साखियाँ एवं सबद : अध्याय 7
वैष्णव जन तो तेने कहीये …… वैष्णव जन तो तेने कहीयेजे पीड़ पराई जाणे रे।पर दुःखे उपकार करे तोयेमन अभिमाण न आणे रे। सकल लोकमां …
वैष्णव जन तो तेने कहीये …… वैष्णव जन तो तेने कहीयेजे पीड़ पराई जाणे रे।पर दुःखे उपकार करे तोयेमन अभिमाण न आणे रे। सकल लोकमां …
बचपन की स्मृतियों में एक विचित्र-सा आकर्षण होता है। कभी-कभी लगता है जैसे सपने में सब देखा होगा। परिस्थितियाँ बहुत बदल जाती है। अपने परिवार …
प्रेमचंद का एक चित्र मेरे सामने है, पत्नी के साथ फोटो खिंचा रहे हैं। सिर पर किसी मोटे कपड़े की टोपी, कुरता और धोती पहने …
सुनहरे परिंदों के खूबसूरत पंखों पर सवार साँवले सपनों का एक हुजूम मौत की खामोश वादी की तरफ़ अग्रसर है। कोई रोक-टोक सके, कहाँ संभव …
धीरे-धीरे सब कुछ बदल रहा है। एक नयी जीवन-शैली अपना वर्चस्व स्थापित कर रही है। उसके साथ आ रहा है एक नया जीवन दर्शन उपभोक्तावाद …
वह नेपाल से तिब्बत जाने का मुख्य रास्ता है। फरी-कलिङ्योङ् का रास्ता जब नहीं खुला था, तो नेपाल ही नहीं हिंदुस्तान की भी चीजें इसी …
जानवरों में गधा सबसे ज्यादा बुद्धिहीन समझा जाता है। हम जब किसी आदमी को परले दरजे का बेवकूफ़ कहना चाहते हैं, तो उसे गधा कहते …
चित्र 1 – पूर्वी गढ़वाल के बुग्याल में चरती भेड़ें।बुग्याल ऊँचे पहाड़ों पर 12,000 फुट से भी ज्यादा ऊँचाई पर स्थित विशाल प्राकृतिक चरागाह होते है। …
अपने स्कूल और घर में चारों ओर नजर दौड़ाकर उन सभी वस्तुओं को पहचानें जो जंगल की हैं इस किताब का कागज, मेज-कुर्सियाँ, दरवाजे-खिड़कियाँ, वे …
1945 के वसंत में हेलमुट नामक 11 वर्षीय जर्मन लड़का बिस्तर में लेटे कुछ सोच रहा था। तभी उसे अपने माता-पिता की दबी-दबी सी आवाजें सुनाई …