U.P Board Class 12 Shiksha Shastra 323(IR) Question Paper 2025 का उत्तर आप यहाँ से प्राप्त कर सकते हैं। जिसका कोई भी शुल्क आपसे नहीं लिया जायेगा। आइये विस्तार से सभी प्रश्नो को जानते हैं।
सत्र – 2025
नागरिक शास्त्र
समयः तीन घण्टे 15 मिनट पूर्णांकः 100
नोट : प्रारम्भ के 15 मिनट परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए निर्धारित हैं।
(i) प्रारम्भ के 15 मिनट परीक्षार्थियों को प्रश्न-पत्र पढ़ने के लिए निर्धारित हैं।
(ii) सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
(iii) प्रश्न संख्या 1 से 10 तक बहुविकल्पीय प्रश्न हैं।
(iv) प्रश्न संख्या 11 से 20 तक अति लघु-उत्तरीय प्रश्न हैं, जिनका उत्तर प्रत्येक लगभग 10 शब्दों (एक वाक्य) में देना है।
(v) प्रश्न संख्या 21 से 26 तक लघु-उत्तरीयI प्रकार के प्रश्न हैं, जिनका उत्तर प्रत्येक लगभग 50 शब्दों में देना है।
(vi) प्रश्न संख्या 27 से 30 तक लघु-उत्तरीय II प्रकार के प्रश्न हैं, जिनका उत्तर प्रत्येक लगभग 100 से 125 शब्दों में देना है।
(vii) प्रश्न संख्या 31 और 32 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न हैं, जिनका उत्तर प्रत्येक लगभग 250 शब्दों में देना है।
(viii) सभी प्रश्नों के निर्धारित अंक उनके सम्मुख अंकित हैं।
(बहुविकल्पीय प्रश्न)
नोट : निम्नलिखित दस प्रश्नों में प्रत्येक के चार विकल्प दिए गए हैं। इनमें से सही विकल्प चुनकर उसे अप उत्तर-पुस्तिका में लिखिए ।
1. मिखाइल गोर्बाचेव ने रूस के राष्ट्रपति पद से त्यागपत्र कब दिया ?
(A) 1990
(B) 1991
(C) 1992
(D) 1993
Ans. (B) 1991
2. आसियान का मुख्य उद्देश्य क्या है ?
(A) आर्थिक विकास
(B) आर्थिक और राजनीतिक बिकास
(C) केवल सांस्कृतिक विकास
(D) उपरोक्त में से कोई नहीं
Ans. (B) आर्थिक और राजनीतिक बिकास
3. “ग्लोबल वार्मिंग” किस प्रकार की समस्या है ?
(A) राष्ट्रीय
(B) अन्तर्राष्ट्रीय
(C) स्थानीय
(D) राष्ट्रीय और स्थानीय
Ans. (B) अन्तर्राष्ट्रीय
4. परमाणु अप्रसार संधि (एन.पी.टी.) पर हस्ताक्षर हुआ था
(A) 1963
(B) 1965
(C) 1967
(D) 1968
Ans. (D) 1968
5. वैश्वीकरण का अपरिहार्य कारण क्या है ?
(A) प्रौद्योगिकी
(B) आर्थिक विकास
(C) प्रौद्योगिकी और आर्थिक विकास दोनों
(D) उपरोक्त में से कोई नहीं
Ans. (A) प्रौद्योगिकी
6. 1953 में कौन सा आयोग बनाया गया था ?
(A) राज्य पुनर्गठन आयोग
(B) योजना आयोग
(C) नीति आयोग
(D) वित्त आयोग
Ans. (A) राज्य पुनर्गठन आयोग
7. शिमला समझौता किसके मध्य हुआ था ?
(A) भारत और चीन
(B) भारत और बांग्लादेश
(C) भारत और श्रीलंका
(D) भारत और पाकिस्तान
Ans. (D) भारत और पाकिस्तान
8. मंडल आयोग का अध्यक्ष कौन था ?
(A) कर्पूरी ठाकुर
(B) विन्देश्वरी प्रसाद
(C) जयप्रकाश नारायण
(D) विश्वनाथ प्रसाद
Ans. (D) विश्वनाथ प्रसाद
9. निम्नलिखित में से किसे भारतीय विदेश नीति का मुख्य निर्माता माना जाता है ?
(A) सुभाषचंद्र बोस
(B) सरदार वल्लभभाई पटेल
(C) राजेन्द्र प्रसाद
(D) पं. जवाहरलाल नेहरू
Ans. (D) पं. जवाहरलाल नेहरू
10. निम्नलिखित में से कौन सा देश राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद् का सदस्य है ?
(A) भारत
(B) चीन
(C) ब्राजील
(D) जर्मनी
Ans. (B) चीन
(अति लघु-उत्तरीय प्रश्न)
11. यूरोपीय संघ के उन दो देशों के नाम लिखिए जो संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद् के स्थायी सदस्य हैं।
Ans. फ्रांस और ब्रिटेन।
12. 1967 में आसियान के देशों की संख्या कितनी थी? उनमें से किन्हीं दो के नाम लिखिए।
Ans. 1967 में आसियान के पाँच संस्थापक सदस्य थे। इनमें इंडोनेशिया और थाईलैंड प्रमुख हैं।
13. विश्व स्वास्थ्य संगठन (W.H.O.) क्या है? इसका मुख्य कार्य क्या है ?
Ans. WHO संयुक्त राष्ट्र की एक विशिष्ट संस्था है, जिसका मुख्य कार्य विश्वभर में स्वास्थ्य स्तर सुधारना है।
14. सुरक्षा की पारम्परिक अवधारणा क्या है ?
Ans. पारंपरिक सुरक्षा का अर्थ बाहरी सैन्य आक्रमण से देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करना है।
15. वैश्विक पर्यावरण की समस्या के दो कारण लिखिए।
Ans. वनों की कटाई तथा जीवाश्म ईंधनों के अत्यधिक उपयोग से वैश्विक पर्यावरण की समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।
16. भारत में नियोजन के किन्हीं दो उद्देश्यों का उल्लेख कीजिए ।
Ans. आर्थिक विकास करना तथा गरीबी और बेरोजगारी को कम करना भारत में नियोजन के दो प्रमुख उद्देश्य हैं।
17. गुट निरपेक्षता का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
Ans. गुटनिरपेक्षता का अर्थ शीतयुद्ध के दौरान किसी भी शक्ति-गुट में शामिल हुए बिना स्वतंत्र विदेश नीति अपनाना है।
18. ‘गरीबी हटाओ’ का नारा भारत के किस प्रधानमंत्री ने दिया था ?
Ans. श्रीमती इंदिरा गांधी ने।
19. गठबन्धन की रणनीति क्यों है ?
Ans. जब किसी एक राजनीतिक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता, तब सरकार बनाने के लिए गठबंधन की रणनीति अपनाई जाती है।
20. भारत के पूर्वोत्तर में स्थित किन्हीं दो राज्यों के नाम लिखिए।
Ans. असम और मेघालय।
(लघु-उत्तरीय- I प्रश्न)
21. यूरोपीय संघ की सफलता के दो कारणों का उल्लेख कीजिए।
Ans. यूरोपीय संघ की सफलता के दो प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं—
- आर्थिक सहयोग: सदस्य देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला।
- राजनीतिक सहयोग: सदस्य देशों ने साझा नीतियों और संस्थाओं के माध्यम से आपसी सहयोग को मजबूत बनाया।
22. ‘साझी सम्पदा संसाधनों’ का क्या अर्थ है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए ।
Ans. साझी सम्पदा संसाधन वे संसाधन हैं जिन पर किसी एक व्यक्ति या देश का पूर्ण स्वामित्व नहीं होता, बल्कि अनेक देश या समुदाय उनका उपयोग करते हैं। इनका संरक्षण सभी की जिम्मेदारी होती है। उदाहरण के लिए वायुमंडल, अंटार्कटिका, समुद्र के अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र और बाहरी अंतरिक्ष साझी सम्पदा के उदाहरण हैं।
23. वैश्वीकरण में प्रौद्योगिकी का क्या योगदान है ?
Ans. प्रौद्योगिकी ने वैश्वीकरण को तेज करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इंटरनेट, मोबाइल फोन, उपग्रह संचार और परिवहन के आधुनिक साधनों से दुनिया के विभिन्न देशों के बीच संपर्क आसान हुआ है। वस्तुओं, सेवाओं, पूँजी, सूचनाओं और विचारों का आदान-प्रदान तेजी से होने लगा है। इससे अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और आर्थिक सहयोग बढ़ा है।
24. राज्य पुनर्गठन आयोग की किन्हीं दो सिफारिशों का उल्लेख कीजिए ।
Ans. राज्य पुनर्गठन आयोग का गठन 1953 में फजल अली की अध्यक्षता में किया गया था। इसकी दो प्रमुख सिफारिशें थीं—
- राज्यों का पुनर्गठन मुख्यतः भाषाई आधार पर किया जाना चाहिए।
- राज्यों की सीमाओं का निर्धारण करते समय राष्ट्रीय एकता, प्रशासनिक सुविधा और आर्थिक हितों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
25. 1975 में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा के दो कारण लिखिए।
Ans. 25 जून 1975 को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया। इसके दो प्रमुख कारण बताए गए—
- सरकार ने देश की आंतरिक सुरक्षा और व्यवस्था के लिए खतरा बताते हुए आंतरिक अशांति का तर्क दिया।
- इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 12 जून 1975 को इंदिरा गांधी के निर्वाचन को अमान्य घोषित कर दिया था, जिसके बाद राजनीतिक संकट और विपक्षी आंदोलन तेज हो गए।
26. असम समझौता क्या था ? संक्षेप में लिखिए।
Ans. सम समझौता 15 अगस्त 1985 को भारत सरकार और असम आंदोलन के नेताओं के बीच हुआ था। इसका उद्देश्य असम में विदेशियों की पहचान और निष्कासन से संबंधित विवाद का समाधान करना था। समझौते में नागरिकता निर्धारित करने के लिए 24 मार्च 1971 की मध्यरात्रि को आधार तिथि माना गया। इससे असम में शांति स्थापित करने और आंदोलन समाप्त करने का प्रयास किया गया।
(लघु-उत्तरीय II प्रश्न)
27. सोवियत संघ के विघटन के तीन परिणाम बताइए ।
Ans. सोवियत संघ का विघटन 1991 में हुआ। इसके तीन प्रमुख परिणाम निम्नलिखित हैं—
- शीतयुद्ध का अंत: सोवियत संघ के विघटन से अमेरिका और सोवियत संघ के बीच चल रहा शीतयुद्ध समाप्त हो गया। विश्व राजनीति में अमेरिकी प्रभाव बढ़ा।
- नए स्वतंत्र राष्ट्रों का उदय: सोवियत संघ के स्थान पर रूस सहित 15 स्वतंत्र गणराज्य अस्तित्व में आए। इन देशों को अपनी स्वतंत्र विदेश नीति और शासन व्यवस्था बनाने का अवसर मिला।
- विश्व व्यवस्था में परिवर्तन: द्विध्रुवीय विश्व व्यवस्था समाप्त हो गई और अमेरिका के नेतृत्व वाली एकध्रुवीय व्यवस्था का प्रभाव बढ़ा। समाजवादी आर्थिक व्यवस्था को भी गंभीर झटका लगा और कई देशों ने बाजार आधारित अर्थव्यवस्था अपनाई।
28. संयुक्त राष्ट्र की स्थापना क्यों की गई? यह विश्व-शांति की स्थापना में कहाँ तक सफल हुआ ?
Ans. संयुक्त राष्ट्र की स्थापना 24 अक्टूबर 1945 को द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद की गई। इसका प्रमुख उद्देश्य भविष्य में विश्वयुद्ध रोकना, अंतर्राष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा बनाए रखना और देशों के बीच सहयोग बढ़ाना था।
संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख उद्देश्य हैं—
- अंतर्राष्ट्रीय विवादों का शांतिपूर्ण समाधान करना।
- देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध विकसित करना।
- मानवाधिकारों की रक्षा और आर्थिक-सामाजिक विकास को प्रोत्साहित करना।
- युद्ध, हिंसा और आक्रमण को रोकने के लिए सामूहिक प्रयास करना।
सफलता: संयुक्त राष्ट्र ने अनेक विवादों के समाधान, शांति स्थापना अभियानों, मानवीय सहायता और स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है।
सीमाएँ: सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों के वीटो अधिकार, महाशक्तियों के स्वार्थ और आपसी मतभेदों के कारण यह अनेक युद्धों तथा विवादों को रोकने में पूरी तरह सफल नहीं हुआ है।
इस प्रकार संयुक्त राष्ट्र ने विश्व-शांति में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है, लेकिन इसे अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुधार आवश्यक हैं।
29. स्वतंत्रता के पश्चात् भारत की विदेश नीति को प्रभावित करने वाले किन्हीं तीन कारकों का वर्णन कीजिए ।
Ans. स्वतंत्रता के बाद भारत की विदेश नीति को अनेक कारकों ने प्रभावित किया। इनमें से तीन प्रमुख कारक निम्नलिखित हैं—
- भौगोलिक स्थिति और राष्ट्रीय सुरक्षा: भारत की सीमाएँ अनेक देशों से लगती हैं। पाकिस्तान और चीन के साथ सीमा संबंधी विवादों तथा हिंद महासागर में भारत की स्थिति ने उसकी विदेश नीति को प्रभावित किया।
- ऐतिहासिक अनुभव और स्वतंत्रता आंदोलन: भारत ने औपनिवेशिक शासन का अनुभव किया था। इसलिए उसने साम्राज्यवाद और नस्लवाद का विरोध किया तथा सभी देशों की स्वतंत्रता और समानता का समर्थन किया।
- आर्थिक विकास: स्वतंत्रता के समय भारत को गरीबी, बेरोजगारी और औद्योगिक पिछड़ेपन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। इसलिए भारत ने विदेशी सहायता, व्यापार, तकनीकी सहयोग और शांतिपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को महत्त्व दिया।
इसके अतिरिक्त पं. जवाहरलाल नेहरू के विचारों, गुटनिरपेक्षता और विश्वशांति की भावना ने भी भारत की विदेश नीति को दिशा दी।
30. द्रविड़ आंदोलन क्या था ? इसका क्या परिणाम हुआ ?
Ans. द्रविड़ आंदोलन दक्षिण भारत, विशेषकर तमिलनाडु में उभरा एक सामाजिक और राजनीतिक आंदोलन था। इसका उद्देश्य ब्राह्मणवादी सामाजिक प्रभुत्व, जातिगत भेदभाव और हिंदी के अनिवार्य थोपे जाने का विरोध करना तथा द्रविड़ पहचान और सामाजिक समानता को बढ़ावा देना था। ई. वी. रामासामी ‘पेरियार’ इस आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक थे।
इसके प्रमुख परिणाम निम्नलिखित थे—
- दक्षिण भारत में सामाजिक न्याय और आत्मसम्मान की भावना को बढ़ावा मिला।
- पिछड़े वर्गों और गैर-ब्राह्मण समुदायों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की माँग मजबूत हुई।
- द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) जैसे राजनीतिक दलों का विकास हुआ।
- 1967 में तमिलनाडु में कांग्रेस की जगह DMK सत्ता में आई।
- तमिल भाषा और क्षेत्रीय पहचान की राजनीति मजबूत हुई।
इस प्रकार द्रविड़ आंदोलन ने तमिलनाडु की राजनीति और सामाजिक संरचना पर गहरा प्रभाव डाला।
(दीर्घ-उत्तरीय प्रश्न)
31. “वर्तमान भारत-चीन सम्बन्ध का मुख्य आधार सीमा विबाद एवं व्यापार है।” इस कथन की समीक्षा कीजिए।
Ans. भारत और चीन एशिया के दो प्रमुख देश हैं। दोनों देशों के संबंधों में सहयोग और तनाव दोनों देखने को मिलते हैं। वर्तमान भारत-चीन संबंध मुख्यतः सीमा विवाद, व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों से प्रभावित होते हैं।
1. सीमा विवाद: भारत और चीन के बीच सीमा का पूर्ण निर्धारण नहीं हुआ है। अक्साई चिन और अरुणाचल प्रदेश से जुड़े क्षेत्रीय विवाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव का प्रमुख कारण हैं। वर्ष 1962 में दोनों देशों के बीच युद्ध हुआ था। मई 2020 में पूर्वी लद्दाख में सीमा पर तनाव बढ़ा, जिससे संबंध और बिगड़े।
2. व्यापारिक संबंध: राजनीतिक तनाव के बावजूद दोनों देशों के बीच व्यापार महत्त्वपूर्ण है। भारत चीन से इलेक्ट्रॉनिक सामान, मशीनें, रसायन और औद्योगिक उपकरण आयात करता है। चीन भारत के लिए एक प्रमुख व्यापारिक साझेदार है। हालाँकि, भारत को चीन के साथ व्यापार घाटे की समस्या का सामना करना पड़ता है।
3. सुरक्षा संबंधी चिंताएँ: भारत चीन की सैन्य गतिविधियों और हिंद महासागर क्षेत्र में उसके बढ़ते प्रभाव पर ध्यान देता है। भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने का प्रयास करता है।
4. सहयोग की संभावनाएँ: दोनों देश व्यापार, जलवायु परिवर्तन, अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग कर सकते हैं।
निष्कर्ष: भारत-चीन संबंधों में सीमा विवाद और व्यापार दोनों महत्त्वपूर्ण हैं। स्थायी शांति के लिए सीमा विवाद का शांतिपूर्ण समाधान, आपसी विश्वास और संतुलित व्यापार आवश्यक है।
अथवा
आसियान क्या है ? इसकी स्थापना कब हुई ? इसके उद्देश्य क्या है? क्या यह एक सफल संगठन है ?
Ans. आसियान (ASEAN) का पूरा नाम दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्रों का संगठन है। इसकी स्थापना 8 अगस्त 1967 को बैंकॉक घोषणा के माध्यम से हुई थी। इसके पाँच संस्थापक सदस्य इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर और थाईलैंड थे। बाद में इसमें अन्य दक्षिण-पूर्व एशियाई देश भी शामिल हुए।
आसियान के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं—
- सदस्य देशों के बीच आर्थिक विकास और सामाजिक प्रगति को बढ़ावा देना।
- दक्षिण-पूर्व एशिया में शांति और स्थिरता बनाए रखना।
- सदस्य देशों के बीच आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाना।
- शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और व्यापार के क्षेत्र में सहयोग करना।
- अंतर्राष्ट्रीय विवादों का शांतिपूर्ण समाधान प्रोत्साहित करना।
आसियान की सफलता: आसियान ने सदस्य देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। इसने क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत किया है और दक्षिण-पूर्व एशिया में शांति तथा स्थिरता बनाए रखने के प्रयास किए हैं। यह अंतर्राष्ट्रीय राजनीति और अर्थव्यवस्था में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
हालाँकि, सदस्य देशों के बीच आर्थिक असमानता, राजनीतिक मतभेद और दक्षिण चीन सागर से संबंधित विवाद इसकी चुनौतियाँ हैं।
निष्कर्ष: कुछ चुनौतियों के बावजूद आसियान एक सफल क्षेत्रीय संगठन है, जिसने आर्थिक सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा दिया है।
32. भारत में प्रथम चुनाव कब हुए ? उस समय भारत की क्या स्थिति थी ? चुनाव आयोग के समक्ष क्या कठिनाइयाँ थीं ? उनका निराकरण कैसे हुआ ?
Ans. भारत में स्वतंत्रता के बाद प्रथम आम चुनाव अक्टूबर 1951 से फरवरी 1952 के बीच आयोजित किए गए। इन चुनावों के माध्यम से लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं के प्रतिनिधियों का चुनाव हुआ। ये चुनाव भारतीय लोकतंत्र की स्थापना की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम थे।
उस समय भारत की स्थिति: स्वतंत्रता के समय भारत विभाजन, सांप्रदायिक हिंसा, गरीबी, अशिक्षा और शरणार्थियों की समस्या से जूझ रहा था। देश में अनेक रियासतों का एकीकरण किया जा रहा था। इतनी बड़ी और विविधतापूर्ण जनसंख्या में लोकतांत्रिक चुनाव कराना एक बड़ी चुनौती थी।
चुनाव आयोग के समक्ष प्रमुख कठिनाइयाँ और उनका निराकरण:
- अशिक्षा: उस समय बहुत से मतदाता पढ़ना-लिखना नहीं जानते थे। इसलिए राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए अलग-अलग चुनाव चिह्न निर्धारित किए गए।
- मतदाता सूची तैयार करना: देश के सभी पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल करना कठिन था। इसके लिए व्यापक सर्वेक्षण और घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करने का कार्य किया गया।
- विशाल जनसंख्या और क्षेत्रफल: दूर-दराज के गाँवों तथा दुर्गम क्षेत्रों तक मतदान की व्यवस्था पहुँचाने के लिए अनेक मतदान केंद्र बनाए गए।
- तकनीकी एवं प्रशासनिक कठिनाइयाँ: चुनाव अधिकारियों, मतदान कर्मचारियों और आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की गई। मतदान प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने के लिए विस्तृत नियम बनाए गए।
- महिलाओं का पंजीकरण: कई महिलाओं के नाम व्यक्तिगत पहचान के बजाय रिश्तों के आधार पर दर्ज थे। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को सही बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए।
निष्कर्ष: अनेक कठिनाइयों के बावजूद भारत का प्रथम आम चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इसने स्वतंत्र, निष्पक्ष और लोकतांत्रिक चुनाव प्रणाली की मजबूत नींव रखी।
अथवा
स्वतंत्रता के समय भारत के समक्ष क्या चुनौतियाँ थीं? उनका निराकरण कैसे हुआ ?
Ans. 5 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र हुआ। स्वतंत्रता के समय देश के सामने अनेक राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक चुनौतियाँ थीं। इन चुनौतियों का समाधान करना नवस्वतंत्र भारत के लिए अत्यंत आवश्यक था।
1. राष्ट्रीय एकता की चुनौती: भारत में 500 से अधिक देशी रियासतें थीं। इनके एकीकरण की समस्या गंभीर थी। सरदार वल्लभभाई पटेल और वी. पी. मेनन के प्रयासों से अधिकांश रियासतों का भारतीय संघ में विलय कराया गया।
2. विभाजन और शरणार्थियों की समस्या: भारत के विभाजन से बड़े पैमाने पर सांप्रदायिक हिंसा हुई और लाखों लोगों को विस्थापन का सामना करना पड़ा। सरकार ने शरणार्थियों के पुनर्वास, राहत और सुरक्षा के लिए कदम उठाए।
3. लोकतंत्र की स्थापना: भारत विविध भाषाओं, धर्मों और संस्कृतियों वाला देश था। संविधान सभा ने संविधान तैयार किया, जिसे 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत किया गया और 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया। भारत ने सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार पर आधारित लोकतांत्रिक व्यवस्था अपनाई।
4. आर्थिक विकास की चुनौती: स्वतंत्रता के समय गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा और कृषि की पिछड़ी स्थिति प्रमुख समस्याएँ थीं। सरकार ने पंचवर्षीय योजनाओं, औद्योगीकरण, कृषि विकास और सार्वजनिक क्षेत्र के विस्तार पर जोर दिया।
5. सामाजिक समानता: जातिगत भेदभाव और सामाजिक असमानता को दूर करने के लिए संविधान में समानता का अधिकार, अस्पृश्यता का उन्मूलन और सामाजिक न्याय के प्रावधान किए गए।
निष्कर्ष: भारत ने लोकतांत्रिक संस्थाओं, संविधान, राष्ट्रीय एकता और नियोजित विकास के माध्यम से स्वतंत्रता के समय की अनेक चुनौतियों का सामना किया। इन प्रयासों ने आधुनिक भारत की नींव मजबूत की।