U.P Board Class 12 Home Science 328(KP) Question Paper 2025

U.P Board Class 12 Home Science 328(KP) Question Paper 2025 का उत्तर आप यहाँ से प्राप्त कर सकते हैं। जिसका कोई भी शुल्क आपसे नहीं लिया जायेगा। आइये विस्तार से सभी प्रश्नो को जानते हैं।

सत्र – 2025
गृह विज्ञान
समयः तीन घण्टे 15 मिनट            पूर्णांकः 70

नोट : प्रारम्भ के 15 मिनट परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए निर्धारित हैं।

निर्देश:

i) सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।

ii) प्रश्न संख्या 1 से 4 बहुविकल्पीय हैं। प्रश्न संख्या 5 से 10 अति लघु उत्तरीय हैं, जिनमें से प्रत्येक का उत्तर अधिकतम 25 शब्दों में लिखिए। प्रश्न संख्या 11 से 15 लघु उत्तरीय हैं, जिनमें से प्रत्येक का उत्तर अधिकतम 50 शब्दों में तथा प्रश्न संख्या 16 से 18 दीर्घ उत्तरीय हैं, जिनमें से प्रत्येक का उत्तर 100 शब्दों के अन्तर्गत दीजिए ।

iii) सभी प्रश्नों के लिए निर्धारित अंक उनके सम्मुख अंकित हैं।

( बहुविकल्पीय प्रश्न)

1. निम्नलिखित प्रश्नों में से सही उत्तर छाँटकर अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखिए :

क) कार्य है:

i) गतिविधि
ii) प्रतिक्रिया
iii) प्रयास
iv) इनमें से सभी

Ans. iv) इनमें से सभी

ख) निम्नलिखित में से कौन उद्यमिता का लक्षण नहीं है?

i) कड़ी मेहनत करने की इच्छा
ii) कर्मचारियों की उत्पादकता को बढ़ाना
iii) चोट या स्वास्थ्य सम्बंधी समस्याओं को कम करना
iv) कठिन मुद्दों से निपटने का प्रयास करना

Ans. iii) चोट या स्वास्थ्य सम्बंधी समस्याओं को कम करना

ग) अल्प पोषण का कारण है-

i) अशिक्षित होना
ii) आर्थिक स्थिति
iii) शिशु की देखभाल का अभाव
iv) इनमें से सभी

Ans. iv) इनमें से सभी

घ) रतौंधी नामक रोग किसकी कमी से होता है ?

i) विटामिन ए
ii) विटामिन सी
iii) विटामिन के
iv) विटामिन बी 12

Ans. i) विटामिन ए

ङ) खाद्य प्रौद्योगिकी का क्या महत्व है ?

i) बचत करना
ii) श्रम तथा समय की बचत
iii) खाद्यान्नों का सदुपयोग
iv इनमें से सभी

Ans. iv इनमें से सभी

2. क) शैशवावस्था किसे कहा जाता है ?

i) जन्म से लेकर 6 महीने की अवस्था को
ii) जन्म से लेकर 2 वर्ष की अवस्था को
iii) जन्म से लेकर 5 वर्ष की अवस्था को
iv) 2 वर्ष से 5 वर्ष की अवस्था को

Ans. ii) जन्म से लेकर 2 वर्ष की अवस्था को

ख) निम्न में से कौन संवेदनशील नहीं है ?

i) बच्चे
ii) राजनीतिक दल
iii) महिलाएं
iv) वृद्ध

Ans. ii) राजनीतिक दल

ग) बाल अपराधी किसे कहते हैं ?

i) विद्यालय न जाने वाले बच्चों को
ii) बड़ों की बात न मानने वाले बच्चों को
iii) कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चों को
iv) इनमें से सभी को

Ans. iii) कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चों को

घ) निम्न में से कौन-सा रंग प्राथमिक नहीं है?

i) नीला
ii) लाल
iii) हरा
iv) पीला

Ans. iii) हरा

ङ) फैशन डिज़ाइन एवं व्यापार ………….. का मिश्रण है।

i) धन, डिज़ाइन एवं विक्रय
ii) नियोजन, क्रय एवं विक्रय
iii) डिज़ाइन, नियोजन एवं क्रय
iv) इनमें से सभी

Ans. iv) इनमें से सभी

3. क) निम्न में से सिल्क के कपड़े के क्या गुण हैं ?

i) पतला
ii) मुलायम
iii) चमकदार
iv) इनमें से सभी

Ans. iv) इनमें से सभी

ख) परिधान की डिजाइन करने वाली स्त्री को कहते हैं।

i) कुटुअर
ii) कुटुरियरे
iii) डिज़ाइनर
iv) स्त्री कुटुअर

Ans. ii) कुटुरियरे

ग) निम्न में से कौन अतिथि उद्योग के क्षेत्र से सम्बंधित नहीं है ?

i) भोजन तथा पेय सेवा
ii) अतिथि सत्कार तथा मनोरंजन
iii) अतिथि के परिधान की व्यवस्था
iv) पुर्यटन

Ans. iii) अतिथि के परिधान की व्यवस्था

घ) निम्नलिखित में से कौन अतिथि चक्र की अवस्थाओं में शामिल नहीं है ?

i) आगमन
ii) कमरे पर स्वाधिकार
iii) प्रस्थान
iv) मनोरंजन

Ans. iv) मनोरंजन

ङ) निम्नलिखित में से कौन-सा उपभोक्ता की समस्याओं से सम्बंधित नहीं है ?

i) उचित कीमत
ii) सही वज़न और माप
iii) वस्तुओं की जीवन भर की गारंटी
iv) गुणवत्तापूर्ण उत्पाद

Ans. iii) वस्तुओं की जीवन भर की गारंटी

4. क) सन्देश कैसा होना चाहिये ?

i) सुस्पष्ट
ii) लघु
iii) निर्थक
iv) अपूर्ण

Ans. i) सुस्पष्ट

ख) विज्ञापन देने का उद्देश्य होता है

i) जानकारी देना
ii) खर्च करना
iii) बचत करना
iv) अभिनय करना

Ans. i) जानकारी देना

ग) जनसम्पर्क के प्रकार्य हैं

i) जनसम्पर्क नीति
ii) प्रचार करना
ii) सम्बंध बनाना
iv) इनमें से सभी

Ans. iv) इनमें से सभी

घ) निम्न में से कौन श्रवण कौशल का एक भाग नहीं है ?

i) रूपरेखा
ii) समझना
iii) प्रतिक्रिया
iv) सुनना

Ans. i) रूपरेखा

ङ) ऊन तथा ऊनी वस्त्रों पर कौन-सा मानकीकृत चिह्न अंकित होता है ?

i) बूलमार्क
ii) सिल्क मार्क
iii) हालमार्क
iv) एगमार्क

Ans. i) रूपरेखा

( अति लघु उत्तरीय प्रश्न)

5. क) नौकरी और जीविका के रूप में कार्य के बारे में लिखें ।
Ans.
नौकरी में व्यक्ति वेतन के बदले किसी संस्था में कार्य करता है। जीविका वह साधन है जिससे व्यक्ति अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आय अर्जित करता है।

ख) भारत के दो परम्परागत व्यवसाय लिखिए ।
Ans.
बुनाई तथा मिट्टी के बर्तन बनाना भारत के दो प्रमुख परम्परागत व्यवसाय हैं।

6. क) पोषण का अर्थ लिखिए ।
Ans.
भोजन से पोषक तत्त्व प्राप्त करने तथा शरीर की वृद्धि, विकास, ऊर्जा और स्वास्थ्य बनाए रखने की प्रक्रिया को पोषण कहते हैं।

ख) खाद्य विज्ञान क्या है ?
Ans.
खाद्य पदार्थों की संरचना, गुणों, पोषण मूल्य, प्रसंस्करण, संरक्षण तथा गुणवत्ता का वैज्ञानिक अध्ययन खाद्य विज्ञान कहलाता है।

7. क) परिवार का महत्व लिखिए ।
Ans.
परिवार व्यक्ति को प्रेम, सुरक्षा, संस्कार, शिक्षा, आर्थिक सहयोग तथा भावनात्मक सहारा प्रदान करता है और सामाजिक विकास में सहायता करता है।

ख) दिवस देखभाल केन्द्र किसे कहते हैं ?
Ans.
वह केन्द्र जहाँ माता-पिता के काम पर रहने के दौरान बच्चों की देखभाल, सुरक्षा, पोषण और मनोरंजन की व्यवस्था होती है, दिवस देखभाल केन्द्र कहलाता है।

8. क) रेखा के प्रकार लिखिए ।
Ans.
रेखा के प्रमुख प्रकार हैं—सीधी, क्षैतिज, ऊर्ध्वाधर, तिरछी, वक्र, टेढ़ी-मेढ़ी तथा समानान्तर रेखाएँ।

ख) द्वितीयक रंग क्या है ?
Ans.
दो प्राथमिक रंगों को मिलाने से प्राप्त रंग द्वितीयक रंग कहलाता है। जैसे—लाल और पीला मिलाने से नारंगी रंग बनता है।

9. क) ‘अतिथि देवो भव’ से आप क्या समझती हैं ?
Ans.
‘अतिथि देवो भव’ का अर्थ है कि अतिथि को देवता के समान सम्मान, प्रेम और आदर देना चाहिए तथा उसकी उचित सेवा करनी चाहिए।

ख) अतिथि चंक्र की दो अवस्थाएँ लिखिए।
Ans.
अतिथि चक्र की दो अवस्थाएँ हैं—आगमन (चेक-इन) और प्रस्थान (चेक-आउट)।

10. क) विकास का क्या अर्थ है ?
Ans.
व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, संवेगात्मक तथा बौद्धिक गुणों में होने वाले क्रमिक परिवर्तन को विकास कहते हैं।

ख) संप्रेषण क्या है ?
Ans.
विचारों, सूचनाओं, भावनाओं और संदेशों का एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक आदान-प्रदान सम्प्रेषण कहलाता है।

(लघु उत्तरीय प्रश्न)

11. सूचना और संचार पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
Ans
. सूचना किसी विषय से सम्बन्धित तथ्यों, आँकड़ों या संदेशों को कहते हैं। संचार वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से सूचना, विचार तथा भावनाएँ एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुँचाई जाती हैं। संचार के प्रमुख माध्यम मौखिक, लिखित, सांकेतिक तथा दृश्य-श्रव्य हैं। प्रभावी संचार से आपसी समझ और सहयोग बढ़ता है।

12. नैदानिक पोषण से आप क्या समझती हैं?
Ans.
नैदानिक पोषण पोषण विज्ञान की वह शाखा है जिसमें रोगियों की पोषण सम्बन्धी आवश्यकताओं का आकलन करके उनके स्वास्थ्य और रोग की स्थिति के अनुसार आहार निर्धारित किया जाता है। इसका उद्देश्य रोग की रोकथाम, उपचार में सहायता, शीघ्र स्वास्थ्य लाभ तथा शरीर में पोषक तत्त्वों की कमी को दूर करना है।

13. बाल केन्द्रित उपागम से क्या अभिप्राय है?
Ans.
बाल केन्द्रित उपागम ऐसी शिक्षण पद्धति है जिसमें बच्चे की रुचि, आवश्यकता, क्षमता, आयु तथा व्यक्तिगत भिन्नताओं को प्राथमिकता दी जाती है। इसमें बच्चा सक्रिय रूप से सीखता है और शिक्षक मार्गदर्शक की भूमिका निभाता है। खेल, गतिविधियों तथा अनुभवों द्वारा बच्चे का सर्वांगीण विकास किया जाता है।

14. सिलाई मशीन का आविष्कार और फैशन का लोकतंत्रीकरण के बारे में संक्षेप में लिखिए।
Ans.
सिलाई मशीन के विकास में एलियास होवे और आइज़ैक मेरिट सिंगर का महत्त्वपूर्ण योगदान था। सिलाई मशीन से कपड़ों का उत्पादन तेज और सस्ता हुआ। फैशन के लोकतंत्रीकरण का अर्थ है कि फैशनेबल वस्त्र केवल अमीर लोगों तक सीमित न रहकर सामान्य लोगों के लिए भी उपलब्ध होने लगे।

15. सामान खरीदते समय उपभोक्ताओं की क्या समस्याएँ होती हैं ?
Ans.
सामान खरीदते समय उपभोक्ताओं को मिलावट, खराब गुणवत्ता, गलत वजन, अधिक कीमत, नकली वस्तुओं, भ्रामक विज्ञापनों तथा समाप्त हो चुकी उपयोग-अवधि जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। कभी-कभी दुकानदार उचित बिल या गारंटी भी नहीं देते। इनसे बचने के लिए गुणवत्ता चिह्न, मूल्य, निर्माण तिथि और बिल की जाँच करनी चाहिए।

( दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)

16. व्यावसायिक जीवन में मूल्यों और नैतिकता की भूमिका को संक्षेप में समझाइए ।
Ans.
व्यावसायिक जीवन में मूल्य और नैतिकता का अत्यन्त महत्त्व है। मूल्य व्यक्ति को सही और गलत में अन्तर करना सिखाते हैं, जबकि नैतिकता व्यवसाय में उचित आचरण के नियम प्रदान करती है।

इनकी प्रमुख भूमिकाएँ निम्नलिखित हैं—

  1. ईमानदारी: कार्य में सत्यनिष्ठा और पारदर्शिता बनाए रखना।
  2. जिम्मेदारी: सौंपे गए कार्यों को समय पर और उचित ढंग से पूरा करना।
  3. अनुशासन: नियमों तथा समय का पालन करना।
  4. सम्मान: सहकर्मियों, ग्राहकों और अधिकारियों के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करना।
  5. विश्वास: ईमानदार व्यवहार से ग्राहकों और कर्मचारियों का विश्वास जीतना।
  6. न्याय: सभी के साथ निष्पक्ष व्यवहार करना।
  7. कार्यकुशलता: अपने कार्य की गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ाना।

इस प्रकार मूल्य और नैतिकता व्यावसायिक सफलता, अच्छे सम्बन्ध तथा समाज में प्रतिष्ठा स्थापित करने में सहायक होते हैं।

अथवा

उद्यमिता से आप क्या समझती हैं ? इसके लक्षण लिखिए ।
Ans.
उद्यमिता वह प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति किसी व्यवसाय या उद्यम की स्थापना करता है, उपलब्ध संसाधनों का उचित उपयोग करता है, जोखिम उठाता है और लाभ अर्जित करने के साथ-साथ रोजगार के अवसर उत्पन्न करता है। उद्यमिता करने वाले व्यक्ति को उद्यमी कहते हैं।

उद्यमिता के प्रमुख लक्षण निम्नलिखित हैं—

  1. जोखिम उठाने की क्षमता: उद्यमी सोच-समझकर व्यावसायिक जोखिम स्वीकार करता है।
  2. नवाचार: नए विचारों, तकनीकों और उत्पादों को अपनाता है।
  3. आत्मविश्वास: अपनी क्षमताओं और निर्णयों पर विश्वास रखता है।
  4. कड़ी मेहनत: लक्ष्य प्राप्त करने के लिए परिश्रम करता है।
  5. निर्णय लेने की क्षमता: उचित समय पर सही निर्णय लेता है।
  6. नेतृत्व क्षमता: कर्मचारियों को प्रेरित और निर्देशित करता है।
  7. योजनाबद्ध कार्य: संसाधनों, समय और धन का उचित प्रबन्ध करता है।
  8. समस्या समाधान: कठिन परिस्थितियों का सामना करके समाधान खोजता है।

इस प्रकार उद्यमिता आर्थिक विकास, रोजगार सृजन तथा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देती है।

17. पोषण की दृष्टि से आहार के प्रकार लिखिए ।
Ans.
पोषण की दृष्टि से आहार को उसके पोषक तत्त्वों और शरीर की आवश्यकताओं के आधार पर विभिन्न प्रकारों में बाँटा जा सकता है।

  1. संतुलित आहार: ऐसा आहार जिसमें सभी आवश्यक पोषक तत्त्व उचित मात्रा और अनुपात में उपस्थित हों। जैसे—दाल, रोटी, सब्जियाँ, फल, दूध और अनाज।
  2. ऊर्जा देने वाला आहार: कार्बोहाइड्रेट और वसा से भरपूर खाद्य पदार्थ शरीर को ऊर्जा देते हैं। जैसे—चावल, गेहूँ, आलू और तेल।
  3. शरीर निर्माण करने वाला आहार: प्रोटीनयुक्त भोजन शरीर की वृद्धि तथा ऊतकों की मरम्मत में सहायक होता है। जैसे—दाल, दूध, अंडा और सोयाबीन।
  4. सुरक्षात्मक आहार: विटामिन और खनिज लवणों से युक्त भोजन शरीर को स्वस्थ रखने में सहायता करता है। जैसे—फल, हरी सब्जियाँ और दूध।
  5. रेशायुक्त आहार: आहार में उपस्थित रेशा पाचन क्रिया को सुचारु बनाए रखने में मदद करता है। जैसे—साबुत अनाज, फल और सब्जियाँ।

अतः स्वस्थ जीवन के लिए संतुलित और विविधतापूर्ण आहार लेना आवश्यक है।

अथवा

भारत में पोषण सम्बंधी क्या समस्याएँ हैं ?
Ans.
भारत में पोषण सम्बन्धी समस्याएँ स्वास्थ्य और विकास को प्रभावित करती हैं। इनके प्रमुख कारण गरीबी, अशिक्षा, असंतुलित भोजन, स्वच्छता का अभाव तथा स्वास्थ्य सेवाओं की कमी हैं।

प्रमुख पोषण सम्बन्धी समस्याएँ निम्नलिखित हैं—

  1. कुपोषण: शरीर को पर्याप्त ऊर्जा और पोषक तत्त्व नहीं मिल पाते।
  2. अल्पपोषण: आवश्यकता से कम भोजन या पोषक तत्त्व प्राप्त होना।
  3. प्रोटीन-ऊर्जा कुपोषण: प्रोटीन और ऊर्जा की कमी से वृद्धि तथा शारीरिक विकास प्रभावित होना।
  4. रक्ताल्पता: प्रायः आयरन की कमी के कारण हीमोग्लोबिन का स्तर कम होना।
  5. विटामिन की कमी: विटामिन A की कमी से रतौंधी तथा विटामिन D की कमी से बच्चों में रिकेट्स हो सकता है।
  6. आयोडीन की कमी: इससे घेंघा तथा बच्चों के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
  7. अतिपोषण: अधिक ऊर्जा लेने और शारीरिक गतिविधि कम होने से मोटापे का खतरा बढ़ता है।

सुधार के उपाय: संतुलित आहार, पोषण शिक्षा, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य जाँच, स्तनपान को प्रोत्साहन तथा सरकारी पोषण कार्यक्रमों का उचित क्रियान्वयन आवश्यक है।

18. प्रारम्भिक बाल्यावस्था की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?
Ans.
प्रारम्भिक बाल्यावस्था बच्चे के जीवन का महत्त्वपूर्ण चरण है। सामान्यतः लगभग 2 से 6 वर्ष की आयु को इस अवस्था में शामिल किया जाता है। इस दौरान बच्चे के शरीर, मस्तिष्क, भाषा और सामाजिक व्यवहार का तेजी से विकास होता है।

इस अवस्था की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं—

  1. शारीरिक विकास: बच्चे की लम्बाई, वजन तथा मांसपेशियों का विकास होता है।
  2. मानसिक विकास: बच्चा वस्तुओं को पहचानना, सोचना, याद रखना और समस्याएँ सुलझाना सीखता है।
  3. भाषा विकास: शब्द भण्डार बढ़ता है और बच्चा वाक्यों में अपनी बात कहना सीखता है।
  4. सामाजिक विकास: बच्चा दूसरे बच्चों के साथ खेलना, सहयोग करना और नियमों का पालन करना सीखता है।
  5. संवेगात्मक विकास: खुशी, दुख, डर और क्रोध जैसी भावनाएँ व्यक्त करना सीखता है।
  6. जिज्ञासा: बच्चा नई चीजों को जानने और समझने के लिए अनेक प्रश्न पूछता है।
  7. खेल में रुचि: खेलों और गतिविधियों के माध्यम से सीखता है।
  8. आत्मनिर्भरता: स्वयं खाना, कपड़े पहनना और छोटी-छोटी गतिविधियाँ करना सीखता है।

इस अवस्था में उचित पोषण, प्रेम, सुरक्षा, खेल तथा प्रोत्साहन बच्चे के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक हैं।

अथवा

शिशु देखभाल केन्द्र की उपयोगिता को समझाइये ।
Ans.
शिशु देखभाल केन्द्र वह स्थान है जहाँ माता-पिता की अनुपस्थिति में छोटे बच्चों की देखभाल, सुरक्षा, पोषण तथा विकास सम्बन्धी आवश्यकताओं को पूरा किया जाता है। ये केन्द्र कामकाजी माता-पिता के लिए विशेष रूप से उपयोगी होते हैं।

शिशु देखभाल केन्द्र की प्रमुख उपयोगिताएँ निम्नलिखित हैं—

  1. सुरक्षा: बच्चों को सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जाता है।
  2. पोषण: बच्चों की आयु के अनुसार पौष्टिक भोजन और आवश्यकतानुसार दूध दिया जाता है।
  3. स्वच्छता: बच्चों की साफ-सफाई और व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखा जाता है।
  4. स्वास्थ्य देखभाल: बच्चे के स्वास्थ्य और विकास पर ध्यान दिया जाता है तथा आवश्यकता होने पर चिकित्सा सहायता दिलाई जाती है।
  5. शैक्षिक गतिविधियाँ: खेल, कहानियों, गीतों और चित्रों से बच्चों को सीखने के अवसर मिलते हैं।
  6. सामाजिक विकास: बच्चे दूसरे बच्चों के साथ रहकर सहयोग और मिल-जुलकर खेलना सीखते हैं।
  7. भावनात्मक विकास: स्नेहपूर्ण वातावरण से बच्चों में आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना विकसित होती है।
  8. माता-पिता को सुविधा: कामकाजी माता-पिता अपने कार्य पर ध्यान दे पाते हैं।

इस प्रकार अच्छे शिशु देखभाल केन्द्र बच्चों के सुरक्षित पालन-पोषण तथा शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मेरा नाम सुनीत कुमार सिंह है। मैं कुशीनगर, उत्तर प्रदेश का निवासी हूँ। मैं एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हूं।

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