संसाधन के रूप में लोग : अध्याय 2
अवलोकन ‘संसाधन के रूप में लोग’ अध्याय जनसंख्या की, अर्थव्यवस्था पर दायित्व से अधिक परिसंपत्ति के रूप में, व्याख्या करने का प्रयास है। जब शिक्षा, …
अवलोकन ‘संसाधन के रूप में लोग’ अध्याय जनसंख्या की, अर्थव्यवस्था पर दायित्व से अधिक परिसंपत्ति के रूप में, व्याख्या करने का प्रयास है। जब शिक्षा, …
अवलोकन इस कहानी का उद्देश्य उत्पादन से संबंधित कुछ मूल विचारों से परिचय कराना है और ऐसा हम एक काल्पनिक गाँव-पालमपुर की कहानी के माध्यम …
भूमिका पिछले दो अध्यायों में हमने लोकतांत्रिक सरकार के दो बुनियादी तत्यों की चर्चा की है। अध्याय 3 में हमने देखा कि किस तरह लोकतांत्रिक …
परिचय लोकतंत्र का मतलब लोगों द्वारा अपने शासकों का चुनाव करना भर नहीं है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में शासकों को भी कुछ कायदे कानूनों को मानना …
परिचय अध्याय 1 में हमने देखा कि लोकतंत्र के लिए यह न तो संभव है ना ही जरूरी कि लोग सीधे शासन करें। हमारे समय …
परिचय पिछले अध्याय में हमने देखा कि लोकतंत्र में शासक लोग मनमानी करने के लिए आज़ाद नहीं हैं। कुछ बुनियादी नियम है जिनका पालन नागरिकों …
लोकतंत्र क्या है? इसकी विशेषताएँ क्या है? हम बहुत सरल परिभाषा से शुरुआत करते हैं। फिर हम बारी बारी से इन बिंदुओं का व्यावहारिक अर्थ …
हम सभी जानते हैं कि सभी जीवधारियों को भोजन की आवश्यकता होती है। भोजन से हमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, विटामिन तथा खनिज लवण प्राप्त होते …
हम प्रतिदिन विभिन्न स्रोतों; जैसे मानवों, पक्षियों, घंटियों, मशीनों, वाहनों, टेलिविज़न, रेडियो आदि की ध्वनि सुनते हैं। ध्वनि ऊर्जा का एक रूप है जो हमारे …
पिछले कुछ अध्यायों में हम वस्तुओं की गति के वर्णन करने के तरीकों, गति का कारण तथा गुरुत्वाकर्षण के बारे में चर्चा कर चुके हैं। …