वैज्ञानिक चेतना के वाहक चंद्रशेखर वेंकट रामन् : अध्याय 4
पेड़ से सेब गिरते हुए तो लोग सदियों से देखते आ रहे थे, मगर गिरने के पीछे छिपे रहस्य को न्यूटन से पहले कोई और …
पेड़ से सेब गिरते हुए तो लोग सदियों से देखते आ रहे थे, मगर गिरने के पीछे छिपे रहस्य को न्यूटन से पहले कोई और …
आज तुम्हारे आगमन के चतुर्थ दिवस पर यह प्रश्न बार-बार मन में घुमड़ रहा है- तुम कब जाओगे, अतिथि ? तुम जहाँ बैठे निस्संकोच सिगरेट …
एवरेस्ट अभियान दल 7 मार्च को दिल्ली से काठमांडू के लिए हवाई जहाज से चल दिया। एक मजबूत अग्रिम दल बहुत पहले ही चला गया …
मनुष्यों की पोशाके उन्हें विभिन्न श्रेणियों में बाँट देती है। प्रायः पोशाक ही समाज में मनुष्य का अधिकार और उसका दर्जा निश्चित करती है। वह …
कोहरे से ढँकी सड़क पर बच्चे काम पर जा रहे हैसुबह सुबह बच्चे काम पर जा रहे हैंहमारे समय की सबसे भयानक पंक्ति है यहभयानक …
मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर के।आगे-आगे नाचती-गाती बयार चली,दरवाजे-खिड़कियाँ खुलने लगीं गली-गली,पाहुन ज्यों आए हों गाँव में शहर के।मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर …
फैली खेतों में दूर तलक मखमल की कोमल हरियाली,लिपटीं जिससे रवि की किरणें चाँदी की सी उजली जाली!तिनकों के हरे हरे तन पर हिल हरित …
क्या गाती हो?क्यों रह-रह जाती हो?कोकिल बोलो तो ! क्या लाती हो?संदेशा किसका है?कोकिल बोलो तो! ऊँची काली दीवारों के घेरे में,डाकू, चोरों, बटमारों के …
1 मानुष हौं तो वही रसखानि बसौं व्रज गोकुल गाँव के ग्वारन।जौ पसु हौं तो कहा बस मेरो चरौं नित नंद की धेनु मँझारन ।।पाहन …
1 रस्सी कच्चे धागे की, खींच रही मैं नाव।जाने कब सुन मेरी पुकार, करें देव भवसागर पार।पानी टपके कच्चे सकोरे, व्यर्थ प्रयास हो रहे मेरे।जी …