भ्रंश और भूकम्प (Faults and Earthquakes)
भारत के अधिकांश भूकम्प भ्रंशों के सहारे मिलते हैं। प्रायद्वीपीय पठार पर विभिन्न भ्रंश पाये जाते हैं। जैसे-अरावली के पूरब ग्रेटबाउन्ड्री फाल्ट, सोन के सहारे …
भारत के अधिकांश भूकम्प भ्रंशों के सहारे मिलते हैं। प्रायद्वीपीय पठार पर विभिन्न भ्रंश पाये जाते हैं। जैसे-अरावली के पूरब ग्रेटबाउन्ड्री फाल्ट, सोन के सहारे …
प्राकृतिक संकट, प्राकृतिक पर्यावरण में हालात के वे तत्व हैं, जिनसे जन-धन या दोनों को नुकसान पहुँचने की संभाव्यता होती है। ये बहुत तीव्र हो …
बहुउद्देशीय परि-योजनाओं से सिंचाई की सुविधा के अलावा बाढ़ नियंत्रण, पेयजल आपूर्ति, जलविद्युत उत्पादन, नहरी परिवहन, पर्यटन आदि अनेक कार्य किए जा सकते हैं। इसलिए …
जल ऑक्सीजन और हाइड्रोजन का यौगिक है। पौधों में 50 से 75 प्रतिशत तथा मनुष्यों के शरीर में लगभग 57 से 65 प्रतिशत भाग जल …
हिमालय प्रदेश में लकड़ियों की कई प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिनमें सफेदा, पॉपलर, बांस और चीड़ शामिल हैं। हाल ही में, राज्य सरकार ने कुछ …
भारत में वनों की स्थिति पर केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के भारतीय वन सर्वेक्षण (Forest Survey of India) की द्विवार्षिक 16वीं वन स्थिति रिपोर्ट-2019, …
मृदा क्षरण एक भौतिक क्रिया है जिसके द्वारा मृदा पदार्थ एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुँचता है। मृदा पदार्थ जल अथवा वायु के माध्यम …
मृदा (Soils) मृदा शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के शब्द सोलम (Solum) से हुई है। जिसका अर्थ है- फर्श (Floor)। बकमैन एवं बैडी के अनुसार …
भारत में औसत वार्षिक वर्षा 112 से 125 सेमी. के मध्य होती है, लेकिन इसमें क्षेत्रीय विभिन्नताएँ पाई जाती हैं। यथा- अधिक वर्षा वाले क्षेत्र अधिक वर्षा पश्चिमी तट, …
भारतीय परंपरा के अनुसार वर्ष को द्विमासिक छः ऋतुओं में बाँटा जाता है। उत्तरी और मध्य भारत में लोगों द्वारा अपनाए जाने वाले इस ऋतु …