U.P Board Class 10 Hindi 801 (FA) Question Paper 2026

U.P Board Class 10 Hindi 801 (FA) Question Paper 2026 का उत्तर आप यहाँ से प्राप्त कर सकते हैं। जिसका कोई भी शुल्क आपसे नहीं लिया जायेगा। आइये विस्तार से सभी प्रश्नो को जानते हैं।

सत्र – 2026
हिंदी
समयः 3 घण्टे 15 मिनट पूर्णांक: 70

सामान्य निर्देश :

i) प्रारम्भ के 15 मिनट परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए निर्धारित हैं।

ii) सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।

iii) यह प्रश्नपत्र दो खण्डों खण्ड ‘अ’ तथा खण्ड ‘ब’ में विभाजित हैं।

iv) इस प्रश्नपत्र के खण्ड ‘अ’ में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जिसमें दिए गए चार विकल्पों में से सही विकल्प का चयन करके ओ.एम.आर. उत्तरपत्रक पर नीले अथवा काले बॉल प्वाइंट पेन से सही विकल्पवाले गोले को अच्छी तरह रंगकर देना है।

v) खण्ड ‘अ’ के बहुविकल्पीय प्रश्नों हेतु प्रत्येक प्रश्न के लिए 1 अंक निर्धारित है। बहुविकल्पीय प्रश्नों हेतु नकारात्নজ अंकन की व्यवस्था नहीं है। अतः सभी प्रश्नों के उत्तर देने का प्रयास कीजिए।

vi) ओ.एम.आर. शीट पर उत्तर देने के पश्चात संबंधित गोले को काटे नहीं तथा इरेजर एवं व्हाइटनर का प्रयोग न करें।

vii) प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उनके निर्धारित अंक दिए गए हैं।

viii) खण्ड ‘ब’ में वर्णनात्मक प्रश्न पूछे गये हैं। इसके लिए कुल 50 अंक निर्धारित हैं।

xi) खण्ड ‘ब’ के प्रश्नों के उत्तर यथासंभव क्रमानुसार लिखने का प्रयास कीजिए। जो प्रश्न नहीं आता हो, उस पर समय नह मत कीजिए।

x) वर्णनात्मक प्रश्नों के उत्तर देते समय सुन्दर, स्पष्ट एवं पठनीय लेखन पर विशेष ध्यान दीजिए।

खण्ड – ‘अ’

(बहुविकल्पीय प्रश्न)

1. ‘श्रृंगार रस मंडन’ का लेखक कौन है?

A) वल्लभाचार्य
B) गोसाई विठ्ठलनाथ
C) हीरा लाल
D) लल्लू लाल

2. सदल मिश्र की रचना है:

A) नासिकेतोपाख्यान
B) राजनीति
C) भाषा योग वाशिष्ठ
D) सुखसागर

3. ‘शुक्ल-युग’ की समय-सीमा है:

A) सन् 1900 से 1920
B) सन् 1850 से 1900
C) सन् 1918 से 1938
D) सन् 1938 से 1950

4. कहानी की दृष्टि से छायावाद युग को कहा जाता है:

A) प्रसाद युग
B) शुक्ल युग
C) द्विवेदी युग
D) प्रेमचंद युग

5. गद्य की विधा नहीं है:

A) आलोचना
B) खण्ड काव्य
C) नाटक
D) कहानी

6. ‘रीति काल’ की काव्य धारा नहीं है:

A) रीति बद्ध काव्य धारा
B) रीति मुक्त काव्य धारा
C) रीति सिद्ध काव्य धारा
D) रीति रिवाज काव्य धारा

7. भूषण की रचना है:

A) शिवा बावनी
B) कवि प्रिया
C) गंगा लहरी
D) रस राज

8. ‘द्विवेदी युग’ का नाम किस साहित्यकार के नाम पर पड़ा?

A) सोहन लाल द्विवेदी
B) आ. महावीर प्रसाद द्विवेदी
C) हजारी प्रसाद द्विवेदी
D) राधा कृष्ण दास

9. ‘तार सप्तक’ का प्रकाशन कब हुआ?

A) सन् 1936 में
B) सन् 1951 में
C) सन् 1943 में
D) सन् 1947 में

10. ‘ठंडा लोहा’ के रचनाकार है:

A) अज्ञेय
B) गिरिजा कुमार माथुर
C) शमशेर बहादुर
D) धर्मवीर भारती

11. ‘हास्य’ रस का स्थायी भाव है :

A) रति
B) हास
C) क्रोध
D) शोक

12. मात्रा तथा वर्ण के आधार पर छंद के भेद है:

A) दो
B) पाँच
C) तीन
D) चार

13. “चरण-कमल बंदी हरि राई” उपर्युक्त पंक्ति में कौनसा अलंकार है?

A) उपमा
B) उत्प्रेक्षा
C) अनुप्रास
D) रूपक

14. ‘परिचय’ शब्द में उपसर्ग है:

A) प
B) पर
C) परि
D) परिच

15. ‘चौराहा’ शब्द में समास है:

A) द्विगु
B) बहुव्रीहि
C) कर्मधारय
D) द्वन्द्व

16. ‘आँसू’ का तत्सम-रूप है:

A) अश्रु
B) अक्षि
C) आँख
D) आखर

17. इनमें से कौनसा शब्द सर्वनाम है?

A) रमेश
B) मैं
C) लखनऊ
D) पुस्तक

18. ‘चंद्रमा’ का पर्यायवाची नहीं है :

A) शशि
B) राकेश
C) देव
D) निशाकर

19. वाच्य के कितने भेद होते हैं?

A) दो
B) चार
C) छह
D) तीन

20. ‘तद्’ शब्द का चतुर्थी विभक्ति एकवचन रूप है-

A) तस्याम्
B) तस्मै
C) तस्य
D) तानि

खण्ड ‘ब’

(वर्णनात्मक प्रश्न)

1. निम्नलिखित गद्यांश पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

भिन्न-भिन्न धर्मों के माननेवाले भी, जो सारी दुनिया के सभी देशों में बसे हुए हैं, यहाँ भी थोड़ी बहुत संख्या में पाये जाते हैं और जिस तरह यहाँ की बोलियों की गिनती आसान नहीं, उसी तरह यहाँ भिन्न-भिन्न धर्मों के संप्रदायों की भी गिनती आसान नहीं। इन विभिन्नताओं को देखकर अगर अपरिचित आदमी घबड़ाकर कह उठे कि यह एक देश नहीं, अनेक देशों का एक समूह है, यह एक जाति नहीं, अनेक जातियों का समूह है तो इसमें आश्चर्य की बात नहीं। क्योंकि ऊपर से देखने वाले को, जो गहराई में नहीं जाता, विभिन्नता ही देखने में आयेगी।

ⅰ) उपर्युक्त गद्यांश का संदर्भ लिखिए।

ii) लेखक ने भारतीय संस्कृति को अनेक देशों का समूह क्यों कहा है?

iii) रेखांकित (बोल्ड) अंश की व्याख्या कीजिए।

अथवा

विश्वासपात्र मित्र से बड़ी भारी रक्षा रहती है। जिसे ऐसा मित्र मिल जाये, उसे समझना चाहिए कि खजाना मिल गया। विश्वासपात्र मित्र जीवन की एक औषधि है। हमें अपने मित्रों से यह आशा रखनी बाहिए कि वे उत्तम संकल्पों में हमें दृढ़ करेंगे, दोषों और त्रुटियों से हमे बचायेंगे। हमारे सत्य, पवित्रता और मर्यादा के प्रेम को पुष्ट करेंगे, जब हम कुमार्ग पर पैर रखेंगे, तब वे हमें सचेत करेंगे, जब हम हतोत्साहित होंगे, तब वे हमें उत्साहित करेंगे।

i) उपर्युक्त गद्यांश का संदर्भ लिखिए।

ii) विश्वास पात्र को जीवन की औषधि क्यों कहा जाता है?

iii) रेखांकित (बोल्ड) अंश की व्याख्या कीजिए।

2. दिए गए पद्यांश पर आधारित तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

चरन-कमल बंदौ हरि राइ।
जाकी कृपा पंगु गिरि लंधै, अंधे को सब कछु दरसाइ।

बहिरी सुनै, गूँग पुनि बोलै, रंक चलै सिर छत्र धराइ।
सूरदास स्वामी करुनामय, बार-बार बंदौ तिहि पाइ ॥

i) उपर्युक्त पद्यांश का संदर्भ लिखिए।

ii) ‘चरन-कमल बंदौ हरि राइ।’ पंक्ति में कौनसा अलंकार है?

iii) रेखांकित (बोल्ड) अंश की व्याख्या कीजिए।

अथवा

बढ़ जाता है मान वीर का,
रण में बलि होने से।
मूल्यवती होती सोने की,
भस्म यथा सोने से ॥
रानी से भी अधिक हमें अब,
यह समाधि है प्यारी।
यहाँ निहित है स्वतंत्रता की,
आशा की चिनगारी ॥

i) उपर्युक्त पद्यांश का संदर्भ लिखिए।

ii) रेखांकित (बोल्ड) अंश की व्याख्या कीजिए।

iii) ‘स्वतंत्रता’ और ‘आशा’ शब्द का विलोम लिखिए।

3. निम्नलिखित संस्कृत गद्यांश का सन्दर्भसहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए।

मानव-जीवनस्य मस्करणं संस्कृतिः। अस्माकं पूर्वजाः मानवजीवन संस्कर्तुं महान्तं प्रयत्नं अकुर्वन्। ते अस्माकं जीवनस्य संस्करणाय यान आचागन विचागन् च अदर्शयन तत् सर्वं अस्माकं संस्कृतिः ।

अथवा

एकदा बहवः जनाः धूमयानम् (रेल) आरुह्य नगरं प्रति गच्छन्ति स्म। तेषु केचित् ग्रामीणाः केचिच्च नागरिकाः आसन् । मोनं स्थितेषु तेषु एकः नागरिकाः ग्रामीणान् उपहसन् अकथयत् “ग्रामीणाः अद्यापि पूर्ववत अशिक्षिताः अज्ञाथ सन्ति। न तेषां विकासः अभवत् न भवितुं शक्नोति ।

4. दिए गए श्लोकों में से किसी एक श्लोक का सन्दर्भसहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए।

बन्धनं मरणं वापि जयो वापि पराजयः ।
उभयत्र समो वीरः वीरभावो हि वीरता ॥

अथवा

धान्यानामुत्तमं किंस्विद्, धनानां स्यात् किमुत्तमम् ।
लाभानां किमुत्तमं स्यात्, सुखानां स्यात् किमुत्तमम् ।।

5. अपने पठित खण्ड काव्य के आधार पर दिए गए प्रश्नों में से किसी एक प्रश्न का उत्तर लिखिए।

क) ⅰ) ‘मुक्ति दूत’ खण्ड काव्य की कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।

ii) ‘मुक्ति दूत’ खण्ड काव्य के आधार पर महात्मा गाँधी का चरित्र-चित्रण कीजिए।

ख) ⅰ) ‘ज्योति जवाहर’ खण्ड काव्य की कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।

ii) ‘ज्योति जवाहर’ खण्ड काव्य के नामक का चरित्र-चित्रण कीजिए।

ग) ⅰ) ‘मेवाड़ मुकुट’ खण्ड काव्य की कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।

ii) ‘मेवाड़ मुकुट’ खण्ड काव्य के आधारपर राणा प्रताप का चरित्र-चित्रण कीजिए।

घ) ⅰ) ‘अग्र पूजा’ खण्ड काव्य की कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।

ii) ‘अग्र पूजा’ खण्ड काव्य के आधारपर श्रीकृष्ण का चरित्र-चित्रण कीजिए।

इ) i) ‘जय सुभाष’ खण्ड काव्य के प्रथम सर्ग की कथा संक्षेप में लिखिए।

ii) ‘जय सुभाष’ खण्ड काव्य के नायक का चरित्र-चित्रण कीजिए।

च) ⅰ) ‘मातृ भूमि के लिए’ खण्ड काव्य की कथावस्तु संक्षेप में लिखिए

ii) ‘मातृ भूमि के लिए’ खण्ड काव्य के नामक का चरित्र-चित्रण कीजिए।

छ) ⅰ) ‘कर्ण’ खण्ड काव्य के द्वितीय सर्ग की कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।

ii) ‘कर्ण’ खण्ड काव्य के आधार पर ‘कुन्ती’ का चरित्र-चित्रण कीजिए।

ज) ⅰ) ‘कर्मवीर भरत’ खण्ड काव्य के अन्तिम सर्ग की कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।

ii) ‘कर्मवीर भरत’ खण्ड काव्य के नायक का चरित्र-चित्रण कीजिए।

झ) ⅰ) ‘तुमुल’ खण्ड काव्य के द्वितीय सर्ग की कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।

ii) ‘नुमूल’ म्खण्ड काव्य के आधार पर लक्ष्मण का चरित्र-चित्रण कीजिए।

6. क) निम्नलिखित लेखकों में से किसी एक लेखक का जीवन-परिचय देते हुए उनकी एक प्रमुख रचना का उल्लेख कीजिए।

i) आचार्य रामचंद्र शुक्ल

ii) जयशंकर प्रसाद

iii) डॉ. भगवत शरण उपाध्याय

ख) निम्नलिखित कवियों में से किसी एक कवि का जीवन-परिचय देते हुए उनकी एक प्रमुख रचना का उल्लेख कीजिए।

i) तुलसीदास

ii) सुमित्रानंदन पंत

iii) श्याम नारायण पाण्डेय

7. अपनी पाठ्यपुस्तक में से कण्ठस्थ कोई एक श्लोक लिखिए, जो इस प्रश्न पत्र में न आया हो।

8. अपनी बहन की शादी में आमंत्रित करने हेतु अपने मित्र को पत्र लिखिए।

अथवा

एक दिन का अवकाश लेने हेतु प्रधानाचार्य को प्रार्थना पत्र लिखिए।

9. निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर संस्कृत में लिखिए।

i) चन्द्रशेखरः कः आसीत्?

ii) विश्वासः केन वर्धते?

iii) पुरुराजः केन सह युद्धम् अकरोत्?

iv) वाराणसी केषां संगमस्थली अस्ति?

10. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबन्ध लिखिए।

i) मोबाइल का दुष्प्रभाव

ii) हिन्दी हमारी शान है

iii) छात्र-जीवन में अनुशासन का महत्व

iv) देश-प्रेम

v) आपरेशन सिन्दूर: भारत की शौर्य गाथा

मेरा नाम सुनीत कुमार सिंह है। मैं कुशीनगर, उत्तर प्रदेश का निवासी हूँ। मैं एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हूं।

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