनका प्रसिद्ध नारा था— “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूँगा।” उन्होंने आजाद हिन्द सरकार की स्थापना की और भारतीयों में देशभक्ति तथा स्वतंत्रता की भावना को प्रबल किया।

21. भारत के संविधान की चार विशेषताएँ बताइये।
Ans.
भारतीय संविधान की चार प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं—

  1. लिखित एवं विस्तृत संविधान: भारतीय संविधान में शासन व्यवस्था, नागरिकों के अधिकारों तथा कर्तव्यों का विस्तृत वर्णन है।
  2. लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था: भारत में जनता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करती है।
  3. मौलिक अधिकार: संविधान नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता और धार्मिक स्वतंत्रता सहित मौलिक अधिकार प्रदान करता है।
  4. धर्मनिरपेक्षता: राज्य सभी धर्मों के प्रति समान व्यवहार करता है और किसी एक धर्म को राजधर्म घोषित नहीं करता।

खण्ड ‘घ’

(बिस्तृत उत्तरीय प्रश्न)

22. अशोक का धम्म क्या था? वर्णन कीजिए।
Ans.
अशोक मौर्य वंश का महान शासक था। कलिंग युद्ध में हुए भारी रक्तपात ने उसके जीवन पर गहरा प्रभाव डाला। इसके बाद उसने युद्ध और हिंसा के स्थान पर शान्ति, नैतिकता तथा लोककल्याण को महत्त्व दिया। उसने जिन नैतिक सिद्धान्तों का प्रचार किया, उन्हें ‘धम्म’ कहा जाता है।

अशोक के धम्म की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित थीं—

  1. अहिंसा: अशोक ने अनावश्यक हिंसा और पशुओं की हत्या को कम करने पर बल दिया।
  2. बड़ों का सम्मान: उसने माता-पिता, गुरुजनों और वृद्धों का आदर करने की शिक्षा दी।
  3. सभी धर्मों के प्रति सहिष्णुता: उसने विभिन्न धार्मिक सम्प्रदायों के प्रति सम्मान रखने का संदेश दिया।
  4. दयालुता: उसने सेवकों, दासों तथा निर्धनों के साथ अच्छा व्यवहार करने पर बल दिया।
  5. सत्य एवं नैतिक आचरण: अशोक ने सत्य बोलने, सदाचार अपनाने और क्रोध पर नियंत्रण रखने की शिक्षा दी।
  6. जनकल्याण: उसने मनुष्यों और पशुओं के लिए चिकित्सा, कुओं तथा सड़कों के किनारे वृक्ष लगाने जैसे कार्यों को प्रोत्साहित किया।
  7. धम्म का प्रचार: उसने धम्म की शिक्षा के प्रसार के लिए अधिकारियों की नियुक्ति की तथा अपने विचार अभिलेखों के माध्यम से जनता तक पहुँचाए।

अशोक का धम्म किसी एक धर्म का प्रचार नहीं था, बल्कि नैतिक जीवन और सामाजिक सद्भाव का संदेश था। इसका उद्देश्य प्रजा में शान्ति, सहिष्णुता और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देना था।

अथवा

वैदिक काल के सामाजिक एवं आर्थिक जीबन का संक्षिम वर्णन कीजिए।
Ans.
वैदिक काल के सामाजिक और आर्थिक जीवन की जानकारी वेदों तथा अन्य वैदिक साहित्य से मिलती है। इस काल को सामान्यतः ऋग्वैदिक और उत्तर वैदिक काल में बाँटा जाता है।

सामाजिक जीवन: प्रारम्भिक वैदिक काल में परिवार समाज की प्रमुख इकाई था। परिवार प्रायः पितृसत्तात्मक थे। समाज में वर्ण व्यवस्था के प्रारम्भिक रूप के प्रमाण मिलते हैं, जो उत्तर वैदिक काल में अधिक जटिल हो गए। स्त्रियों को प्रारम्भिक वैदिक काल में धार्मिक कार्यों और शिक्षा में अपेक्षाकृत अधिक भागीदारी प्राप्त थी। बाद के काल में उनकी स्थिति में परिवर्तन आया। यज्ञ और धार्मिक अनुष्ठान सामाजिक जीवन का महत्त्वपूर्ण हिस्सा थे।

आर्थिक जीवन: प्रारम्भिक वैदिक काल में पशुपालन प्रमुख व्यवसाय था। गाय को धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता था। कृषि भी की जाती थी। उत्तर वैदिक काल में कृषि का महत्त्व बढ़ा और लोहे के औजारों के प्रयोग से खेती का विस्तार हुआ। व्यापार, शिल्प और विभिन्न व्यवसायों का विकास हुआ। इस प्रकार वैदिक समाज धीरे-धीरे पशुपालन प्रधान अर्थव्यवस्था से कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ा।

23. चैतन्य महाप्रभु के बारे में लिखिए और उनकी शिक्षाओं का वर्णन कीजिए।
Ans.
चैतन्य महाप्रभु मध्यकालीन भारत के प्रसिद्ध कृष्णभक्त सन्त थे। उनका जन्म 1486 ई. में बंगाल के नवद्वीप में हुआ था। उनका मूल नाम विश्वम्भर मिश्र था। उन्होंने भगवान कृष्ण की भक्ति को जीवन का सर्वोच्च मार्ग माना। उन्होंने बंगाल और अन्य क्षेत्रों में भक्ति आन्दोलन को लोकप्रिय बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उनकी प्रमुख शिक्षाएँ निम्नलिखित थीं—

  1. कृष्ण भक्ति: उन्होंने भगवान कृष्ण के प्रति प्रेम और पूर्ण समर्पण को मुक्ति का मार्ग बताया।
  2. नाम-संकीर्तन: वे कृष्ण के नाम का सामूहिक कीर्तन करने पर बल देते थे।
  3. प्रेम का महत्त्व: उनके अनुसार ईश्वर को सच्चे प्रेम और भक्ति से प्राप्त किया जा सकता है।
  4. जातिगत भेदभाव का विरोध: उन्होंने भक्ति के मार्ग को सभी के लिए सुलभ बनाने पर बल दिया।
  5. सादगी और विनम्रता: उन्होंने अहंकार त्यागने और विनम्र जीवन जीने की शिक्षा दी।
  6. सामूहिक भक्ति: उनके कीर्तन में अनेक लोग सम्मिलित होते थे, जिससे सामाजिक एकता की भावना बढ़ती थी।

चैतन्य महाप्रभु की शिक्षाओं ने वैष्णव भक्ति परम्परा को लोकप्रिय बनाया। उनके विचारों का बंगाल, ओडिशा और भारत के अन्य भागों पर गहरा प्रभाव पड़ा।

अथवा

कृषि इतिहास लिखने के लिये ‘आइन-ए-अकबरी’ को बौत के रूप में प्रयोग करने में कौन सी समस्याएं है?
Ans.
आइन-ए-अकबरी अबुल फजल द्वारा अकबर के शासनकाल में रचित एक महत्त्वपूर्ण ग्रन्थ है। इसमें मुगल प्रशासन, राजस्व व्यवस्था, कृषि, फसलों और विभिन्न प्रान्तों से सम्बन्धित जानकारी मिलती है। फिर भी कृषि इतिहास लिखने में इसका प्रयोग करते समय कुछ समस्याएँ सामने आती हैं।

  1. राजकीय दृष्टिकोण: यह ग्रन्थ मुख्यतः मुगल प्रशासन की दृष्टि से लिखा गया था। इसमें किसानों के दैनिक जीवन की अपेक्षाकृत कम जानकारी है।
  2. आँकड़ों की सीमाएँ: इसमें दिए गए राजस्व और उत्पादन के आँकड़े सभी क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति को पूरी तरह नहीं दर्शाते।
  3. क्षेत्रीय असमानताएँ: अलग-अलग क्षेत्रों की कृषि परिस्थितियाँ भिन्न थीं, जिन्हें एक समान रूप में समझना कठिन है।
  4. किसानों की समस्याएँ: किसानों की गरीबी, ऋण, अकाल तथा स्थानीय संघर्षों का पर्याप्त विवरण नहीं मिलता।
  5. आदर्श और वास्तविकता में अन्तर: प्रशासनिक अभिलेखों में दर्ज व्यवस्था और व्यवहार में लागू व्यवस्था में अन्तर हो सकता था।
  6. जानकारी की अपूर्णता: सभी फसलों, कृषि तकनीकों और ग्रामीण समुदायों के बारे में समान मात्रा में सूचना उपलब्ध नहीं है।

इसलिए आइन-ए-अकबरी महत्त्वपूर्ण स्रोत होने के बावजूद कृषि इतिहास की सम्पूर्ण तस्वीर प्रस्तुत नहीं करता।

अथवा

इतिहासकार इन समस्याओं से कैसे निपटते हैं?
Ans.
इतिहासकार आइन-ए-अकबरी की सीमाओं को ध्यान में रखकर अन्य स्रोतों की सहायता लेते हैं।

  1. वे इस ग्रन्थ के आँकड़ों की तुलना अन्य मुगलकालीन अभिलेखों से करते हैं।
  2. वे यात्रियों के विवरण, स्थानीय दस्तावेजों और क्षेत्रीय इतिहास ग्रन्थों का अध्ययन करते हैं।
  3. वे राजस्व सम्बन्धी आँकड़ों की तुलना उपलब्ध कृषि और भूमि सम्बन्धी प्रमाणों से करते हैं।
  4. वे अलग-अलग क्षेत्रों की कृषि परिस्थितियों का पृथक अध्ययन करते हैं।
  5. वे अकाल, किसान विद्रोह और ग्रामीण जीवन से जुड़े प्रमाणों का विश्लेषण करते हैं।
  6. वे यह समझने का प्रयास करते हैं कि राजकीय अभिलेखों में वर्णित आदर्श व्यवस्था वास्तविक जीवन में किस सीमा तक लागू थी।

इस प्रकार विभिन्न स्रोतों की तुलना और आलोचनात्मक अध्ययन करके इतिहासकार मुगलकालीन कृषि व्यवस्था की अधिक विश्वसनीय तस्वीर प्रस्तुत करते हैं।

24. सन् 1857 ई० की क्रान्ति के प्रमुख कारणों का वर्णन कीजिये।
Ans.
सन् 1857 की क्रान्ति ब्रिटिश शासन के विरुद्ध एक व्यापक विद्रोह था। इसकी शुरुआत मेरठ से हुई और शीघ्र ही यह दिल्ली, कानपुर, लखनऊ, झाँसी तथा अन्य क्षेत्रों में फैल गया। इसके प्रमुख कारण निम्नलिखित थे—

1. राजनीतिक कारण: अंग्रेजों ने राज्य हड़प नीति के माध्यम से अनेक भारतीय राज्यों को अपने अधिकार में ले लिया। झाँसी और सतारा जैसे राज्यों का विलय किया गया। अवध का विलय 1856 ई. में हुआ। इससे भारतीय शासकों में असन्तोष फैला।

2. आर्थिक कारण: अंग्रेजों की भूमि-राजस्व नीतियों से किसानों पर भारी बोझ पड़ा। भारतीय कुटीर उद्योगों और हस्तशिल्प को नुकसान पहुँचा। अनेक कारीगर बेरोजगार हो गए तथा देश की सम्पत्ति का अंग्रेजों के हित में उपयोग हुआ।

3. सामाजिक एवं धार्मिक कारण: भारतीयों को आशंका थी कि अंग्रेज उनकी धार्मिक और सामाजिक परम्पराओं में हस्तक्षेप कर रहे हैं। इससे जनता में अविश्वास बढ़ा।

4. सैनिक कारण: भारतीय सैनिकों को अंग्रेज सैनिकों की तुलना में कम वेतन और कम सुविधाएँ मिलती थीं। उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जाता था। इससे सैनिकों में असन्तोष उत्पन्न हुआ।

5. तात्कालिक कारण: नई एनफील्ड राइफल के कारतूसों पर गाय और सूअर की चर्बी लगे होने की खबर फैली। कारतूस का प्रयोग करने के लिए उसे दाँतों से काटना पड़ता था। इससे हिन्दू और मुस्लिम सैनिकों की धार्मिक भावनाएँ आहत हुईं।

6. तत्कालीन विद्रोह का विस्तार: 10 मई, 1857 को मेरठ में सैनिकों ने विद्रोह किया और दिल्ली पहुँचकर बहादुर शाह जफर को अपना नेता घोषित किया। इसके बाद कई क्षेत्रों में विद्रोह फैल गया।

निष्कर्ष: 1857 की क्रान्ति के पीछे राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक, धार्मिक और सैनिक कारणों का संयुक्त प्रभाव था। यद्यपि अंग्रेजों ने इसे दबा दिया, फिर भी इसने भारत में ब्रिटिश शासन की नींव को गहरा आघात पहुँचाया और आगे के राष्ट्रीय आन्दोलन को प्रेरणा दी।

अथवा

सविनय अवज्ञा आन्दोलन पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिये।
Ans.
सविनय अवज्ञा आन्दोलन महात्मा गाँधी के नेतृत्व में 1930 ई. में आरम्भ हुआ। इसका उद्देश्य ब्रिटिश सरकार के अन्यायपूर्ण कानूनों का अहिंसक ढंग से उल्लंघन करके स्वराज प्राप्त करना था।

इस आन्दोलन की शुरुआत गाँधीजी ने नमक कानून के विरोध में दांडी यात्रा से की। 12 मार्च, 1930 को वे साबरमती आश्रम से दांडी के लिए निकले और 6 अप्रैल, 1930 को समुद्र तट पर नमक बनाकर नमक कानून तोड़ा। इसके बाद देशभर में लोगों ने नमक कानून का उल्लंघन किया। किसानों, महिलाओं, विद्यार्थियों और व्यापारियों ने आन्दोलन में भाग लिया।

आन्दोलन के दौरान विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार किया गया, कर न देने के प्रयास हुए और अनेक स्थानों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए गए। अंग्रेज सरकार ने दमन किया और हजारों लोगों को गिरफ्तार किया।

1931 ई. में गाँधी-इरविन समझौते के बाद आन्दोलन अस्थायी रूप से स्थगित किया गया। बाद में इसे पुनः आरम्भ किया गया। इस आन्दोलन ने भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष को जन-आन्दोलन का व्यापक रूप दिया और ब्रिटिश शासन के विरुद्ध राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया।

खण्ड- ‘ङ’

25. निम्नलिखित ऐतिहासिक तिथियों से सम्बन्धित घटनाओं का उल्लेख कीजिए:

क) 185 ई०पू०
Ans.
मौर्य वंश के अन्तिम शासक बृहद्रथ की हत्या के बाद शुंग वंश की स्थापना पुष्यमित्र शुंग ने की।

ख) 78 ई०
Ans.
परम्परागत रूप से शक संवत् का प्रारम्भ इस वर्ष से माना जाता है।

ग) 1784 ई०
Ans.
सर विलियम जोन्स द्वारा एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल की स्थापना की गई।

घ) 1526 ई०
Ans.
प्रथम पानीपत का युद्ध बाबर और इब्राहिम लोदी के बीच हुआ। बाबर की विजय के बाद भारत में मुगल साम्राज्य की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ।

ङ) 1801 ई०
Ans.
अवध के नवाब सआदत अली खाँ ने अंग्रेजों के साथ सहायक सन्धि की, जिसके परिणामस्वरूप अवध में ब्रिटिश प्रभाव बढ़ा।

च) 1919 ई०
Ans.
रॉलेट एक्ट पारित हुआ और जलियाँवाला बाग हत्याकाण्ड हुआ।

छ) 1930 ई०
Ans.
महात्मा गाँधी ने दांडी यात्रा करके सविनय अवज्ञा आन्दोलन आरम्भ किया।

ज) 1942 ई०
Ans.
भारत छोड़ो आन्दोलन आरम्भ हुआ। गाँधीजी ने ‘करो या मरो’ का नारा दिया।

झ) 1947 ई०
Ans.
भारत 15 अगस्त, 1947 को स्वतंत्र हुआ। इसी वर्ष भारत का विभाजन भी हुआ।

ञ) 1949 ई०
Ans.
26 नवम्बर, 1949 को संविधान सभा ने भारतीय संविधान को अंगीकृत किया।

26. मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न :

दिये गए भारत के रेखा मानचित्र में निम्नलिखित स्थानों को चिह्न द्वारा दशांइए तथा उनके नाम भी लिखिए।

सही नाम तथा सही स्थान दर्शाने के लिए 11 अक निर्धारित है।

i) वह स्थान जहाँ सिन्धु घाटी सभ्यता का बन्दरगाह था।
Ans.
लोथल (गुजरात)।

ii) वह स्थान जहाँ महात्मा बुद्ध का जन्म हुआ था।
Ans.
लुम्बिनी (वर्तमान नेपाल)।

iii) वह स्थान जहाँ 1857 ई० की क्रान्ति उत्तर प्रदेश में आरम्भ हुई।
Ans.
मेरठ।

iv) वह स्थान जहाँ शेख सलीम चिश्ती की दरगाह है।
Ans.
फतेहपुर सीकरी (उत्तर प्रदेश)।

मेरा नाम सुनीत कुमार सिंह है। मैं कुशीनगर, उत्तर प्रदेश का निवासी हूँ। मैं एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हूं।

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