जो देखकर भी नहीं देखते : अध्याय 9
कभी-कभी मैं अपने मित्रों की परीक्षा लेती हूँ, यह परखने के लिए कि वह क्या देखते हैं। हाल ही में मेरी एक प्रिय मित्र जंगल …
कभी-कभी मैं अपने मित्रों की परीक्षा लेती हूँ, यह परखने के लिए कि वह क्या देखते हैं। हाल ही में मेरी एक प्रिय मित्र जंगल …
सिंहासन हिल उठे, राजवंशों ने भृकुटी तानी थी,बूढ़े भारत में भी आई फिर से नयी जवानी थी,गुमी हुई आज़ादी की कीमत सबने पहचानी थी,दूर फ़िरंगी …
अब राजप्पा को कोई नहीं पूछता। आजकल सब के सब नागराजन को घेरे रहते। ‘नागराजन घमंडी हो गया है’, राजप्पा सारे लड़कों में कहता फिरता। …
पात्र-परिचय मोहन : एक विद्याधरदीनानाथ : एक पड़ोसीमाँ : मोहन की माँपिता : मोहन के पितामास्टर : मोहन के मास्टर जी।वैद्य जी, डॉक्टर तथा एक …
साथी हाथ बढ़ानाएक अकेला थक जाएगा, मिलकर बोझ उठाना।साथी हाथ बढ़ाना। हम मेहनतवालों ने जब भी, मिलकर कदम बढ़ायासागर ने रस्ता छोड़ा, परबत ने सीस …
(दस ग्यारह साल की एक लड़की) गोल हैं खूब मगरआप तिरछे नज़र आते हैं जरा।आप पहने हुए हैं कुल आकाशतारों-जड़ा;सिर्फ़ मुँह खोले हुए है अपनागोरा-चिट्टागोल-मटोल, …
केशव के घर कार्निस के ऊपर एक चिड़िया ने अंडे दिए थे। केशव व और उसकी बहन श्यामा दोनों बड़े ध्यान से चिड़िया को वहाँ …
मैं तुम्हें अपने बचपन की ओर ले जाऊँगी। मैं तुमसे कुछ इतनी बड़ी हूँ कि तुम्हारी दादी भी हो सकती हूँ, तुम्हारी नानी भी। बड़ी …
वह चिड़िया जो-चोंच मारकरदूध-भरे जुडी के दानेरुचि से, रस से खा लेती हैवह छोटी संतोषी चिड़ियानीले पंखोंवाली मैं हूँमुझे अन्न से बहुत प्यार है। वह …
भारत एक बहुत बड़े भौगोलिक विस्तार वाला देश है। उत्तर में यह हिमालय के ऊँचे शिखरों से घिरा है। पश्चिम में अरब सागर, पूर्व में …