U.P Board Class 12 Biology 348(GH) Question Paper 2024

U.P Board Class 12 Biology 348(GH) Question Paper 2024 का उत्तर आप यहाँ से प्राप्त कर सकते हैं। जिसका कोई भी शुल्क आपसे नहीं लिया जायेगा। आइये विस्तार से सभी प्रश्नो को जानते हैं।

सत्र – 2024
जीव विज्ञान
समयः तीन घण्टे 15 मिनट            पूर्णांकः 70

नोट : प्रारम्भ के 15 मिनट परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए निर्धारित हैं।

निर्देश :

(i) प्रारम्भ के 15 मिनट परीक्षार्थियों को प्रश्न-पत्र पढ़ने के लिए निर्धारित हैं।

(ii) सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।

(iii) आवश्यकतानुसार अपने उत्तरों की पुष्टि नामांकित रेखाचित्रों द्वारा कीजिए ।

(iv) प्रत्येक प्रश्न के निर्धारित अंक उनके सम्मुख अंकित हैं।

(बहुविकल्पीय प्रश्न)

1. सही विकल्प चुनकर अपनी उत्तर-पुस्तिका में लिखिए :

(क) आवृतबीजी पौधे का भ्रूणपोष होता है :

(i) अगृणित
(ii) द्विगुणित
(iii) त्रिगुणित
(iv) बहुगुणित

Ans. (iii) त्रिगुणित

(ख) विडाल टेस्ट किस बीमारी के निदान में उपयोग किया जाता है ?

(i) हैजा
(ii) मलेरिया
(iii) न्यूमोनिया
(iv) टायफॉइड

Ans. (iv) टायफॉइड

(ग) 108 लघुबीजाणुओं के निर्माण हेतु लघुबीजाणु मातृ कोशिकाओं में कितने. अर्थ-सूत्री विभाजन होंगे ?

(i) 54
(ii) 27
(iii) 107
(iv) 216

Ans. (ii) 27

कारण: 1 लघुबीजाणु मातृ कोशिका अर्धसूत्री विभाजन द्वारा 4 लघुबीजाणु बनाती है।
इसलिए, 108 ÷ 4 = 27 मातृ कोशिकाएँ।

अतः 27 अर्धसूत्री विभाजन होंगे।

(घ) ‘डाउन सिंड्रोम’ किसके कारण होता है ?

(i) लिंग-गुणसूत्रों की एकलसूत्रता
(ii) लिंग-गुणसूत्रों की त्रिसूत्रता
(iii) गुणसूत्रों की 21वीं जोड़ी की त्रिसूत्रता
(iv) गुणसूत्रों की 21वीं जोड़ी की एकलसूत्रता

Ans. (iii) गुणसूत्रों की 21वीं जोड़ी की त्रिसूत्रता

(निश्चित उत्तरीय प्रश्न)

2. (क) जैव-विविधता क्षति के कोई दो कारण लिखिए ।
Ans.
जैव-विविधता क्षति के दो प्रमुख कारण हैं—

  1. प्राकृतिक आवास का विनाश एवं विखंडन।
  2. प्राकृतिक संसाधनों का अतिदोहन।

इसके अतिरिक्त प्रदूषण, विदेशी आक्रामक प्रजातियाँ तथा जलवायु परिवर्तन भी जैव-विविधता को प्रभावित करते हैं।

(ख) मानवों में किसी एक लिंग-सहलग्न अप्रभावी विकार का नाम लिखिए ।
Ans.
हीमोफीलिया।
अन्य उदाहरण— लाल-हरा रंगांधता।

(ग) IUD का पूरा नाम/रूप लिखिए ।
Ans.
IUD का पूरा नाम Intra Uterine Device (अंतर्गर्भाशयी युक्ति) है। यह गर्भनिरोधक साधन है।

(घ) नाइट्रोजन स्थिरीकरण के लिए उत्तरदायी किन्हीं दो नील-हरित शैवाल (सायनोबैक्टीरिया) के नाम लिखिए ।
Ans.

  1. एनाबीना (Anabaena)
  2. नॉस्टॉक (Nostoc)

(ङ) जेल इलेक्ट्रोफोरेसिस क्या है ?
Ans.
जेल इलेक्ट्रोफोरेसिस एक ऐसी तकनीक है जिसके द्वारा DNA के विभिन्न खण्डों को उनके आकार के आधार पर विद्युत क्षेत्र की सहायता से अलग किया जाता है। DNA के छोटे खण्ड जेल में अधिक तेजी से आगे बढ़ते हैं।

(अति लघु-उत्तरीय प्रश्न)

3. (क) चिकित्सीय सगर्भता समापन (MTP) से क्या तात्पर्य है ?
Ans.
चिकित्सीय सगर्भता समापन (Medical Termination of Pregnancy—MTP) का अर्थ है चिकित्सकीय विधि द्वारा गर्भावस्था को निर्धारित समय से पहले समाप्त करना। इसका उपयोग विशेष चिकित्सीय परिस्थितियों में किया जाता है।

(ख) मानव इंसुलिन क्या है ?
Ans.
मानव इंसुलिन एक प्रोटीन हार्मोन है जो अग्न्याशय की लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं की बीटा कोशिकाओं द्वारा स्रावित होता है। यह रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रित करता है।

(ग) सक्रिय एवं निष्क्रिय प्रतिरक्षा क्या होता है ?
Ans.
सक्रिय प्रतिरक्षा: जब शरीर स्वयं प्रतिरक्षी बनाकर रोग से सुरक्षा प्राप्त करता है, उसे सक्रिय प्रतिरक्षा कहते हैं।

निष्क्रिय प्रतिरक्षा: जब तैयार प्रतिरक्षी किसी अन्य स्रोत से शरीर में पहुँचते हैं, तो इसे निष्क्रिय प्रतिरक्षा कहते हैं।

(घ) डीएनए एवं आरएनए में कोई दो अन्तर लिखिए ।
Ans.

DNARNA
इसमें डीऑक्सीराइबोज शर्करा होती है।इसमें राइबोज शर्करा होती है।
इसमें थाइमिन नाइट्रोजन क्षार पाया जाता है।इसमें थाइमिन के स्थान पर यूरेसिल पाया जाता है।

(ङ) पारितंत्र में उत्पादकता को परिभाषित कीजिए ।
Ans.
पारितंत्र में उत्पादकों द्वारा प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से कार्बनिक पदार्थ या जैवभार के निर्माण की दर को उत्पादकता कहते हैं। इसे सामान्यतः ग्राम/वर्गमीटर/वर्ष में व्यक्त किया जाता है।

(लघु-उत्तरीय प्रश्न)

4. (क) उत्परिवर्तन की उदाहरण सहित व्याख्या कीजिए।
Ans.
DNA या गुणसूत्रों में होने वाला अचानक, स्थायी एवं वंशागत परिवर्तन उत्परिवर्तन (Mutation) कहलाता है।

उत्परिवर्तन जीन अथवा गुणसूत्र के स्तर पर हो सकता है। यह प्राकृतिक रूप से भी हो सकता है तथा विकिरण या कुछ रसायनों के कारण भी उत्पन्न हो सकता है।

उदाहरण: सिकल-सेल एनीमिया एक जीन उत्परिवर्तन के कारण होने वाला रोग है।

(ख) आनुवंशिक इंजीनियरिंग क्या है? आनुवंशिक इंजीनियरिंग के किन्हीं दो अनुप्रयोगों को लिखिए ।
Ans.
DNA में इच्छित परिवर्तन करके किसी जीव में वांछित आनुवंशिक गुण उत्पन्न करने की तकनीक को आनुवंशिक इंजीनियरिंग कहते हैं।

अनुप्रयोग—

  1. मानव इंसुलिन जैसे उपयोगी प्रोटीनों का उत्पादन।
  2. आनुवंशिक रूप से रूपांतरित फसलों का निर्माण, जैसे कीट-प्रतिरोधी Bt कपास।

(ग) न्यूक्लियोटाइड पर एक टिप्पणी लिखिए।
Ans.
न्यूक्लियोटाइड न्यूक्लिक अम्लों की मूल संरचनात्मक इकाई है। प्रत्येक न्यूक्लियोटाइड तीन घटकों से मिलकर बना होता है—

  1. नाइट्रोजनयुक्त क्षार
  2. पेन्टोज शर्करा
  3. फॉस्फेट समूह

DNA में शर्करा डीऑक्सीराइबोज तथा RNA में राइबोज होती है।

(घ) न्यूमोनिया और अमीबता के लक्षण लिखिए।
Ans.
न्यूमोनिया के लक्षण:

  • तेज बुखार
  • खाँसी
  • साँस लेने में कठिनाई
  • सीने में दर्द

अमीबता के लक्षण:

  • पेट दर्द
  • बार-बार दस्त
  • मल में श्लेष्मा या रक्त
  • कमजोरी एवं भूख कम लगना

5. (क) सूक्ष्मजीवों के औषधीय उपयोग का वर्णन कीजिए ।
Ans.
सूक्ष्मजीवों का उपयोग अनेक औषधीय पदार्थों के निर्माण में किया जाता है।

  1. पेनिसिलिन का उत्पादन Penicillium से किया जाता है।
  2. स्ट्रेप्टोमाइसिन जैसे प्रतिजैविक पदार्थ सूक्ष्मजीवों से प्राप्त होते हैं।
  3. सूक्ष्मजीवों की सहायता से कुछ विटामिन एवं एंजाइम बनाए जाते हैं।
  4. कुछ सूक्ष्मजीवों से प्राप्त पदार्थों का उपयोग औषधियों तथा चिकित्सकीय अनुसंधान में किया जाता है।

(ख) ऐलर्जी पर एक टिप्पणी लिखिए ।
Ans.
सामान्यतः हानिरहित पदार्थों के प्रति प्रतिरक्षा तंत्र की अत्यधिक प्रतिक्रिया को ऐलर्जी कहते हैं। धूल, परागकण, कुछ खाद्य पदार्थ तथा पालतू पशुओं के बाल इसके कारण हो सकते हैं।

ऐलर्जी में छींक आना, नाक बहना, आँखों में जलन, त्वचा पर चकत्ते तथा साँस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐलर्जी की प्रतिक्रिया में IgE प्रतिरक्षी तथा मास्ट कोशिकाएँ प्रमुख भूमिका निभाती हैं।

(ग) अतिदोहन एवं सहविलुप्तता पर एक टिप्पणी लिखिए ।
Ans.
अतिदोहन: किसी प्राकृतिक संसाधन या जीव-प्रजाति का उसकी पुनःस्थापना की क्षमता से अधिक उपयोग करना अतिदोहन कहलाता है। इससे अनेक प्रजातियाँ संकटग्रस्त हो जाती हैं।

सहविलुप्तता: जब किसी एक प्रजाति के विलुप्त होने के साथ उससे घनिष्ठ रूप से संबंधित दूसरी प्रजाति भी विलुप्त हो जाती है, तो इसे सहविलुप्तता कहते हैं। उदाहरण के लिए, किसी विशिष्ट परागणकर्ता के विलुप्त होने पर उस पर निर्भर पौधे के अस्तित्व पर भी संकट आ सकता है।

(घ) मानवों में पाए जाने वाले किन्हीं तीन क्रोमोसोमीय विकार (सिन्ड्रोम) पर एक टिप्पणी लिखिए।
Ans.

1. डाउन सिंड्रोम: गुणसूत्र 21 की त्रिसूत्रता के कारण होता है। व्यक्ति में कुल 47 गुणसूत्र होते हैं।

2. क्लाइनफेल्टर सिंड्रोम: पुरुष में एक अतिरिक्त X गुणसूत्र होने के कारण होता है। इसका गुणसूत्रीय संघटन सामान्यतः 47, XXY होता है।

3. टर्नर सिंड्रोम: स्त्री में एक X गुणसूत्र की कमी के कारण होता है। इसका गुणसूत्रीय संघटन 45, XO होता है।

6. (क) प्राकृतिक वरण पर एक टिप्पणी लिखिए।
Ans.
प्राकृतिक वरण चार्ल्स डार्विन द्वारा प्रतिपादित विकास का प्रमुख सिद्धान्त है। इसके अनुसार प्रकृति में जीवों में विभिन्नताएँ पाई जाती हैं और सभी जीवों के जीवित रहने की क्षमता समान नहीं होती। अनुकूल लक्षण वाले जीवों के जीवित रहने तथा प्रजनन की संभावना अधिक होती है।

इस प्रकार अनुकूल लक्षण पीढ़ी-दर-पीढ़ी अधिक सामान्य होते जाते हैं और लंबे समय में नई प्रजातियों के विकास में सहायता कर सकते हैं।

(ख) दृश्य प्ररूप एवं जीनी प्ररूप में विभेद कीजिए ।
Ans.

दृश्य प्ररूप (Phenotype)जीनी प्ररूप (Genotype)
जीव के दिखाई देने वाले लक्षणों को दृश्य प्ररूप कहते हैं।जीव के आनुवंशिक संघटन को जीनी प्ररूप कहते हैं।
यह जीन तथा वातावरण दोनों से प्रभावित हो सकता है।यह मुख्यतः जीनों द्वारा निर्धारित होता है।
उदाहरण— पौधे की लम्बाई।उदाहरण— TT, Tt या tt।

(ग) मेंडल द्वारा मटर के पौधे में अध्ययन किए गए सात विपर्यासी विशेषकों पर एक टिप्पणी लिखिए ।
Ans.
ग्रेगर जॉन मेंडल ने मटर के पौधे में सात जोड़ी विपर्यासी लक्षणों का अध्ययन किया। वे निम्नलिखित हैं—

लक्षणप्रभावीअप्रभावी
बीज का आकारगोलझुर्रीदार
बीज का रंगपीलाहरा
फूल का रंगबैंगनीसफेद
फली का आकारफूली हुईसंकुचित
फली का रंगहरापीला
फूल की स्थितिअक्षीयशीर्षस्थ
तने की लम्बाईलम्बाबौना

(घ ) निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए :

(i) जैव-सूचना विज्ञान
Ans.
जैव-सूचना विज्ञान में जीव विज्ञान की समस्याओं के अध्ययन के लिए कंप्यूटर, गणित एवं सांख्यिकी का प्रयोग किया जाता है। इसका उपयोग DNA, RNA तथा प्रोटीन के अनुक्रमों के संग्रह, विश्लेषण और तुलना में किया जाता है।

(ii) एम्नियोसेंटेसिस
Ans.
एम्नियोसेंटेसिस एक प्रसवपूर्व निदान तकनीक है जिसमें भ्रूण के चारों ओर उपस्थित एम्नियोटिक द्रव का नमूना लेकर भ्रूण की कुछ आनुवंशिक या गुणसूत्रीय असामान्यताओं की जाँच की जाती है। इसका उपयोग चिकित्सकीय निदान के लिए किया जाता है।

(विस्तृत-उत्तरीय प्रश्न)

7. संवाहक में क्लोनिंग करने हेतु आवश्यक विशेषताओं की व्याख्या कीजिए ।
Ans.
आनुवंशिक इंजीनियरिंग में जिस DNA को किसी जीव में पहुँचाया जाता है, उसे वेक्टर या संवाहक कहा जाता है। किसी अच्छे क्लोनिंग संवाहक में निम्नलिखित विशेषताएँ होनी चाहिए—

  1. उत्पत्ति स्थल (Origin of replication): ऐसा स्थान होना चाहिए जहाँ से DNA का प्रतिकरण प्रारम्भ हो सके।
  2. चयन चिह्न (Selectable marker): इसमें ऐसा जीन होना चाहिए जिससे रूपांतरित कोशिकाओं की पहचान की जा सके।
  3. क्लोनिंग साइट: इसमें इच्छित DNA को जोड़ने के लिए उपयुक्त प्रतिबंधन एंजाइम के पहचान स्थल होने चाहिए।
  4. आकार छोटा होना: छोटा संवाहक आसानी से अलग तथा कोशिका में प्रविष्ट कराया जा सकता है।
  5. स्वतंत्र प्रतिकृति: संवाहक को परपोषी कोशिका में स्वतंत्र रूप से प्रतिकृत होने की क्षमता होनी चाहिए।

उदाहरण: प्लास्मिड और बैक्टीरियोफेज सामान्य क्लोनिंग संवाहक हैं।

अथवा

द्विसंकर क्रॉस का चेकरबोर्ड की सहायता से वर्णन कीजिए ।
Ans.
दो जोड़ी विपर्यासी लक्षणों को लेकर किया गया संकरण द्विसंकर क्रॉस कहलाता है। मेंडल ने मटर में बीज के आकार और रंग को लेकर इसका अध्ययन किया।

मान लेते हैं—
R = गोल बीज, r = झुर्रीदार बीज
Y = पीला बीज, y = हरा बीज

P पीढ़ी:
RRYY (गोल, पीला) × rryy (झुर्रीदार, हरा)

F₁ पीढ़ी:
सभी संतति RrYy (गोल, पीली) होगी।

अब F₁ का स्वसंकरण:

RrYy × RrYy

गैमेट्स — RY, Ry, rY, ry

चेकरबोर्ड

×RYRyrYry
RYRRYYRRYyRrYYRrYy
RyRRYyRRyyRrYyRryy
rYRrYYRrYyrrYYrrYy
ryRrYyRryyrrYyrryy

F₂ पीढ़ी का फीनोटाइपिक अनुपात = 9 : 3 : 3 : 1

अर्थात्—

9 गोल-पीले : 3 गोल-हरे : 3 झुर्रीदार-पीले : 1 झुर्रीदार-हरा

इससे मेंडल का स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम सिद्ध होता है।

8. आवृतबीजी पौधों में त्रिसंलयन की क्रियाविधियों का वर्णन कीजिए ।
Ans.
आवृतबीजी पौधों में परागण के बाद परागकण अंकुरित होकर परागनलिका बनाता है। परागनलिका वर्तिकाग्र से होती हुई अंडाशय में स्थित बीजाण्ड तक पहुँचती है और भ्रूणकोष में प्रवेश करती है। परागनलिका के दो नर युग्मक भ्रूणकोष में पहुँचते हैं।

एक नर युग्मक अंड कोशिका से मिलकर द्विगुणित युग्मनज (2n) बनाता है। इसे निषेचन कहते हैं।

दूसरा नर युग्मक भ्रूणकोष के दो ध्रुवीय नाभिकों (n + n) से मिलकर त्रिगुणित प्राथमिक भ्रूणपोष नाभिक (3n) बनाता है। नर युग्मक तथा दो ध्रुवीय नाभिकों के इस संलयन को त्रिसंलयन (Triple Fusion) कहते हैं।

त्रिसंलयन का क्रम:
n (नर युग्मक) + n + n (दो ध्रुवीय नाभिक) → 3n (प्राथमिक भ्रूणपोष नाभिक)

इसके बाद प्राथमिक भ्रूणपोष नाभिक विभाजित होकर भ्रूणपोष (Endosperm) का निर्माण करता है, जो विकसित होते भ्रूण को पोषण प्रदान करता है।

अतः आवृतबीजी पौधों में त्रिसंलयन के परिणामस्वरूप त्रिगुणित भ्रूणपोष का निर्माण होता है।

अथवा

निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए :

(क) मानव रक्त में लसीकाणु

Ans. लसीकाणु या लिम्फोसाइट्स श्वेत रक्त कणिकाओं (WBC) का एक प्रमुख प्रकार हैं। ये शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं—

  1. B-लसीकाणु — प्रतिरक्षी (Antibodies) का निर्माण करते हैं।
  2. T-लसीकाणु — कोशिका-मध्यस्थित प्रतिरक्षा में सहायता करते हैं।

लसीकाणु शरीर को रोगजनकों से बचाने तथा संक्रमणों के विरुद्ध प्रतिरक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण होते हैं।

(ख) अपसारी विकास

Ans. एक ही पूर्वज से विकसित जीवों में अलग-अलग वातावरण और आवश्यकताओं के कारण अलग-अलग लक्षणों का विकसित होना अपसारी विकास (Divergent Evolution) कहलाता है।

इसमें समजात अंग पाए जाते हैं, जिनकी मूल संरचना समान होती है, लेकिन उनके कार्य अलग-अलग होते हैं।

उदाहरण: मनुष्य का हाथ, चमगादड़ का पंख और व्हेल का फ्लिपर समजात अंग हैं। ये एक समान पूर्वज से विकसित हुए हैं, परंतु इनके कार्य अलग-अलग हैं।

9. बायोस्फीयर रिज़र्व एवं राष्ट्रीय उद्यान पर एक निबन्ध लिखिए ।
Ans.
बायोस्फीयर रिज़र्व

बायोस्फीयर रिज़र्व ऐसे संरक्षित क्षेत्र हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य जैव-विविधता, वनस्पतियों, वन्यजीवों तथा प्राकृतिक पारितंत्रों का संरक्षण करना है। यहाँ जीवों के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखा जाता है। बायोस्फीयर रिज़र्व में सामान्यतः कोर क्षेत्र, बफर क्षेत्र तथा संक्रमण क्षेत्र होते हैं।

राष्ट्रीय उद्यान

राष्ट्रीय उद्यान किसी विशेष क्षेत्र के वन्यजीवों, वनस्पतियों और प्राकृतिक आवासों के संरक्षण के लिए स्थापित संरक्षित क्षेत्र हैं। यहाँ शिकार, पेड़ों की कटाई तथा अन्य हानिकारक मानवीय गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध होते हैं।

महत्व

बायोस्फीयर रिज़र्व और राष्ट्रीय उद्यान जैव-विविधता के संरक्षण, संकटग्रस्त प्रजातियों की सुरक्षा तथा पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा पर्यावरणीय शिक्षा और अनुसंधान में भी सहायक हैं।

निष्कर्ष: जैव-विविधता और प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा के लिए बायोस्फीयर रिज़र्व तथा राष्ट्रीय उद्यान अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

अथवा

निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए :

(क) मानव जीनोम परियोजना के अनुप्रयोग एवं भविष्य की चुनौतियाँ
Ans.
मानव जीनोम परियोजना (Human Genome Project) का उद्देश्य मानव जीनोम में उपस्थित सभी जीनों की पहचान तथा DNA के क्षार अनुक्रम का निर्धारण करना था।

अनुप्रयोग:

  1. आनुवंशिक रोगों की पहचान एवं निदान में सहायता।
  2. रोगों के आनुवंशिक कारणों का पता लगाने में उपयोग।
  3. नई औषधियों एवं उपचार विधियों के विकास में सहायता।
  4. व्यक्तिगत एवं जीन-आधारित चिकित्सा के विकास में उपयोग।

भविष्य की चुनौतियाँ:

  1. आनुवंशिक सूचनाओं की गोपनीयता बनाए रखना।
  2. आनुवंशिक जानकारी के दुरुपयोग को रोकना।
  3. जीन-आधारित उपचारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
  4. जीन तकनीक से जुड़े नैतिक एवं सामाजिक प्रश्नों का समाधान करना।

(ख) संक्रामक रोग
Ans.
वे रोग जो रोगजनक सूक्ष्मजीवों के कारण होते हैं और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से फैल सकते हैं, संक्रामक रोग कहलाते हैं।

इनके प्रमुख रोगजनक बैक्टीरिया, वायरस, प्रोटोजोआ तथा परजीवी हैं।

उदाहरण:

  • टायफॉइड — Salmonella typhi
  • मलेरिया — Plasmodium
  • अमीबता — Entamoeba histolytica
  • हैजा — Vibrio cholerae

बचाव: स्वच्छता रखना, शुद्ध जल एवं भोजन का सेवन करना, टीकाकरण कराना तथा रोग फैलाने वाले वाहकों पर नियंत्रण रखना संक्रामक रोगों से बचाव के प्रमुख उपाय हैं।

मेरा नाम सुनीत कुमार सिंह है। मैं कुशीनगर, उत्तर प्रदेश का निवासी हूँ। मैं एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हूं।

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