U.P Board Class 12 Shiksha Shastra 323(IQ) Question Paper 2025

U.P Board Class 12 Shiksha Shastra 323(IQ) Question Paper 2025 का उत्तर आप यहाँ से प्राप्त कर सकते हैं। जिसका कोई भी शुल्क आपसे नहीं लिया जायेगा। आइये विस्तार से सभी प्रश्नो को जानते हैं।

सत्र – 2025
नागरिक शास्त्र
समयः तीन घण्टे 15 मिनट            पूर्णांकः 100

नोट : प्रारम्भ के 15 मिनट परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए निर्धारित हैं।

(i) प्रारम्भ के 15 मिनट परीक्षार्थियों को प्रश्न-पत्र पढ़ने के लिए निर्धारित हैं।

(ii) सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।

(iii) प्रश्न संख्या 1 से 10 तक बहुविकल्पीय प्रश्न हैं।

(iv) प्रश्न संख्या 11 से 20 तक अति लघु-उत्तरीय प्रश्न हैं, जिनका उत्तर प्रत्येक लगभग 10 शब्दों (एक वाक्य) में देना है।

(v) प्रश्न संख्या 21 से 26 तक लघु-उत्तरीयI प्रकार के प्रश्न हैं, जिनका उत्तर प्रत्येक लगभग 50 शब्दों में देना है।

(vi) प्रश्न संख्या 27 से 30 तक लघु-उत्तरीय II प्रकार के प्रश्न हैं, जिनका उत्तर प्रत्येक लगभग 100 से 125 शब्दों में देना है।

(vii) प्रश्न संख्या 31 और 32 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न हैं, जिनका उत्तर प्रत्येक लगभग 250 शब्दों में देना है।

(viii) सभी प्रश्नों के निर्धारित अंक उनके सम्मुख अंकित हैं।

(बहुविकल्पीय प्रश्न)

नोट : निम्नलिखित दस प्रश्नों में प्रत्येक के चार विकल्प दिए गए हैं। इनमें से सही विकल्प चुनकर उसे अपनी उत्तर-पुस्तिका में लिखिए।

1. सोवियत संघ के विघटन का क्या कारण था ?

(A) राजनीतिक-आर्थिक संस्थाएँ लोगों की आकांक्षाओं को पूरा नहीं कर सकीं।
(B) प्रशासनिक और राजनीतिक रूप से गतिरुद्ध हो चुका था।
(C) उपभोक्ता वस्तुओं की बड़ी कमी हो गई थी।
(D) उपरोक्त सभी

Ans. (D) उपरोक्त सभी

2. निम्नलिखित में कौन सा 1967 में आसियान की स्थापना के समय उसका सदस्य देश नहीं था ?

(A) इण्डोनेशिया
(B) भारत
(C) सिंगापुर
(D) मलेशिया

Ans. (B) भारत

3. अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष में 16.52 प्रतिशत मताधिकार किसके पास है ?

(A) अमेरिका
(B) चीन
(C) भारत
(D) रूस

Ans. (A) अमेरिका

4. ग्लोबल वार्निंग (Clobal Warming) किस प्रकार की समस्या है?

(A) राष्ट्रीम
(B) अन्तर्राष्ट्रीय
(C) स्थानीय
(D) स्थानीय और राष्ट्रीय

Ans. (B) अन्तर्राष्ट्रीय

5. निरस्त्रीकरण का क्या अर्थ है?

(A) कुछ खास किस्म के हथियारों को बढ़ावा देना।
(B) कुछ खास किस्म के हथियारों को इकट्ठा करना ।
(C) कुछ खास किस्म के हथियारों से बचना ।
(D) उपरोक्त में से कोई नहीं

Ans. (C) कुछ खास किस्म के हथियारों से बचना ।

6. द्वितीय पंचवर्षीय योजना में किस क्षेत्र पर सर्वाधिक बल दिया गया ?

(A) कृषि
(B) शिक्षा
(C) उद्योग
(D) सेवाएँ

Ans. (C) उद्योग

7. भारत और पाकिस्तान के मध्य ताशकन्द समझौते पर हस्ताक्षर किस वर्ष हुए ?

(A) 1965
(B) 1966
(C) 1971
(D) 1972

Ans. (B) 1966

8. बांग्लादेश के निर्माण के समय भारत का प्रधानमंत्री कौन था ?

(A) मोरारजी देसाई
(B) राजीव गांधी
(C) इन्दिरा गांधी
(D) लाल बहादुर शास्त्री

Ans. (C) इन्दिरा गांधी

9. 1977 के सामान्य निर्वाचन में किस पार्टी को सर्वाधिक मत प्राप्त हुए ?

(A) जनता पार्टी
(B) जनसंघ
(C) कांग्रेस
(D) कम्यूनिस्ट पार्टी

Ans. (A) जनता पार्टी

10. मंडल आयोग की स्थापना क्यों की गई थी ?

(A) निर्धनता के कारणों का पता लगाने हेतु
(B) दलितों की संख्या का पता लगाने हेतु
(C) शैक्षिक और सामाजिक पिछड़ेपन के क्षेत्र का पता लगाने हेतु
(D) उपरोक्त में से कोई नहीं

Ans. (C) शैक्षिक और सामाजिक पिछड़ेपन के क्षेत्र का पता लगाने हेतु

(अति लघु-उत्तरीय प्रश्न)

11. यूरोपीय संघ की स्थापना क्यों हुई? कोई दो कारण बताइए ।
Ans.
यूरोपीय देशों में आर्थिक सहयोग बढ़ाने तथा शांति, सुरक्षा और राजनीतिक एकता स्थापित करने के लिए यूरोपीय संघ की स्थापना हुई।

12. आसियान के चार सदस्य देशों के नाम लिखिए।
Ans.
इंडोनेशिया, मलेशिया, सिंगापुर और थाईलैंड।

13. यूनेस्को क्या है? इसका पूरा नाम बताइए ।
Ans.
यूनेस्को संयुक्त राष्ट्र की संस्था है। इसका पूरा नाम संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन है।

14. ‘साझी सम्पदा संसाधनों’ का अर्थ स्पष्ट कीजिए ।
Ans.
वे संसाधन जिन पर किसी एक व्यक्ति या देश का नहीं, बल्कि सभी का साझा अधिकार होता है, साझी सम्पदा संसाधन कहलाते हैं।

15. वैश्वीकरण के कोई दो कारण लिखिए ।
Ans.
संचार एवं परिवहन तकनीक का विकास और व्यापार तथा निवेश पर प्रतिबंधों में कमी वैश्वीकरण के दो प्रमुख कारण हैं।

16. स्वतंत्रता के पश्चात भारत की दो प्रमुख चुनौतियाँ क्या थीं ?
Ans.
राष्ट्रीय एकता स्थापित करना तथा लोकतंत्र की स्थापना के साथ आर्थिक विकास करना।

17. सुरक्षा परिषद के कोई दो स्थायी सदस्य देशों का नाम बताइए ।
Ans.
अमेरिका और रूस।

18. 1975 में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा के कोई दो कारण बताइए।
Ans.
आंतरिक अशांति तथा सरकार के विरुद्ध बढ़ते राजनीतिक आंदोलनों को आपातकाल की घोषणा के प्रमुख कारण बताया गया।

19. “ऑपरेशन ब्लू स्टार” क्या है? यह क्यों चलाया गया ?
Ans.
जून 1984 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर से सशस्त्र उग्रवादियों को हटाने के लिए चलाया गया सैन्य अभियान ऑपरेशन ब्लू स्टार कहलाता है।

20. भारत के पूर्वोत्तर में स्थित दो राज्यों के नाम लिखिए।
Ans.
असम और मेघालय।

(लघु-उत्तरीय – I प्रश्न)

21. वैश्विक तापवृद्धि क्या है? इसके प्रमुख कारण क्या है ?
Ans.
वैश्विक तापवृद्धि से तात्पर्य पृथ्वी के औसत तापमान में लगातार होने वाली वृद्धि से है। इसका प्रमुख कारण वायुमंडल में ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा बढ़ना है।

इसके प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं—

  1. कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस का अत्यधिक उपयोग।
  2. वनों की कटाई।
  3. उद्योगों तथा वाहनों से निकलने वाली गैसें।
  4. कृषि एवं अन्य गतिविधियों से मीथेन जैसी गैसों का उत्सर्जन।

इसके कारण हिमनद पिघलते हैं, समुद्र का स्तर बढ़ता है तथा मौसम में असामान्य परिवर्तन होते हैं।

22. संयुक्त राष्ट्र क्यो आवश्यक है? दो कारण लिखिए।
Ans.
संयुक्त राष्ट्र एक अन्तर्राष्ट्रीय संगठन है, जिसकी स्थापना 24 अक्टूबर 1945 को हुई थी। इसकी आवश्यकता के दो प्रमुख कारण हैं—

  1. विश्व शांति: देशों के बीच युद्धों और विवादों को रोकने तथा विवादों का शांतिपूर्ण समाधान करने में सहायता करना।
  2. अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग: गरीबी, बीमारी, मानवाधिकारों के उल्लंघन और पर्यावरण जैसी वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए देशों के बीच सहयोग बढ़ाना।

इस प्रकार संयुक्त राष्ट्र विश्व में शांति, सुरक्षा और सहयोग बनाए रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

23. पर्यावरण के मसले पर भारत का पक्ष स्पष्ट कीजिए।
Ans.
पर्यावरण के विषय में भारत का पक्ष यह है कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ विकासशील देशों के विकास के अधिकारों की भी रक्षा होनी चाहिए। भारत का मानना है कि विकसित देशों ने औद्योगीकरण के दौरान अधिक प्रदूषण फैलाया है, इसलिए पर्यावरण संरक्षण की अधिक जिम्मेदारी उनकी होनी चाहिए।

भारत जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग, नवीकरणीय ऊर्जा, सौर ऊर्जा तथा वन संरक्षण पर बल देता है। भारत समानता और साझा लेकिन अलग-अलग जिम्मेदारियों के सिद्धांत का समर्थन करता है।

24. नीति आयोग पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
Ans.
नीति आयोग का पूरा नाम राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान (National Institution for Transforming India) है। इसकी स्थापना 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग के स्थान पर की गई थी। भारत के प्रधानमंत्री इसके पदेन अध्यक्ष होते हैं।

नीति आयोग का प्रमुख उद्देश्य देश के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए नीतियाँ बनाना, राज्यों के साथ सहयोग बढ़ाना तथा विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्रोत्साहित करना है। यह सहकारी संघवाद, नवाचार और सतत विकास पर विशेष बल देता है।

25. गुट-निरपेक्षता क्या है? यह क्यों उपयोगी है?
Ans.
गुट-निरपेक्षता ऐसी विदेश नीति है, जिसमें कोई देश किसी शक्ति-गुट का स्थायी सदस्य बने बिना स्वतंत्र विदेश नीति अपनाता है। शीतयुद्ध के समय भारत ने अमेरिका और सोवियत संघ के गुटों से समान दूरी रखते हुए अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार निर्णय लिए।

यह नीति उपयोगी थी क्योंकि इससे भारत को स्वतंत्र निर्णय लेने, विश्व शांति को बढ़ावा देने, उपनिवेशवाद का विरोध करने तथा विकासशील देशों के हितों की रक्षा करने का अवसर मिला।

26. वर्तमान परिप्रेक्ष्य में गठबन्धन सरकार क्यों आवश्यक है ?
Ans.
गठबंधन सरकार तब बनती है, जब किसी एक राजनीतिक दल को लोकसभा या विधानसभा में स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता और कई दल मिलकर सरकार बनाते हैं।

भारत जैसे बहुदलीय और विविधतापूर्ण देश में गठबंधन सरकार विभिन्न क्षेत्रों, वर्गों और समुदायों के हितों को प्रतिनिधित्व देती है। इससे राजनीतिक दलों के बीच सहयोग और सहमति की भावना बढ़ती है। हालाँकि, इसमें मतभेदों और सरकार की स्थिरता से जुड़ी चुनौतियाँ भी हो सकती हैं। इसलिए गठबंधन सरकार का सफल संचालन आपसी विश्वास और साझा कार्यक्रम पर निर्भर करता है।

(लघु-उत्तरीय – II प्रश्न)

27. 1992 के पृथ्वी सम्मेलन का क्या उद्देश्य था ? यह कहाँ तक सफल रहा ?
Ans.
1992 में ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में संयुक्त राष्ट्र द्वारा पृथ्वी सम्मेलन आयोजित किया गया था। इसका प्रमुख उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन स्थापित करना तथा सतत विकास को बढ़ावा देना था।

इस सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता और वनों के संरक्षण जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इसके प्रमुख परिणाम निम्नलिखित थे—

  1. रियो घोषणा-पत्र को स्वीकार किया गया।
  2. एजेंडा 21 नामक कार्ययोजना प्रस्तुत की गई।
  3. जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र रूपरेखा अभिसमय को हस्ताक्षर के लिए खोला गया।
  4. जैव विविधता अभिसमय को अपनाया गया।

यह सम्मेलन पर्यावरण के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा। फिर भी विकसित और विकासशील देशों के बीच मतभेदों तथा अपर्याप्त क्रियान्वयन के कारण इसके सभी उद्देश्यों को पूरी तरह प्राप्त नहीं किया जा सका।

28. संयुक्त राष्ट्र के किन्हीं दो विशेष अभिकरणों के कामों का उल्लेख कीजिए।
Ans.
संयुक्त राष्ट्र के अनेक विशेष अभिकरण विश्व में सामाजिक, आर्थिक और मानवीय विकास के लिए कार्य करते हैं। इनमें से दो प्रमुख अभिकरण निम्नलिखित हैं—

1. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO): इसका मुख्यालय जिनेवा में है। यह विश्व में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने, संक्रामक रोगों की रोकथाम, टीकाकरण को प्रोत्साहित करने तथा स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों से निपटने में सहायता करता है।

2. यूनेस्को (UNESCO): इसका पूरा नाम संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन है। यह शिक्षा, विज्ञान, संस्कृति और संचार के क्षेत्र में अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग बढ़ाता है। यह विश्व की सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इस प्रकार दोनों अभिकरण मानव कल्याण और अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देते हैं।

29. भारत की परमाणु नीति का परीक्षण कीजिए ।
Ans.
भारत की परमाणु नीति का प्रमुख उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा बनाए रखना तथा परमाणु ऊर्जा का शांतिपूर्ण उपयोग करना है। भारत ने परमाणु तकनीक का विकास अपनी सुरक्षा और वैज्ञानिक प्रगति की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया है।

भारत की परमाणु नीति की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं—

  1. विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता: देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक परमाणु क्षमता बनाए रखना।
  2. पहले प्रयोग न करने की नीति: भारत ने परमाणु हथियारों का पहले प्रयोग न करने की नीति घोषित की है, साथ ही इसकी आधिकारिक नीति में निर्धारित परिस्थितियों से जुड़े प्रावधान भी हैं।
  3. निरस्त्रीकरण का समर्थन: भारत विश्व स्तर पर भेदभावरहित परमाणु निरस्त्रीकरण का समर्थन करता है।
  4. शांतिपूर्ण उपयोग: परमाणु ऊर्जा का उपयोग बिजली उत्पादन, चिकित्सा, कृषि और वैज्ञानिक अनुसंधान में करना।
  5. राष्ट्रीय सुरक्षा: परमाणु क्षमता को देश की सुरक्षा और प्रतिरोधक शक्ति से जोड़ना।

इस प्रकार भारत की परमाणु नीति सुरक्षा, जिम्मेदारी और शांतिपूर्ण उपयोग के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास करती है।

30. मंडल आयोग क्या है? इसकी प्रमुख सिफारिशें क्या थीं ?
Ans.
मंडल आयोग की स्थापना 1979 में जनता पार्टी की सरकार द्वारा बी. पी. मंडल की अध्यक्षता में की गई थी। इसका उद्देश्य सामाजिक और शैक्षिक दृष्टि से पिछड़े वर्गों की पहचान करना तथा उनकी स्थिति सुधारने के उपाय सुझाना था। इस आयोग ने 1980 में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।

इसकी प्रमुख सिफारिशें निम्नलिखित थीं—

  1. अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की पहचान के लिए सामाजिक, शैक्षिक और अन्य पिछड़ेपन के संकेतकों का उपयोग करना।
  2. केंद्र सरकार की नौकरियों में अन्य पिछड़े वर्गों के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की सिफारिश करना।
  3. पिछड़े वर्गों के शैक्षिक और सामाजिक विकास के लिए विशेष उपाय करना।
  4. पिछड़े वर्गों को सरकारी सेवाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व प्रदान करना।
  5. उनके आर्थिक और सामाजिक उत्थान के लिए योजनाएँ बनाना।

1990 में केंद्र सरकार ने केंद्रीय सरकारी नौकरियों में अन्य पिछड़े वर्गों के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की दिशा में कदम उठाया। मंडल आयोग ने भारत की आरक्षण नीति और सामाजिक न्याय की राजनीति को व्यापक रूप से प्रभावित किया।

(दीर्घ-उत्तरीय प्रश्न)

31.सोवियत संघ के विघटन में मिखाइल गोर्बाचेव की क्या भूमिका थी ?
Ans.
मिखाइल गोर्बाचेव 1985 में सोवियत संघ की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव बने। उन्होंने सोवियत संघ की राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था में सुधार करने का प्रयास किया। उनके सुधारों ने व्यवस्था में बदलाव की प्रक्रिया को तेज किया, लेकिन इससे उत्पन्न समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो सका।

गोर्बाचेव की भूमिका को निम्नलिखित बिंदुओं से समझा जा सकता है—

1. पेरेस्त्रोइका: इसका अर्थ पुनर्गठन था। इसके अंतर्गत सोवियत संघ की अर्थव्यवस्था में सुधार करने और उत्पादन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया।

2. ग्लासनोस्त: इसका अर्थ खुलापन था। इसके माध्यम से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सरकारी नीतियों की आलोचना के अवसर बढ़ाए गए।

3. राजनीतिक सुधार: गोर्बाचेव ने राजनीतिक व्यवस्था में सुधार किए और जनता की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया। इससे कम्युनिस्ट पार्टी का एकाधिकार कमजोर होने लगा।

4. राष्ट्रवादी आंदोलनों का विकास: सोवियत संघ के विभिन्न गणराज्यों में स्वतंत्रता की माँग तेज होने लगी। इन आंदोलनों को रोकना केंद्र सरकार के लिए कठिन हो गया।

5. आर्थिक संकट: सुधारों के बावजूद आर्थिक कठिनाइयाँ, वस्तुओं की कमी और जनता का असंतोष बना रहा।

6. शीतयुद्ध में तनाव कम करना: गोर्बाचेव ने पश्चिमी देशों, विशेषकर अमेरिका, के साथ संबंध सुधारने का प्रयास किया।

अंततः 1991 में सोवियत संघ का विघटन हो गया और उसके स्थान पर 15 स्वतंत्र गणराज्य अस्तित्व में आए। इस प्रकार गोर्बाचेव के सुधारों का उद्देश्य सोवियत संघ को मजबूत करना था, लेकिन उनके परिणामस्वरूप पुरानी व्यवस्था कमजोर हुई और विघटन की प्रक्रिया तेज हो गई।

अथवा

आसियान (ASEAN) क्या है? इसका उद्देश्य क्या है? भारत किस प्रकार आसियान से सम्बन्धित है ?
Ans.
आसियान का पूरा नाम दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्रों का संगठन (Association of Southeast Asian Nations) है। इसकी स्थापना 8 अगस्त 1967 को बैंकॉक घोषणा के माध्यम से हुई थी। इसके संस्थापक सदस्य इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर और थाईलैंड थे।

आसियान के प्रमुख उद्देश्य

  1. दक्षिण-पूर्व एशिया में आर्थिक विकास को बढ़ावा देना।
  2. क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखना।
  3. सदस्य देशों के बीच आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाना।
  4. व्यापार और निवेश को प्रोत्साहित करना।
  5. अन्तर्राष्ट्रीय समस्याओं के समाधान में सहयोग करना।

भारत और आसियान के संबंध

भारत और आसियान के बीच व्यापार, निवेश, शिक्षा, संस्कृति और सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग है। भारत ने 1992 में आसियान के साथ क्षेत्रीय संवाद की प्रक्रिया में भागीदारी शुरू की और 1996 में संवाद साझेदार बना। वर्ष 2002 में भारत और आसियान के बीच शिखर सम्मेलन स्तर का संबंध स्थापित हुआ।

भारत की ‘लुक ईस्ट’ नीति और बाद में ‘एक्ट ईस्ट’ नीति ने आसियान के साथ संबंधों को अधिक मजबूत किया। भारत क्षेत्रीय संपर्क, समुद्री सुरक्षा, व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देता है।

इस प्रकार आसियान भारत की विदेश नीति में महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है और एशिया में आर्थिक तथा रणनीतिक सहयोग का एक प्रमुख माध्यम है।

32. प्रथम पंचवर्षीय योजना कब लागू की गई? इसमें किस बात पर अधिक बल दिया गया ? द्वितीय पंचवर्षी योजना से यह किस प्रकार अलग थी ?
Ans.
भारत में प्रथम पंचवर्षीय योजना 1951 से 1956 तक लागू की गई थी। इसका प्रमुख उद्देश्य स्वतंत्रता के बाद देश की आर्थिक समस्याओं का समाधान करना, कृषि उत्पादन बढ़ाना और अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाना था।

प्रथम पंचवर्षीय योजना की प्रमुख विशेषताएँ

  1. कृषि पर बल: देश में खाद्यान्न की कमी दूर करने और कृषि उत्पादन बढ़ाने को प्राथमिकता दी गई।
  2. सिंचाई और बिजली: बाँधों, सिंचाई परियोजनाओं तथा विद्युत उत्पादन के विकास पर ध्यान दिया गया।
  3. शरणार्थियों का पुनर्वास: विभाजन के बाद विस्थापित लोगों के पुनर्वास पर ध्यान दिया गया।
  4. ग्रामीण विकास: ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति सुधारने तथा सामुदायिक विकास कार्यक्रमों को प्रोत्साहित किया गया।
  5. आर्थिक स्थिरता: महँगाई पर नियंत्रण और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग का प्रयास किया गया।

द्वितीय पंचवर्षीय योजना से अंतर

द्वितीय पंचवर्षीय योजना 1956 से 1961 तक लागू की गई। इसे पी. सी. महालनोबिस के आर्थिक मॉडल से विशेष रूप से जोड़ा जाता है। इसमें कृषि की तुलना में भारी उद्योगों और औद्योगीकरण पर अधिक बल दिया गया।

प्रथम योजना में कृषि, सिंचाई और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता दी गई, जबकि द्वितीय योजना में इस्पात, मशीन निर्माण, भारी उद्योगों और सार्वजनिक क्षेत्र के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया।

इस प्रकार प्रथम पंचवर्षीय योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि उत्पादन और आर्थिक स्थिरता बढ़ाना था, जबकि द्वितीय पंचवर्षीय योजना का प्रमुख उद्देश्य देश में औद्योगिक आधार को मजबूत करना और दीर्घकालीन आर्थिक विकास को गति देना था।

अथवा

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद प्रारम्भिक वर्षों के दौरान कांग्रेस दल के प्रभुत्व-प्रकृति की व्याख्या कीजिए।
Ans.
स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत में कांग्रेस दल का राजनीतिक प्रभुत्व लंबे समय तक बना रहा। 1952, 1957 और 1962 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया। इस प्रभुत्व के पीछे कई ऐतिहासिक, सामाजिक और राजनीतिक कारण थे।

1. स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत: कांग्रेस ने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसलिए जनता के बीच उसकी व्यापक प्रतिष्ठा थी।

2. लोकप्रिय नेतृत्व: जवाहरलाल नेहरू जैसे नेताओं की लोकप्रियता ने कांग्रेस को मजबूत बनाया। उनके लोकतांत्रिक और विकासोन्मुख विचारों को व्यापक समर्थन मिला।

3. व्यापक सामाजिक आधार: कांग्रेस में किसान, मजदूर, व्यापारी, मध्यम वर्ग तथा विभिन्न जातियों और समुदायों के लोग शामिल थे।

4. संगठनात्मक मजबूती: कांग्रेस का संगठन गाँवों से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक फैला हुआ था। इससे उसे चुनावों में लाभ मिला।

5. कमजोर विपक्ष: प्रारम्भिक वर्षों में विपक्षी दलों का संगठन और जनाधार कांग्रेस की तुलना में सीमित था।

6. कांग्रेस एक व्यापक गठबंधन के रूप में: कांग्रेस के भीतर विभिन्न विचारधाराओं और हितों वाले समूह मौजूद थे। इसलिए अनेक मतभेद पार्टी के भीतर ही व्यक्त हो जाते थे।

इस प्रकार स्वतंत्रता के बाद कांग्रेस का प्रभुत्व केवल चुनावी सफलता पर आधारित नहीं था, बल्कि उसकी ऐतिहासिक विरासत, लोकप्रिय नेतृत्व, संगठनात्मक शक्ति और व्यापक सामाजिक आधार पर भी निर्भर था। हालांकि, भारत में बहुदलीय लोकतंत्र बना रहा और विपक्षी दल भी धीरे-धीरे मजबूत होते गए।

मेरा नाम सुनीत कुमार सिंह है। मैं कुशीनगर, उत्तर प्रदेश का निवासी हूँ। मैं एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हूं।

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